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सागर के यूनिवर्सिटी अभिनंदन सभागार में समान नागरिक संहिता (UCC) पर आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि पूरे सभागार में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस चर्चा में जनप्रतिनिधि, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अलग-अलग विचार सामने आए, प्रतिभागियों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।

8 hrs ago
user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

सागर के यूनिवर्सिटी अभिनंदन सभागार में समान नागरिक संहिता (UCC) पर आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि पूरे सभागार में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस चर्चा में जनप्रतिनिधि, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अलग-अलग विचार सामने आए, प्रतिभागियों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।

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  • सागर के लाखा बंजारा झील (बड़ा तालाब) में क्रूज और बोटिंग के बाद, अब शहर के छोटे तालाब (संजय ड्राइव) पर सागरवासियों को एक और मनमोहक पर्यटन सौगात मिलने वाली है। ₹7.5 करोड़ की लागत से छोटे तालाब का कायाकल्प कर इसे बच्चों और परिवारों के लिए एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस सुंदरीकरण प्रोजेक्ट के तहत यहाँ जल्द ही बच्चों के मनोरंजन के लिए टाय ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी, जिसका परिचालन बारिश के बाद बड़े तालाब में क्रूज सेवा की बहाली के साथ ही शुरू होने की उम्मीद है। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने बताया कि बच्चों के मनोरंजन को विशेष प्राथमिकता देते हुए लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा टाय ट्रेन ट्रैक बनाया जा रहा है। यह ट्रैक शहर के प्रसिद्ध अटल पार्क के अंदर से होकर गुजरेगा, जिससे बच्चे और उनके परिवार ट्रेन के सफर के साथ-साथ पार्क की हरियाली का भी आनंद ले सकेंगे। टाय ट्रेन के परिचालन के लिए प्लेटफॉर्म, आकर्षक पाथ-वे और छोटे-छोटे सुंदर घाटों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि तालाब में डी-सिल्टिंग (कीचड़ सफाई) और गहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। झील के किनारों को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के लिए राजस्थानी शिल्पकला का सहारा लिया जा रहा है, जिसके तहत लाल पत्थरों से 11 भव्य छतरियां और 31 नक्काशीदार स्तंभ तराशे जा रहे हैं। सुबह और शाम की सैर के लिए झील के चारों तरफ एक खूबसूरत व सुगम परिक्रमा पाथ-वे का निर्माण भी किया जा रहा है। तालाब के दोनों छोरों पर दो बड़े और आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, वहीं जलविहार के शौकीनों के लिए तीन नए घाटों का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जहाँ से बोटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। छोटे तालाब का किनारा अब सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र भी बनेगा। नगर निगम द्वारा यहाँ कई धार्मिक प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं, जिनमें भगवान शिव की विशाल ध्यानमग्न मूर्ति और उनके सम्मुख बैठे नंदी महाराज का नजारा आध्यामिक अहसास करा रहा है। छोटे-छोटे मंदिरों में द्वादश (12) ज्योतिर्लिंगों की हूबहू प्रतिकृतियां श्रद्धालुओं को हरिद्वार और काशी का अनुभव देंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ करीब 15 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल और शंख की झांकी सजेगी, साथ ही बजरंगबली की गदा और देश के महापुरुषों की गरिमामयी मूर्तियां भी लगाई जा रही हैं। सागर के विधायक शैलेंद्र जैन ने इस ₹7.5 करोड़ के प्रोजेक्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बड़ी झील की तरह ही छोटी झील को सागर के नागरिकों के लिए गौरव और मुख्य आकर्षण का केंद्र बनाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके भव्य लोकार्पण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को आमंत्रित किया गया है। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने भी विश्वास जताया कि छोटी झील को बड़ी झील की तरह ही सुंदर और जीवंत बनाया जा रहा है, जहाँ बड़ी झील में क्रूज का सफर रोमांच बढ़ाएगा, वहीं छोटी झील बच्चों की टाय ट्रेन से गुलजार होगी, और सुंदर घाट व पाथ-वे परिवारों को सुकून के पल बिताने की एक शानदार जगह देंगे।
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    सागर के लाखा बंजारा झील (बड़ा तालाब) में क्रूज और बोटिंग के बाद, अब शहर के छोटे तालाब (संजय ड्राइव) पर सागरवासियों को एक और मनमोहक पर्यटन सौगात मिलने वाली है। ₹7.5 करोड़ की लागत से छोटे तालाब का कायाकल्प कर इसे बच्चों और परिवारों के लिए एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस सुंदरीकरण प्रोजेक्ट के तहत यहाँ जल्द ही बच्चों के मनोरंजन के लिए टाय ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी, जिसका परिचालन बारिश के बाद बड़े तालाब में क्रूज सेवा की बहाली के साथ ही शुरू होने की उम्मीद है।

