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विजयपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बैनीपुरा में विद्युत विभाग द्वारा पुरानी एवं जर्जर केबल को हटाकर नई केबल डलवाई गई। लंबे समय से हादसे की आशंका के बीच ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नई केबल डलने से विद्युत व्यवस्था में सुधार के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी कम हुआ है।

3 hrs ago
user_बलवीर धाकड़
बलवीर धाकड़
Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago
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विजयपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बैनीपुरा में विद्युत विभाग द्वारा पुरानी एवं जर्जर केबल को हटाकर नई केबल डलवाई गई। लंबे समय से हादसे की आशंका के बीच ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नई केबल डलने से विद्युत व्यवस्था में सुधार के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी कम हुआ है।

More news from Sheopur and nearby areas
  • सगाई के बाद शादी में अड़चन, प्रेमी जोड़े ने गाजियाबाद पहुंचकर रचाई शादी ❤️ श्योपुर जिले के युवक और राजस्थान की युवती की सगाई के बाद कथित तौर पर शादी को लेकर परिजनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। युवती की कहीं और शादी कराने की चर्चा के बीच दोनों प्रेमी घर से दूर गाजियाबाद पहुंचे और अपनी मर्जी से शादी कर ली। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। श्योपुर जिले में प्रेम विवाह और पारिवारिक विवाद से जुड़े ऐसे कई मामले अब तक लगातार सामने आ रहे हैं‌। ऐसा क्यों? #Sheopur #Ghaziabad #LoveMarriage #ViralNews #श्योपुर #पत्रकार #विजयपुर
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    सगाई के बाद शादी में अड़चन, प्रेमी जोड़े ने गाजियाबाद पहुंचकर रचाई शादी ❤️
श्योपुर जिले के युवक और राजस्थान की युवती की सगाई के बाद कथित तौर पर शादी को लेकर परिजनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। युवती की कहीं और शादी कराने की चर्चा के बीच दोनों प्रेमी घर से दूर गाजियाबाद पहुंचे और अपनी मर्जी से शादी कर ली। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। श्योपुर जिले में प्रेम विवाह और पारिवारिक विवाद से जुड़े ऐसे कई मामले अब तक लगातार सामने आ रहे हैं‌। ऐसा क्यों?
#Sheopur #Ghaziabad #LoveMarriage #ViralNews #श्योपुर #पत्रकार  #विजयपुर
    user_Rahul Rajak
    Rahul Rajak
    Court reporter Vijaypur, Sheopur•
    12 hrs ago
  • श्मशान घाट की राह बनी कीचड़ का दलदल, अंतिम यात्रा में फिसलकर गिरे लोग सरपंच-सचिव को कई बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरा रास्ता, ग्रामीणों ने निर्माण राशि के उपयोग की जांच की मांग की विजयपुर-सरकार गांव-गांव विकास पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन विजयपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत इकलौद के गांव दूल्हा वाला में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यह रास्ता इतना खराब हो गया है कि अंतिम यात्रा तक मुश्किल में पड़ गई। हाल ही में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा के दौरान कीचड़ में फिसलकर कई लोगों के गिरने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी लोई रावत (95 वर्ष) के निधन के बाद जब उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में अत्यधिक कीचड़ होने के कारण शवयात्रा में शामिल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग फिसलकर कीचड़ में गिर गए।ऐसे समय में जब परिवार पहले ही दुख में था, खराब रास्ते ने अंतिम यात्रा को भी मुश्किल बना दिया। *शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी?* ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के रास्ते की समस्या को लेकर पंचायत के सरपंच और सचिव को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी सुधार नहीं कराया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रास्ते के निर्माण या सुधार के नाम पर राशि खर्च किए जाने के बावजूद मौके पर सड़क की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते पर मिट्टी अथवा पुरानी निर्माण सामग्री डाले जाने का काम भी संतोषजनक तरीके से नहीं किया गया। बारिश होते ही यही रास्ता दलदल में बदल गया, जिससे आवागमन पूरी तरह मुश्किल हो गया है। *कागजों में विकास या जमीन पर?