logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बुडेरा क्षेत्र की नन्हीटेरी पंचायत में स्थित उचित दुकान नंबर 303058 पर वितरित किए जाने वाले गेहूं की बोरियों में कथित रूप से जानवरों की हड्डियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के उजागर होने के बाद ग्रामीण जनों में हड़कंप मच गया है। राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों ने गेहूं लेने से साफ इनकार कर दिया और विभाग से नया गेहूं उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

1 hr ago
user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बुडेरा क्षेत्र की नन्हीटेरी पंचायत में स्थित उचित दुकान नंबर 303058 पर वितरित किए जाने वाले गेहूं की बोरियों में कथित रूप से जानवरों की हड्डियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के उजागर होने के बाद ग्रामीण जनों में हड़कंप मच गया है। राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों ने गेहूं लेने से साफ इनकार कर दिया और विभाग से नया गेहूं उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बुडेरा क्षेत्र की नन्हीटेरी पंचायत में स्थित उचित दुकान नंबर 303058 पर वितरित किए जाने वाले गेहूं की बोरियों में कथित रूप से जानवरों की हड्डियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के उजागर होने के बाद ग्रामीण जनों में हड़कंप मच गया है। राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों ने गेहूं लेने से साफ इनकार कर दिया और विभाग से नया गेहूं उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
    1
    मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बुडेरा क्षेत्र की नन्हीटेरी पंचायत में स्थित उचित दुकान नंबर 303058 पर वितरित किए जाने वाले गेहूं की बोरियों में कथित रूप से जानवरों की हड्डियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के उजागर होने के बाद ग्रामीण जनों में हड़कंप मच गया है। राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों ने गेहूं लेने से साफ इनकार कर दिया और विभाग से नया गेहूं उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • टीकमगढ़ शहर के ढोंगा ग्राउंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में डंडे लेकर सरेआम हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बेखौफ बदमाशों की इस हरकत ने स्थानीय लोगों में असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में टीकमगढ़ शहर के भीतर आपराधिक घटनाओं में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अपराध के इस बढ़ते ग्राफ और पुलिस की कार्यशैली पर लगाए जा रहे इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते इन असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके हौसले और भी बढ़ जाएंगे। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का रुख सामने आना बाकी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    1
    टीकमगढ़ शहर के ढोंगा ग्राउंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में डंडे लेकर सरेआम हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बेखौफ बदमाशों की इस हरकत ने स्थानीय लोगों में असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में टीकमगढ़ शहर के भीतर आपराधिक घटनाओं में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अपराध के इस बढ़ते ग्राफ और पुलिस की कार्यशैली पर लगाए जा रहे इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते इन असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके हौसले और भी बढ़ जाएंगे। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का रुख सामने आना बाकी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_BHOPAL JILA BURO
    BHOPAL JILA BURO
    पत्रकार टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • झांसी में 24 लाख 90 हजार रुपये की बड़ी लूट की वारदात सामने आई है, जिसमें खुद पुलिसकर्मी भी शामिल थे। कोतवाली झांसी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज लूटकांड का पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सिपाहियों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    1
    झांसी में 24 लाख 90 हजार रुपये की बड़ी लूट की वारदात सामने आई है, जिसमें खुद पुलिसकर्मी भी शामिल थे। कोतवाली झांसी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज लूटकांड का पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सिपाहियों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
    ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
    पत्रकार टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • ललितपुर जिले की ग्राम पंचायत मकरीपुर से संदीप कुमार मकरीपुर ने अपने गांव की खुशी और वहां का नजारा साझा किया है।
    1
    ललितपुर जिले की ग्राम पंचायत मकरीपुर से संदीप कुमार मकरीपुर ने अपने गांव की खुशी और वहां का नजारा साझा किया है।
    user_Sandeep kumar
    Sandeep kumar
    महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
    4
    टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।

इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बम्होरी खास में विकास के सरकारी दावे पूरी तरह धरातल पर दम तोड़ रहे हैं। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत की गई नल-जल योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़कर सिर्फ कागजों तक ही सिमट गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹3 करोड़ 19 लाख 28 हजार की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई थी। इसके बावजूद, करीब 4 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। गाँव में पानी की विशालकाय टंकी पूरी तरह बनकर तैयार खड़ी है और मुख्य रास्तों पर पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण पूरी योजना अधर में लटकी हुई है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण राजू प्रजापति, सुरेंद्र कुशवाहा और कोमल चढ़ार सहित अन्य लोग इस आधुनिक दौर में भी खेतों पर लगे निजी बोरवेलों के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। इसके लिए ग्रामीणों को हर महीने निजी बोरवेल मालिकों को ₹300 की नगद राशि चुकानी पड़ रही है। पानी लाने के लिए लोगों ने खेतों से अपने घरों तक जुगाड़ के प्लास्टिक पाइप का लंबा जाल बिछा रखा है। प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का आलम यह है कि गाँव की पिछड़ी बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, देवी जी मोहल्ला और मेन रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तो आज तक नल के कनेक्शन भी नहीं जोड़े गए हैं। इस अधूरी योजना ने ग्रामीणों के सामने एक और नई आफत खड़ी कर दी है। ग्राम पंचायत के सरपंच दाखिराम लोधी ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा दंग्याना मोहल्ला, ढिमरौला और पिछड़ी बस्ती की अच्छी-भली बनी हुई सीसी सड़कों को बेरहमी से खोद डाला गया और काम अधूरा छोड़कर उन्हें बदहाल हालत में छोड़ दिया गया। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण अब इन खुदी हुई सड़कों ने दलदल और कीचड़ का रूप ले लिया है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर और जानलेवा हो गया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और स्थानीय पंचायत विभाग के अधिकारी जमीनी काम करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आक्रोशित करने वाला पहलू जिला प्रशासन की अनदेखी का है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते 3 जून को जिले के संवेदनशील कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने स्वयं बम्होरी खास का दौरा किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष इस पेयजल किल्लत और खुदी हुई सड़कों की दुर्दशा की समस्या को पुरज़ोर तरीके से रखा था। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल समाधान के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेश के बाद भी पूरा एक महीना (30 दिन) बीत चुका है और विभागों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकारी तंत्र की इस घोर लापरवाही और तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। बम्होरी खास के ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस योजना को बिना किसी तकनीकी बहानों के अविलंब चालू कर हर घर में पानी की सप्लाई शुरू की जाए, सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाए और कलेक्टर के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    3
    टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बम्होरी खास में विकास के सरकारी दावे पूरी तरह धरातल पर दम तोड़ रहे हैं। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत की गई नल-जल योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़कर सिर्फ कागजों तक ही सिमट गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹3 करोड़ 19 लाख 28 हजार की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई थी। इसके बावजूद, करीब 4 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है।

गाँव में पानी की विशालकाय टंकी पूरी तरह बनकर तैयार खड़ी है और मुख्य रास्तों पर पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण पूरी योजना अधर में लटकी हुई है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण राजू प्रजापति, सुरेंद्र कुशवाहा और कोमल चढ़ार सहित अन्य लोग इस आधुनिक दौर में भी खेतों पर लगे निजी बोरवेलों के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। इसके लिए ग्रामीणों को हर महीने निजी बोरवेल मालिकों को ₹300 की नगद राशि चुकानी पड़ रही है। पानी लाने के लिए लोगों ने खेतों से अपने घरों तक जुगाड़ के प्लास्टिक पाइप का लंबा जाल बिछा रखा है। प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का आलम यह है कि गाँव की पिछड़ी बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, देवी जी मोहल्ला और मेन रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तो आज तक नल के कनेक्शन भी नहीं जोड़े गए हैं।

