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सतना जिले के अमरपाटन में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप तेज बारिश हुई। इस आकस्मिक वर्षा ने क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को काफी राहत प्रदान की।

11 hrs ago
user_रोहित कुमार पाठक
रोहित कुमार पाठक
Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

सतना जिले के अमरपाटन में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप तेज बारिश हुई। इस आकस्मिक वर्षा ने क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को काफी राहत प्रदान की।

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  • सतना जिले के अमरपाटन में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप तेज बारिश हुई। इस आकस्मिक वर्षा ने क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को काफी राहत प्रदान की।
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    सतना जिले के अमरपाटन में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप तेज बारिश हुई। इस आकस्मिक वर्षा ने क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को काफी राहत प्रदान की।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मैहर जिले के धतूरा क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के दौरान, बुलडोजर का इस्तेमाल करके एक मंजिला मकान सहित अन्य कई निर्माणों को हटाया गया। यह अतिक्रमण उस जगह पर था जहां से कुछ ही दूरी पर जिले का निर्माणाधीन संयुक्त कलेक्टर भवन स्थित है। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर राजस्व और अन्य विभागों की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में केवल एक ही नहीं, बल्कि शासकीय भूमि पर कई मकान और अन्य निर्माण किए गए थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे धतूरा क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अतिक्रमण के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रशासन जिले में अन्य शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करेगा। आम जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शासकीय भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमणों पर प्रशासन का क्या रुख रहता है। फिलहाल, धतूरा में हुई यह कार्रवाई जिले की प्रमुख प्रशासनिक कार्रवाइयों में गिनी जा रही है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का एक मुख्य विषय बनी हुई है।
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    मैहर जिले के धतूरा क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के दौरान, बुलडोजर का इस्तेमाल करके एक मंजिला मकान सहित अन्य कई निर्माणों को हटाया गया। यह अतिक्रमण उस जगह पर था जहां से कुछ ही दूरी पर जिले का निर्माणाधीन संयुक्त कलेक्टर भवन स्थित है। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर राजस्व और अन्य विभागों की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में केवल एक ही नहीं, बल्कि शासकीय भूमि पर कई मकान और अन्य निर्माण किए गए थे।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे धतूरा क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अतिक्रमण के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रशासन जिले में अन्य शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करेगा। आम जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शासकीय भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमणों पर प्रशासन का क्या रुख रहता है।

फिलहाल, धतूरा में हुई यह कार्रवाई जिले की प्रमुख प्रशासनिक कार्रवाइयों में गिनी जा रही है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का एक मुख्य विषय बनी हुई है।
    user_पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रामनिवास उर्मलिया ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए तीखा हमला किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "जब राजा ही चोर हो तो सिपाही क्या करेगा?" यह बयान उनके मुखर और आलोचनात्मक रुख को दर्शाता है।
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    रामनिवास उर्मलिया ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए तीखा हमला किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "जब राजा ही चोर हो तो सिपाही क्या करेगा?" यह बयान उनके मुखर और आलोचनात्मक रुख को दर्शाता है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    2 hrs ago
  • हाल ही में सामने आए वीडियो में बच्चों को ट्रैक्टर चलाते हुए देखा गया है, जो बिरसिंहपुर/सतना जैसे इलाकों में एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन गया है। यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के तहत, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, और ऐसे में नाबालिगों द्वारा भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को सीधा न्यौता देने जैसा है। इस खतरनाक स्थिति के लिए मुख्य रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं, जो अपनी लापरवाही या बच्चों की जिद के आगे झुककर उनकी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी निर्दोष परिवार का उजड़ना निश्चित है और इन मासूमों का भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है। यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जागरूक बनें और बच्चों को कानून का पालन करना सिखाएं ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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    हाल ही में सामने आए वीडियो में बच्चों को ट्रैक्टर चलाते हुए देखा गया है, जो बिरसिंहपुर/सतना जैसे इलाकों में एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन गया है। यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के तहत, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, और ऐसे में नाबालिगों द्वारा भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को सीधा न्यौता देने जैसा है।

