सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें मैरवा, सीवान: सहूलियत और सम्मान की उम्मीद लेकर यूडीआईडी कार्ड बनवाने पहुंचे दिव्यांगजनों को मंगलवार को मैरवा में बदइंतजामी और प्रशासनिक उदासीनता का सामना करना पड़ा। सरकार की योजनाओं से जुड़ने का सपना लिए आए ये लोग पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कई की उम्मीदें शाम होते-होते निराशा में बदल गईं। विशेष कैंप में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे थे। कोई बैसाखियों के सहारे आया था, तो कोई परिजनों का हाथ थामे लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचा था। उन्हें भरोसा था कि इस कैंप के जरिए उनका यूडीआईडी कार्ड बन जाएगा और सरकारी सुविधाओं का रास्ता आसान होगा। लेकिन कैंप में फैली अव्यवस्था ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दीं। छोटी-छोटी कमियों के नाम पर दिव्यांगजनों को बार-बार साइबर कैफे और कैंप के चक्कर लगाने पड़े। स्पष्ट जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में वे घंटों लाइन में खड़े रहे, फिर भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हालत यह रही कि करीब दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजनों का आवेदन तक नहीं हो पाया। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब आरोप लगा कि अधिकारी निर्धारित समय से पहले ही कैंप बंद कर चले गए। सुबह से इंतजार कर रहे कई लोगों के आवेदन अधूरे रह गए और वे मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए। चेहरों पर थकान, आंखों में निराशा और मन में सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी। दिव्यांगजनों का कहना है कि सरकार उनकी सुविधा के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। जरूरी दस्तावेजों को लेकर बार-बार टोकाटाकी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उन्हें हताश कर दिया। इस संबंध में सामुदायिक प्रखंड प्रबंधक शहीद अली अंसारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी बात करने की कोशिश की गई, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। आहत दिव्यांगजनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब कैंप उनकी सुविधा के लिए लगाया गया था, तो फिर उन्हें इतनी परेशानियों से क्यों गुजरना पड़ा? उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां उन्हें सम्मान और सहूलियत के साथ सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें सहारे की आस में पहुंचे दिव्यांग, सिस्टम की बेरुखी ने तोड़ दी उम्मीदें मैरवा, सीवान: सहूलियत और सम्मान की उम्मीद लेकर यूडीआईडी कार्ड बनवाने पहुंचे दिव्यांगजनों को मंगलवार को मैरवा में बदइंतजामी और प्रशासनिक उदासीनता का सामना करना पड़ा। सरकार की योजनाओं से जुड़ने का सपना लिए आए ये लोग पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कई की उम्मीदें शाम होते-होते निराशा में बदल गईं। विशेष कैंप में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे थे। कोई बैसाखियों के सहारे आया था, तो कोई परिजनों का हाथ थामे लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचा था। उन्हें भरोसा था कि इस कैंप के जरिए उनका यूडीआईडी कार्ड बन जाएगा और सरकारी सुविधाओं का रास्ता आसान होगा। लेकिन कैंप में फैली अव्यवस्था ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दीं। छोटी-छोटी कमियों के नाम पर दिव्यांगजनों को बार-बार साइबर कैफे और कैंप के चक्कर लगाने पड़े। स्पष्ट जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में वे घंटों लाइन में खड़े रहे, फिर भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। हालत यह रही कि करीब दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजनों का आवेदन तक नहीं हो पाया। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब आरोप लगा कि अधिकारी निर्धारित समय से पहले ही कैंप बंद कर चले गए। सुबह से इंतजार कर रहे कई लोगों के आवेदन अधूरे रह गए और वे मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए। चेहरों पर थकान, आंखों में निराशा और मन में सिस्टम के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी। दिव्यांगजनों का कहना है कि सरकार उनकी सुविधा के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। जरूरी दस्तावेजों को लेकर बार-बार टोकाटाकी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उन्हें हताश कर दिया। इस संबंध में सामुदायिक प्रखंड प्रबंधक शहीद अली अंसारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी बात करने की कोशिश की गई, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। आहत दिव्यांगजनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब कैंप उनकी सुविधा के लिए लगाया गया था, तो फिर उन्हें इतनी परेशानियों से क्यों गुजरना पड़ा? उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां उन्हें सम्मान और सहूलियत के साथ सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
