उत्तर प्रदेश के बरेली में भोजीपुरा थाना पुलिस ने 60 वर्षीय सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान और उसके पिता इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, नकदी और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को धौराटांडा निवासी सुरेश श्रीवास्तव ने अपने पिता सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के संबंध में भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रारंभिक तहरीर में संपत्ति विवाद को लेकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे। विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच में सफेद रंग की ओमनी वैन UP25BL7337 संदिग्ध मिली। जांच आगे बढ़ने पर वैन चालक मोहम्मद अरमान का नाम प्रकाश में आया। सोमवार तड़के भोजीपुरा पुलिस और एसओजी टीम ने आटामांडा तिराहे के पास से मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का आधार कार्ड, सैमसंग गैलेक्सी एम-04 मोबाइल, ₹580 नकद, वाहन के टूटे शीशे के कांच, खून से सनी शर्ट और गमछा बरामद किया गया। चाकू मिलने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि वह नशे का आदी है और पैसों के इंतजाम के लिए 24 जुलाई की सुबह ओमनी वैन लेकर निकला था। बिबियापुर रोड पर सुनसान स्थान पर पैदल जा रहे सियाराम श्रीवास्तव को देखकर उसने पहले जानबूझकर वैन से टक्कर मारी। जब वह सड़क किनारे गिर गए तो उसने चाकू से गला रेत दिया और सीने पर 17 वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतक सियाराम की जेब से मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी निकालकर फरार हो गया। एसपी सिटी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने पूरी जानकारी अपने पिता इम्तियाज अहमद को दी। दोनों ने मिलकर खून से सने कपड़े, चाकू और मृतक का सामान एक थैले में रखकर ओमनी वैन की सीट के नीचे छिपा दिया और वाहन को एक राइस मिल में खड़ा कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हत्या से जुड़े सभी सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए पीलीभीत की ओर जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने अरमान को दबोच लिया। इसके बाद पिता इम्तियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिस पर साक्ष्य छिपाने का आरोप है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुँवर बहादुर सिंह, एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौधरी सहित भोजीपुरा थाना और एसओजी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उत्तर प्रदेश के बरेली में भोजीपुरा थाना पुलिस ने 60 वर्षीय सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान और उसके पिता इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, नकदी और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को धौराटांडा निवासी सुरेश श्रीवास्तव ने अपने पिता सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के संबंध में भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रारंभिक तहरीर में संपत्ति विवाद को लेकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे। विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच में सफेद रंग की ओमनी वैन UP25BL7337 संदिग्ध मिली। जांच आगे बढ़ने पर वैन चालक मोहम्मद अरमान का नाम प्रकाश में आया। सोमवार तड़के भोजीपुरा पुलिस और एसओजी टीम ने आटामांडा तिराहे के पास से मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का आधार कार्ड, सैमसंग गैलेक्सी एम-04 मोबाइल, ₹580 नकद, वाहन के टूटे शीशे के कांच, खून से सनी शर्ट और गमछा बरामद किया गया। चाकू मिलने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि वह नशे का आदी है और पैसों के इंतजाम के लिए 24 जुलाई की सुबह ओमनी वैन लेकर निकला था। बिबियापुर रोड पर सुनसान स्थान पर पैदल जा रहे सियाराम श्रीवास्तव को देखकर उसने पहले जानबूझकर वैन से टक्कर मारी। जब वह सड़क किनारे गिर गए तो उसने चाकू से गला रेत दिया और सीने पर 17 वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतक सियाराम की जेब से मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी निकालकर फरार हो गया। एसपी सिटी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने पूरी जानकारी अपने पिता इम्तियाज अहमद को दी। दोनों ने मिलकर खून से सने कपड़े, चाकू और मृतक का सामान एक थैले में रखकर ओमनी वैन की सीट के नीचे छिपा दिया और वाहन को एक राइस मिल में खड़ा कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हत्या से जुड़े सभी सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए पीलीभीत की ओर जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने अरमान को दबोच लिया। इसके बाद पिता इम्तियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिस पर साक्ष्य छिपाने का आरोप है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुँवर बहादुर सिंह, एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौधरी सहित भोजीपुरा थाना और एसओजी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- बरेली के सिबिगंज थाना क्षेत्र के अत्तरिया गांव में एक भाई ने अपने ही भाई को परेशान कर दिया है। पीड़ित भाई ने अपने शब्दों में बताया कि उसके साथ क्या कुछ हुआ। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है। मामला बरेली के सिबिगंज थाना क्षेत्र के अत्तरिया गांव का है। पीड़ित ने अपने शब्दों में बताया कि उसके साथ क्या कुछ हुआ। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित भाई एसएसपी दफ्तर पहुंचा और अपनी पीड़ा बताई।1
- बरेली के फरीदपुर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पुलिसकर्मी एक खेत की दीवार गिराते दिख रहे हैं। इस वायरल वीडियो के प्रकरण में फरीदपुर के क्षेत्राधिकारी श्री संदीप सिंह ने अपना बयान दिया है। श्री संदीप सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।1