इस खतरनाक स्थिति के लिए मुख्य रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं, जो अपनी लापरवाही या बच्चों की जिद के आगे झुककर उनकी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी निर्दोष परिवार का उजड़ना निश्चित है और इन मासूमों का भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है। यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जागरूक बनें और बच्चों को कानून का पालन करना सिखाएं ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मैहर में नगर पालिका घेराव के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा ने मैहर की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि नगर पालिका की वित्तीय व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी है, तो फिर शहर की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को बेचने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। द्विवेदी ने विश्राम गृह (रेस्ट हाउस), लोक निर्माण विभाग का ऑफिस और मैहर के समृद्ध इतिहास को दर्शाने वाले हृदय स्थल घंटाघर में स्थित सर्किट हाउस को सार्वजनिक धरोहर बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन संपत्तियों का संरक्षण और संवर्धन किया जाना चाहिए, न कि उन्हें बेचने की परिस्थितियां निर्मित की जानी चाहिए। सरकार का इन्हें बेचने का मंसूबा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। द्विवेदी ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि नगर की संपत्तियों के संरक्षण और राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक उपाय खोजने के बजाय उन्हें विक्रय करने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि जनता की संपत्ति को बचाने के बजाय उसे समाप्त करने की सोच विकसित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में वर्षों से व्याप्त वित्तीय अव्यवस्था, गलत प्राथमिकताएं और कथित अनियमितताएं ही आज इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नगर की एक-एक सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों से जुड़े किसी भी निर्णय पर पर्दा डालने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस वक्तव्य पर धरना स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा तथा उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नगर की संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। प्रभात द्विवेदी दद्दा ने मैहर को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए इसकी धार्मिक नगरी की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया और नागरिकों से नगर के विकास व अधिकारों की लड़ाई में एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस जनभागीदारी के साथ एक और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। धरना स्थल पर उनके संबोधन के दौरान बार-बार तालियों और नारों की गूंज सुनाई देती रही, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनता की आवाज बताते हुए समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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    मैहर में नगर पालिका घेराव के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा ने मैहर की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि नगर पालिका की वित्तीय व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी है, तो फिर शहर की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को बेचने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। द्विवेदी ने विश्राम गृह (रेस्ट हाउस), लोक निर्माण विभाग का ऑफिस और मैहर के समृद्ध इतिहास को दर्शाने वाले हृदय स्थल घंटाघर में स्थित सर्किट हाउस को सार्वजनिक धरोहर बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन संपत्तियों का संरक्षण और संवर्धन किया जाना चाहिए, न कि उन्हें बेचने की परिस्थितियां निर्मित की जानी चाहिए। सरकार का इन्हें बेचने का मंसूबा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

द्विवेदी ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि नगर की संपत्तियों के संरक्षण और राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक उपाय खोजने के बजाय उन्हें विक्रय करने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि जनता की संपत्ति को बचाने के बजाय उसे समाप्त करने की सोच विकसित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में वर्षों से व्याप्त वित्तीय अव्यवस्था, गलत प्राथमिकताएं और कथित अनियमितताएं ही आज इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नगर की एक-एक सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों से जुड़े किसी भी निर्णय पर पर्दा डालने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस वक्तव्य पर धरना स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा तथा उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नगर की संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। प्रभात द्विवेदी दद्दा ने मैहर को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए इसकी धार्मिक नगरी की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया और नागरिकों से नगर के विकास व अधिकारों की लड़ाई में एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस जनभागीदारी के साथ एक और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। धरना स्थल पर उनके संबोधन के दौरान बार-बार तालियों और नारों की गूंज सुनाई देती रही, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनता की आवाज बताते हुए समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मैहर में नगर पालिका घेराव के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने नगर की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि जब नगर की संपत्तियां बिकने की नौबत आ जाए, तो इसका जवाब कौन देगा। द्विवेदी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यदि नगर पालिका की वित्तीय व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी है, तो फिर विश्राम गृह (रेस्ट हाउस), लोक निर्माण विभाग का ऑफिस और घंटाघर स्थित सर्किट हाउस जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, जिसे उन्होंने सरकार का अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मंसूबा बताया। प्रभात द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि विश्राम गृह जैसी संपत्तियां किसी भी नगर की धरोहर होती हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन किया जाना चाहिए, न कि उन्हें बेचने की स्थितियां पैदा की जाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि जनता की संपत्ति को बचाने के बजाय उसे समाप्त करने की सोच विकसित हुई है। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में वर्षों से व्याप्त वित्तीय अव्यवस्था, गलत प्राथमिकताएं और कथित अनियमितताएं ही आज इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, जहाँ राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक उपाय खोजने के बजाय संपत्तियों को बेचने की चर्चाएँ सामने आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नगर की एक-एक सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों से जुड़े किसी भी निर्णय पर पर्दा डालने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस वक्तव्य पर धरना स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा, जहाँ उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नगर की संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। द्विवेदी ने मैहर को केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसी धार्मिक नगरी में गंदगी, अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक असफलता का प्रमाण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नगर के विकास और अधिकारों की लड़ाई में सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। अपने संबोधन में उन्होंने एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस जनभागीदारी के साथ एक और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। धरना स्थल पर उनके संबोधन के दौरान बार-बार तालियों और नारों की गूंज सुनाई देती रही, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर की समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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    मैहर में नगर पालिका घेराव के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने नगर की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि जब नगर की संपत्तियां बिकने की नौबत आ जाए, तो इसका जवाब कौन देगा। द्विवेदी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यदि नगर पालिका की वित्तीय व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी है, तो फिर विश्राम गृह (रेस्ट हाउस), लोक निर्माण विभाग का ऑफिस और घंटाघर स्थित सर्किट हाउस जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, जिसे उन्होंने सरकार का अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मंसूबा बताया।