इस अधूरी योजना ने ग्रामीणों के सामने एक और नई आफत खड़ी कर दी है। ग्राम पंचायत के सरपंच दाखिराम लोधी ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा दंग्याना मोहल्ला, ढिमरौला और पिछड़ी बस्ती की अच्छी-भली बनी हुई सीसी सड़कों को बेरहमी से खोद डाला गया और काम अधूरा छोड़कर उन्हें बदहाल हालत में छोड़ दिया गया। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण अब इन खुदी हुई सड़कों ने दलदल और कीचड़ का रूप ले लिया है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर और जानलेवा हो गया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और स्थानीय पंचायत विभाग के अधिकारी जमीनी काम करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आक्रोशित करने वाला पहलू जिला प्रशासन की अनदेखी का है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते 3 जून को जिले के संवेदनशील कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने स्वयं बम्होरी खास का दौरा किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष इस पेयजल किल्लत और खुदी हुई सड़कों की दुर्दशा की समस्या को पुरज़ोर तरीके से रखा था। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल समाधान के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेश के बाद भी पूरा एक महीना (30 दिन) बीत चुका है और विभागों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकारी तंत्र की इस घोर लापरवाही और तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। बम्होरी खास के ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस योजना को बिना किसी तकनीकी बहानों के अविलंब चालू कर हर घर में पानी की सप्लाई शुरू की जाए, सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाए और कलेक्टर के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    user_Anil Mishra patrkar
    Anil Mishra patrkar
    Photographer जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत अस्तौन में 13 जुलाई को अहिरवार समाज द्वारा एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कइया अहिरवार, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस शोकसभा में ललितपुर से प्रमोद गौतम व राजेंद्र गौतम और टीकमगढ़ से जुगल किशोर बाबूजी, परशुराम, डॉ. मास्टर हन्नाराम अहिरवार (कर्मारई), माते सुदामा, रम्पे माते, चंदूलाल अहिरवार, प्रभु दयाल गौतम, विजय गौतम और अयोध्या प्रसाद सहित बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभा के दौरान समाज सुधार, शिक्षा के महत्व और नई पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देकर समाज की उन्नति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
    1
    टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत अस्तौन में 13 जुलाई को अहिरवार समाज द्वारा एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कइया अहिरवार, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस शोकसभा में ललितपुर से प्रमोद गौतम व राजेंद्र गौतम और टीकमगढ़ से जुगल किशोर बाबूजी, परशुराम, डॉ. मास्टर हन्नाराम अहिरवार (कर्मारई), माते सुदामा, रम्पे माते, चंदूलाल अहिरवार, प्रभु दयाल गौतम, विजय गौतम और अयोध्या प्रसाद सहित बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

सभा के दौरान समाज सुधार, शिक्षा के महत्व और नई पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देकर समाज की उन्नति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले के नन्हीं टेहरी में स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गरीबों को बांटने के लिए आए गेहूं की बोरी में किसी जानवर के सिर की हड्डी निकली। जैसे ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन का वितरण शुरू हुआ और पहली बोरी खोली गई, उसमें हड्डी देखकर उपभोक्ता भड़क गए। लोगों ने तुरंत राशन लेने से इनकार करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की जानकारी खाद एवं आपूर्ति विभाग को दी। सूचना मिलते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (जेएसओ) सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और सतर्कता बरतते हुए अन्य बोरियों की भी जांच कराई। हालांकि, अन्य बोरियों में हड्डियां नहीं मिलीं, लेकिन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित मूल्य की दुकान को तत्काल सील कर गेहूं के वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जांच में सामने आया है कि दुकान पर वितरण के लिए करीब 163 क्विंटल गेहूं आया था, जो विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था। इस बोरी पर खरीदी केंद्र के रूप में सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी ने बताया कि इस मामले की सूचना प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी को दे दी गई है। गेहूं की इस पूरी खेप को वापस भेजा जाएगा और इसके स्थान पर नया गेहूं उपलब्ध कराकर हितग्राहियों को वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिर गेहूं की बोरी में हड्डी कैसे पहुंची।
    1
    टीकमगढ़ जिले के नन्हीं टेहरी में स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गरीबों को बांटने के लिए आए गेहूं की बोरी में किसी जानवर के सिर की हड्डी निकली। जैसे ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन का वितरण शुरू हुआ और पहली बोरी खोली गई, उसमें हड्डी देखकर उपभोक्ता भड़क गए। लोगों ने तुरंत राशन लेने से इनकार करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की जानकारी खाद एवं आपूर्ति विभाग को दी।

सूचना मिलते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (जेएसओ) सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और सतर्कता बरतते हुए अन्य बोरियों की भी जांच कराई। हालांकि, अन्य बोरियों में हड्डियां नहीं मिलीं, लेकिन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित मूल्य की दुकान को तत्काल सील कर गेहूं के वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जांच में सामने आया है कि दुकान पर वितरण के लिए करीब 163 क्विंटल गेहूं आया था, जो विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था। इस बोरी पर खरीदी केंद्र के रूप में सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी ने बताया कि इस मामले की सूचना प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी को दे दी गई है। गेहूं की इस पूरी खेप को वापस भेजा जाएगा और इसके स्थान पर नया गेहूं उपलब्ध कराकर हितग्राहियों को वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिर गेहूं की बोरी में हड्डी कैसे पहुंची।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.