बिलासपुर के मुख्य चौराहे पर जैन संगठनों ने गत वर्ष की परंपरा का पालन करते हुए इस वर्ष भी नौतपा के पहले दिन 'छाया पंडाल' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से नागरिकों को राहत प्रदान करना है। इस पहल का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख और कृषि राज्यमंत्री पुत्र गुरकीरत सिंह औलख ने किया। दोनों अतिथियों ने पंडाल में स्वयं अपने हाथों से ठंडा और मीठा शर्बत वितरित किया, जिसे पीने के लिए चौराहे से गुजरने वाले यात्रियों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ी। यह 'छाया पंडाल' भीषण गर्मी का प्रकोप शांत होने तक चलता रहेगा और पिछले वर्षों की तरह इस बार भी लगाया गया है। जैन मिलन सहित कई जैन संगठनों द्वारा स्थापित इस पंडाल में ठंडी हवा, बैठने की व्यवस्था, मीठा एवं ठंडा शर्बत और चना प्रसाद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि घर से बाहर निकले नागरिक गर्मी व लू के थपेड़ों से बचकर थोड़ा विश्राम और सुकून महसूस कर सकें। जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदेश जैन ने बताया कि इस वार्षिक आयोजन में जैन संगठनों के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी भी अपना सहयोग व योगदान प्रदान करते हैं। पंडाल के पहले दिन सन्नी गुप्ता एवं मनी गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर धर्मपाल जैन, नरेश कुमार जैन, विनोद जैन, हिमांशु जैन, सुनील जैन, प्रमोद जैन, प्रत्यक्ष जैन, श्रेय संदेश, दिनेश जैन, दिव्यांश जैन, अर्पित शर्मा समेत अनेक सदस्य और समाजसेवी युवा मौजूद रहे।
बिलासपुर के मुख्य चौराहे पर जैन संगठनों ने गत वर्ष की परंपरा का पालन करते हुए इस वर्ष भी नौतपा के पहले दिन 'छाया पंडाल' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से नागरिकों को राहत प्रदान करना है। इस पहल का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख और कृषि राज्यमंत्री पुत्र गुरकीरत सिंह औलख ने किया। दोनों अतिथियों ने पंडाल में स्वयं अपने हाथों से ठंडा और मीठा शर्बत वितरित किया, जिसे पीने के लिए चौराहे से गुजरने वाले यात्रियों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ी। यह 'छाया पंडाल' भीषण गर्मी का प्रकोप शांत होने तक चलता रहेगा और पिछले वर्षों की तरह इस बार भी लगाया गया है। जैन मिलन सहित कई जैन संगठनों द्वारा स्थापित इस पंडाल में ठंडी हवा, बैठने की व्यवस्था, मीठा एवं ठंडा शर्बत और चना प्रसाद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि घर से बाहर निकले नागरिक गर्मी व लू के थपेड़ों से बचकर थोड़ा विश्राम और सुकून महसूस कर सकें। जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदेश जैन ने बताया कि इस वार्षिक आयोजन में जैन संगठनों के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी भी अपना सहयोग व योगदान प्रदान करते हैं। पंडाल के पहले दिन सन्नी गुप्ता एवं मनी गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर धर्मपाल जैन, नरेश कुमार जैन, विनोद जैन, हिमांशु जैन, सुनील जैन, प्रमोद जैन, प्रत्यक्ष जैन, श्रेय संदेश, दिनेश जैन, दिव्यांश जैन, अर्पित शर्मा समेत अनेक सदस्य और समाजसेवी युवा मौजूद रहे।
- बिलासपुर के मुख्य चौराहे पर जैन संगठनों ने गत वर्ष की परंपरा का पालन करते हुए इस वर्ष भी नौतपा के पहले दिन 'छाया पंडाल' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से नागरिकों को राहत प्रदान करना है। इस पहल का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख और कृषि राज्यमंत्री पुत्र गुरकीरत सिंह औलख ने किया। दोनों अतिथियों ने पंडाल में स्वयं अपने हाथों से ठंडा और मीठा शर्बत वितरित किया, जिसे पीने के लिए चौराहे से गुजरने वाले यात्रियों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ी। यह 'छाया पंडाल' भीषण गर्मी का प्रकोप शांत होने तक चलता रहेगा और पिछले वर्षों की तरह इस बार भी लगाया गया है। जैन मिलन सहित कई जैन संगठनों द्वारा स्थापित इस पंडाल में ठंडी हवा, बैठने की व्यवस्था, मीठा एवं ठंडा शर्बत और चना प्रसाद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि घर से बाहर निकले नागरिक गर्मी व लू के थपेड़ों से बचकर थोड़ा विश्राम और सुकून महसूस कर सकें। जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदेश जैन ने बताया कि इस वार्षिक आयोजन में जैन संगठनों के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी भी अपना सहयोग व योगदान प्रदान करते हैं। पंडाल के पहले दिन सन्नी गुप्ता एवं मनी गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर धर्मपाल जैन, नरेश कुमार जैन, विनोद जैन, हिमांशु जैन, सुनील जैन, प्रमोद जैन, प्रत्यक्ष जैन, श्रेय संदेश, दिनेश जैन, दिव्यांश जैन, अर्पित शर्मा समेत अनेक सदस्य और समाजसेवी युवा मौजूद रहे।1
- प्रदेश में VIP कल्चर अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इसके बावजूद भी, रामपुर के सीएमएस (CMS) अभी भी लाल बत्ती लगी गाड़ी से घूम रहे हैं।1
- बरेली जिले के आंवला थाना क्षेत्र स्थित मनौना धाम से एक डेढ़ वर्षीय बालक के गुमशुदा होने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है। बालक की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई है, जिसके तहत पुलिस ने चार टीमों का गठन किया है। एसपी साउथ बरेली द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस बालक की तलाश और बरामदगी हेतु आगे की कार्यवाही कर रही है।1
