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सिंमडारी में किसान के खेत में गड़ा मिला नीलगाय का नवजात, वन विभाग ने शव निकालकर शुरू की जांच *newsstar* *rishab* katni कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमड़ारी में किसान के खेत में नीलगाय के नवजात बच्चे का शव खेत में गड़ा हुआ मिलने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेत में खुदाई कर नवजात के शव को बाहर निकाला। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, मामले में खेत मालिक से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, वन विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दरअसल, पूरा मामला कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र के ग्राम सिमड़ारी का है, जहां एक किसान के खेत में नीलगाय का नवजात बच्चा गड़ा हुआ मिला। इसकी सूचना मुखबिरों के माध्यम से वन विभाग तक पहुंची, जिसके बाद वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके का निरीक्षण करने के बाद टीम ने खेत में खुदाई कर नवजात नीलगाय के शव को बाहर निकाला और अपने कब्जे में लेकर शव परीक्षण कराया। वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था। मामले में खेत मालिक चंद्रभान, पिता संतोष पटेल से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल, नवजात नीलगाय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव खेत में क्यों गाड़ा गया था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

4 hrs ago
user_न्यूजSTAR rishab
न्यूजSTAR rishab
Media and information sciences faculty कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago
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सिंमडारी में किसान के खेत में गड़ा मिला नीलगाय का नवजात, वन विभाग ने शव निकालकर शुरू की जांच *newsstar* *rishab* katni कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमड़ारी में किसान के खेत में नीलगाय के नवजात बच्चे का शव खेत में गड़ा हुआ मिलने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेत में खुदाई कर नवजात के शव को बाहर निकाला। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, मामले में खेत मालिक

से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, वन विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दरअसल, पूरा मामला कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र के ग्राम सिमड़ारी का है, जहां एक किसान के खेत में नीलगाय का नवजात बच्चा गड़ा हुआ मिला। इसकी सूचना मुखबिरों के माध्यम से वन विभाग तक पहुंची, जिसके बाद वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके का निरीक्षण करने के बाद टीम ने खेत में खुदाई कर नवजात नीलगाय के शव को बाहर निकाला और