* दूल्हा वाला की बदहाल सड़क ने पंचायत स्तर पर कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की योजनाएं गांवों तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति कई जगह अलग तस्वीर दिखाती नजर आती है। सवाल यह है कि यदि श्मशान घाट जैसे बुनियादी रास्ते की स्थिति इतनी खराब है तो विकास कार्यों की निगरानी कौन कर रहा है? यदि रास्ते के सुधार के लिए राशि खर्च हुई है तो उसका वास्तविक उपयोग मौके पर कितना हुआ? क्या संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया या विकास कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित रह गए? ग्रामीणों ने श्मशान घाट के रास्ते का तत्काल सुधार कराने के साथ निर्माण कार्य में खर्च राशि, कार्य की गुणवत्ता और मौके की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और बदहाल रास्ते को कब तक दुरुस्त कराया जाता है।
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    श्मशान घाट की राह बनी कीचड़ का दलदल, अंतिम यात्रा में फिसलकर गिरे लोग सरपंच-सचिव को कई बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरा रास्ता, ग्रामीणों ने निर्माण राशि के उपयोग की जांच की मांग की
विजयपुर-सरकार गांव-गांव विकास पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन विजयपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत इकलौद के गांव दूल्हा वाला में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यह रास्ता इतना खराब हो गया है कि अंतिम यात्रा तक मुश्किल में पड़ गई। हाल ही में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा के दौरान कीचड़ में फिसलकर कई लोगों के गिरने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी लोई रावत (95 वर्ष) के निधन के बाद जब उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में अत्यधिक कीचड़ होने के कारण शवयात्रा में शामिल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग फिसलकर कीचड़ में गिर गए।ऐसे समय में जब परिवार पहले ही दुख में था, खराब रास्ते ने अंतिम यात्रा को भी मुश्किल बना दिया।
*शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी?*
ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के रास्ते की समस्या को लेकर पंचायत के सरपंच और सचिव को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी सुधार नहीं कराया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रास्ते के निर्माण या सुधार के नाम पर राशि खर्च किए जाने के बावजूद मौके पर सड़क की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते पर मिट्टी अथवा पुरानी निर्माण सामग्री डाले जाने का काम भी संतोषजनक तरीके से नहीं किया गया। बारिश होते ही यही रास्ता दलदल में बदल गया, जिससे आवागमन पूरी तरह मुश्किल हो गया है।
*कागजों में विकास या जमीन पर?*
दूल्हा वाला की बदहाल सड़क ने पंचायत स्तर पर कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की योजनाएं गांवों तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति कई जगह अलग तस्वीर दिखाती नजर आती है। सवाल यह है कि यदि श्मशान घाट जैसे बुनियादी रास्ते की स्थिति इतनी खराब है तो विकास कार्यों की निगरानी कौन कर रहा है? यदि रास्ते के सुधार के लिए राशि खर्च हुई है तो उसका वास्तविक उपयोग मौके पर कितना हुआ? क्या संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया या विकास कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित रह गए? ग्रामीणों ने श्मशान घाट के रास्ते का तत्काल सुधार कराने के साथ निर्माण कार्य में खर्च राशि, कार्य की गुणवत्ता और मौके की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और बदहाल रास्ते को कब तक दुरुस्त कराया जाता है।
    user_बलवीर धाकड़
    बलवीर धाकड़
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुर कला में रसोई आने शिक्षक के खिलाफ लगाया आरोप का वीडियो वायरल
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    शासकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुर कला में रसोई आने शिक्षक के खिलाफ लगाया आरोप का वीडियो वायरल