- बरेली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। भोजीपुरा थाने की पुलिस ने 24 जुलाई को परसोनगला-बिबियापुर मार्ग पर हुई एक व्यक्ति की हत्या की घटना का अनावरण किया है। इस मामले में मुख्य हत्याभियुक्त और साक्ष्य छिपाने में उसके पिता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आला कत्ल सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इस घटना के बारे में बरेली पुलिस के उच्चाधिकारियों ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को परसोनगला-बिबियापुर मार्ग पर एक व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। गहन जांच और पड़ताल के बाद पुलिस को सफलता मिली और मुख्य हत्याभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही, साक्ष्य छिपाने में उसके पिता को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए आला कत्ल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं।2
- बरेली के थाना शाही क्षेत्र में एक महिला ने कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इंसाफ की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया है। इस मामले में महिला ने स्थानीय पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था में आ रही समस्याओं और विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ट्रेड-1 को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। अकरम खान ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों और व्यापारियों को जीएसटी कानून की आड़ में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद तकनीकी त्रुटियों या मानवीय भूलों के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए बाध्य न किए जाने, जांच और सर्वे के दौरान दबाव बनाकर कर जमा कराने की प्रथा पर रोक लगाने तथा विलंबित कर भुगतान पर ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग उठाई। ज्ञापन में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्य के लिए लैपटॉप व सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने, दंडात्मक प्रावधानों में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान करने, जीएसटी रिफंड स्वतः खाते में भेजने, रिफंड में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज देने तथा तंबाकू, पैकिंग सामग्री, कागज एवं अन्य उत्पादों पर जीएसटी दरों की विसंगतियां दूर करने की भी मांग की गई। व्यापारियों ने ई-वे बिल संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि इन समस्याओं के समाधान से व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा और उद्योग-व्यापार को राहत मिलेगी। ज्ञापन के दौरान परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, डॉ मुदित प्रताप सिंह, जावेद सलमानी, कमल गुप्ता आदि मौजूद थे।1
- बरेली के मीरगंज बाजार में 15 जुलाई, 2026 को हुई टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। इस सिलसिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 03 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 01 घायल हो गया। लूटे गए कुंडल भी बरामद कर लिए गए हैं। इस प्रकरण के बारे में श्री अरुण कुमार सिंह, सीओ बहेड़ी का बयान दर्ज किया गया है।1
- बरेली के इस्लामिया में स्थित उर्स इस्थाल ग्राउंड का विकास कार्य नगर निगम और दरगाह कमेटी के संयुक्त प्रयास से जारी है। इस परियोजना में नगर निगम के अधिकारी और दरगाह कमेटी के पदाधिकारी मंज़ूर रज़ा खान टीटीएस, ज़िला अध्यक्ष नईम नूरी टीटीएस, और ज़िला उपाध्यक्ष शामिल हैं। पत्रकार इरशाद रज़ा बरेली अपटेड न्यूज़ चैनल के माध्यम से इस विकास कार्य की निरंतर कवरेज कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में भोजीपुरा थाना पुलिस ने 60 वर्षीय सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान और उसके पिता इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, नकदी और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को धौराटांडा निवासी सुरेश श्रीवास्तव ने अपने पिता सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के संबंध में भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रारंभिक तहरीर में संपत्ति विवाद को लेकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे। विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच में सफेद रंग की ओमनी वैन UP25BL7337 संदिग्ध मिली। जांच आगे बढ़ने पर वैन चालक मोहम्मद अरमान का नाम प्रकाश में आया। सोमवार तड़के भोजीपुरा पुलिस और एसओजी टीम ने आटामांडा तिराहे के पास से मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का आधार कार्ड, सैमसंग गैलेक्सी एम-04 मोबाइल, ₹580 नकद, वाहन के टूटे शीशे के कांच, खून से सनी शर्ट और गमछा बरामद किया गया। चाकू मिलने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि वह नशे का आदी है और पैसों के इंतजाम के लिए 24 जुलाई की सुबह ओमनी वैन लेकर निकला था। बिबियापुर रोड पर सुनसान स्थान पर पैदल जा रहे सियाराम श्रीवास्तव को देखकर उसने पहले जानबूझकर वैन से टक्कर मारी। जब वह सड़क किनारे गिर गए तो उसने चाकू से गला रेत दिया और सीने पर 17 वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतक सियाराम की जेब से मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी निकालकर फरार हो गया। एसपी सिटी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने पूरी जानकारी अपने पिता इम्तियाज अहमद को दी। दोनों ने मिलकर खून से सने कपड़े, चाकू और मृतक का सामान एक थैले में रखकर ओमनी वैन की सीट के नीचे छिपा दिया और वाहन को एक राइस मिल में खड़ा कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हत्या से जुड़े सभी सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए पीलीभीत की ओर जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने अरमान को दबोच लिया। इसके बाद पिता इम्तियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिस पर साक्ष्य छिपाने का आरोप है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुँवर बहादुर सिंह, एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौधरी सहित भोजीपुरा थाना और एसओजी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1