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अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।
Ashish Kumar tirkey
अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।
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- अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।1
- अंबिकापुर में एक ऑडियो वायरल होने के बाद, अब बलरामपुर से एक वीडियो के वायरल होने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बलरामपुर में आखिर क्या चल रहा है।1
- अम्बिकापुर में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई तेज़ बारिश ने शहर और आसपास के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनेक स्थानों पर बिजली के तार टूटने और खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते पाँच घंटे से अधिक समय तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस घटना ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह कि क्या बिजली वितरण में निम्न गुणवत्ता (थर्ड क्वालिटी) के मटेरियल और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि महज़ एक घंटे की तेज़ बारिश से पूरी व्यवस्था चरमरा जाए, तो यह रखरखाव, गुणवत्ता और तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। बार-बार करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में बिजली व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब जनता जानना चाहती है कि क्या बिजली लाइनों का समय पर रखरखाव किया गया था, क्या उपयोग किए गए पोल, तार और अन्य उपकरण निर्धारित गुणवत्ता के थे, और आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल, लोग जल्द से जल्द बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।1
- सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने आगामी वीबी राम जी योजना के संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी रूप से चालू हो जाएगी।1
- सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।1
- सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पड़ोसी से हुए विवाद के बाद बुधराम नामक एक युवक ने अपने पड़ोसी जीतू नागेश (45 वर्ष, निवासी बरगीडीह राईंखुर्द) पर गैंती से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। इस हमले से जीतू गंभीर रूप से घायल होकर अपने घर के सामने ही लहूलुहान हालत में गिर गए। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बुधराम ने आस-पास के लोगों से कहा कि उसने जीतू को मार दिया है और अब वह जेल जाएगा। इसके बाद वह अपने घर जाकर सो गया। पड़ोसियों ने जब बुधराम की बातें सुनीं तो वे जीतू के पास पहुँचे और उन्हें बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। उन्होंने तुरंत खेत में धान की रोपाई कर रहे जीतू के परिवार के सदस्यों को घटना की सूचना दी। परिजन तत्काल घर पहुँचे और जीतू को गंभीर हालत में इलाज के लिए अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहाँ आरोपी बुधराम के पुत्र ने भी इसमें मदद की। अस्पताल में जाँच के बाद डॉक्टरों ने जीतू को मृत घोषित कर दिया। इस सूचना पर अस्पताल पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामले को लुंड्रा पुलिस को भेज दिया गया है, जहाँ मृतक के परिजनों ने इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।1