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ब्रैकिग शिवपुरी - पोहरी अनुविभाग अंर्तगत गोपालपुर थाना क्षेत्र की घटना गुम में हुई 8 लाख रुपए कीमत की 11 भैसों को पुलिस ने 24 घँटे में खोज निकाला शिवपुरी जिले के थाना गोपालपुर पुलिस द्वारा गुम हुई 11 भैसों को जंगल से सर्चिंग कर दस्तयाब कर पशु मालिक सुपुर्द की गई। पुलिस के अनुसार 13 सितम्बर को फरियादी रामवीर गुर्जर नि.ग्राम ईमलिया थाना गोपालपुर द्वारा पुलिस को बताया कि उसकी 11 नग भैंसे ग्राम पाडरखेडा के जंगल में चरते-चरते कही गुम हो गई।जिन्हें काफी ढूंढा लेकिन भैंसे मिल नही रही है।पशु मालिक की शिकायत पर गुम हुई मवेशी के मामले को जांच में लिया गया।और पुलिस ने जंगल मे सर्च ऑपरेशन शुरू किया और पाडरखेडा के जंगल में सर्चिंग के दौरान दिनांक 14 सितम्बर को यानी 24 घँटे में पुलिस ने 11 भैसों को खोज निकाला और पशु मालिक को सुपुर्द कर दिया गया। पशु मालिक के अनुसार गुम हुई उसकी 11 भैसों कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है
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    ब्रैकिग शिवपुरी - पोहरी अनुविभाग अंर्तगत गोपालपुर थाना क्षेत्र की घटना

गुम में हुई 8 लाख रुपए कीमत की 11 भैसों को पुलिस ने 24 घँटे में खोज निकाला

शिवपुरी जिले के थाना गोपालपुर पुलिस द्वारा गुम हुई 11 भैसों को जंगल से सर्चिंग कर दस्तयाब कर पशु मालिक सुपुर्द की गई।
पुलिस के अनुसार 13 सितम्बर को फरियादी रामवीर गुर्जर नि.ग्राम ईमलिया थाना गोपालपुर द्वारा पुलिस को बताया कि उसकी 11 नग भैंसे ग्राम पाडरखेडा के जंगल में चरते-चरते कही गुम हो गई।जिन्हें काफी ढूंढा लेकिन भैंसे मिल नही रही है।पशु मालिक की शिकायत पर गुम हुई मवेशी के मामले को जांच में लिया गया।और पुलिस ने जंगल मे सर्च ऑपरेशन शुरू किया और पाडरखेडा के जंगल में सर्चिंग के दौरान दिनांक 14 सितम्बर को यानी 24 घँटे में पुलिस ने 11 भैसों को खोज निकाला और पशु मालिक को सुपुर्द कर दिया गया।
पशु मालिक के अनुसार गुम हुई उसकी 11 भैसों कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • इस बार नहीं लगेगा बाबा महाकालेश्वर का प्रसिद्ध लक्खी मेला आचार संहिता और टाइगर रिजर्व विरोधी आंदोलन के चलते प्रशासन का फैसलाएसडीएम राकेश कुमार न्योल बोले- कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता सरमथुरा। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हर वर्ष भाद्रपद मास में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर का लक्खी मेला इस बार आयोजित नहीं होगा। प्रशासन ने नगर पालिका चुनाव की आचार संहिता और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन को देखते हुए मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में नगर पालिका चुनाव के चलते क्षेत्र में आचार संहिता लागू है। वहीं टाइगर रिजर्व के विरोध में ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन भी जारी है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। एसडीएम ने बताया कि बाबा महाकालेश्वर के मेले में हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरमथुरा सहित आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से पहुंचते हैं। मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त इंतजाम की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है। दर्शन पर रोक नहीं, मेला मैदान में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला स्थगित होने का मतलब बाबा महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन पर रोक नहीं है। एसडीएम राकेश कुमार न्योल ने बताया कि श्रद्धालु सामान्य रूप से आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि मेला मैदान में दुकानदारों को दुकानें लगाने की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जाएगी। प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। श्रद्धालुओं में निराशा, दुकानदार भी लौटने लगे लक्खी मेला स्थगित होने की खबर से बाबा महाकाल के श्रद्धालुओं में निराशा है। यह मेला क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है और इसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं मेला स्थगित होने की जानकारी के अभाव में कुछ दुकानदार सामान लेकर सरमथुरा पहुंच गए थे। प्रशासन के निर्णय की जानकारी मिलने के बाद ऐसे दुकानदार मायूस होकर वापस अपने घर लौटने लगे। श्रद्धालुओं ने मेले के स्थगन पर निराशा जताई, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
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    इस बार नहीं लगेगा बाबा महाकालेश्वर का प्रसिद्ध लक्खी मेला

आचार संहिता और टाइगर रिजर्व विरोधी आंदोलन के चलते प्रशासन का फैसलाएसडीएम राकेश कुमार न्योल बोले- कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता

सरमथुरा। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हर वर्ष भाद्रपद मास में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर का लक्खी मेला इस बार आयोजित नहीं होगा। प्रशासन ने नगर पालिका चुनाव की आचार संहिता और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन को देखते हुए मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में नगर पालिका चुनाव के चलते क्षेत्र में आचार संहिता लागू है। वहीं टाइगर रिजर्व के विरोध में ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन भी जारी है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
एसडीएम ने बताया कि बाबा महाकालेश्वर के मेले में हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरमथुरा सहित आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से पहुंचते हैं। मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त इंतजाम की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
दर्शन पर रोक नहीं, मेला मैदान में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला स्थगित होने का मतलब बाबा महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन पर रोक नहीं है। एसडीएम राकेश कुमार न्योल ने बताया कि श्रद्धालु सामान्य रूप से आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
हालांकि मेला मैदान में दुकानदारों को दुकानें लगाने की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जाएगी। प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
श्रद्धालुओं में निराशा, दुकानदार भी लौटने लगे
लक्खी मेला स्थगित होने की खबर से बाबा महाकाल के श्रद्धालुओं में निराशा है। यह मेला क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है और इसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
वहीं मेला स्थगित होने की जानकारी के अभाव में कुछ दुकानदार सामान लेकर सरमथुरा पहुंच गए थे। प्रशासन के निर्णय की जानकारी मिलने के बाद ऐसे दुकानदार मायूस होकर वापस अपने घर लौटने लगे।
श्रद्धालुओं ने मेले के स्थगन पर निराशा जताई, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
    user_Dileep parmar
    Dileep parmar
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • कांग्रेस के बागी एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने दर्ज की धमाकेदार जीत, वार्ड 19 से निर्दलीय लड़े थे चुनाव समर्थकों में जश्न का माहौल हिंडौन नगर निकाय चुनाव के सोमवार को आए नतीजों ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 274 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। गौरतलब है कि नगर निकाय चुनाव के दौरान स्थानीय कांग्रेस विधायक अनिता जाटव ने अब्दुल मुगनी खान का टिकट काट दिया था। पार्टी के इस फैसले से असंतुष्ट उनके समर्थकों और वार्ड वासियों के कहने पर उन्होंने पार्टी से बगावत करते हुए वार्ड 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। जनता ने पार्टी के फैसले के विपरीत जाकर अब्दुल मुगनी खान के पक्ष में एकतरफा मतदान किया और उन्हें विजयी बनाया।जीत की खबर मिलते ही समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। समर्थकों ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया।मुगनी के भतीजे अब्दुल हादी खान उर्फ निक्की ने मंगलवार सुबह 10:00 बजे बताया कि वार्ड 19 की जनता का दिल से आभार है जिन्हौने फिर भरोसा जताया.उन्होंने कहा कि यह जीत वार्ड के प्रत्येक नागरिक के अटूट विश्वास और सहयोग की जीत है। इस शानदार जीत के बाद एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान के निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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    कांग्रेस के बागी एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने दर्ज की धमाकेदार जीत, वार्ड 19 से निर्दलीय लड़े थे चुनाव समर्थकों में जश्न का माहौल