अपने कब्जे में लेकर शव परीक्षण कराया। वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था। मामले में खेत मालिक चंद्रभान, पिता संतोष पटेल से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल, नवजात नीलगाय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव खेत में क्यों गाड़ा गया था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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  • सिंमडारी में किसान के खेत में गड़ा मिला नीलगाय का नवजात, वन विभाग ने शव निकालकर शुरू की जांच *newsstar* *rishab* katni कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमड़ारी में किसान के खेत में नीलगाय के नवजात बच्चे का शव खेत में गड़ा हुआ मिलने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेत में खुदाई कर नवजात के शव को बाहर निकाला। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, मामले में खेत मालिक से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, वन विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दरअसल, पूरा मामला कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र के ग्राम सिमड़ारी का है, जहां एक किसान के खेत में नीलगाय का नवजात बच्चा गड़ा हुआ मिला। इसकी सूचना मुखबिरों के माध्यम से वन विभाग तक पहुंची, जिसके बाद वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके का निरीक्षण करने के बाद टीम ने खेत में खुदाई कर नवजात नीलगाय के शव को बाहर निकाला और अपने कब्जे में लेकर शव परीक्षण कराया। वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था। मामले में खेत मालिक चंद्रभान, पिता संतोष पटेल से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल, नवजात नीलगाय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव खेत में क्यों गाड़ा गया था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    सिंमडारी में किसान के खेत में गड़ा मिला नीलगाय का नवजात, वन विभाग ने शव निकालकर शुरू की जांच *newsstar* *rishab* katni
कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमड़ारी में किसान के खेत में नीलगाय के नवजात बच्चे का शव खेत में गड़ा हुआ मिलने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेत में खुदाई कर नवजात के शव को बाहर निकाला। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, मामले में खेत मालिक से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, वन विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दरअसल, पूरा मामला कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र के ग्राम सिमड़ारी का है, जहां एक किसान के खेत में नीलगाय का नवजात बच्चा गड़ा हुआ मिला। इसकी सूचना मुखबिरों के माध्यम से वन विभाग तक पहुंची, जिसके बाद वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
मौके का निरीक्षण करने के बाद टीम ने खेत में खुदाई कर नवजात नीलगाय के शव को बाहर निकाला और अपने कब्जे में लेकर शव परीक्षण कराया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था। मामले में खेत मालिक चंद्रभान, पिता संतोष पटेल से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
फिलहाल, नवजात नीलगाय की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव खेत में क्यों गाड़ा गया था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_न्यूजSTAR rishab
    न्यूजSTAR rishab
    Media and information sciences faculty कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कलेक्टर श्री तिवारी जनसुनवाई में सुन रहे लोगों की समस्याएं* *अधिकारियों को दे रहे निराकरण के निर्देश* कटनी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दे रहे हैं।कलेक्टर श्री तिवारी अब तक 57आवेदकों की समस्याओं और शिकायतों को सुन कर निराकरण के निर्देश दे चुके हैं। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर,अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा,एसडीएम कटनी श्री जितेन्द्र पटेल , लोकसेवा जिला प्रबंधक श्री दिनेश विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद हैं। *जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन अभी भी जारी है*
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    कलेक्टर श्री तिवारी जनसुनवाई में सुन रहे लोगों की समस्याएं*
*अधिकारियों को दे रहे निराकरण के निर्देश*
कटनी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को  आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दे रहे हैं।कलेक्टर श्री तिवारी अब तक 57आवेदकों की समस्याओं और शिकायतों को सुन कर निराकरण के निर्देश दे चुके हैं। 
इस दौरान  जिला पंचायत सीईओ  हरसिमरनप्रीत कौर,अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा,एसडीएम कटनी श्री जितेन्द्र पटेल , लोकसेवा जिला प्रबंधक श्री दिनेश विश्वकर्मा  सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद हैं।
*जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन अभी भी जारी है*
    user_Sumit Mailk
    Sumit Mailk
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पुलिस के ऊपर लगा आरोप
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    पुलिस के ऊपर लगा आरोप
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बड़वारा में खाकी और खादी की खुली शह पर शराब माफियाओं का तांडव! कटनी के नन्हवारा (सेझा) में अवैध शराब का विरोध करने वाली महिलाओं के साथ दबंगों ने बेरहमी से मारपीट की। शरीर पर पड़े चोट के निशान बड़वारा के जंगलराज की गवाही दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब बेखौफ माफियाओं ने सरेआम डींग हाँकी— "पुलिस हमारी जेब में रहती है, जो उखाड़ना है उखाड़ लो!" 👮‍♂️ बड़वारा पुलिस: पैसे लेकर शराब के इन सौदागरों को खुला संरक्षण दे रही है और पीड़ितों की सुनने वाला कोई नहीं है। 🏛️ क्षेत्रीय विधायक: न्याय की आस में पहुँचे ग्रामीणों के सामने "अभी आरोपियों को उठवा लेते हैं" जैसी बड़ी-बड़ी शेखी तो बघारी, लेकिन वह सिर्फ एक घटिया और खोखला ड्रामा साबित हुआ! धरातल पर अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कल ही पीड़ित महिलाओं ने एसपी ऑफिस पहुँचकर अपनी आपबीती सुनाई और इन सबकी पोल खोल दी है! 🛑 चेतावनी: यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का गुस्सा फूटेगा और बड़ा उग्र आंदोलन होगा! #InstaViral #ReelKaroFeelKaro #TrendingReels #explorepage #FBViral #ViralPost #TrendingNow #FacebookReels #ExploreFB #TopNews #BreakingNews #NewsAlert24x7
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    बड़वारा में खाकी और खादी की खुली शह पर शराब माफियाओं का तांडव!
