गुमला जिले के बृंदा पंचायत के कोयनारा टोंगरीटोली गांव निवासी रमेश सिंह के 22 वर्षीय बेटे गौरव सिंह का शव आज सेमरा कोडर स्थित एक केला बगीचे में पेड़ से लटका मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों ने गहरी आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा बृंदा पंचायत की मुखिया सत्यवती देवी को दी गई, जिन्होंने तत्काल उर्मी पिकेट प्रभारी अम्पा हेंब्रम को जानकारी दी। सूचना मिलते ही अम्पा हेंब्रम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचीं और पालकोट थाना पुलिस को भी बुलाया गया। दोनों थाना क्षेत्रों की पुलिस ने मिलकर कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। परिजनों ने बताया कि गौरव सिंह सोमवार को अपने दो साथियों के साथ मेला देखने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में गौरव ने अपने साथियों से कहा कि उसे एक लड़की का फोन आया है और वह उससे बात करते हुए घर आएगा। इसके बाद उसने साथियों को अपनी बाइक लेकर घर जाने के लिए कहा। हालांकि, साथी घर लौट आए, लेकिन गौरव रातभर घर नहीं पहुंचा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर कई जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर खेत में घसीटने और मारपीट होने के संकेत भी पाए गए हैं। मृतक की शर्ट आधी खुली हुई थी और उसका मोबाइल फोन भी गायब बताया जा रहा है। शरीर पर खून और चोट के इन निशानों से हत्या की आशंका और भी गहरी हो गई है। ग्रामीणों और परिजनों का मानना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटकाया गया। हालांकि, पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
गुमला जिले के बृंदा पंचायत के कोयनारा टोंगरीटोली गांव निवासी रमेश सिंह के 22 वर्षीय बेटे गौरव सिंह का शव आज सेमरा कोडर स्थित एक केला बगीचे में पेड़ से लटका मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों ने गहरी आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा बृंदा पंचायत की मुखिया सत्यवती देवी को दी गई, जिन्होंने तत्काल उर्मी पिकेट प्रभारी अम्पा हेंब्रम को जानकारी दी। सूचना मिलते ही अम्पा हेंब्रम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचीं और पालकोट थाना पुलिस को भी बुलाया गया। दोनों थाना क्षेत्रों की पुलिस ने मिलकर कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। परिजनों ने बताया कि गौरव सिंह सोमवार को अपने दो साथियों के साथ मेला देखने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में गौरव ने अपने साथियों से कहा कि उसे एक लड़की का फोन आया है और वह उससे बात करते हुए घर आएगा। इसके बाद उसने साथियों को अपनी बाइक लेकर घर जाने के लिए कहा। हालांकि, साथी घर लौट आए, लेकिन गौरव रातभर घर नहीं पहुंचा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर कई जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर खेत में घसीटने और मारपीट होने के संकेत भी पाए गए हैं। मृतक की शर्ट आधी खुली हुई थी और उसका मोबाइल फोन भी गायब बताया जा रहा है। शरीर पर खून और चोट के इन निशानों से हत्या की आशंका और भी गहरी हो गई है। ग्रामीणों और परिजनों का मानना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटकाया गया। हालांकि, पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
- आदिल राज़ ने अपनी पहचान बताते हुए दर्शकों से अपने चैनल 'एवलॉग्स' का समर्थन करने का आग्रह किया है।1
- डुमरी थाना क्षेत्र के निवासी धीरज बैग, जो स्वर्गीय बिनु बैग के पुत्र हैं, गुजरात से अपने घर लौटते समय लापता हो गए हैं। इस घटना के बाद से धीरज के परिजन बेहद चिंतित हैं और लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धीरज कुछ दिन पहले काम करने के लिए गुजरात के मुंद्रा गए थे, जहाँ पहुँचने के बाद उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। धीरज के साथी दिनेश महतो ने बताया कि उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्हें घर वापस लाने का फैसला किया गया। इसके बाद, सभी साथी 27 मई 2026 को अहमदाबाद से राउरकेला जाने वाली एक ट्रेन में सवार हुए। अगले दिन, 28 मई 2026 की सुबह लगभग 11 बजे, हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12833) महाराष्ट्र के जलगांव जिले स्थित भुसावल स्टेशन पर कुछ देर के लिए रुकी। इसी दौरान धीरज अपनी जनरल बोगी से दूसरी बोगी की ओर गए, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। साथियों ने ट्रेन, स्टेशन परिसर और आस-पास के इलाकों में धीरज की बहुत खोजबीन की, परंतु उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद, साथियों ने इस घटना की जानकारी परिजनों को दी। मंगलवार दोपहर 12 बजे, परिजनों ने बताया कि अब तक धीरज का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता धीरज बैग ने गुलाबी फूलदार शर्ट और आसमानी रंग की जींस पहन रखी थी, और उनका रंग हल्का सांवला है। परिजनों ने आम लोगों से भावुक अपील की है कि यदि किसी को धीरज बैग के संबंध में कोई जानकारी मिले तो वे मोबाइल नंबर 9346836905 अथवा 7355954415 पर तुरंत सूचना दें।1