महापौर संगीता सुशील तिवारी ने बताया कि बच्चों के मनोरंजन को विशेष प्राथमिकता देते हुए लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा टाय ट्रेन ट्रैक बनाया जा रहा है। यह ट्रैक शहर के प्रसिद्ध अटल पार्क के अंदर से होकर गुजरेगा, जिससे बच्चे और उनके परिवार ट्रेन के सफर के साथ-साथ पार्क की हरियाली का भी आनंद ले सकेंगे। टाय ट्रेन के परिचालन के लिए प्लेटफॉर्म, आकर्षक पाथ-वे और छोटे-छोटे सुंदर घाटों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि तालाब में डी-सिल्टिंग (कीचड़ सफाई) और गहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है।

झील के किनारों को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के लिए राजस्थानी शिल्पकला का सहारा लिया जा रहा है, जिसके तहत लाल पत्थरों से 11 भव्य छतरियां और 31 नक्काशीदार स्तंभ तराशे जा रहे हैं। सुबह और शाम की सैर के लिए झील के चारों तरफ एक खूबसूरत व सुगम परिक्रमा पाथ-वे का निर्माण भी किया जा रहा है। तालाब के दोनों छोरों पर दो बड़े और आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, वहीं जलविहार के शौकीनों के लिए तीन नए घाटों का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जहाँ से बोटिंग का आनंद लिया जा सकेगा।

छोटे तालाब का किनारा अब सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र भी बनेगा। नगर निगम द्वारा यहाँ कई धार्मिक प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं, जिनमें भगवान शिव की विशाल ध्यानमग्न मूर्ति और उनके सम्मुख बैठे नंदी महाराज का नजारा आध्यामिक अहसास करा रहा है। छोटे-छोटे मंदिरों में द्वादश (12) ज्योतिर्लिंगों की हूबहू प्रतिकृतियां श्रद्धालुओं को हरिद्वार और काशी का अनुभव देंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ करीब 15 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल और शंख की झांकी सजेगी, साथ ही बजरंगबली की गदा और देश के महापुरुषों की गरिमामयी मूर्तियां भी लगाई जा रही हैं।

सागर के विधायक शैलेंद्र जैन ने इस ₹7.5 करोड़ के प्रोजेक्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बड़ी झील की तरह ही छोटी झील को सागर के नागरिकों के लिए गौरव और मुख्य आकर्षण का केंद्र बनाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके भव्य लोकार्पण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को आमंत्रित किया गया है। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने भी विश्वास जताया कि छोटी झील को बड़ी झील की तरह ही सुंदर और जीवंत बनाया जा रहा है, जहाँ बड़ी झील में क्रूज का सफर रोमांच बढ़ाएगा, वहीं छोटी झील बच्चों की टाय ट्रेन से गुलजार होगी, और सुंदर घाट व पाथ-वे परिवारों को सुकून के पल बिताने की एक शानदार जगह देंगे।
    user_Sanjay Kumar Pandey
    Sanjay Kumar Pandey
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • भोपाल में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ कुछ ही मिनटों के भीतर तेज़ आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। इस अचानक हुए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और इसे नए मौसम का आगमन माना जा रहा है।
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    भोपाल में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ कुछ ही मिनटों के भीतर तेज़ आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। इस अचानक हुए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और इसे नए मौसम का आगमन माना जा रहा है।
    user_Anuj Mishra
    Anuj Mishra
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सागर के यूनिवर्सिटी अभिनंदन सभागार में समान नागरिक संहिता (UCC) पर आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि पूरे सभागार में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस चर्चा में जनप्रतिनिधि, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अलग-अलग विचार सामने आए, प्रतिभागियों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।
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    सागर के यूनिवर्सिटी अभिनंदन सभागार में समान नागरिक संहिता (UCC) पर आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि पूरे सभागार में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।

