अम्बिकापुर में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई तेज़ बारिश ने शहर और आसपास के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनेक स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते पाँच घंटे से अधिक समय तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस घटना ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह कि क्या बिजली वितरण में निम्न गुणवत्ता (थर्ड क्वालिटी) के मटेरियल और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि महज़ एक घंटे की तेज़ बारिश से पूरी व्यवस्था चरमरा जाए, तो यह रखरखाव, गुणवत्ता और तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। बार-बार करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब जनता जानना चाहती है कि क्या बिजली लाइनों का समय पर रखरखाव किया गया था, क्या उपयोग किए गए पोल, तार और अन्य उपकरण निर्धारित गुणवत्ता के थे, और आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल, लोग जल्द से जल्द बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अम्बिकापुर में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई तेज़ बारिश ने शहर और आसपास के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनेक स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते पाँच घंटे से अधिक समय तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस घटना ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह कि क्या बिजली वितरण में निम्न गुणवत्ता (थर्ड क्वालिटी) के मटेरियल और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि महज़ एक घंटे की तेज़ बारिश से पूरी व्यवस्था चरमरा जाए, तो यह रखरखाव, गुणवत्ता और तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। बार-बार करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब जनता जानना चाहती है कि क्या बिजली लाइनों का समय पर रखरखाव किया गया था, क्या उपयोग किए गए पोल, तार और अन्य उपकरण निर्धारित गुणवत्ता के थे, और आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल, लोग जल्द से जल्द बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- अम्बिकापुर में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई तेज़ बारिश ने शहर और आसपास के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनेक स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते पाँच घंटे से अधिक समय तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस घटना ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह कि क्या बिजली वितरण में निम्न गुणवत्ता (थर्ड क्वालिटी) के मटेरियल और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि महज़ एक घंटे की तेज़ बारिश से पूरी व्यवस्था चरमरा जाए, तो यह रखरखाव, गुणवत्ता और तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। बार-बार करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब जनता जानना चाहती है कि क्या बिजली लाइनों का समय पर रखरखाव किया गया था, क्या उपयोग किए गए पोल, तार और अन्य उपकरण निर्धारित गुणवत्ता के थे, और आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल, लोग जल्द से जल्द बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने आगामी वीबी राम जी योजना के संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी रूप से चालू हो जाएगी।1
- अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।1
- अंबिकापुर में एक ऑडियो वायरल होने के बाद, अब बलरामपुर से एक वीडियो के वायरल होने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बलरामपुर में आखिर क्या चल रहा है।1
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- पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव और प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिंह ग्राम नकटी पहुँचे।1
- सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पड़ोसी से हुए विवाद के बाद बुधराम नामक एक युवक ने अपने पड़ोसी जीतू नागेश (45 वर्ष, निवासी बरगीडीह राईंखुर्द) पर गैंती से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। इस हमले से जीतू गंभीर रूप से घायल होकर अपने घर के सामने ही लहूलुहान हालत में गिर गए। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बुधराम ने आस-पास के लोगों से कहा कि उसने जीतू को मार दिया है और अब वह जेल जाएगा। इसके बाद वह अपने घर जाकर सो गया। पड़ोसियों ने जब बुधराम की बातें सुनीं तो वे जीतू के पास पहुँचे और उन्हें बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। उन्होंने तुरंत खेत में धान की रोपाई कर रहे जीतू के परिवार के सदस्यों को घटना की सूचना दी। परिजन तत्काल घर पहुँचे और जीतू को गंभीर हालत में इलाज के लिए अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहाँ आरोपी बुधराम के पुत्र ने भी इसमें मदद की। अस्पताल में जाँच के बाद डॉक्टरों ने जीतू को मृत घोषित कर दिया। इस सूचना पर अस्पताल पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामले को लुंड्रा पुलिस को भेज दिया गया है, जहाँ मृतक के परिजनों ने इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।1