कटनी के नन्हवारा (सेझा) में अवैध शराब का विरोध करने वाली महिलाओं के साथ दबंगों ने बेरहमी से मारपीट की। शरीर पर पड़े चोट के निशान बड़वारा के जंगलराज की गवाही दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब बेखौफ माफियाओं ने सरेआम डींग हाँकी— "पुलिस हमारी जेब में रहती है, जो उखाड़ना है उखाड़ लो!"
👮‍♂️ बड़वारा पुलिस: पैसे लेकर शराब के इन सौदागरों को खुला संरक्षण दे रही है और पीड़ितों की सुनने वाला कोई नहीं है।
🏛️ क्षेत्रीय विधायक: न्याय की आस में पहुँचे ग्रामीणों के सामने "अभी आरोपियों को उठवा लेते हैं" जैसी बड़ी-बड़ी शेखी तो बघारी, लेकिन वह सिर्फ एक घटिया और खोखला ड्रामा साबित हुआ! धरातल पर अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कल ही पीड़ित महिलाओं ने एसपी ऑफिस पहुँचकर अपनी आपबीती सुनाई और इन सबकी पोल खोल दी है!
🛑 चेतावनी: यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का गुस्सा फूटेगा और बड़ा उग्र आंदोलन होगा! #InstaViral #ReelKaroFeelKaro #TrendingReels #explorepage 
#FBViral #ViralPost #TrendingNow #FacebookReels #ExploreFB #TopNews #BreakingNews #NewsAlert24x7
    user_Jay Suryavanshi
    Jay Suryavanshi
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सरकारी बजट की आस में अटका युवा वैज्ञानिक का सपना, एयरक्राफ्ट निर्माण के लिए सरकारी मदद की दरकार शहडोल जयसिंनगर देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही संसाधन और आर्थिक मदद न मिलने के कारण कई बड़े आविष्कार फाइलों में ही दबे रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक होनहार युवक किशोरीलाल यादव ने अपने दम पर एक एयरक्राफ्ट (विमान) का मॉडल तैयार किया है, लेकिन अब वित्तीय तंगी के कारण उसका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रुकने की कगार पर है। युवक को अब अपना सपना पूरा करने के लिए केवल सरकारी बजट और प्रशासनिक मदद की आस है। प्रतिभा के पंखों को उड़ान का इंतज़ार बचपन से ही आसमान में उड़ने वाले विमानों के प्रति आकर्षित रहने वाले इस युवक ने बिना किसी बड़े कॉरपोरेट सपोर्ट के, अपनी सीमित जमापूंजी लगाकर इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन और शुरुआती ढांचे पर काम शुरू किया था। तकनीकी बारीकियों को समझने और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद प्रोजेक्ट एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां इसे अंतिम रूप देने के लिए भारी निवेश की जरूरत है। युवक का कहना है, "मैंने अपने स्तर पर जितना हो सकता था, इस प्रोजेक्ट में लगा दिया है। लेकिन एक सुरक्षित और पूरी तरह से काम करने वाले एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए महंगे उपकरणों, एवियोनिक्स सिस्टम और टेस्टिंग के लिए एक बड़े बजट की आवश्यकता है, जो मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि के युवक के लिए अकेले वहन करना असंभव है।" क्यों जरूरी है सरकारी मदद कानूनी अनुमतियां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) जैसी संस्थाओं से आवश्यक क्लीयरेंस और गाइडेंस दिलाने में सरकार बड़ी भूमिका निभा सकती है। 'मेक इन इंडिया' को मिल सकती है ताकत यदि सरकार इस युवक की प्रतिभा को पहचानकर उसे 'स्टार्टअप इंडिया' या रक्षा उड्डयन मंत्रालय के किसी विशेष बजट के तहत सहायता प्रदान करती है, तो यह 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक मिसाल बन सकता है। स्थानीय स्तर पर कम लागत में एयरक्राफ्ट निर्माण की यह तकनीक भविष्य में देश के विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा दे सकती है। फिलहाल, युवक अपनी फाइलों और एयरक्राफ्ट के प्रोटोटाइप के साथ सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस युवा आविष्कारक की आवाज सुनता है या फिर यह हुनर फंड के अभाव में जमीन पर ही दम तोड़ देगा। सरकारी बजट की आस में अटका युवा वैज्ञानिक का सपना, एयरक्राफ्ट निर्माण के लिए सरकारी मदद की दरकार शहडोल जयसिंनगर देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही संसाधन और आर्थिक मदद न मिलने के कारण कई बड़े आविष्कार फाइलों में ही दबे रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक होनहार युवक किशोरीलाल यादव ने अपने दम पर एक एयरक्राफ्ट (विमान) का मॉडल तैयार किया है, लेकिन अब वित्तीय तंगी के कारण उसका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रुकने की कगार पर है। युवक को अब अपना सपना पूरा करने के लिए केवल सरकारी बजट और प्रशासनिक मदद की आस है। प्रतिभा के पंखों को उड़ान का इंतज़ार बचपन से ही आसमान में उड़ने वाले विमानों के प्रति आकर्षित रहने वाले इस युवक ने बिना किसी बड़े कॉरपोरेट सपोर्ट के, अपनी सीमित जमापूंजी लगाकर इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन और शुरुआती ढांचे पर काम शुरू किया था। तकनीकी बारीकियों को समझने और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद प्रोजेक्ट एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां इसे अंतिम रूप देने के लिए भारी निवेश की जरूरत है। युवक का कहना है, "मैंने अपने स्तर पर जितना हो सकता था, इस प्रोजेक्ट में लगा दिया है। लेकिन एक सुरक्षित और पूरी तरह से काम करने वाले एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए महंगे उपकरणों, एवियोनिक्स सिस्टम और टेस्टिंग के लिए एक बड़े बजट की आवश्यकता है, जो मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि के युवक के लिए अकेले वहन करना असंभव है।" क्यों जरूरी है सरकारी मदद कानूनी अनुमतियां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) जैसी संस्थाओं से आवश्यक क्लीयरेंस और गाइडेंस दिलाने में सरकार बड़ी भूमिका निभा सकती है। 'मेक इन इंडिया' को मिल सकती है ताकत यदि सरकार इस युवक की प्रतिभा को पहचानकर उसे 'स्टार्टअप इंडिया' या रक्षा उड्डयन मंत्रालय के किसी विशेष बजट के तहत सहायता प्रदान करती है, तो यह 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक मिसाल बन सकता है। स्थानीय स्तर पर कम लागत में एयरक्राफ्ट निर्माण की यह तकनीक भविष्य में देश के विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा दे सकती है। फिलहाल, युवक अपनी फाइलों और एयरक्राफ्ट के प्रोटोटाइप के साथ सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस युवा आविष्कारक की आवाज सुनता है या फिर यह हुनर फंड के अभाव में जमीन पर ही दम तोड़ देगा।
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    सरकारी बजट की आस में अटका युवा वैज्ञानिक का सपना, एयरक्राफ्ट निर्माण के लिए सरकारी मदद की दरकार 

