सोलर प्लेट को पानी से गीले कपड़े से साफ करते समय बिजली का झटका लगने से एक युवक की मौत हो गई। सोलर प्लेट को पानी से गीले कपड़े से साफ करते समय बिजली का झटका लगने से एक युवक की मौत हो गई। इसलिए सभी सोलर उपयोगकर्ताओं को सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें 🙏🏻 सोलर पैनल में बिजली (DC करंट) लगातार उत्पन्न होती रहती है, खासकर दिन में सूर्य की रोशनी में यह पूरी तरह से सक्रिय होती है। अगर हाथ गीले हों, कपड़े गीले हों या वायरिंग में कोई समस्या हो, तो तुरंत बिजली का झटका लग सकता है। और यह झटका बहुत खतरनाक होता है ⚡ DC करंट में अगर हाथ फंस जाए तो वह आसानी से छूटता नहीं है। इसलिए सोलर प्लेट की सफाई करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें ⬇️ ✅ सुबह जल्दी या शाम को ही सफाई करें ✅ सोलर डिस्कनेक्ट स्विच बंद करके ही सफाई करें ✅ गीले कपड़े, गीले हाथों का उपयोग न करें ✅ लोहे के ब्रश या हाथ से सीधे पैनल को न छुएं ✅ रबर के दस्ताने पहनें ✅ बच्चों को सोलर सिस्टम से दूर रखें ✅ हर 6 महीने में वायरिंग और कनेक्शन की जांच किसी विशेषज्ञ से करवाएं ⚠️ ध्यान रखें - सोलर का उपयोग फायदेमंद है, लेकिन सही सावधानी बरतने पर ही! जरा सी गलती से जान को खतरा हो सकता है। 👉🏻 सभी किसानों और सोलर उपयोगकर्ताओं से नम्र
सोलर प्लेट को पानी से गीले कपड़े से साफ करते समय बिजली का झटका लगने से एक युवक की मौत हो गई। सोलर प्लेट को पानी से गीले कपड़े से साफ करते समय बिजली का झटका लगने से एक युवक की मौत हो गई। इसलिए सभी सोलर उपयोगकर्ताओं को सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें 🙏🏻 सोलर पैनल में बिजली (DC करंट) लगातार उत्पन्न होती रहती है, खासकर दिन में सूर्य की रोशनी में यह पूरी तरह से सक्रिय होती है। अगर हाथ गीले हों, कपड़े गीले हों या वायरिंग में कोई समस्या हो, तो तुरंत बिजली का झटका लग सकता है। और यह झटका बहुत खतरनाक होता है ⚡ DC करंट में अगर हाथ फंस जाए तो वह आसानी से छूटता नहीं है। इसलिए सोलर प्लेट की सफाई करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें ⬇️ ✅ सुबह जल्दी या शाम को ही सफाई करें ✅ सोलर डिस्कनेक्ट स्विच बंद करके ही सफाई करें ✅ गीले कपड़े, गीले हाथों का उपयोग न करें ✅ लोहे के ब्रश या हाथ से सीधे पैनल को न छुएं ✅ रबर के दस्ताने पहनें ✅ बच्चों को सोलर सिस्टम से दूर रखें ✅ हर 6 महीने में वायरिंग और कनेक्शन की जांच किसी विशेषज्ञ से करवाएं ⚠️ ध्यान रखें - सोलर का उपयोग फायदेमंद है, लेकिन सही सावधानी बरतने पर ही! जरा सी गलती से जान को खतरा हो सकता है। 👉🏻 सभी किसानों और सोलर उपयोगकर्ताओं से नम्र
- Post by Sachin vyas1
- अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सावन खान दबड़ी 70 वर्ष निधन हो गया। जैसलमेर के दबड़ी गांव के निवासी और लोक संगीत व सिंधी कलाम परंपरा के दिग्गज गायक सावन खान का सोमवार शाम को निधन हो गया। वे पिछले 2 सालों से लीवर की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। सोमवार शाम तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जवाहिर अस्पताल लाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।