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कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कमाई करने का सुनहरा सपना दिखाकर पांच लोगों को अपने जाल में फंसा लिया है। इस घटना के कारण, धोखाधड़ी के शिकार हुए इन पांचों व्यक्तियों के परिवार इस समय गहरी चिंता और परेशानी का सामना कर रहे हैं।
AAM JANATA
कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कमाई करने का सुनहरा सपना दिखाकर पांच लोगों को अपने जाल में फंसा लिया है। इस घटना के कारण, धोखाधड़ी के शिकार हुए इन पांचों व्यक्तियों के परिवार इस समय गहरी चिंता और परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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- एक एजेंट ने अच्छा काम दिलाने का वादा करके एक व्यक्ति को चंडीगढ़ में फंसा लिया है। वहाँ ले जाने के बाद, एजेंट उनसे बर्तन धुलवाता है और उन्हें केवल बर्तन धोने के बाद ही खाने के लिए देता है, जिससे व्यक्ति खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहा है।1
- मंगलवार दोपहर 2:00 बजे गारु अरमू चौक पर जिला परिषद सदस्य जीरा देवी ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया। ये योजनाएं जिला परिषद लातेहार की ओर से वित्तपोषित हैं, जिनमें अरमू चौक पर एक यात्री शेड की मरम्मत और पुरानी अरमू में पीसीसी पथ का निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर कई लोग मौजूद थे, और इन विकास योजनाओं के शिलान्यास से स्थानीय लोगों में काफी खुशी है।1
- आदिल राज़ ने अपनी पहचान बताते हुए दर्शकों से अपने चैनल 'एवलॉग्स' का समर्थन करने का आग्रह किया है।1
- गुमला जिले के बृंदा पंचायत के कोयनारा टोंगरीटोली गांव निवासी रमेश सिंह के 22 वर्षीय बेटे गौरव सिंह का शव आज सेमरा कोडर स्थित एक केला बगीचे में पेड़ से लटका मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों ने गहरी आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा बृंदा पंचायत की मुखिया सत्यवती देवी को दी गई, जिन्होंने तत्काल उर्मी पिकेट प्रभारी अम्पा हेंब्रम को जानकारी दी। सूचना मिलते ही अम्पा हेंब्रम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचीं और पालकोट थाना पुलिस को भी बुलाया गया। दोनों थाना क्षेत्रों की पुलिस ने मिलकर कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। परिजनों ने बताया कि गौरव सिंह सोमवार को अपने दो साथियों के साथ मेला देखने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में गौरव ने अपने साथियों से कहा कि उसे एक लड़की का फोन आया है और वह उससे बात करते हुए घर आएगा। इसके बाद उसने साथियों को अपनी बाइक लेकर घर जाने के लिए कहा। हालांकि, साथी घर लौट आए, लेकिन गौरव रातभर घर नहीं पहुंचा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर कई जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर खेत में घसीटने और मारपीट होने के संकेत भी पाए गए हैं। मृतक की शर्ट आधी खुली हुई थी और उसका मोबाइल फोन भी गायब बताया जा रहा है। शरीर पर खून और चोट के इन निशानों से हत्या की आशंका और भी गहरी हो गई है। ग्रामीणों और परिजनों का मानना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटकाया गया। हालांकि, पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।1
- रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में रंगदारी मांगने और ठेले में आग लगाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त सुशांत यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कार्रवाई ठेले में आग लगाने और रंगदारी की कोशिश से संबंधित शिकायत के आधार पर दर्ज मामले के तहत की गई। जानकारी के अनुसार, वादी उमेश केसरी ने 1 जून, 2026 को सुखदेवनगर थाने में दर्ज कराए गए कम्प्यूटरीकृत आवेदन में बताया कि 25 मई, 2026 को सुशांत यादव और विक्की यादव (दोनों पिता: उमेश यादव) ने नशे की हालत में उनके पहाड़ी मंदिर के पास स्थित ठेले से 2-3 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब वादी ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और परिवार तथा जान-माल को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। इसके बाद, 27 मई, 2026 की रात लगभग 1-2 बजे के बीच किसी ने ठेले में पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वादी को अनुमानित आर्थिक नुकसान लगभग ₹80,000-85,000 हुआ। ठेले पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच में यह पुष्टि हुई कि आग लगाने वाले सुशांत और विक्की ही थे। शिकायत के आधार पर सुखदेवनगर थाने में कांड संख्या 197/26 दर्ज किया गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS0) की धारा 326(4)/324(4)/308(2)/351(2)/352/3(5) के तहत कार्रवाई की गई। त्वरित अनुसंधान के बाद, पुलिस ने 1 जून, 2026 को सुशांत यादव को गिरफ्तार किया और 2 जून, 2026 को उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। छापामारी और गिरफ्तारी में सह थाना प्रभारी श्री सुनील कुमार कुशवाहा, पु0अ0नि0 संतोष यादव, आ0-1818 मुन्ना लाल गुप्ता तथा अन्य सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने बताया है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूछताछ के लिए छानबीन जारी है, साथ ही सुखदेवनगर पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।1
