उत्तर प्रदेश के बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था में आ रही समस्याओं और विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ट्रेड-1 को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। अकरम खान ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों और व्यापारियों को जीएसटी कानून की आड़ में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद तकनीकी त्रुटियों या मानवीय भूलों के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए बाध्य न किए जाने, जांच और सर्वे के दौरान दबाव बनाकर कर जमा कराने की प्रथा पर रोक लगाने तथा विलंबित कर भुगतान पर ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग उठाई। ज्ञापन में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्य के लिए लैपटॉप व सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने, दंडात्मक प्रावधानों में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान करने, जीएसटी रिफंड स्वतः खाते में भेजने, रिफंड में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज देने तथा तंबाकू, पैकिंग सामग्री, कागज एवं अन्य उत्पादों पर जीएसटी दरों की विसंगतियां दूर करने की भी मांग की गई। व्यापारियों ने ई-वे बिल संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि इन समस्याओं के समाधान से व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा और उद्योग-व्यापार को राहत मिलेगी। ज्ञापन के दौरान परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, डॉ मुदित प्रताप सिंह, जावेद सलमानी, कमल गुप्ता आदि मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था में आ रही समस्याओं और विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ट्रेड-1 को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। अकरम खान ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों और व्यापारियों को जीएसटी कानून की आड़ में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद तकनीकी त्रुटियों या मानवीय भूलों के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए बाध्य न किए जाने, जांच और सर्वे के दौरान दबाव बनाकर कर जमा कराने की प्रथा पर रोक लगाने तथा विलंबित कर भुगतान पर ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग उठाई। ज्ञापन में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्य के लिए लैपटॉप व सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने, दंडात्मक प्रावधानों में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान करने, जीएसटी रिफंड स्वतः खाते में भेजने, रिफंड में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज देने तथा तंबाकू, पैकिंग सामग्री, कागज एवं अन्य उत्पादों पर जीएसटी दरों की विसंगतियां दूर करने की भी मांग की गई। व्यापारियों ने ई-वे बिल संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि इन समस्याओं के समाधान से व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा और उद्योग-व्यापार को राहत मिलेगी। ज्ञापन के दौरान परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, डॉ मुदित प्रताप सिंह, जावेद सलमानी, कमल गुप्ता आदि मौजूद थे।
- बरेली के थाना शाही क्षेत्र में एक महिला ने कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इंसाफ की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया है। इस मामले में महिला ने स्थानीय पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था में आ रही समस्याओं और विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ट्रेड-1 को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। अकरम खान ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों और व्यापारियों को जीएसटी कानून की आड़ में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद तकनीकी त्रुटियों या मानवीय भूलों के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए बाध्य न किए जाने, जांच और सर्वे के दौरान दबाव बनाकर कर जमा कराने की प्रथा पर रोक लगाने तथा विलंबित कर भुगतान पर ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग उठाई। ज्ञापन में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्य के लिए लैपटॉप व सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने, दंडात्मक प्रावधानों में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान करने, जीएसटी रिफंड स्वतः खाते में भेजने, रिफंड में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज देने तथा तंबाकू, पैकिंग सामग्री, कागज एवं अन्य उत्पादों पर जीएसटी दरों की विसंगतियां दूर करने की भी मांग की गई। व्यापारियों ने ई-वे बिल संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि इन समस्याओं के समाधान से व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा और उद्योग-व्यापार को राहत मिलेगी। ज्ञापन के दौरान परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, डॉ मुदित प्रताप सिंह, जावेद सलमानी, कमल गुप्ता आदि मौजूद थे।1
- बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने धौराटांडा निवासी बुजुर्ग सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के सनसनीखेज मामले का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान और उसके पिता इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, ओमनी वैन, मृतक का मोबाइल फोन, आधार कार्ड समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को धौराटांडा निवासी सुरेश श्रीवास्तव ने सूचना दी थी कि उनके पिता सियाराम श्रीवास्तव रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। कुछ देर बाद उनका शव परसोनागल–बिबियापुर मार्ग पर सड़क किनारे खून से लथपथ मिला। उनके गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे और मोबाइल फोन व सोने की चेन भी गायब थी। इस मामले में थाना भोजीपुरा पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मोहम्मद अरमान तक पहुंच बनाई। 27 जुलाई को उसे आटामांड़ तिराहे के पास गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, सफेद ओमनी वैन, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने घटना की जानकारी अपने पिता इम्तियाज अहमद को दी थी, जिन्होंने हत्या के साक्ष्य छिपाने में उसका सहयोग किया। इसके बाद पुलिस ने इम्तियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान ने बताया कि वह नशे का आदी है और पैसों की जरूरत के कारण उसने वारदात को अंजाम दिया। उसने सुनसान स्थान पर सियाराम श्रीवास्तव को ओमनी वैन से टक्कर मारकर गिराया और फिर चाकू से गला रेतकर तथा सीने पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद वह मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी लेकर फरार हो गया। बाद में उसने अपने पिता की मदद से हत्या में प्रयुक्त वाहन और अन्य साक्ष्य छिपा दिए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामदगी में हत्या में प्रयुक्त चाकू, सफेद ओमनी वैन, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, वाहन के टूटे शीशे, खून से सने कपड़े और ₹580 नकद शामिल हैं।4
- उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में आयोजित प्रगतिशील डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) की महापंचायत ने एक जनसैलाब की तस्वीर पेश की। डॉ. अनीस बेग के नेतृत्व में यह आयोजन एकता और सामूहिक शक्ति का संदेश लेकर आया। महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो इस बात का संकेत है कि पीडीए का संदेश जनता तक पहुंच रहा है और लोगों में एकता की भावना को बढ़ावा दे रहा है। डॉ. अनीस बेग के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल एक राजनीतिक मंच था, बल्कि एकता और भाईचारे का प्रतीक भी बन गया।1
- बरेली के मीरगंज बाजार में 15 जुलाई, 2026 को हुई टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। इस सिलसिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 03 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 01 घायल हो गया। लूटे गए कुंडल भी बरामद कर लिए गए हैं। इस प्रकरण के बारे में श्री अरुण कुमार सिंह, सीओ बहेड़ी का बयान दर्ज किया गया है।1
- बरेली के इस्लामिया में स्थित उर्स इस्थाल ग्राउंड का विकास कार्य नगर निगम और दरगाह कमेटी के संयुक्त प्रयास से जारी है। इस परियोजना में नगर निगम के अधिकारी और दरगाह कमेटी के पदाधिकारी मंज़ूर रज़ा खान टीटीएस, ज़िला अध्यक्ष नईम नूरी टीटीएस, और ज़िला उपाध्यक्ष शामिल हैं। पत्रकार इरशाद रज़ा बरेली अपटेड न्यूज़ चैनल के माध्यम से इस विकास कार्य की निरंतर कवरेज कर रहे हैं।1
