जोकीहाट अंचल में भूमि विवाद को लेकर साप्ताहिक जनता दरबार, तीन मामलों का निष्पादन जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली जोकीहाट अंचल कार्यालय में शनिवार को भूमि विवाद से संबंधित साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी (सीओ) नजमुल हसन ने की। हर सप्ताह की तरह इस बार भी केवल भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। जनता दरबार में पूर्व से लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा की गई। संबंधित अभिलेखों और कागजातों की जांच करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी गई। रिपोर्ट के अनुसार, आज जोकीहाट थाना क्षेत्र से संबंधित 1 भूमि विवाद तथा महालगांव थाना क्षेत्र से संबंधित 2 भूमि विवाद मामलों का निष्पादन किया गया। इस प्रकार कुल 3 मामलों का समाधान किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि भूमि विवाद के मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार लगाया जाता है। इसका मकसद है कि छोटे-छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो सके और लोगों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज के जनता दरबार में कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। प्रशासन का प्रयास है कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
जोकीहाट अंचल में भूमि विवाद को लेकर साप्ताहिक जनता दरबार, तीन मामलों का निष्पादन जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली जोकीहाट अंचल कार्यालय में शनिवार को भूमि विवाद से संबंधित साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी (सीओ) नजमुल हसन ने की। हर सप्ताह की तरह इस बार भी केवल भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। जनता दरबार में पूर्व से लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा की गई। संबंधित अभिलेखों और कागजातों की जांच करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी गई। रिपोर्ट के अनुसार, आज जोकीहाट थाना क्षेत्र से संबंधित 1 भूमि विवाद तथा महालगांव थाना क्षेत्र से संबंधित 2 भूमि विवाद मामलों का निष्पादन किया गया। इस प्रकार कुल 3 मामलों का समाधान किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि भूमि विवाद के मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार लगाया जाता है। इसका मकसद है कि छोटे-छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो सके और लोगों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज के जनता दरबार में कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। प्रशासन का प्रयास है कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
- हेलो गाइस भवानीपुर थाना जिला पूर्णिया में आज बहुत भयंकर लग गया था रात में 2:00 बजे 14 परिवार का घर जल गया 😭3
- Post by User58481
- Post by Jayanti Jayanti Jayanti Jayanti2
- जलालगढ़ प्रखंड के चक पंचायत के वार्ड संख्या 4 एवं 5 में तीन स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब रहने से किसानों को सिंचाई की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रबी सीजन में विशेषकर मकई की फसल के लिए नियमित सिंचाई अत्यंत आवश्यक होती है, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने से खेतों में पटवन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय किसानों—महेश महतो, उमेश महतो, गुलटेन महतो, बबलू महतो, चेतनारायण महतो, जनकलाल सिंह एवं अवधेश सिंह—ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व बिलरिया बांध, कुआं बहियार तथा वार्ड 4 स्थित चक नहर के समीप लगे 25 केवीए के तीन ट्रांसफार्मरों से तेल और कॉइल की चोरी हो गई थी। घटना के बाद से अब तक न तो ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराई गई और न ही नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। आज 3 बजे किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के कर्मियों और मिस्त्रियों को इसकी सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान समय मकई की फसल की बढ़वार का महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में समय पर पानी नहीं मिलने से फसल के प्रभावित होने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण किसान डीजल पंप के सहारे सिंचाई करने को विवश हैं। इससे खेती की लागत में भारी वृद्धि हो रही है। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने विभाग से अविलंब ट्रांसफार्मर की मरम्मत अथवा नए ट्रांसफार्मर की स्थापना की मांग की है, ताकि समय पर सिंचाई सुनिश्चित हो सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके। इस संबंध में बिजली विभाग के कनीय अभियंता अमित शुक्ला ने बताया कि विभाग मामले से अवगत है। किसानों की समस्या को प्राथमिकता दी गई है तथा एक सप्ताह के भीतर नए ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।1
- Post by Radhe krishna1
