Shuru
Apke Nagar Ki App…
बालाघाट में पिछले 10 साल से बिना परमिट के ही स्कूली वाहन दौड़ रहे थे, जिसके बाद अब जाकर प्रशासन जागा है। विभाग की जांच में इस पूरी लापरवाही की पोल खुल गई है, जिससे इन वाहनों के फिटनेस और उनके बीमा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद अब परमिट बनवाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा और परिवहन विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
Samarpit sahu
बालाघाट में पिछले 10 साल से बिना परमिट के ही स्कूली वाहन दौड़ रहे थे, जिसके बाद अब जाकर प्रशासन जागा है। विभाग की जांच में इस पूरी लापरवाही की पोल खुल गई है, जिससे इन वाहनों के फिटनेस और उनके बीमा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद अब परमिट बनवाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा और परिवहन विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश में हुए 1200 करोड़ रुपये से अधिक के चावल घोटाले के संबंध में बालाघाट जिले के वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में संचालित दो इथेनॉल प्लांटों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जितेंद्र "जीतू" पटवारी एवं मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार के निर्देशानुसार, सोमवार को जैक्सन बासीगांव इथेनॉल प्लांट एवं विसाग खाफा इथेनॉल प्लांट में यह कार्रवाई की गई। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे एवं वारासिवनी विधायक श्री विवेक विक्की पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दोनों औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर वहां की उत्पादन प्रक्रिया, पर्यावरणीय प्रबंधन, जल उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों को दिए जा रहे रोजगार की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग और स्थानीय नागरिकों के हितों की रक्षा आवश्यक है। उन्होंने प्लांटों में बिहार, उत्तर प्रदेश और गोंदिया के श्रमिकों को रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अनुपात श्रमिक नियमों के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट प्रबंधन से इथेनॉल निर्माण की पूरी प्रक्रिया, कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों, दैनिक उत्पादन क्षमता, जल उपयोग के स्रोत, वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली और अग्नि सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, प्रबंधन से क्षेत्र के योग्य स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देकर रोजगार देने की अपेक्षा की गई। विधायक श्री विवेक विक्की पटेल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पर्यावरण, किसानों, जल स्रोतों और आम नागरिकों के हितों के अनुरूप होने वाले विकास कार्यों का समर्थन करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई, तो उसे संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट प्रबंधन से आसपास के गांवों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और वृक्षारोपण जैसी जनकल्याणकारी गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने का आग्रह भी किया। इस दौरे से प्राप्त तथ्यों और जानकारियों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जितेंद्र "जीतू" पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार को सौंपी जाएगी।4
- बालाघाट में तेज आंधी-तूफान के दौरान छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुई एक महिला की 43 दिन बाद मौत हो गई। हादसे के बाद महिला को इलाज के लिए नागपुर तक ले जाया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। महिला की मौत के बाद जिला अस्पताल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है।1
- बालाघाट के शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में सोमवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर ने की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, उद्यमिता तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक कॉलेज, बालाघाट के अतिथि वक्ता श्री बी.आर. मरावी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए उन्होंने संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और तकनीकी दक्षता जैसे व्यावहारिक कौशलों के विकास को अत्यंत आवश्यक बताया। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को विभिन्न शासकीय कौशल विकास योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार मासुलकर ने भी बदलते जॉब मार्केट की आवश्यकताओं और उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अपने कौशल को लगातार निखारने की सलाह दी। इस दौरान छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने विचार साझा किए और व्यक्तित्व तथा कौशल विकास के लिए निरंतर सीखते रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल आयोजन करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. दीप रत्ना मासुलकर एवं समिति के सहयोग से किया गया, जिसका समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।3
- बालाघाट जिले के कटंगी क्षेत्र के खरपड़िया में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।1
- बालाघाट जिले की लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोलेगांव में इलाज के अभाव और गरीबी के चलते एक महिला तीसरे चरण के कैंसर की गंभीर स्थिति में पहुंच गई। बताया गया है कि पैसों की तंगी के कारण इलाज में लापरवाही बरती गई और स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराया गया, जिसके कारण महिला की बीमारी इस खतरनाक स्तर तक बढ़ गई। जब इस बात की खबर स्थानीय ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने आपस में चंदा इकट्ठा किया और महिला को इलाज के लिए रायपुर एम्स भेजा। इस प्रयास में स्थानीय सिविल अस्पताल लांजी के बीएमओ डॉ. अक्षय उपराड़े और उनके चिकित्सकीय स्टाफ ने भी तत्परता दिखाई और महिला को तुरंत वहां से रेफर कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई में ग्रामीणों ने अपने सेवा भाव से सड़क को एक नई पहचान दी है। यहाँ विकास पूरी तरह से गड्ढों में फंसा हुआ था, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी पहल और सेवा भाव के जरिए सड़क की सूरत बदल दी है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की जनपद पंचायत कुरई के अंतर्गत आने वाले ग्राम चक्की खमरिया से सिमरिया मार्ग की खस्ताहाली को ग्रामीणों ने खुद के प्रयास से दूर कर दिया है। दरअसल, स्कूली बच्चों को अपने अध्यापन कार्य के लिए आने-जाने और स्थानीय किसानों को कृषि कार्य हेतु इस मार्ग पर आवागमन करने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्रामीण जनों ने किसी सरकारी मदद का इंतजार किए बिना स्वयं के खर्चे और श्रमदान से सड़क के गड्ढों को भर डाला। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास और आत्मनिर्भर कदम से अब इस पूरे मार्ग पर लोगों का आवागमन बेहद सुगम और आसान हो गया है।1
- बालाघाट में पिछले 10 साल से बिना परमिट के ही स्कूली वाहन दौड़ रहे थे, जिसके बाद अब जाकर प्रशासन जागा है। विभाग की जांच में इस पूरी लापरवाही की पोल खुल गई है, जिससे इन वाहनों के फिटनेस और उनके बीमा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद अब परमिट बनवाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा और परिवहन विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।1