फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जल निकासी को लेकर तब हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंची। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव का गंदा पानी उनके निजी खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होने का डर है। इसी बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में आई तहसील प्रशासन की टीम अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच भी तीखी बहस हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले गई। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रामलाल वर्मा को छोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जल निकासी को लेकर तब हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंची। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव का गंदा पानी उनके निजी खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होने का डर है। इसी बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में आई तहसील प्रशासन की टीम अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच भी तीखी बहस हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले गई। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रामलाल वर्मा को छोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- फतेहाबाद तहसील के तहत आने वाले ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर के उपग्राम बास महुआ से मंगलवार को दर्जनों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव स्थित तालाब की खुदाई और गहरीकरण कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तालाब में गाद भरी होने के कारण उसकी जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है। इसी कारण बरसात के दौरान गांव में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे बारिश का पानी तालाब में इकट्ठा होने के बजाय गांव की गलियों और आबादी वाले क्षेत्रों में भर जाता है। इस जलभराव के चलते बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब जाते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है तथा ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर की गाटा संख्या 136, जिसका कुल रकबा 1.521080 हेक्टेयर है, में से 0.521080 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वसम्मति से तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण कराने का प्रस्ताव किया गया है। उनका मानना है कि तालाब की उचित सफाई और गहराई होने से बरसाती पानी का बेहतर संचयन होगा तथा गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव के ही दौजीराम पुत्र भजनलाल तथा गोपाल पुत्र भजनलाल तालाब की खुदाई का विरोध कर रहे हैं और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जनहित को ध्यान में रखते हुए तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण के आदेश जारी करने और कार्य में अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान संजू सिंह कुशवाह पुत्र लज्जाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें दर्जनों महिला एवं पुरुष शामिल थे, तहसील परिसर में उपस्थित रहे।1
- आगरा पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था और कानून की गिरफ्त से बाहर था।1
- फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जल निकासी को लेकर तब हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंची। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव का गंदा पानी उनके निजी खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होने का डर है। इसी बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में आई तहसील प्रशासन की टीम अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच भी तीखी बहस हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले गई। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रामलाल वर्मा को छोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- फतेहाबाद तहसील के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, खासकर महिला किसानों, ने यह आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया कि जल निकासी का रास्ता निजी खेतों से बनाया जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होगा। लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे गांव में एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम जल निकासी की व्यवस्था शुरू करने पहुंची थी। इसी दौरान, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार और चंद्रमोहन के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के चलते ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और गांव में जलभराव की समस्या का समाधान करने का दावा किया। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।4
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिला मुख्यालय पर बहुजन भीम सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनीत कुमार मीडिया के सामने आए। उन्होंने बहुजन समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं। इसके साथ ही, पुनीत कुमार ने संगठन के पदाधिकारियों के लिए भी कुछ निर्देश दिए और संगठन को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गरीब बच्चों से संबंधित कुछ जानकारी भी साझा की।1
- फ़िरोज़ाबाद के वार्ड नंबर 29 में स्थित नई बस्ती की स्थिति दयालु मेमोरियल इंटर कॉलेज के पास टापा खुर्द इलाके में देखी गई है।1
- Abhijeet dipeeke i coming india please support everyone cockroachs1
- फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय तनाव उत्पन्न हो गया, जब प्रशासनिक टीम गांव का गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और किसानों ने निजी खेतों से जल निकासी का रास्ता बनाए जाने के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या थी, जिसके निवारण के लिए एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम गांव पहुंची और जल निकासी की व्यवस्था शुरू की। इसी बीच ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव का गंदा पानी उनके खेतों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे फसलों को नुकसान होगा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के दौरान महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1