- पाकरटांड़ प्रखंड के सोगड़ा पेठियार टोली में ग्रोटो आशीष एवं नव निर्माण चबूतरा के आशीष समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा और महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह के दौरान पल्ली पुरोहित फादर पात्रिक खलखो और सहायक पुरोहित फादर तरसियुस टेटे द्वारा पवित्र मिस्सा पूजा बलिदान संपन्न कराया गया। विधायक भूषण बाड़ा ने समारोह को संबोधित करते हुए समाज में प्रेम, एकता, भाईचारा और सेवा भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईश्वर में अटूट विश्वास और आपसी सहयोग की भावना के माध्यम से ही एक मजबूत एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। बाड़ा ने ग्रामीणों से समाजहित में मिल-जुलकर कार्य करने तथा नई पीढ़ी को नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। इसी क्रम में, जोसिमा खाखा ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम करते हैं। उन्होंने प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर देते हुए बताया कि सामाजिक एकजुटता से ही क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव है। इस अवसर पर समीर किंडो, प्रतिमा कुजूर, बिनीता आईंद, विक्टर खेस, अनीता बाड़ा, अरुण खेस, अर्पण खेस, कांति खेस, तारामणि केरकेट्टा सहित धर्म बहनें और बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी उपस्थित थे।1
- कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कमाई करने का सुनहरा सपना दिखाकर पांच लोगों को अपने जाल में फंसा लिया है। इस घटना के कारण, धोखाधड़ी के शिकार हुए इन पांचों व्यक्तियों के परिवार इस समय गहरी चिंता और परेशानी का सामना कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक 18 वर्षीय मूकबधिर दुष्कर्म पीड़िता युवती की मौत ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती के पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से कुछ संदिग्ध वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता को 3 अप्रैल को जशपुर स्थित सखी सेंटर में रखा गया था, जहां उसकी सुरक्षा, देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने नियमित निगरानी और उपचार का दावा किया। हालांकि, 12 मई को युवती ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाकर उपचार के बाद वापस सखी सेंटर भेज दिया गया। फिर 19 मई को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवती की असामयिक मौत के बाद हुए पोस्टमार्टम में संदिग्ध वस्तुएं मिलने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी.एस. जात्रा सहित अन्य अधिकारियों ने बताया कि इन वस्तुओं को विस्तृत जांच और विशेषज्ञ राय के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस के अनुसार, दुष्कर्म मामले के आरोपी को 4 अप्रैल को ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था, लेकिन मृतक युवती की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। जिला प्रशासन द्वारा आदेशित मजिस्ट्रियल जांच में सखी सेंटर में पीड़िता की देखभाल, स्वास्थ्य निगरानी, उपचार प्रक्रिया, अस्पताल में किए गए इलाज तथा मौत से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने महिला सुरक्षा, संरक्षण गृहों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें मेडिकल, फॉरेंसिक और मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।1
- राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।1
- झारखंड के गुमला में भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बकाया भुगतान न मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण कार्य में लगे एक एचआर कर्मी के साथ तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई। यह परियोजना कभी भूमि मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बनती है तो कभी टाना भगत समुदाय द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपने को लेकर सुर्खियों में रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी द्वारा काम तो कराया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। भुगतान के लिए कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे, लेकिन काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अब तक बकाया है। उन्होंने विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान अब तक नहीं होने की जानकारी दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।2
- झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड के आसनबेड़ा अंबाटोली गांव में सोमवार से पांच दिवसीय 12वें गोंडवाना समर कैंप सह युवा सम्मेलन-2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच, गोंडवाना छात्र संघ सिमडेगा और जागृति समिति आसनबेड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए हैं। स्वतंत्र शोधार्थी डॉ. गणेश मांझी ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसके बाद प्रतिभागियों ने सात टीमों में आकर्षक परेड और मॉक ड्रिल प्रस्तुत करते हुए अनुशासन एवं एकता का परिचय दिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, डॉ. गणेश मांझी ने शिक्षा को समाज निर्माण और परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से डॉ. भीमराव अंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। दिल्ली की शिक्षिका रजनी मांझी ने भी युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनने और वैश्विक ज्ञान से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह शिविर 1 से 5 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, खेल, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस उद्घाटन कार्यक्रम में कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।2
- इस मंच के माध्यम से लोहरदगा जिले की सभी खबरें दर्शकों तक पहुँचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। लोगों से विशेष अपील की गई है कि वे इन वीडियो को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि यह महत्वपूर्ण जानकारी व्यापक दर्शकों तक पहुँच सके।1