- बरेली में पुलिस ने कार लोन के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। इस धोखाधड़ी में, फर्जी आय प्रमाण पत्रों और जाली पतों का इस्तेमाल कर बैंकों से लाखों रुपये की लग्जरी कारें निकाली जा रही थीं। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की गईं चार गाड़ियां भी बरामद की हैं।1
- कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने एक लड़की के घर पर पेट्रोल बम फेंक दिया। यह कदम युवक ने लड़की द्वारा उसके प्यार को ठुकराए जाने के बाद उठाया। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर कोई भी सहम जाएगा।1
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री मोदी से प्यार है। हम भारत के इतने करीब पहले कभी नहीं रहे। मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत, बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।" यह बयान उन्होंने दिल्ली में आयोजित 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिया, जब राजदूत सर्जियो गोर ने उन्हें लाइव जोड़ा।1
- उत्तराखंड के कालाढूंगी स्थित वार्ड नंबर 1 में सोमवार को महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने एक शराब की दुकान खुलने के खिलाफ़ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में किया गया। प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शनकारियों ने कालाढूंगी के एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा। इस ज्ञापन के ज़रिए उन्होंने शराब की दुकान खोले जाने के प्रति अपना कड़ा विरोध औपचारिक रूप से दर्ज कराया।1
- भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने सोमवार को रामपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर पार्क में अपनी मासिक पंचायत आयोजित की। इस दौरान, किसानों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया, जहाँ उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों की प्रमुख मांगों में गोवंशीय पशुओं का संरक्षण, बिना शर्त यूरिया खाद की उपलब्धता, आवारा पशुओं को गौशाला भेजना, स्वामीनाथन आयोग का तत्काल गठन, किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करना और ₹10,000 प्रति माह किसान पेंशन देना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राइवेट स्कूल मालिकों की मनमानी पर रोक लगाने, कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों पर 80% सब्सिडी देने और सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किया, और जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी सहित कई अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी इसमें शामिल रहे। वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय है; ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे के बजाय केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे किसानों के साथ 'सौतेला व्यवहार' हो रहा है। उन्होंने बिजली विभाग पर लगातार 'डिरिप' (बिजली कटौती) लगाने का आरोप लगाया। वारसी ने देश में हर 2 मिनट में एक किसान की आत्महत्या करने की दर्दनाक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और बढ़ती महंगाई के बावजूद फसलों के दामों में कोई वृद्धि न होने पर रोष जताया। किसानों ने गौवंश पशुओं को राष्ट्र पशु घोषित करने और पूर्व की भांति डीएपी व यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सरकार के '7 कट एक हेक्टेयर में एक साल' के आदेश को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की बात कही, क्योंकि उनके अनुसार एक हेक्टेयर में लगभग 20 घंटे गेहूं और धान में खाद की आवश्यकता होती है। किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी खड़ी फसलें लगातार खराब और नष्ट हो रही हैं, और इन पशुओं को पकड़वाकर गौशाला भेजे जाने की मांग की। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सी2 सिफारिशें लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक उद्योगपति को अपनी सुई का दाम तय करने का अधिकार है, उसी प्रकार देश का पेट भरने वाले किसान को भी अपनी फसल का उचित दाम तय करने का अधिकार मिलना चाहिए। किसानों ने सरकारों की 'गलत नीतियों' के कारण हुए कर्ज को पूर्णतः माफ करने की मांग करते हुए सवाल किया कि यदि पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो किसानों का क्यों नहीं। उन्होंने खेती में बढ़ती लागत और घाटे के कारण किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया। निजी स्कूल मालिकों पर गरीब किसानों और मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया गया, जहाँ मनमानी फीस वसूली जा रही है और अपनी निजी दुकानों से कॉपी-किताबें, ड्रेस, जूते व स्कूल बैग पर 7% कमीशन वसूला जा रहा है, जिसका सारा बोझ किसानों पर पड़ता है। अंत में, किसानों ने कृषि मशीनरी पर जीएसटी हटाने और 80% सब्सिडी देने के साथ-साथ लघु व सीमांत किसानों के लिए सामान्य योजना में बिजली नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की।2