इस चर्चा में जनप्रतिनिधि, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अलग-अलग विचार सामने आए, प्रतिभागियों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • युवा शक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत इंदौर के होल्कर स्टेडियम पहुंचे हैं।
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    युवा शक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत इंदौर के होल्कर स्टेडियम पहुंचे हैं।
    user_पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    Newspaper publisher जैसिनगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • me Sandeep Kushwaha Ram Ram ji 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
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    me Sandeep Kushwaha Ram Ram ji 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
    user_Sandeep Kushwaha
    Sandeep Kushwaha
    राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • समान नागरिक संहिता (UCC) के अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, श्री अनूप नायर ने सभी संबंधित पक्षों से मूल्यवान सुझाव प्रस्तुत करने का अनुरोध किया।
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    समान नागरिक संहिता (UCC) के अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, श्री अनूप नायर ने सभी संबंधित पक्षों से मूल्यवान सुझाव प्रस्तुत करने का अनुरोध किया।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सागर जिले के गौरझामर पंचायत के अंतर्गत आने वाले लो भाई ग्राम में पंचायत प्रशासन पर एक और 'कारनामा' करने का आरोप लगा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पहले से बनी एक सड़क को उखड़वा दिया गया, जिसके बाद उस पर भारी कीचड़ जमा हो गई। ग्रामीणों को हुए इस कष्ट के निवारण के लिए पंचायत प्रशासन ने सीमेंट-कंक्रीट (CC) रोड बनाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, यह आश्वासन देने के चार महीने बाद पंचायत अपने वादे से मुकर गई है, जिससे ग्रामीणों को गहरा फंसाव और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    सागर जिले के गौरझामर पंचायत के अंतर्गत आने वाले लो भाई ग्राम में पंचायत प्रशासन पर एक और 'कारनामा' करने का आरोप लगा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पहले से बनी एक सड़क को उखड़वा दिया गया, जिसके बाद उस पर भारी कीचड़ जमा हो गई।

ग्रामीणों को हुए इस कष्ट के निवारण के लिए पंचायत प्रशासन ने सीमेंट-कंक्रीट (CC) रोड बनाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, यह आश्वासन देने के चार महीने बाद पंचायत अपने वादे से मुकर गई है, जिससे ग्रामीणों को गहरा फंसाव और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सागर के तिली रोड स्थित बैंक कॉलोनी के पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन, राष्ट्रीय संत व प्रसिद्ध कथाव्यास गौपीठाधीश्वर पं. विपिनबिहारी दास जी महाराज ने अपने प्रेरक विचारों में बताया कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग की तुलना में कलयुग में परिस्थितियाँ सबसे विकट हैं। उन्होंने कहा कि पहले देवता और राक्षस अलग-अलग लोकों या परिवारों में हुआ करते थे, लेकिन कलयुग में अच्छाई (देवता) और बुराई (राक्षस) दोनों एक ही मनुष्य के भीतर निवास करती हैं। महाराज जी ने जोर दिया कि व्यक्ति का चरित्र ही यह तय करता है कि वह देवतुल्य है या राक्षस, और संसार से मुक्ति के लिए हमें देवतुल्य जीवन जीने का संकल्प लेना होगा। कथाव्यास जी ने देव-दानव की दूरी युगों के साथ बदलने का सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया। उन्होंने बताया कि सतयुग में देवता स्वर्ग में और राक्षस पाताल में रहते थे, त्रेतायुग में राम अयोध्या के तथा रावण लंका का राजा था, जबकि द्वापरयुग में दोनों एक ही कुल में दुर्योधन और युधिष्ठिर के रूप में निकट आए। परंतु कलयुग में यह लड़ाई बाहर नहीं, बल्कि इंसान के खुद के भीतर चल रही है। सृष्टि वर्णन की कथा सुनाते हुए, महाराज जी ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित के मिलन के बाद सृष्टि के विस्तार की बात कही। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा से हमारी उत्पत्ति हुई है, इसीलिए हम सभी 'मनुष्य' कहलाते हैं। महाराज जी ने मनु जी की पुत्रियों और पुत्रों का वर्णन करते हुए बताया कि देवहूति और ऋषि कर्दम के घर दसवें अवतार के रूप में स्वयं भगवान कपिल आए, जिनसे पहले उनकी नौ कन्याएं हुईं जो वास्तव में 'नवधा भक्ति' का प्रतीक हैं। उनका कहना था कि जब जीवन में नवधा भक्ति आती है, तो भगवान को वहाँ प्रकट होना ही पड़ता है। कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव की कथा ने पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। महाराज जी ने ध्रुव के प्रसंग से सीख दी कि जब ध्रुव को उनकी सौतेली मां ने पिता की गोद से उतार दिया, तब उनकी सगी मां ने उन्हें भड़काने के बजाय तपस्या का सकारात्मक मार्ग दिखाया। मां ने कहा कि यदि तपस्या से भगवान मिल गए, तो ऐसी कई गद्दियां तुम्हारे आगे-पीछे घूमेंगी। ध्रुव जी ने ऐसा ही किया, और इस प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि ज्ञानी व्यक्ति कड़वी बातों को भी अच्छे मार्ग की ओर मोड़ देते हैं तथा बुराई में भी अच्छाई तलाश लेते हैं। कार्यक्रम के आयोजक पं. शिवप्रसाद तिवारी ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात कथा के दौरान अचानक तेज पानी की बौछारें भी पड़ीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे मौसम बेअसर रहा। विस्तृत पंडाल पूरी तरह श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और शहर के गणमान्य नागरिकों से भरा रहा, जिन्होंने देर रात तक संगीतमय कथा का रसपान किया और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
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    सागर के तिली रोड स्थित बैंक कॉलोनी के पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन, राष्ट्रीय संत व प्रसिद्ध कथाव्यास गौपीठाधीश्वर पं. विपिनबिहारी दास जी महाराज ने अपने प्रेरक विचारों में बताया कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग की तुलना में कलयुग में परिस्थितियाँ सबसे विकट हैं। उन्होंने कहा कि पहले देवता और राक्षस अलग-अलग लोकों या परिवारों में हुआ करते थे, लेकिन कलयुग में अच्छाई (देवता) और बुराई (राक्षस) दोनों एक ही मनुष्य के भीतर निवास करती हैं। महाराज जी ने जोर दिया कि व्यक्ति का चरित्र ही यह तय करता है कि वह देवतुल्य है या राक्षस, और संसार से मुक्ति के लिए हमें देवतुल्य जीवन जीने का संकल्प लेना होगा।

