Shuru
Apke Nagar Ki App…
जन सुराज की हार के बाद भी जनता को क्या फायदा मिला?
जनसत्ता NEWS@
जन सुराज की हार के बाद भी जनता को क्या फायदा मिला?
More news from बिहार and nearby areas
- सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर उत्तर टोला निवासी हरिशंकर यादव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद से पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- बनियापुर में बाइक का डिक्की खोल चोरों ने उड़ाए एक लाख रूपये बनियापुर,स्थानीय बाजार पर बाइक की डिक्की खोल रुपये चोरी करने का एक और मामला सामने आया है। चोरी का यह मामला बनियापुर बाजार में बुधवार को एक रेस्टोरेंट के सामने दोपहर में हुई। चोरों ने डिक्की खोल एक लाख रुपये निकाल लिए और फिर डिक्की को बंद भी कर दिया था। मामले की लिखित शिकायत भुसांव निवासी पीड़ित राकेश कुमार सोनी ने स्थानीय थाने में दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि वह पोस्टऑफिस से रुपये निकाल बाइक की डिक्की में सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद वह रेस्टोरेंट के सामने बाइक खड़ी कर नाश्ता करने चला गया। वापस आकर जब वह डिक्की खोला तब रुपये गायब थे। भीड़ वाले स्थान से इतने कम समय में डिक्की खोल कर रुपये गायब करने की घटना सुन सभी हतप्रभ हैं। जानकारी हो कि बनियापुर तथा सहाजितपुर में इन दिनों डिक्की खोल समान व रुपये गायब करने वाला गिरोह सक्रिय है। छह दिनों में यह तीसरी घटना है।एक दिन पहले ही सहाजितपुर स्टेट बैंक के सामने से एक व्यक्ति की डिक्की खोलकर चोरों ने एक लाख रूपये उड़ा लिए।1
- पटना एयरपोर्ट जाना या आना हुआ आसान,अब भाड़े की कोई जरूरी नहीं1
- सेवतापुर में डाक महा मेला आयोजित, हर घर तक योजनाएं पहुंचाने की तैयारी मैरवा: सेवतापुर शाखा डाकघर में बुधवार को डाक विभाग की ओर से “डाक महा मेला” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाक अधीक्षक सिवान अभिषेक कुमार सिंह और डाक निरीक्षक (पश्चिमी अनुमंडल) राजन कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के सम्मान के साथ हुई। इस दौरान डाक विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इनसे जोड़ने पर जोर दिया गया। मेला में नए खाते खोलने के साथ आरपीएलआई/पीएलआई, सुकन्या समृद्धि योजना और जीवन बीमा योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने डाक कर्मियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने, जनसंपर्क बढ़ाने और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया, ताकि डाकघर की सुविधाएं हर घर तक पहुंच सकें। कार्यक्रम में दरौली, मैरवा, शाहपुर, गुठनी और जीरादेई के डाकपाल व उपडाकपाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कई डाक कर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बसंत उत्सव में खतरनाक स्टंट पड़ा भारी, मुंह से पेट्रोल निकालकर आग दिखाने में झुलसा युवक बसंत उत्सव के दौरान एक व्यक्ति द्वारा मुंह से पेट्रोल निकालकर आग का खेल दिखाना उस समय महंगा पड़ गया, जब अचानक आग उसके चेहरे तक पहुंच गई। देखते ही देखते युवक का चेहरा आग की चपेट में आ गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और घायल को तुरंत इलाज के लिए भेजा। घटना ने एक बार फिर ऐसे खतरनाक स्टंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आग के खेल बेहद जोखिम भरे होते हैं और थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।1
- जदयू कार्यालय सारण फ़रवरी 20 से 23 तारीख तक सभी जदयू के प्रखंड अध्यक्षों का चुनाव को लेकर तैयारियां तेज: प्रमोद कुमार पटेल1
- सिसवन।मृतक की पहचान ग्यासपुर उत्तर टोला निवासी भिखारी यादव के 55 वर्षीय पुत्र हरिशंकर यादव उर्फ कदम यादव हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें मैरवा, सीवान: सहूलियत और सम्मान की उम्मीद लेकर यूडीआईडी कार्ड बनवाने पहुंचे दिव्यांगजनों को मंगलवार को मैरवा में बदइंतजामी और प्रशासनिक उदासीनता का सामना करना पड़ा। सरकार की योजनाओं से जुड़ने का सपना लिए आए ये लोग पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कई की उम्मीदें शाम होते-होते निराशा में बदल गईं। विशेष कैंप में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे थे। कोई बैसाखियों के सहारे आया था, तो कोई परिजनों का हाथ थामे लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचा था। उन्हें भरोसा था कि इस कैंप के जरिए उनका यूडीआईडी कार्ड बन जाएगा और सरकारी सुविधाओं का रास्ता आसान होगा। लेकिन कैंप में फैली अव्यवस्था ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दीं। छोटी-छोटी कमियों के नाम पर दिव्यांगजनों को बार-बार साइबर कैफे और कैंप के चक्कर लगाने पड़े। स्पष्ट जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में वे घंटों लाइन में खड़े रहे, फिर भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हालत यह रही कि करीब दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजनों का आवेदन तक नहीं हो पाया। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब आरोप लगा कि अधिकारी निर्धारित समय से पहले ही कैंप बंद कर चले गए। सुबह से इंतजार कर रहे कई लोगों के आवेदन अधूरे रह गए और वे मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए। चेहरों पर थकान, आंखों में निराशा और मन में सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी। दिव्यांगजनों का कहना है कि सरकार उनकी सुविधा के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। जरूरी दस्तावेजों को लेकर बार-बार टोकाटाकी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उन्हें हताश कर दिया। इस संबंध में सामुदायिक प्रखंड प्रबंधक शहीद अली अंसारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी बात करने की कोशिश की गई, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। आहत दिव्यांगजनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब कैंप उनकी सुविधा के लिए लगाया गया था, तो फिर उन्हें इतनी परेशानियों से क्यों गुजरना पड़ा? उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां उन्हें सम्मान और सहूलियत के साथ सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।1
- लालू यादव अचानक आगमन हो गया बड़हरिया में देखिए उसके बाद समर्थकों में1