शहडोल जयसिंनगर 
देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही संसाधन और आर्थिक मदद न मिलने के कारण कई बड़े आविष्कार फाइलों में ही दबे रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक होनहार युवक किशोरीलाल यादव ने अपने दम पर एक एयरक्राफ्ट (विमान) का मॉडल तैयार किया है, लेकिन अब वित्तीय तंगी के कारण उसका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रुकने की कगार पर है। युवक को अब अपना सपना पूरा करने के लिए केवल सरकारी बजट और प्रशासनिक मदद की आस है।

प्रतिभा के पंखों को उड़ान का इंतज़ार

बचपन से ही आसमान में उड़ने वाले विमानों के प्रति आकर्षित रहने वाले इस युवक ने बिना किसी बड़े कॉरपोरेट सपोर्ट के, अपनी सीमित जमापूंजी लगाकर इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन और शुरुआती ढांचे पर काम शुरू किया था। तकनीकी बारीकियों को समझने और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद प्रोजेक्ट एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां इसे अंतिम रूप देने के लिए भारी निवेश की जरूरत है।
युवक का कहना है, "मैंने अपने स्तर पर जितना हो सकता था, इस प्रोजेक्ट में लगा दिया है। लेकिन एक सुरक्षित और पूरी तरह से काम करने वाले एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए महंगे उपकरणों, एवियोनिक्स सिस्टम और टेस्टिंग के लिए एक बड़े बजट की आवश्यकता है, जो मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि के युवक के लिए अकेले वहन करना असंभव है।"

क्यों जरूरी है सरकारी मदद

 कानूनी अनुमतियां नागरिक उड्डयन 
महानिदेशालय (DGCA) जैसी संस्थाओं से आवश्यक क्लीयरेंस और गाइडेंस दिलाने में सरकार बड़ी भूमिका निभा सकती है।

'मेक इन इंडिया' को मिल सकती है ताकत

यदि सरकार इस युवक की प्रतिभा को पहचानकर उसे 'स्टार्टअप इंडिया' या रक्षा उड्डयन मंत्रालय के किसी विशेष बजट के तहत सहायता प्रदान करती है, तो यह 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक मिसाल बन सकता है। स्थानीय स्तर पर कम लागत में एयरक्राफ्ट निर्माण की यह तकनीक भविष्य में देश के विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा दे सकती है।