- जन सुराज की हार के बाद भी जनता को क्या फायदा मिला?1
- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज उत्पाद पुलिस के द्वारा वाहन जांच में विशंभरपुर थाना क्षेत्र के काला मटिहिनिया और माझागढ़ थाना क्षेत्र श्रीरामपुर गांव के पास से दो बाइक और 278 लीटर देसी शराब के साथ दो तस्करो को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहा। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार ने कहा कि उत्पाद विभाग के द्वारा सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी चल रही है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान जिले के माझागढ़ थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर गांव निवासी अमोद सहनी के पुत्र मुन्ना कुमार और जादोपुर थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी बेलास यादव के पुत्र रंजन कुमार के रूप में की गई वहीं फरार तस्कर की पहचान जादोपुर थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव निवासी हरिन्द्र के पुत्र भरत यादव के रूप में किया गया...1
- गोपालगंज: समाहरणालय परिसर में उस समय अजीब स्थिति देखने को मिली जब गोपालगंज जिला प्रशासन की एक सरकारी गाड़ी अचानक बंद हो गई और उसे कर्मचारियों द्वारा धक्का देकर हटाया गया। इस घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- पाण्डेयपुर के चकरी गाँव में मुफ्त चिकित्सा शिविर आज दिनांक 11 फरवरी 2026 को पाण्डेयपुर के चकरी गाँव में निर्जन सिंह मुखिया जी के आवास पर ममता मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल चिंतामनपुर दुरौधा के द्वारा एक विशाल मुफ्त चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। ग्रामीणों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जिससे सैकड़ों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला।मुख्य आकर्षण,विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सामान्य बीमारियों से लेकर पुरानी रोगों की जांच की। निरंजन सिंह मुखिया जी ने स्वयं शिविर का उद्घाटन कर ग्रामीणों को संबोधित किया, स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया।आयुष्मान कार्ड बनाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।ग्रामीणों की प्रतिक्रियाशिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। सभी ने मुखिया जी की पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और आयोजनों की मांग की। यह कार्यक्रम स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।#मुफ्त_चिकित्सा_शिविर #चकरी_गांव #निर्जन_सिंह_मुखिया #पाण्डेयपुर #स्वास्थ्य_जागरूकता #ग्रामीण_विकास1
- पता. नव दुर्गा होटल लीला साह के फोखरा दारौंदा सिवान बिहार एक बार सेवा का मौका आवश्य दे 🙏🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️❤️❤️1
- महाराजगंज। देश में यूजीसी बिल को लेकर देश दो गुटों में बटता नज़र आ रहा है जो कि निराधार है। यूजीसी बहुत बेहतरीन बिल है. देश की केंद्रीय सरकार ने बहुप्रतिक्षित बिल यूजीसी लाकर अपनी दूरदर्शी और सकारात्मक विचारधारा का परिचय दिया है. ऐसा मानना है बुद्धिजीवी लोगों का.1
- 🚗 ₹20,000 में ENGINE OIL बिज़नेस | सुनहरा मौका अगर आप कम पूंजी में अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो ENGINE OIL का काम एक शानदार विकल्प है। ✅ डिमांड पूरे साल ✅ बाइक, कार, ट्रैक्टर सभी के लिए ✅ छोटे शहर और गांव में ज्यादा स्कोप ✅ सही मार्गदर्शन के साथ सुरक्षित निवेश इस वीडियो में जानिए: 👉 कैसे शुरू करें 👉 कितना मुनाफा संभव है 👉 डिस्ट्रीब्यूटरशिप और सपोर्ट की पूरी जानकारी 📞 अधिक जानकारी एवं डिस्ट्रीब्यूटरशिप हेतु संपर्क करें: 9199319517 | 9262725204 📌 वीडियो पूरा देखें 📌 पोस्ट शेयर करें 📌 सवाल हो तो कमेंट या कॉल करें #EngineOilBusiness #20000KaBusiness #SmallBusinessIdea #BusinessOpportunity #AutomobileBusiness #SelfEmployment #IndiaBusiness1
- महाराजगंज। बिहार में पलायन, बेरोजगारी, भुखमरी, रिश्वतखोरी, दलाली, दबंगई, मानव तस्करी, जाति हिंसा, लिंग भेद, सामाजिक उन्माद, चरमराती कानून व्यवस्था, कोर्ट कचहरी में कानूनगो की विधवा विलाप, आख़िर क्यों? किसलिए? कौन है दोषी? क़र्ज़ और मर्ज़ में फसे परिवार... आज हालात ये है कि कम उम्र के युवाओं को प्रदेश और विदेश येन केन प्रकारेन रोजी रोटी कमाने के लिए भेजा जा रहा है... आख़िर दोषी कौन? सरकार किस मुंह से दुबारा वोट मांगेगी... वादे बहुत किये गए... दवा नहीं, उचित ग्रामीण सड़क भी नहीं, स्वस्थ पेय पानी नहीं, स्कूल में ढंग से पढ़ाई नहीं... कहाँ हैं इन सभी समस्याओं का समाधान? कब खुशहाली आएगी बिहार में?1
- Post by विजय कुमार1