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भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा में जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर (89 किमी) लंबे रूट पर इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। 120 की रफ्तार और पानी को ईंधन बनाने वाली तकनीक से लैस यह ट्रेन देश की बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। 3,200 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया गया है। वर्तमान में दुनिया के केवल 3 से 4 देशों के पास ही इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। 19वीं सदी में जहां रेलवे की पहचान भाप से चलने वाले स्टीम इंजन से थी, वहीं 20वीं सदी में डीजल और बिजली की ट्रेनें आईं और अब 21वीं सदी में रेलवे हाइड्रोजन तकनीक की ओर बढ़ चुका है। भविष्य में इस आधुनिक तकनीक का देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि देश के नागरिक खुद यह तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो हमारे शहर और राज्य पूरी तरह स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह हाइड्रोजन ट्रेन जहां एक ओर भारत की शानदार तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, वहीं स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रतीक है।

1 hr ago
user_Umesh chandra patrkar
Umesh chandra patrkar
Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा में जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर (89 किमी) लंबे रूट पर इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। 120 की रफ्तार और पानी को ईंधन बनाने वाली तकनीक से लैस यह ट्रेन देश की बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। 3,200 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया गया है। वर्तमान में दुनिया के केवल 3 से 4 देशों के पास ही इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। 19वीं सदी में जहां रेलवे की पहचान भाप से चलने वाले स्टीम इंजन से थी, वहीं 20वीं सदी में डीजल और बिजली की ट्रेनें आईं और अब 21वीं सदी में रेलवे हाइड्रोजन तकनीक की ओर बढ़ चुका है। भविष्य में इस आधुनिक तकनीक का देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि देश के नागरिक खुद यह तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो हमारे शहर और राज्य पूरी तरह स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह हाइड्रोजन ट्रेन जहां एक ओर भारत की शानदार तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, वहीं स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रतीक है।

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  • भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा में जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर (89 किमी) लंबे रूट पर इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। 120 की रफ्तार और पानी को ईंधन बनाने वाली तकनीक से लैस यह ट्रेन देश की बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। 3,200 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया गया है। वर्तमान में दुनिया के केवल 3 से 4 देशों के पास ही इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। 19वीं सदी में जहां रेलवे की पहचान भाप से चलने वाले स्टीम इंजन से थी, वहीं 20वीं सदी में डीजल और बिजली की ट्रेनें आईं और अब 21वीं सदी में रेलवे हाइड्रोजन तकनीक की ओर बढ़ चुका है। भविष्य में इस आधुनिक तकनीक का देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि देश के नागरिक खुद यह तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो हमारे शहर और राज्य पूरी तरह स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह हाइड्रोजन ट्रेन जहां एक ओर भारत की शानदार तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, वहीं स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रतीक है।
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    भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा में जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर (89 किमी) लंबे रूट पर इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। 120 की रफ्तार और पानी को ईंधन बनाने वाली तकनीक से लैस यह ट्रेन देश की बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। 3,200 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया गया है। वर्तमान में दुनिया के केवल 3 से 4 देशों के पास ही इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता है।

यह बदलाव भारतीय रेलवे के एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। 19वीं सदी में जहां रेलवे की पहचान भाप से चलने वाले स्टीम इंजन से थी, वहीं 20वीं सदी में डीजल और बिजली की ट्रेनें आईं और अब 21वीं सदी में रेलवे हाइड्रोजन तकनीक की ओर बढ़ चुका है। भविष्य में इस आधुनिक तकनीक का देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि देश के नागरिक खुद यह तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो हमारे शहर और राज्य पूरी तरह स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह हाइड्रोजन ट्रेन जहां एक ओर भारत की शानदार तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, वहीं स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रतीक है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • विधायक राजमणि कोल ने विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि विकास सामने दिखता है और योगी आदित्यनाथ जी का विकास बोलता है। पर्यटन विभाग और जय वीर सिंह का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इससे पूर्व बड़वारी कला में धनराशि प्राप्त हुई थी। इसके बाद अब सुभाष महुआये में ₹1 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
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    विधायक राजमणि कोल ने विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि विकास सामने दिखता है और योगी आदित्यनाथ जी का विकास बोलता है। पर्यटन विभाग और जय वीर सिंह का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इससे पूर्व बड़वारी कला में धनराशि प्राप्त हुई थी। इसके बाद अब सुभाष महुआये में ₹1 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अंतर्गत आने वाले कोरांव में पिछले 20 दिनों से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी परेशानी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अंतर्गत आने वाले कोरांव में पिछले 20 दिनों से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी परेशानी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
    user_Surendr Kumar
    Surendr Kumar
    कोरांव, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • प्रयागराज में गंगा जमुना में पानी बढ़ने के साथ ही डॉल्फिन देखी गई है। कुछ समय के लिए यह डॉल्फिन पानी में ऊपर-नीचे करती हुई लोगों को दिखाई दी।
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    प्रयागराज में गंगा जमुना में पानी बढ़ने के साथ ही डॉल्फिन देखी गई है। कुछ समय के लिए यह डॉल्फिन पानी में ऊपर-नीचे करती हुई लोगों को दिखाई दी।
    user_नावेद खान पत्रकार
    नावेद खान पत्रकार
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • प्रयागराज में गंगा-जमुना नदी के बढ़ते जल स्तर के बीच एक डॉल्फिन देखी गई है। पानी में यह डॉल्फिन कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे करती हुई लोगों को दिखाई दी।
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    प्रयागराज में गंगा-जमुना नदी के बढ़ते जल स्तर के बीच एक डॉल्फिन देखी गई है। पानी में यह डॉल्फिन कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे करती हुई लोगों को दिखाई दी।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज के झूंसी में एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक लापरवाह कार चालक ने खेलते समय जमीन पर गिरे एक बच्चे को रौंद दिया। इस हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई और यह पूरी दर्दनाक घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। झूंसी पेट्रोल पंप के बगल त्रिपाल डालकर रह रहे गरीबों के बच्चे खेल रहे थे, तभी एक बच्चा खेलते-खेलते अचानक जमीन पर गिर गया। इसी दौरान थोड़ी दूर से आ रहे एक लापरवाह कार चालक ने बच्चे के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और उसे रौंदता हुआ निकल गया। हादसे के बाद गरीब परिवार बच्चे को फ़ौरन डॉक्टर के पास लेकर गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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    प्रयागराज के झूंसी में एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक लापरवाह कार चालक ने खेलते समय जमीन पर गिरे एक बच्चे को रौंद दिया। इस हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई और यह पूरी दर्दनाक घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।

झूंसी पेट्रोल पंप के बगल त्रिपाल डालकर रह रहे गरीबों के बच्चे खेल रहे थे, तभी एक बच्चा खेलते-खेलते अचानक जमीन पर गिर गया। इसी दौरान थोड़ी दूर से आ रहे एक लापरवाह कार चालक ने बच्चे के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और उसे रौंदता हुआ निकल गया। हादसे के बाद गरीब परिवार बच्चे को फ़ौरन डॉक्टर के पास लेकर गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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