फिलहाल, युवक अपनी फाइलों और एयरक्राफ्ट के प्रोटोटाइप के साथ सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस युवा आविष्कारक की आवाज सुनता है या फिर यह हुनर फंड के अभाव में जमीन पर ही दम तोड़ देगा।
सरकारी बजट की आस में अटका युवा वैज्ञानिक का सपना, एयरक्राफ्ट निर्माण के लिए सरकारी मदद की दरकार 
शहडोल जयसिंनगर 
देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही संसाधन और आर्थिक मदद न मिलने के कारण कई बड़े आविष्कार फाइलों में ही दबे रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक होनहार युवक किशोरीलाल यादव ने अपने दम पर एक एयरक्राफ्ट (विमान) का मॉडल तैयार किया है, लेकिन अब वित्तीय तंगी के कारण उसका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रुकने की कगार पर है। युवक को अब अपना सपना पूरा करने के लिए केवल सरकारी बजट और प्रशासनिक मदद की आस है।
प्रतिभा के पंखों को उड़ान का इंतज़ार
बचपन से ही आसमान में उड़ने वाले विमानों के प्रति आकर्षित रहने वाले इस युवक ने बिना किसी बड़े कॉरपोरेट सपोर्ट के, अपनी सीमित जमापूंजी लगाकर इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन और शुरुआती ढांचे पर काम शुरू किया था। तकनीकी बारीकियों को समझने और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद प्रोजेक्ट एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां इसे अंतिम रूप देने के लिए भारी निवेश की जरूरत है।
युवक का कहना है, "मैंने अपने स्तर पर जितना हो सकता था, इस प्रोजेक्ट में लगा दिया है। लेकिन एक सुरक्षित और पूरी तरह से काम करने वाले एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए महंगे उपकरणों, एवियोनिक्स सिस्टम और टेस्टिंग के लिए एक बड़े बजट की आवश्यकता है, जो मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि के युवक के लिए अकेले वहन करना असंभव है।"
क्यों जरूरी है सरकारी मदद
कानूनी अनुमतियां नागरिक उड्डयन 
महानिदेशालय (DGCA) जैसी संस्थाओं से आवश्यक क्लीयरेंस और गाइडेंस दिलाने में सरकार बड़ी भूमिका निभा सकती है।
'मेक इन इंडिया' को मिल सकती है ताकत
यदि सरकार इस युवक की प्रतिभा को पहचानकर उसे 'स्टार्टअप इंडिया' या रक्षा उड्डयन मंत्रालय के किसी विशेष बजट के तहत सहायता प्रदान करती है, तो यह 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक मिसाल बन सकता है। स्थानीय स्तर पर कम लागत में एयरक्राफ्ट निर्माण की यह तकनीक भविष्य में देश के विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा दे सकती है।
फिलहाल, युवक अपनी फाइलों और एयरक्राफ्ट के प्रोटोटाइप के साथ सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस युवा आविष्कारक की आवाज सुनता है या फिर यह हुनर फंड के अभाव में जमीन पर ही दम तोड़ देगा।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गुबराधरी में कथित कच्ची शराब का खेल, महिलाओं ने लगाए अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप गुबराधरी में कथित कच्ची शराब का खेल, महिलाओं ने लगाए अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप करीब 50 महिलाएं पहुंचीं एसपी कार्यालय, अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर कार्रवाई की मांग कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र के ग्राम गुबराधरी में कथित अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर विवाद सामने आया है। मंगलवार को गांव की करीब आधा सैकड़ा महिलाएं शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत में महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम टेढ़ी हट्टा निवासी संजू लुनिया और छोटू लुनिया, पिता कल्लू लुनिया, कथित तौर पर गांव में कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। महिलाओं के मुताबिक, जब ग्रामीण इस गतिविधि का विरोध करते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है। शिकायत में महिलाओं के साथ अभद्रता करने और दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव कहीं फेंक देने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शराब के सेवन के बाद विवाद होने का आरोप शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब के सेवन के बाद आए दिन विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं होती हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराकर कथित अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें गांव की करीब 50 महिलाओं के एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत करने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
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    गुबराधरी में कथित कच्ची शराब का खेल, महिलाओं ने लगाए अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप
गुबराधरी में कथित कच्ची शराब का खेल, महिलाओं ने लगाए अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप
करीब 50 महिलाएं पहुंचीं एसपी कार्यालय, अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर कार्रवाई की मांग
कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र के ग्राम गुबराधरी में कथित अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर विवाद सामने आया है। मंगलवार को गांव की करीब आधा सैकड़ा महिलाएं शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम टेढ़ी हट्टा निवासी संजू लुनिया और छोटू लुनिया, पिता कल्लू लुनिया, कथित तौर पर गांव में कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। महिलाओं के मुताबिक, जब ग्रामीण इस गतिविधि का विरोध करते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है। शिकायत में महिलाओं के साथ अभद्रता करने और दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव कहीं फेंक देने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
