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ਆਖਰ ਕੁਰਾਲੀ ਸ਼ਹਿਰ ਲਈ ਮਿਲ ਹੀ ਗਈ ਫਾਇਰ ਬ੍ਰਿਗੇਡ ਗੱਡੀ, ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਵੱਡੀ ਮੰਗ ਸੀ,,,ਹਲਕਾ ਵਿਧਾਇਕਾ ਮੈਡਮ ਅਨਮੋਲ ਗਗਨ ਮਾਨ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਹੁਣ ਹੋਈ ਇਹ ਮੰਗ ਪੂਰੀ,,,,
Satnam Siswan
ਆਖਰ ਕੁਰਾਲੀ ਸ਼ਹਿਰ ਲਈ ਮਿਲ ਹੀ ਗਈ ਫਾਇਰ ਬ੍ਰਿਗੇਡ ਗੱਡੀ, ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਵੱਡੀ ਮੰਗ ਸੀ,,,ਹਲਕਾ ਵਿਧਾਇਕਾ ਮੈਡਮ ਅਨਮੋਲ ਗਗਨ ਮਾਨ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਹੁਣ ਹੋਈ ਇਹ ਮੰਗ ਪੂਰੀ,,,,
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- ਆਖਰ ਕੁਰਾਲੀ ਸ਼ਹਿਰ ਲਈ ਮਿਲ ਹੀ ਗਈ ਫਾਇਰ ਬ੍ਰਿਗੇਡ ਗੱਡੀ, ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਵੱਡੀ ਮੰਗ ਸੀ,,,ਹਲਕਾ ਵਿਧਾਇਕਾ ਮੈਡਮ ਅਨਮੋਲ ਗਗਨ ਮਾਨ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਹੁਣ ਹੋਈ ਇਹ ਮੰਗ ਪੂਰੀ,,,,1
- चंडीगढ़ बुधवार 22 अप्रैल 2026 अनिल शारदा पंकज राजपूत प्रस्तुति--- आम आदमी पार्टी को कांग्रेस आई का आईना और ममता बनर्जी का आईना केजरीवाल को मानने वाले सोर्स सनातनी हिंदू समाज में दोगले सेक्युलर हिंदूवादी संगठनों ने ही ज़हर घोले हैं। राजनीति अब सेवा साधना ना रहकर इनकम सोर्सेज ज्यादा कारगर साबित हो रही है।। जागो और भाईचारा त्यागो इनका सर्वनाश होगा यही दुनिया की पहली और आखिरी अभिलाषा है।।1
- मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज1
- बुधवार की सुबह चंडीगढ़ की चंडी मंदिर लाइटों पर उसे समय अफरा तफरी का माहौल हो गया जब रोड पर जा रही प्राइवेट बस ड्राइवर ने अचानक से ब्रेक लगा दी उसके बाद उसके पीछे आ रही गाड़ियां आपस में टकराती चली गई जिसमें काफी गाड़ियों में काफी हद तक नुकसान हुआ गनीमत रही की कोई जानी नुकसान नहीं हुआ मगर इस हादसे के बाद रोड पर काफी लंबा जाम लग गया और वहां पर भीड़ जमा हो गई1
- Post by ਪ੍ਰਦੀਪ ਧੀਮਾਨ1
- ਸੱਭ ਫੜੇ ਜਾਣਗੇਂ1
- ਦੋਰਾਹਾ ਵਿਖੇ ਸਾਬਕਾ ਕਾਂਗਰਸੀ ਕੌਂਸਲਰਾਂ ਨੇ ਵਾਰਡਾਂ ਚ ਵੋਟਾਂ ਚ ਧਾਂਦਲੀ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾ ਐਸਡੀਐਮ ਪਾਇਲ ਨੂੰ ਸੌਂਪਿਆ ਮੰਗ ਪੱਤਰ1
- ਅੱਜ ਸਰਕਾਰੀ ਐਲੀਮੈਂਟਰੀ ਸਮਾਰਟ ਸਕੂਲ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਬਂਗਰ ਵਿਖੇ ਡੈਟਲ ਪਲਾਜ਼ਾ ਅਤੇ ਸਰਵਪ੍ਰੇਮ ਫਾਊਂਡੇਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ ਤੇ ਦੰਦਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਸਬੰਧੀ ਸੈਮੀਨਾਰ ਰਾਹੀਂ ਸਕੂਲ ਦੇ 80 ਤੋਂ ਵੱਧ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਦੰਦਾਂ ਦਾ ਚੈੱਕ ਅੱਪ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਦੰਦਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ।ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਡਾ ਸੁਨੈਨਾ ਗੁਪਤਾ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਟੂਥਪੈਸਟ,ਬਰੱਸ ਅਤੇ ਰਿਫਰੈਸ਼ਮੈਂਟ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਸਕੂਲ ਦੀ ਹੈੱਡ ਮਿਸਟ੍ਰੈਸ ਮੈਡਮ ਸਲੋਚਨਾ ਦੇਵੀ ਨੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।1