- झारखंड में दामोदर नदी से इन दिनों ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का धड़ल्ले से अवैध उठाव किया जा रहा है, जिस पर प्रशासन मौन है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात नदी घाटों से बालू निकाला जा रहा है, जिससे न केवल सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी के अस्तित्व पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बालू लदे ट्रैक्टर लगातार विभिन्न मार्गों से गुजर रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। विशेषज्ञों ने भी इस अनियंत्रित बालू खनन के खतरों पर चेतावनी दी है, उनके अनुसार इससे नदी की धारा, पुल-पुलियों और पूरे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह भी बताया गया है कि झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में दामोदर नदी से अवैध बालू उठाव और ट्रैक्टरों द्वारा इसके परिवहन की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जिन पर प्रशासनिक कार्रवाई की खबरें भी प्रकाशित हुई हैं। आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच करने, अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने और इसमें शामिल दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- लातेहार में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की अदालत ने एनडीपीएस मुकदमा संख्या 19/24 की सुनवाई करते हुए अवैध रूप से अफीम रखने और तस्करी करने के दोषी विमल गंझू को अधिकतम 20 वर्षों के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो उसे 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह आदेश लातेहार में अफीम तस्करों के बीच हड़कंप मचा गया है। यह मामला तब सामने आया जब 19 मार्च 2024 को तत्कालीन थाना प्रभारी बरियातू, राजा दिलावर ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर बरियातू थाना क्षेत्र के श्रीसमाध गांव स्थित विमल गंझू के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी दल में एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम सहित पुलिस बल के सदस्य मौजूद थे। पुलिस दल के गांव पहुंचते ही विमल गंझू अपने घर से भाग गया था, जिसे बाद में पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। छापेमारी के दौरान, गवाहों की उपस्थिति में विमल गंझू के घर की तलाशी ली गई, जिसमें दो पॉलिथीन में कुल 4 किलो 77 ग्राम अफीम जब्त की गई। विधिवत कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को थाना मलखाना में सुरक्षित रखा गया और कुछ नमूने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी रांची भेजे गए। जांच में जब्त सामग्री को अफीम डोडा के रूप में पुष्टि की गई थी। जिला अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया, जिन्होंने मामले का समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, श्री सिंह की अदालत ने विमल गंझू को एनडीपीएस की धारा 17सी, 18बी और 22सी के तहत प्रत्येक में 20 वर्षों के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रत्येक जुर्माने का भुगतान न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान है। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस फैसले के तीन दिन पूर्व, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत ने भी एक अन्य मामले में सजा सुनाई थी।1
- रांची के बुढ़मू के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी घायल लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जिन्हें बुढ़मू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है। घायलों की पहचान आदित्य यादव, जीतेंद्र यादव और संजय यादव के रूप में हुई है, जिनकी आयु लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम तीनों रामगढ़ से काम से लौटकर बाइकों पर सवार होकर बुढ़मू होते हुए लातेहार जा रहे थे। इसी दौरान नाउज के समीप एक अज्ञात चारपहिया बोलेरो वाहन ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी और चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। इस दुर्घटना में तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।1
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के मड़ापानी के समीप सोमवार शाम एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार सहित चार अन्य व्यक्ति शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर कुरूमगढ़ में निर्माणाधीन अस्पताल तक ईंटें पहुँचाकर वापस लौट रहा था। मड़ापानी के पास सड़क पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर मोड़ने की कोशिश की, जिससे उसका एक पहिया सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया। इसके बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य चलाते हुए घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। वहीं, गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में सभी का उपचार जारी है।4