- बरेली के शील चौराहा पर रविवार को स्विगी के डिलीवरी राइडर्स ने अपनी विभिन्न माँगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियाँ लेकर सड़क पर उतरे राइडर्स ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि बाइक, पेट्रोल, सर्विस और जान का जोखिम उनका अपना है, ऐसे में कंपनी अकेले उनकी मेहनत का दाम तय नहीं कर सकती। राइडर्स का कहना है कि पिछले 6 महीनों से पे-आउट बढ़ाने का सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। पिछली हड़ताल के दौरान कंपनी ने 7 दिनों के भीतर भुगतान बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, बाइक की ईएमआई, सर्विस, इंश्योरेंस और रोजमर्रा के खर्चों के बीच परिवार का गुजर-बसर करना कठिन हो गया है। दिनभर धूप, बारिश और ट्रैफिक में कड़ी मेहनत करने के बावजूद उनकी कमाई लगातार घट रही है। इसके अलावा राइडर्स ने कैंसिल ऑर्डर, मल्टी-ऑर्डर सिस्टम और इंसेंटिव पॉलिसी पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई बार कैंसिल हुए ऑर्डर का आर्थिक नुकसान भी राइडर्स को ही झेलना पड़ता है और उसका उचित भुगतान नहीं दिया जाता। राइडर्स ने साफ किया कि उनका मकसद कंपनी का अंधाधुंध विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित सम्मान और न्यायसंगत भुगतान हासिल करना है। उन्होंने माँग रखी कि कंपनी अपने पुराने वादे पूरे करे, दूरी के हिसाब से उचित पे-आउट दे, कैंसिल ऑर्डर व मल्टी-ऑर्डर नीति में पारदर्शिता लाए और इंसेंटिव व्यवस्था में सुधार करे। राइडर्स ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला गया। सपा के प्रदेश महासचिव, बहेड़ी विधायक एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अता उर रहमान ने हालिया छात्र आंदोलन को छात्रों और आम जनता की बड़ी जीत बताते हुए इसमें शामिल सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों और आम जनता के बीच डर व दमन का माहौल बनाया था, लेकिन अब लोग खुलकर अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं और भाजपा का अहंकार टूट चुका है तथा उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अता उर रहमान ने आगे कहा कि यह जीत केवल छात्रों की नहीं बल्कि व्यवस्था से परेशान होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा छात्रों, युवाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नासिर रजा खां, जोन प्रभारी ठाकुर चंद्रपाल सिंह, विधानसभा महासचिव हाशिम अली, राजू मौर्य, राम अवतार श्रीवास्तव, नगर मीडिया प्रभारी फरद अंसारी, रफीक प्रधान, तस्लीम मंसूरी, रिजवान शानू, नईम बहलीम, आरिफ खां और मोहम्मद ताहिर सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में भोजीपुरा थाना पुलिस ने 60 वर्षीय सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अरमान और उसके पिता इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, नकदी और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को धौराटांडा निवासी सुरेश श्रीवास्तव ने अपने पिता सियाराम श्रीवास्तव की हत्या के संबंध में भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रारंभिक तहरीर में संपत्ति विवाद को लेकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे। विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच में सफेद रंग की ओमनी वैन UP25BL7337 संदिग्ध मिली। जांच आगे बढ़ने पर वैन चालक मोहम्मद अरमान का नाम प्रकाश में आया। सोमवार तड़के भोजीपुरा पुलिस और एसओजी टीम ने आटामांडा तिराहे के पास से मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ओमनी वैन, चाकू, मृतक का आधार कार्ड, सैमसंग गैलेक्सी एम-04 मोबाइल, ₹580 नकद, वाहन के टूटे शीशे के कांच, खून से सनी शर्ट और गमछा बरामद किया गया। चाकू मिलने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि वह नशे का आदी है और पैसों के इंतजाम के लिए 24 जुलाई की सुबह ओमनी वैन लेकर निकला था। बिबियापुर रोड पर सुनसान स्थान पर पैदल जा रहे सियाराम श्रीवास्तव को देखकर उसने पहले जानबूझकर वैन से टक्कर मारी। जब वह सड़क किनारे गिर गए तो उसने चाकू से गला रेत दिया और सीने पर 17 वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतक सियाराम की जेब से मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी निकालकर फरार हो गया। एसपी सिटी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने पूरी जानकारी अपने पिता इम्तियाज अहमद को दी। दोनों ने मिलकर खून से सने कपड़े, चाकू और मृतक का सामान एक थैले में रखकर ओमनी वैन की सीट के नीचे छिपा दिया और वाहन को एक राइस मिल में खड़ा कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हत्या से जुड़े सभी सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए पीलीभीत की ओर जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने अरमान को दबोच लिया। इसके बाद पिता इम्तियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिस पर साक्ष्य छिपाने का आरोप है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुँवर बहादुर सिंह, एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौधरी सहित भोजीपुरा थाना और एसओजी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1