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मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए साझा कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिथुन चक्रवर्ती का एक पुराना वीडियो है जिसे चुनाव परिणामों के रुझानों के दौरान दोबारा वायरल किया जा रहा है। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान का भी एक वीडियो चर्चा में रहा था जिसमें वह हंसते-हंसते विपक्षी पार्टी को चुनौती देते नजर आए थे।

11 hrs ago
user_SUDHANSU KUMAR
SUDHANSU KUMAR
Local News Reporter नरकटिया, पूर्वी चंपारण, बिहार•
11 hrs ago

मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए साझा कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिथुन चक्रवर्ती का एक पुराना वीडियो है जिसे चुनाव परिणामों के रुझानों के दौरान दोबारा वायरल किया जा रहा है। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान का भी एक वीडियो चर्चा में रहा था जिसमें वह हंसते-हंसते विपक्षी पार्टी को चुनौती देते नजर आए थे।

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  • सुगौली पुलिस ने 90 लीटर शराब के साथ एक कारोबारी और अन्य मामले में दो सहित कुल तीन लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। भेजे गए जेल।
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    सुगौली पुलिस ने 90 लीटर शराब के साथ एक कारोबारी और अन्य मामले में दो सहित कुल तीन लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। भेजे गए जेल।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • बनकटवा स्थित बिजबनी गैस एजेंसी पर गैस की किल्लत के बीच लोगो की मारामारी। सरकार के तमाम सरकारी दावे फेल
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    बनकटवा स्थित बिजबनी गैस एजेंसी पर गैस की किल्लत के बीच लोगो की मारामारी। सरकार के तमाम सरकारी दावे फेल
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    22 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
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    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • बिहार की राजनीति में नई हलचल तब देखने को मिली जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अपनी पहली राजनीतिक पहल ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा का आगाज पूर्वी चंपारण से हुआ, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। रविवार को जैसे ही निशांत कुमार मेहसी प्रखंड के महेंद्र चौक मंगराही पहुंचे, जदयू कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों की भीड़ को देखते हुए उन्हें अपनी गाड़ी के ऊपर खड़े होकर लोगों का अभिवादन करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चंपारण की धरती ऐतिहासिक रही है, जहां से महात्मा गांधी ने अपने आंदोलन की शुरुआत की थी। साथ ही उनके पिता नीतीश कुमार ने भी कई बार अपने जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत इसी क्षेत्र से की है। निशांत कुमार ने कहा कि उनकी ‘सद्भाव यात्रा’ का उद्देश्य बिहार की जनता से सीधे जुड़ना और उनके बीच संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर समाज में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। यात्रा को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार 3 मई की सुबह पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड से यात्रा पर निकले। रास्ते में सारण के बजरंग चौक ओवरब्रिज, वैशाली के जदयू जिला कार्यालय और मुजफ्फरपुर के सकरी चौक पर भी उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे पूर्वी चंपारण के महेंद्र चौक, मंगराही पहुंचे। इस यात्रा के पहले चरण में 3 और 4 मई को चंपारण क्षेत्र में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 7 मई को वैशाली में कार्यक्रम प्रस्तावित है। यात्रा के क्रम में वे विभिन्न स्थानों पर रुककर आम लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में निशांत कुमार मोतिहारी होते हुए वाल्मीकिनगर के लिए रवाना हुए, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। उनकी इस यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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    बिहार की राजनीति में नई हलचल तब देखने को मिली जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अपनी पहली राजनीतिक पहल ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा का आगाज पूर्वी चंपारण से हुआ, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। रविवार को जैसे ही निशांत कुमार मेहसी प्रखंड के महेंद्र चौक मंगराही पहुंचे, जदयू कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों की भीड़ को देखते हुए उन्हें अपनी गाड़ी के ऊपर खड़े होकर लोगों का अभिवादन करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चंपारण की धरती ऐतिहासिक रही है, जहां से महात्मा गांधी ने अपने आंदोलन की शुरुआत की थी। साथ ही उनके पिता नीतीश कुमार ने भी कई बार अपने जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत इसी क्षेत्र से की है। निशांत कुमार ने कहा कि उनकी ‘सद्भाव यात्रा’ का उद्देश्य बिहार की जनता से सीधे जुड़ना और उनके बीच संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर समाज में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। यात्रा को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार 3 मई की सुबह पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड से यात्रा पर निकले। रास्ते में सारण के बजरंग चौक ओवरब्रिज, वैशाली के जदयू जिला कार्यालय और मुजफ्फरपुर के सकरी चौक पर भी उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे पूर्वी चंपारण के महेंद्र चौक, मंगराही पहुंचे। इस यात्रा के पहले चरण में 3 और 4 मई को चंपारण क्षेत्र में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 7 मई को वैशाली में कार्यक्रम प्रस्तावित है। यात्रा के क्रम में वे विभिन्न स्थानों पर रुककर आम लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में निशांत कुमार मोतिहारी होते हुए वाल्मीकिनगर के लिए रवाना हुए, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। उनकी इस यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    19 hrs ago