- जोगबनी में डीएनपी लिटिल स्कूल का 15वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ संपन्न जोगबनी (अररिया) सीमावर्ती शहर जोगबनी के पटेल नगर स्थित डीएनपी देव नारायण प्रसाद लिटिल स्कूल का 15वां वर्षगाँठ समारोह शनिवार को सांस्कृतिक, भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जहाँ बच्चों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति से माहौल उल्लासमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय देव नारायण प्रसाद की स्मृति में दीप प्रज्वलन कर की गई। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक प्रवीण सिन्हा, प्रधानाध्यापक वंदना सिन्हा, जोगबनी नगर परिषद के पूर्व उपमुख्य पार्षद नरेश प्रसाद, स्कूल जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण सिन्हा, पूर्णिया से आए डॉ. संजय कुमार सिन्हा, सत्यदेव प्रसाद, शिव नारायण साह, मीरा पाल, नीता सिन्हा सहित अन्य सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि स्कूल की मूल सोच यही है कि “हर बच्चा शिक्षित हो और शिक्षा से कोई वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय छोटे-छोटे बच्चों को भी खेल-खेल में और सरल तरीकों से शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने नृत्य, गीत और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर अभिभावक भावुक हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा प्रांगण गूंज उठा। अतिथियों ने विद्यालय की 15 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थान समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विद्यालय परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। स्थापना दिवस का यह समारोह शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर संगम बनकर सभी के दिलों में यादगार बन गया।1
- जोकीहाट अंचल में भूमि विवाद को लेकर साप्ताहिक जनता दरबार, तीन मामलों का निष्पादन जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली जोकीहाट अंचल कार्यालय में शनिवार को भूमि विवाद से संबंधित साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी (सीओ) नजमुल हसन ने की। हर सप्ताह की तरह इस बार भी केवल भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। जनता दरबार में पूर्व से लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा की गई। संबंधित अभिलेखों और कागजातों की जांच करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी गई। रिपोर्ट के अनुसार, आज जोकीहाट थाना क्षेत्र से संबंधित 1 भूमि विवाद तथा महालगांव थाना क्षेत्र से संबंधित 2 भूमि विवाद मामलों का निष्पादन किया गया। इस प्रकार कुल 3 मामलों का समाधान किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि भूमि विवाद के मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार लगाया जाता है। इसका मकसद है कि छोटे-छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर ही समाधान हो सके और लोगों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज के जनता दरबार में कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। प्रशासन का प्रयास है कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।1
- जलालगढ़ प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन और ढुलाई का धंधा खुलेआम जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि देर शाम से लेकर रात के अंधेरे तक ट्रैक्टरों के माध्यम से सरकारी जमीन, निजी खेतों और कोशी नदी के किनारे से मिट्टी काटकर विभिन्न स्थानों पर गिराई जा रही है। कई जगहों पर बिना किसी वैध अनुमति के जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से जहां पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, वहीं किसानों की उपजाऊ भूमि भी बर्बाद हो रही है। नदी किनारे अंधाधुंध कटाव से भविष्य में बाढ़ और भूमि धंसान की आशंका भी बढ़ गई है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की स्थिति जर्जर होती जा रही है, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सूत्रों की मानें तो मिट्टी माफिया बेखौफ होकर यह कारोबार चला रहे हैं। क्षेत्र में प्रशासनिक निगरानी की कमी या संभावित मिलीभगत को लेकर भी चर्चा तेज है। हालांकि, इस मामले में अब तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो अवैध खनन का यह सिलसिला और बढ़ सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब सक्रिय होता है और अवैध मिट्टी ढुलाई पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- क्या है सरकार का आदेश? आदेश में कहा गया है कि इस दौरान केवल स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय (Establishment and Committed Expenditure) का ही भुगतान होगा. यानी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, और संविदा कर्मियों के मानदेय का ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के बिल या निकासी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का कहना है कि फाइनेंसियल ईयर के आखिरी महीनों में ट्रेजरी में बिलों की बाढ़ आ जाती है. एक साथ बहुत सारे बिल आने से बजट मैनेजमेंट बिगड़ता है और काम का दबाव भी बढ़ जाता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियमों का पालन करते हुए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि फिजूलखर्ची न हो और सरकारी पैसों का सही तरीके से हिसाब-किताब रहे. 10 मार्च के बाद ही बाकी जरूरी बिलों की जांच-परख कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें ठेकेदारों और विभागों पर असर इस सरकारी आदेश का असर पूरे बिहार के कई विभागों पर पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पथ निर्माण, और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे दर्जनों विभाग अब अपने बिल ट्रेजरी में जमा नहीं कर पा रहे हैं. कई लोगों के अरबों रुपये के बिल ट्रेजरी में जाकर लटक गए हैं. मार्च में ही होली का त्योहार भी है, इसलिए भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों और काम करने वाले लोग निराश हैं. विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और केवल जरूरी हो तभी भुगतान करें.1