दिनांक 27.07.2026 को समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन फर्रुखाबाद के जिला कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ में सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिमा राज्यपाल के नाम संबोधित करके दिया गया। सपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने की प्रस्तावित कार्यवाही को रोका जाए। यह कार्यवाही हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ी हुई है। सपा का मानना है कि प्रशासनिक या कानूनी कार्यवाही संविधान, कानून और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कोई विवाद है तो उसका समाधान विधि संवत् प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय की स्थापना रामपुर जनपद में क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए की गई थी। सत्तारूढ़ पार्टी पर राजनीतिक द्वेष भावना से ग्रसित होकर विश्वविद्यालय की बिल्डिंगों को ध्वस्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। सपा ने यह भी दावा किया है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा आर० बी० एक्ट 1958 के अंतर्गत रेगुलेटेड एरिया में शामिल नहीं था, इसलिए आर० बी० एक्ट के अंतर्गत भी अनुमति प्रदान किया जाना संभव नहीं था। साथ ही, यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय का निर्माण पूर्ण हो चुका था, तब जाकर ग्राम सींगनखेड़ा को रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया था। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मांग की है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश को रद्द किया जाए और उचित वैधानिक रास्ता निकाला जाए। इस दौरान समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष साजिद अली खान, पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री/जिलाध्यक्ष राम सेवक सिंह यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, प्रदेश सचिव/पूर्व प्रत्याशी सर्वेश अंबेडकर, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला महासचिव इलियास मंसूरी, हाजी अहमद अंसारी, जिला उपाध्यक्ष मारिया आलम, डॉ0 जेपी वर्मा, सिराजुल अफाक मुन्ना, कमल हसन, डॉ0 नवरंग सिंह यादव, मुदस्सिर खां सभासद, रफी अंसारी सभासद, छोटे अंसारी सभासद, रफी अहमद, मुजाहिद अंसारी, पवन कठेरिया प्रधान, चांद खान, रवि पांडे, अनुराग यादव, अमित कठेरिया, फैजल खान, ओम प्रकाश शर्मा, रामशरण कठेरिया, इजहार खां, देवेंद्र सिंह यादव, फुरकान अहमद, इरफान खान, शाहरुख, अमित यादव, शिवम पटेल, मिर्जा समीर वेग, जितेंद्र यादव सिरौली, रामपाल सिंह यादव, अरविंद कुशवाहा, रिजवान, बीना शर्मा, बिल्लू श्रीवास्तव, माजिद अली, राजपाल यादव, फारूक अली, अजीम खान, रोशन खान, मुशीर खान, रमजान मंसूरी, इरफान, फैजान खान, आलम शेख आदि सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
दिनांक 27.07.2026 को समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन फर्रुखाबाद के जिला कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ में सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिमा राज्यपाल के नाम संबोधित करके दिया गया। सपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने की प्रस्तावित कार्यवाही को रोका जाए। यह कार्यवाही हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ी हुई है। सपा का मानना है कि प्रशासनिक या कानूनी कार्यवाही संविधान, कानून और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कोई विवाद है तो उसका समाधान विधि संवत् प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय की स्थापना रामपुर जनपद में क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए की गई थी। सत्तारूढ़ पार्टी पर राजनीतिक द्वेष भावना से ग्रसित होकर विश्वविद्यालय की बिल्डिंगों को ध्वस्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। सपा ने यह भी दावा किया है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा आर० बी० एक्ट 1958 के अंतर्गत रेगुलेटेड एरिया में शामिल नहीं था, इसलिए आर० बी० एक्ट के अंतर्गत भी अनुमति प्रदान किया जाना संभव नहीं था। साथ ही, यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय का निर्माण पूर्ण हो चुका था, तब जाकर ग्राम सींगनखेड़ा को रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया था। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मांग की है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश को रद्द किया जाए और उचित वैधानिक रास्ता निकाला जाए। इस दौरान समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष साजिद अली खान, पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री/जिलाध्यक्ष राम सेवक सिंह यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, प्रदेश सचिव/पूर्व प्रत्याशी सर्वेश अंबेडकर, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला महासचिव इलियास मंसूरी, हाजी अहमद अंसारी, जिला उपाध्यक्ष मारिया आलम, डॉ0 जेपी वर्मा, सिराजुल अफाक मुन्ना, कमल हसन, डॉ0 नवरंग सिंह यादव, मुदस्सिर खां सभासद, रफी अंसारी सभासद, छोटे अंसारी सभासद, रफी अहमद, मुजाहिद अंसारी, पवन कठेरिया प्रधान, चांद खान, रवि पांडे, अनुराग यादव, अमित कठेरिया, फैजल खान, ओम प्रकाश शर्मा, रामशरण कठेरिया, इजहार खां, देवेंद्र सिंह यादव, फुरकान अहमद, इरफान खान, शाहरुख, अमित यादव, शिवम पटेल, मिर्जा समीर वेग, जितेंद्र यादव सिरौली, रामपाल सिंह यादव, अरविंद कुशवाहा, रिजवान, बीना शर्मा, बिल्लू श्रीवास्तव, माजिद अली, राजपाल यादव, फारूक अली, अजीम खान, रोशन खान, मुशीर खान, रमजान मंसूरी, इरफान, फैजान खान, आलम शेख आदि सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में रविवार रात करीब 9 बजे एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात नेशनल हाईवे पर पांचाल घाट के पास हुई। 32 साल के अरुण अपनी पत्नी राखी और बच्चे के साथ वाराणसी से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। रास्ते में वह कोल्ड ड्रिंक और चिप्स लेने के लिए एक दुकान पर रुके थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की कार से आए बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। अरुण को दो गोलियां लगीं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही कादरी गेट थाना पुलिस, सीओ सिटी अभय वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। अरुण के शव को लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मोर्चरी में रखवाया। पुलिस फिलहाल मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अपने कब्जे में ले लिया है। एसपी आरती सिंह ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई है। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और पता चला कि यह व्यक्ति शुक्रवार को अपने घर से बनारस जाने के लिए निकला था और आज वापस अपने घर फरीदाबाद जा रहा था। कुछ सामान खरीदने के लिए यह लोग एक दुकान पर उतरे थे, जहां पर दो युवकों द्वारा फायरिंग की गई। गोली लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शव का पंचायत नामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन से पूछताछ की जा रही है। पत्नी और एक बच्चा भी साथ में है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। टीमें लगा दी गई है और सीसीटीवी फुटेज में कुछ क्लू मिले हैं। जल्दी इस घटना का अनावरण किया जाएगा।3
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। पाली के निवासी बबलू पुत्र स्व0 सफी अहमद और इशरत पुत्र स्व0 शाबिर अली अपने एक दोस्त को आंझी स्टेशन छोड़ने के बाद स्कूटी से वापस पाली लौट रहे थे। तभी दरियापुर मोड़ के पास एक तेज रफ़्तार पिकअप ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पाली पीएचसी लाया गया जहां डॉक्टरों ने बबलू को मृत घोषित कर दिया। इशरत को ट्रामा सेंटर हरदोई रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस घटना से दोनों मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।3
- सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी की दीमक किस कदर फैल चुकी है, इसकी पोल आज हरदोई जिलाधिकारी कार्यालय में खुल गई। 10 बजे का समय... और दफ्तर में सन्नाटा! ना सिटी मजिस्ट्रेट साहब की कुर्सी पर कोई, ना ही किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी का अता-पता। बस इसी लापरवाही ने हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के कार्यकर्ताओं का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया! सिद्ध पीठ अयोध्या हनुमानगढ़ी के बैनर तले ज्ञापन सौंपने पहुंचे हिंदू सुरक्षा सेवा संघ की टीम जब समय पर दफ्तर पहुंची, तो वहां कोई ज्ञापन लेने वाला तक नहीं था। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये से नाराज होकर जिला अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और पूरी टीम ने सीधा जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर दिया। दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। गौमाता को 'राष्ट्रमाता' बनाने का शंखनाद करते हुए संघ ने 2100 दस्तखत के साथ ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की मुख्य मांगें थीं: गौमाता को अविलंब 'राष्ट्रमाता' घोषित किया जाए और प्रदेश और देश भर में गौ हत्या पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लगे। संघ के पदाधिकारियों ने 2100 आम जनमानस के हस्ताक्षरों से सजा महा-अभियान का पत्र जिलाधिकारी की मेज पर टिका दिया। कार्यकर्ताओं का साफ कहना था कि गौ रक्षा और आस्था के साथ खिलवाड़ अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस बड़े प्रदर्शन और घेराव में भारी तादाद में लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव, जिला प्रभारी अनिल सक्सेना, जिला उपाध्यक्ष साहिल मिश्रा और धर्मेन्द्र राठौर, सुरसा ब्लॉक टीम के ब्लॉक अध्यक्ष अंशु शर्मा, ब्लॉक उपाध्यक्ष सुरजीत, वरिष्ठ साथी अमितेंद्र सिंह 'बबलू', रमाकांत सिंह, राम जी तिवारी, अमित सक्सेना, अमित कुमार, महेश, सरवन, पुनु, गुड्डु, अंकित सक्सेना, कुलदीप यादव, अभिजीत गुप्ता शामिल थे। नारी शक्ति की दहाड़ भी गूंजी, जिसमें नीलम, कालिंद्री, प्रियांशी सक्सेना, सावित्री सक्सेना, चाहत गुप्ता और शिवरानी वर्मा शामिल थीं। स्पष्ट संदेश दिया गया कि अधिकारियों की लेटलतीफी और गौमाता के सम्मान से समझौता करने के मूड में संघ बिल्कुल नहीं है। अब देखना यह होगा कि इस 2100 हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन के बाद सोता हुआ प्रशासन कितनी जल्दी जागता है!1
- शाहाबाद पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का सामान बेचकर प्राप्त 7050 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को ग्राम अमिरता निवासी सुरेश कुमार पुत्र भैयालाल ने थाना शाहाबाद में तहरीर देकर बताया था कि तीन नामजद एवं चार अज्ञात व्यक्तियों ने उनके घर से आभूषण, गेहूं और बर्तन चोरी कर लिए थे। इस संबंध में थाना शाहाबाद पर मुकदमा अपराध संख्या 451/2026 धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोत्तरी की गई। जांच के दौरान पुलिस ने प्रकाश में आए दो आरोपियों अरविन्द पुत्र ओम प्रकाश तथा संजू पुत्र शेरसिंह, निवासी मोहल्ला खेड़ाबीबीजई, थाना शाहाबाद, जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी का सामान बेच दिया था, जिसके एवज में मिले 7050 रुपये नकद पुलिस ने बरामद कर लिए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सूर्यभान यादव, कांस्टेबल माधव सराय, कांस्टेबल कंचन सिंह तथा कांस्टेबल मोहम्मद इरफान शामिल रहे।2
- फर्रुखाबाद में तहसील और सरकारी अस्पताल के सामने भीषण जाम लगा हुआ है। इस जाम की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम के कारण अस्पताल आने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कई बार तो उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है और प्रशासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।1
- कन्नौज जिले के सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को परखा और उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। अधिकांश कर्मचारी मौके पर उपस्थित मिले, लेकिन बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डॉ. चंद्रा ने चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्सों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की पहली जांच (ANC) के दौरान ही उनके बैंक खाते की जानकारी दर्ज की जाए, ताकि प्रसव उपरांत मिलने वाली 1400 रुपये की सरकारी सहायता राशि सीधे और बिना रुकावट के उन्हें मिल सके। अस्पताल की बिजली व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए सीएमओ ने पाया कि जनरेटर पिछले चार-पांच सालों से खराब पड़ा है। वहीं ऑन-ग्रिड सोलर लाइटें बिजली कटने पर निष्प्रभावी हो जाती हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए 25 केवीए जनरेटर की मांग को लेकर शासन को पत्र भेजा गया है और कम वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए विद्युत विभाग से समन्वय किया जाएगा। समग्र कार्यप्रणाली को संतोषजनक बताते हुए भी उन्होंने अस्पताल परिसर की गंदगी और महिला शौचालयों की हालत पर कड़ा रुख अपनाया। संचारी और दस्तक अभियान के मद्देनजर परिसर की झाड़ियों और गंदगी की तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए। सीएमओ ने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही दोबारा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी।1
- फर्रुखाबाद में दो ई-रिक्शा चालकों के बीच सड़क पर तीखी नोंकझोंक हो गई। यह घटना शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक में हुई, जहां दोनों चालक आपस में भिड़ गए। बताया जा रहा है कि यह विवाद पार्किंग को लेकर शुरू हुआ। दोनों चालक एक-दूसरे पर चिल्लाते रहे और हाथापाई की नौबत आ गई। लगभग 20 मिनट तक यह हंगामा चलता रहा। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया और किसी तरह स्थिति को संभाला। हालांकि, इस दौरान यातायात बाधित रहा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।1