कथाव्यास जी ने देव-दानव की दूरी युगों के साथ बदलने का सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया। उन्होंने बताया कि सतयुग में देवता स्वर्ग में और राक्षस पाताल में रहते थे, त्रेतायुग में राम अयोध्या के तथा रावण लंका का राजा था, जबकि द्वापरयुग में दोनों एक ही कुल में दुर्योधन और युधिष्ठिर के रूप में निकट आए। परंतु कलयुग में यह लड़ाई बाहर नहीं, बल्कि इंसान के खुद के भीतर चल रही है। सृष्टि वर्णन की कथा सुनाते हुए, महाराज जी ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित के मिलन के बाद सृष्टि के विस्तार की बात कही। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा से हमारी उत्पत्ति हुई है, इसीलिए हम सभी 'मनुष्य' कहलाते हैं। महाराज जी ने मनु जी की पुत्रियों और पुत्रों का वर्णन करते हुए बताया कि देवहूति और ऋषि कर्दम के घर दसवें अवतार के रूप में स्वयं भगवान कपिल आए, जिनसे पहले उनकी नौ कन्याएं हुईं जो वास्तव में 'नवधा भक्ति' का प्रतीक हैं। उनका कहना था कि जब जीवन में नवधा भक्ति आती है, तो भगवान को वहाँ प्रकट होना ही पड़ता है।

कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव की कथा ने पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। महाराज जी ने ध्रुव के प्रसंग से सीख दी कि जब ध्रुव को उनकी सौतेली मां ने पिता की गोद से उतार दिया, तब उनकी सगी मां ने उन्हें भड़काने के बजाय तपस्या का सकारात्मक मार्ग दिखाया। मां ने कहा कि यदि तपस्या से भगवान मिल गए, तो ऐसी कई गद्दियां तुम्हारे आगे-पीछे घूमेंगी। ध्रुव जी ने ऐसा ही किया, और इस प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि ज्ञानी व्यक्ति कड़वी बातों को भी अच्छे मार्ग की ओर मोड़ देते हैं तथा बुराई में भी अच्छाई तलाश लेते हैं। कार्यक्रम के आयोजक पं. शिवप्रसाद तिवारी ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात कथा के दौरान अचानक तेज पानी की बौछारें भी पड़ीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे मौसम बेअसर रहा। विस्तृत पंडाल पूरी तरह श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और शहर के गणमान्य नागरिकों से भरा रहा, जिन्होंने देर रात तक संगीतमय कथा का रसपान किया और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
    user_Sanjay Kumar Pandey
    Sanjay Kumar Pandey
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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