हिंडौन नगर निकाय चुनाव के सोमवार को आए नतीजों ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 274 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। गौरतलब है कि नगर निकाय चुनाव के दौरान स्थानीय कांग्रेस विधायक अनिता जाटव ने अब्दुल मुगनी खान का टिकट काट दिया था। पार्टी के इस फैसले से असंतुष्ट उनके समर्थकों और वार्ड वासियों के कहने पर उन्होंने पार्टी से बगावत करते हुए वार्ड 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। जनता ने पार्टी के फैसले के विपरीत जाकर अब्दुल मुगनी खान के पक्ष में एकतरफा मतदान किया और उन्हें विजयी बनाया।जीत की खबर मिलते ही समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। समर्थकों ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया।मुगनी के भतीजे अब्दुल हादी खान उर्फ निक्की ने मंगलवार सुबह 10:00 बजे बताया कि वार्ड 19 की जनता का दिल से आभार है जिन्हौने फिर भरोसा जताया.उन्होंने कहा कि यह जीत वार्ड के प्रत्येक नागरिक के अटूट विश्वास और सहयोग की जीत है। इस शानदार जीत के बाद एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान के निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • रामपुर कलां थाना क्षेत्र में दो बच्चों के साथ अन्य लोगों के होने की आशंका पर गवाह महिला ने क्या कहा सुनिए
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    रामपुर कलां थाना क्षेत्र में दो बच्चों के साथ अन्य लोगों के होने की आशंका पर गवाह महिला ने क्या कहा सुनिए
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • नाबालिग से गैंगरेप मामले में दबाव बनाने का आरोप, परिजनों ने एसडीओपी को सौंपा आवेदन बोले- बयान बदलने के लिए धमकाया जा रहा, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग विजयपुर। नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने सोमवार को एसडीओपी विजयपुर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि मामले में बयान बदलने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। परिजनों ने विजयपुर थाना प्रभारी पर भी आरोपियों के पक्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में परिजनों ने बताया कि 22 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट विजयपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 26 अगस्त को बालिका को बरामद किया। इसके बाद 27 अगस्त को न्यायालय में दिए बयान में बालिका ने आरोपियों के नाम बताए।परिजनों के अनुसार, मामले में दल्लो गुर्जर, शैलू यादव और अत्र धाकड़ पर बारी-बारी से दुष्कर्म करने के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि 31 अगस्त की रात विजयपुर थाना प्रभारी द्वारा उन्हें, बालिका और उसकी भाभी को थाने बुलाया गया तथा बयान नहीं देने की चेतावनी दी गई। आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के मुताबिक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।परिजनों ने एसडीओपी से आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके मकानों पर कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से मामले में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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    नाबालिग से गैंगरेप मामले में दबाव बनाने का आरोप, परिजनों ने एसडीओपी को सौंपा आवेदन
बोले- बयान बदलने के लिए धमकाया जा रहा, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग
विजयपुर। नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने सोमवार को एसडीओपी विजयपुर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि मामले में बयान बदलने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। परिजनों ने विजयपुर थाना प्रभारी पर भी आरोपियों के पक्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में परिजनों ने बताया कि 22 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट विजयपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 26 अगस्त को बालिका को बरामद किया। इसके बाद 27 अगस्त को न्यायालय में दिए बयान में बालिका ने आरोपियों के नाम बताए।परिजनों के अनुसार, मामले में दल्लो गुर्जर, शैलू यादव और अत्र धाकड़ पर बारी-बारी से दुष्कर्म करने के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि 31 अगस्त की रात विजयपुर थाना प्रभारी द्वारा उन्हें, बालिका और उसकी भाभी को थाने बुलाया गया तथा बयान नहीं देने की चेतावनी दी गई।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।परिजनों ने एसडीओपी से आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके मकानों पर कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से मामले में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
    user_Dileep kushwah
    Dileep kushwah
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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