शराब के सेवन के बाद विवाद होने का आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब के सेवन के बाद आए दिन विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं होती हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराकर कथित अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें
गांव की करीब 50 महिलाओं के एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत करने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बागेश्वर धाम में हो एक प्रांतीय अधिवेशन
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    बागेश्वर धाम में हो एक प्रांतीय अधिवेशन
    user_Lakhan Sahu
    Lakhan Sahu
    Farmer रायपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    15 min ago
  • शहडोल राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’- जिला स्तरीय आयोजन 27 अक्टूबर को पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया। *युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर साबित हुआ युवा उत्सव,2026 - 27 वर्ष 2026-27 के युवा उत्सव की थीम नशा मुक्ति एवं विकसित भारत रही। हर वर्ष की भांति इस वर्ष “युवा शक्ति से जन भागीदारी” के उद्देश्य से दिनांक 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में 15 से 29 वर्ष (17 अगस्त, 2026 की स्थिति में) के युवाओं हेतु ‘‘राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष सांस्कृतिक ट्रेक में समूह लोकनृत्य, समूह लोकगायन, पेंटिंग, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक का आयोजन “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” थीम पर किया जा रहा है। “युवा उत्सव 2026- 27” का आयोजन जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर किया जायेगा, जिसमें जिले के विजेता युवा/दल संभाग पर प्रतिभागिता करेंगे तथा संभाग से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त युवा/दल राज्य स्तर पर प्रतिभागिता करेंगे। भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार गतवर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागिता कर चुके युवा इस वर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत प्रतिभागिता नहीं कर सकेंगे। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्री अभिषेक दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय युवा उत्सव में 05 विधाओं जैसे चित्रकला , कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक ,समूह लोकगीत एवं समूह लोकतंत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । संभाग स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 15 और 16 नवंबर को किया जाएगा। कुल विजुअल - 08 बाइट - अजय सोंधिया, समन्वयक खेल एवं युवा कल्याण विभाग शहडोल बाइट - मंजुला पांडेय, सदस्य निर्णायक टीम बाइट - दुर्गेश त्रिपाठी, प्रतिभागी बाइट - जाह्नवी गुप्ता, प्रतिभागी शहडोल राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’- जिला स्तरीय आयोजन 27 अक्टूबर को पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया। *युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर साबित हुआ युवा उत्सव,2026 - 27 वर्ष 2026-27 के युवा उत्सव की थीम नशा मुक्ति एवं विकसित भारत रही। हर वर्ष की भांति इस वर्ष “युवा शक्ति से जन भागीदारी” के उद्देश्य से दिनांक 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में 15 से 29 वर्ष (17 अगस्त, 2026 की स्थिति में) के युवाओं हेतु ‘‘राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष सांस्कृतिक ट्रेक में समूह लोकनृत्य, समूह लोकगायन, पेंटिंग, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक का आयोजन “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” थीम पर किया जा रहा है। “युवा उत्सव 2026- 27” का आयोजन जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर किया जायेगा, जिसमें जिले के विजेता युवा/दल संभाग पर प्रतिभागिता करेंगे तथा संभाग से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त युवा/दल राज्य स्तर पर प्रतिभागिता करेंगे। भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार गतवर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागिता कर चुके युवा इस वर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत प्रतिभागिता नहीं कर सकेंगे। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्री अभिषेक दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय युवा उत्सव में 05 विधाओं जैसे चित्रकला , कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक ,समूह लोकगीत एवं समूह लोकतंत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । संभाग स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 15 और 16 नवंबर को किया जाएगा। कुल विजुअल - 08 बाइट - अजय सोंधिया, समन्वयक खेल एवं युवा कल्याण विभाग शहडोल बाइट - मंजुला पांडेय, सदस्य निर्णायक टीम बाइट - दुर्गेश त्रिपाठी, प्रतिभागी बाइट - जाह्नवी गुप्ता, प्रतिभागी
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    शहडोल 

राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’- जिला स्तरीय आयोजन 27 अक्टूबर को पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया।

*युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर साबित हुआ युवा उत्सव,2026 - 27

वर्ष 2026-27 के युवा उत्सव की थीम नशा मुक्ति एवं विकसित भारत रही।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष “युवा शक्ति से जन भागीदारी” के उद्देश्य से दिनांक 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में 15 से 29 वर्ष (17 अगस्त, 2026 की स्थिति में) के युवाओं हेतु ‘‘राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’ का आयोजन किया जा रहा है।

 इस वर्ष सांस्कृतिक ट्रेक में समूह लोकनृत्य, समूह लोकगायन, पेंटिंग, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक का आयोजन “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” थीम पर किया जा रहा है।
“युवा उत्सव 2026- 27” का आयोजन जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर किया जायेगा, जिसमें जिले के विजेता युवा/दल संभाग पर प्रतिभागिता करेंगे तथा संभाग से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त युवा/दल राज्य स्तर पर प्रतिभागिता करेंगे। 

भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार गतवर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागिता कर चुके युवा इस वर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत प्रतिभागिता नहीं कर सकेंगे।

जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्री अभिषेक दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय युवा उत्सव में 05 विधाओं जैसे चित्रकला , कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक ,समूह लोकगीत एवं समूह लोकतंत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई ।
संभाग स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 15 और 16 नवंबर को किया जाएगा।

कुल विजुअल - 08

बाइट - अजय सोंधिया, समन्वयक खेल एवं युवा कल्याण विभाग शहडोल

बाइट - मंजुला पांडेय, सदस्य निर्णायक टीम 

बाइट - दुर्गेश त्रिपाठी, प्रतिभागी 

बाइट - जाह्नवी गुप्ता, प्रतिभागी
शहडोल 
राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’- जिला स्तरीय आयोजन 27 अक्टूबर को पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया।
*युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर साबित हुआ युवा उत्सव,2026 - 27
वर्ष 2026-27 के युवा उत्सव की थीम नशा मुक्ति एवं विकसित भारत रही।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष “युवा शक्ति से जन भागीदारी” के उद्देश्य से दिनांक 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में 15 से 29 वर्ष (17 अगस्त, 2026 की स्थिति में) के युवाओं हेतु ‘‘राष्ट्रीय युवा उत्सव-2027’’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष सांस्कृतिक ट्रेक में समूह लोकनृत्य, समूह लोकगायन, पेंटिंग, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक का आयोजन “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” थीम पर किया जा रहा है।
“युवा उत्सव 2026- 27” का आयोजन जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर किया जायेगा, जिसमें जिले के विजेता युवा/दल संभाग पर प्रतिभागिता करेंगे तथा संभाग से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त युवा/दल राज्य स्तर पर प्रतिभागिता करेंगे। 
भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार गतवर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागिता कर चुके युवा इस वर्ष युवा उत्सव के अन्तर्गत प्रतिभागिता नहीं कर सकेंगे।
जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्री अभिषेक दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय युवा उत्सव में 05 विधाओं जैसे चित्रकला , कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक ,समूह लोकगीत एवं समूह लोकतंत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई ।
संभाग स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 15 और 16 नवंबर को किया जाएगा।
कुल विजुअल - 08
बाइट - अजय सोंधिया, समन्वयक खेल एवं युवा कल्याण विभाग शहडोल
बाइट - मंजुला पांडेय, सदस्य निर्णायक टीम 
बाइट - दुर्गेश त्रिपाठी, प्रतिभागी 
बाइट - जाह्नवी गुप्ता, प्रतिभागी
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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