  • बेतिया के रमना स्थित बापू सभागार में सद्भाव यात्रा के दूसरे दिन का दृश्य पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में बदल गया, जब जदयू नेता निशांत कुमार ने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने पिता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। सभागार में मौजूद भीड़ लगातार बढ़ते जोश के साथ “जय निशांत” और “तय निशांत” के नारों से वातावरण को गूंजाती रही, जिससे पूरा कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा प्रतीत हुआ। अपने संबोधन की शुरुआत में निशांत कुमार ने जदयू की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और इसके लिए वह लगातार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा, सरकार उतनी ही प्रभावी होगी, और मजबूत सरकार ही जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास की गारंटी दे सकती है। इसके बाद निशांत कुमार ने बिहार के विकास यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद से लेकर 2026 तक के दौर में राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी 20 से 23 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो पहले एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। उन्होंने सड़क निर्माण को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है और अस्पतालों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और लाखों युवाओं को किसी न किसी रूप में रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। निशांत कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के बीच और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि लोग यह समझ सकें कि बिहार किस तरह विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। कार्यक्रम के दौरान बापू सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ लगातार उत्साह में दिखाई दी। हर वक्त मंच से उठने वाले नारों और तालियों की गूंज ने माहौल को और अधिक ऊर्जा से भर दिया। पूरा परिसर एक राजनीतिक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जहां समर्थकों का जोश और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा साफ तौर पर दिखाई दी।
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    बेतिया के रमना स्थित बापू सभागार में सद्भाव यात्रा के दूसरे दिन का दृश्य पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में बदल गया, जब जदयू नेता निशांत कुमार ने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने पिता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। सभागार में मौजूद भीड़ लगातार बढ़ते जोश के साथ “जय निशांत” और “तय निशांत” के नारों से वातावरण को गूंजाती रही, जिससे पूरा कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा प्रतीत हुआ।
अपने संबोधन की शुरुआत में निशांत कुमार ने जदयू की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, और इसके लिए वह लगातार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा, सरकार उतनी ही प्रभावी होगी, और मजबूत सरकार ही जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास की गारंटी दे सकती है।
इसके बाद निशांत कुमार ने बिहार के विकास यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद से लेकर 2026 तक के दौर में राज्य ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी 20 से 23 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जो पहले एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।
उन्होंने सड़क निर्माण को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है और अस्पतालों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और लाखों युवाओं को किसी न किसी रूप में रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
निशांत कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के बीच और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि लोग यह समझ सकें कि बिहार किस तरह विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि बिहार को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान बापू सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ लगातार उत्साह में दिखाई दी। हर वक्त मंच से उठने वाले नारों और तालियों की गूंज ने माहौल को और अधिक ऊर्जा से भर दिया। पूरा परिसर एक राजनीतिक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जहां समर्थकों का जोश और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा साफ तौर पर दिखाई दी।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • माननीय श्री नीतीश कुमार जी के बेटे निशांत कुमार ने समृद्ध यात्रा कार्यक्रम के दौरान बेतिया के प्रेक्षागृह में जेडीयू कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 04.05.2026.
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    माननीय श्री नीतीश कुमार जी के बेटे निशांत कुमार ने समृद्ध यात्रा कार्यक्रम के दौरान बेतिया के प्रेक्षागृह में जेडीयू कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 04.05.2026.