प्रभात द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि विश्राम गृह जैसी संपत्तियां किसी भी नगर की धरोहर होती हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन किया जाना चाहिए, न कि उन्हें बेचने की स्थितियां पैदा की जाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि जनता की संपत्ति को बचाने के बजाय उसे समाप्त करने की सोच विकसित हुई है। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में वर्षों से व्याप्त वित्तीय अव्यवस्था, गलत प्राथमिकताएं और कथित अनियमितताएं ही आज इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, जहाँ राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक उपाय खोजने के बजाय संपत्तियों को बेचने की चर्चाएँ सामने आ रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नगर की एक-एक सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों से जुड़े किसी भी निर्णय पर पर्दा डालने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस वक्तव्य पर धरना स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा, जहाँ उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नगर की संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

द्विवेदी ने मैहर को केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसी धार्मिक नगरी में गंदगी, अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक असफलता का प्रमाण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नगर के विकास और अधिकारों की लड़ाई में सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

अपने संबोधन में उन्होंने एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस जनभागीदारी के साथ एक और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। धरना स्थल पर उनके संबोधन के दौरान बार-बार तालियों और नारों की गूंज सुनाई देती रही, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर की समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
    user_Satyaprakash Media Maihar
    Satyaprakash Media Maihar
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रीवा जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ प्रसिद्ध इटमा वॉटरफॉल में रील बनाते समय पैर फिसलने से एक युवक गहरे झरने में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान मोहम्मद तनवीर (पिता निसार अहमद) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (अनापुर) का रहने वाला था। तनवीर अपने दोस्तों और मामा के लड़के के साथ रीवा के पूर्वा वॉटरफॉल और आसपास के पर्यटन स्थलों पर घूमने आया था। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को निकालने के प्रयास में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के अनुसार, यह हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ। सभी दोस्त झरने के किनारे घूम रहे थे, तभी तनवीर वॉटरफॉल के तेज बहाव के पास जाकर रील (वीडियो) बनवाने और पोज़ देने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर पत्थरों से फिसल गया और वह सीधे उफनते झरने में जा गिरा। पानी का बहाव तेज़ होने के कारण वह संभल नहीं पाया और डूबने से उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर सैलानियों से अपील की है कि वे पर्यटन स्थलों, विशेषकर नदी और झरनों के किनारे जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रील बनाने या सेल्फ़ी लेने के चक्कर में खतरनाक स्थानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं, क्योंकि ऐसी छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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    रीवा जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ प्रसिद्ध इटमा वॉटरफॉल में रील बनाते समय पैर फिसलने से एक युवक गहरे झरने में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान मोहम्मद तनवीर (पिता निसार अहमद) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (अनापुर) का रहने वाला था। तनवीर अपने दोस्तों और मामा के लड़के के साथ रीवा के पूर्वा वॉटरफॉल और आसपास के पर्यटन स्थलों पर घूमने आया था। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को निकालने के प्रयास में जुट गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के अनुसार, यह हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ। सभी दोस्त झरने के किनारे घूम रहे थे, तभी तनवीर वॉटरफॉल के तेज बहाव के पास जाकर रील (वीडियो) बनवाने और पोज़ देने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर पत्थरों से फिसल गया और वह सीधे उफनते झरने में जा गिरा। पानी का बहाव तेज़ होने के कारण वह संभल नहीं पाया और डूबने से उसकी मौत हो गई।

इस दुखद घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर सैलानियों से अपील की है कि वे पर्यटन स्थलों, विशेषकर नदी और झरनों के किनारे जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रील बनाने या सेल्फ़ी लेने के चक्कर में खतरनाक स्थानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं, क्योंकि ऐसी छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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