*स्कूली बच्चों से भरे टेंपो हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 8 सूत्री मांगों के साथ 4 घंटे सड़क जाम* *स्कूली बच्चों से भरे टेंपो हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 8 सूत्री मांगों के साथ 4 घंटे सड़क जाम* *प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार के पहल पर हटा जाम* संवाद सूत्र जागरण महुआडांड़ (लातेहार): स्कूली बच्चों से भरी टेंपो के पलटने से एक बच्चे की मौत और स्वास्थ्य विभाग के लचर व्यवस्था के बाद अक्सी गांव में ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। घटना के विरोध में ग्राम अक्सी के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 5:00 बजे से ही महुआडांड़ डाल्टेनगंज मुख्य मार्ग जाम कर धरना-प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक लिखित मांग पत्र प्रशासन को सौंपा।धरना स्थल पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मौके पर ही स्वास्थ्य प्रभारी से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग पत्र उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपते हुए सड़क जाम समाप्त कर दिया। धरना प्रदर्शन समाप्ति के पश्चात धरना स्थल पर ही मृतक बच्चे की मां अपने इकलौते पुत्र की मृत्यु पर बिलख पड़ी, जिसपर प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ढांढ़स बंधाते मृतक बच्चे के स्वजनों के साथ उनके घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
*स्कूली बच्चों से भरे टेंपो हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 8 सूत्री मांगों के साथ 4 घंटे सड़क जाम* *स्कूली बच्चों से भरे टेंपो हादसे के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 8 सूत्री मांगों के साथ 4 घंटे सड़क जाम* *प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार के पहल पर हटा जाम* संवाद सूत्र जागरण महुआडांड़ (लातेहार): स्कूली बच्चों से भरी टेंपो के पलटने से एक बच्चे की मौत और स्वास्थ्य विभाग के लचर व्यवस्था के बाद अक्सी गांव में ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। घटना के विरोध में ग्राम अक्सी के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 5:00 बजे से ही महुआडांड़ डाल्टेनगंज मुख्य मार्ग जाम कर धरना-प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक लिखित मांग पत्र प्रशासन को सौंपा।धरना स्थल पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मौके पर ही स्वास्थ्य प्रभारी से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग पत्र उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपते हुए सड़क जाम समाप्त कर दिया। धरना प्रदर्शन समाप्ति के पश्चात धरना स्थल पर ही मृतक बच्चे की मां अपने इकलौते पुत्र की मृत्यु पर बिलख पड़ी, जिसपर प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार ढांढ़स बंधाते मृतक बच्चे के स्वजनों के साथ उनके घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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- लोहरदगा dto जया शंखी मुर्मू जी का एक अनोखी पहल जो बिना हेलमेट पहने हुए लोगों को चलान काटने के बजाय हेलमेट देकर ऑर फूल माला से स्वागत किया4
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- मदरसा चौक पर बदला मौसम का मिजाज: काले बादलों ने डेरा डाला, झमाझम बारिश के आसार मदरसा चौक (स्थानीय रिपोर्टर): आज दोपहर बाद मदरसा चौक और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद आसमान में उमड़ते काले बादलों को देखकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल1
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- रामप्रवेश गुप्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच महुआडांड़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम का समर्थन नहीं किया, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, अमित जाजवाल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल दिलीप जायसवाल सुनील जायसवाल दिलीप प्रसाद संजय राय विश्वनाथ राम रोहित सिंह विनोद कुमार सिंह राजेंद्र सोनी कृष्णा लोहारा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह अधिनियम ऐतिहासिक कदम है और इसका विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से मांग की कि इस कानून को जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।3
- महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था एक बार फिर मजाक बनकर रह गई है। हल्की आंधी-तूफान ने ही पूरे सिस्टम की पोल खोल दी—जैसे ही हवा चली, वैसे ही ‘बिजली रानी’ ने हाथ खड़े कर दिए और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जरा सी हवा या बूंदाबांदी होते ही बिजली सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल उठ रहा है कि जब हल्की आंधी में ही हालात ऐसे हैं, तो तेज तूफान या बारिश में क्या होगा?बिजली गुल होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया, वहीं गर्मी और उमस के बीच लोग रातभर बेहाल रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन दुरुस्त की जाती है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हर बार ‘जल्द सुधार’ का भरोसा देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।1
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- रामप्रवेश गुप्ता गुरुवार को महुआडांड़ प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। संत मिखाईल स्कूल, साले से छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों से भरा एक टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में कक्षा 7 के छात्र अंकुर मिंज (ग्राम अक्सी) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों बच्चे घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छुट्टी के बाद करीब 30 बच्चे एक ही टेम्पो में ठूंस-ठूंसकर बैठाए गए थे। वाहन जब साले बस्ती पार कर मौनाडीह के पास मुख्य सड़क पर पहुंचा, तभी चालक के पास आगे 5-6 लोगों के बैठे होने के कारण स्टेयरिंग नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। संतुलन बिगड़ते ही टेम्पो अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ पहुंचाया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल गमगीन हो गया। घायलों में आर्तीक बाड़ा, सोनू एक्का, अवैश कुजुर, अनुज उरांव, शुभम खलखो, अनुरूपा एक्का, नेहा टोप्पो, प्रिज्मा केरकेट्टा, एंजेल टोप्पो, वर्तिका केरकेट्टा, अर्श मिंज, साक्षी टोप्पो समेत कई बच्चे शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है, जबकि कुछ को हल्की चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ओवरलोडिंग बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर बच्चों को रोजाना इसी तरह क्षमता से अधिक भरकर ले जाया जाता था, लेकिन प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पाई। गौरतलब है कि थाना प्रभारी द्वारा पूर्व में स्कूलों और कॉलेजों में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया था और ओवरलोडिंग पर सख्ती बरतने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद लापरवाही जारी रही। 👉 घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।2