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए साझा कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिथुन चक्रवर्ती का एक पुराना वीडियो है जिसे चुनाव परिणामों के रुझानों के दौरान दोबारा वायरल किया जा रहा है। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान का भी एक वीडियो चर्चा में रहा था जिसमें वह हंसते-हंसते विपक्षी पार्टी को चुनौती देते नजर आए थे।
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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए नजर आ रहे हैं। 
सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए साझा कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिथुन चक्रवर्ती का एक पुराना वीडियो है जिसे चुनाव परिणामों के रुझानों के दौरान दोबारा वायरल किया जा रहा है।
हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान का भी एक वीडियो चर्चा में रहा था जिसमें वह हंसते-हंसते विपक्षी पार्टी को चुनौती देते नजर आए थे।
    user_SUDHANSU KUMAR
    SUDHANSU KUMAR
    Local News Reporter नरकटिया, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
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    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण से एक गंभीर खबर सामने आ रही है, जहां 102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ एटक के बैनर तले कर्मियों ने चार माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में जिला पदाधिकारी के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और जुबान पर गूंजते नारों के साथ कर्मचारियों ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पूरा माहौल गूंज उठा जब कर्मचारी एक स्वर में सवाल कर रहे थे चार माह से वेतन नहीं, परिवार कैसे चले जवाब दो बच्चों की पढ़ाई कैसे हो जवाब दो कर्मचारियों का कहना है कि लगातार चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। घर चलाना मुश्किल हो गया है, बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। कर्मियों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि सरकार ने 102 एम्बुलेंस सेवा को कंपनी के जिम्मे सौंप दिया है, जिसके बाद से आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मचारियों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब तक एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य समिति के अधीन थी, तब तक स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर थी, लेकिन जैसे ही इसे निजी कंपनियों को सौंपा गया, कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ती चली गईं। वेतन भुगतान में देरी, काम का बढ़ता दबाव और अधिकारों की अनदेखी अब आम बात हो गई है। इसी कड़ी में कर्मचारियों ने जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर समय रहते वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति, 102 कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील राम, संजीत सिन्हा, अजय चौबे, विजय राम, गोविन्द प्रसाद, मेराज हुसैन, ऋतु राज, राजू कुमार, नन्दलाल राम, राजेश कुमार, उमेश गुप्ता, मुकेश पटेल, असलम, कृष्ण नन्दन ठाकुर, कमलेश पटेल, सुरेन्द्र प्रसाद समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार महीने से वेतन के लिए जूझ रहे इन एम्बुलेंस कर्मियों को कब मिलेगा उनका हक और क्या सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाएगी, या फिर यूं ही कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा।
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    पश्चिम चंपारण से एक गंभीर खबर सामने आ रही है, जहां 102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ एटक के बैनर तले कर्मियों ने चार माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में जिला पदाधिकारी के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और जुबान पर गूंजते नारों के साथ कर्मचारियों ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पूरा माहौल गूंज उठा जब कर्मचारी एक स्वर में सवाल कर रहे थे चार माह से वेतन नहीं, परिवार कैसे चले जवाब दो बच्चों की पढ़ाई कैसे हो जवाब दो कर्मचारियों का कहना है कि लगातार चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। घर चलाना मुश्किल हो गया है, बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। कर्मियों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि सरकार ने 102 एम्बुलेंस सेवा को कंपनी के जिम्मे सौंप दिया है, जिसके बाद से आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मचारियों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब तक एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य समिति के अधीन थी, तब तक स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर थी, लेकिन जैसे ही इसे निजी कंपनियों को सौंपा गया, कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ती चली गईं। वेतन भुगतान में देरी, काम का बढ़ता दबाव और अधिकारों की अनदेखी अब आम बात हो गई है।
इसी कड़ी में कर्मचारियों ने जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर समय रहते वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति, 102 कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील राम, संजीत सिन्हा, अजय चौबे, विजय राम, गोविन्द प्रसाद, मेराज हुसैन, ऋतु राज, राजू कुमार, नन्दलाल राम, राजेश कुमार, उमेश गुप्ता, मुकेश पटेल, असलम, कृष्ण नन्दन ठाकुर, कमलेश पटेल, सुरेन्द्र प्रसाद समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार महीने से वेतन के लिए जूझ रहे इन एम्बुलेंस कर्मियों को कब मिलेगा उनका हक और क्या सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाएगी, या फिर यूं ही कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
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