सावन खान कोक स्टूडियो का हिस्सा भी रह चुके हैं। वे जैसलमेर के पहले ऐसे लोक कलाकार थे जिन्हें इस मंच पर जगह मिली। वहां उनके द्वारा गाए गए गीत 'साथी सलाम ने उन्हें वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता दिलाई। इसके अलावा बॉलीवुड फिल्म हाईवे में उनके द्वारा गाया गया गीत तकदीर तख्त चढ़ायो ने भी सुर्खियां बटोरी थी। मंगलवार को उनके पैतृक गांव दबड़ी में उन्हें गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। विरासत में मिला संगीत रोजे खान के पुत्र सावन खान को संगीत विरासत में मिला था। उनके पिता भी एक गायक थे जिनसे प्रेरणा लेकर सावन खान ने बचपन से ही सुरों की साधना शुरू कर दी थी। वे अपने पीछे तीन बेटों और एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को छोड़ गए हैं। सावन खान दबड़ी मांगणियार समुदाय के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिन्होंने सिंधी कलाम और राजस्थानी लोक संगीत को एक नई ऊंचाई दी। 50 से ज्यादा देशों में गूंजी आवाज सावन खान केवल स्थानीय कलाकार नहीं थे बल्कि उन्होंने दुनिया के 50 से अधिक देशों की यात्रा की और वहां सिंधी कलाम और मारवाड़ी लोकगीतों का जादू बिखेरा। सिंधी भजन और सूफियाना कलाम पर उनकी जबरदस्त पकड़ थी। उनके गाए लोकप्रिय गीत-उमर माडू मिठो कांगलो और रांगार चैन है। ये गीत न केवल महफिलों की जान थे बल्कि यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी काफी लोकप्रिय हैं। संगीत जगत में शोक की लहर सावन खान के निधन की खबर से पश्चिमी राजस्थान के लोक कलाकारों और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय कलाकारों का कहना है कि सावन खान का जाना लोक संगीत के एक युग का अंत है। वे अपनी सादगी और सिंधी गायकी की बारीकियों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। सावन खान की मृत्यु से मांगणियार कला जगत को ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई नामुमकिन है।2
- विधायक भाटी ने कहा कि शहरों का विकास तभी संभव है जब मजबूत इच्छाशक्ति और सही विजन हो — न कि केवल तेवरों से। उन्होंने कहा कि आज हर शहर में मूलभूत सुविधाओं — पेयजल, सीवरेज, साफ हवा — की भारी कमी है, फिर भी सरकार ओरण और गोचर भूमि को समाप्त करती जा रही है, जो न केवल पर्यावरण बल्कि पशुधन और किसानों के लिए भी विनाशकारी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहाँ बिजली परियोजनाओं के नाम पर जमीनें ली जा रही हैं, वहाँ के लोगों को न मुफ्त बिजली मिल रही है, न पूरा मुआवजा, न रोजगार — यह अनैतिक अलॉटमेंट बंद होना चाहिए। विधायक भाटी ने खेजड़ी संरक्षण विधेयक न लाने पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने प्राइवेट मेंबर बिल दिया था, सरकार उसे देखती तो सही — इच्छाशक्ति की जरूरत है, कॉर्पोरेट के दबाव में नहीं आना चाहिए। साथ ही उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा की नगर परिषद / नगरपालिकाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की जाँच की माँग की और सोनी समाज के व्यापारियों को पुलिस प्रशासन द्वारा अनैतिक रूप से परेशान किए जाने का मुद्दा भी उठाया। विधायक भाटी ने स्पष्ट कहा — "आज के समय में कोई भी नगरपालिका ऐसी नहीं जहाँ बिना खर्चे के काम हो। भ्रष्टाचार दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। सरकार को मजबूत कदम उठाने होंगे।"1
- Post by Pukhraj soni1
- शहर के भीतरी क्षेत्र में कुमारिया कुआं से जूनी मंडी तक यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मुख्य कारण सड़क किनारे दुकानों द्वारा बाहर टेबल लगाकर दुकानें चलाना बताया जा रहा है, जिससे सड़क संकरी हो गई है और आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अतिक्रमण के कारण जूनी मंडी क्षेत्र में रोजाना वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। बावजूद इसके न तो पुलिस प्रशासन और न ही नगर निगम प्रशासन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई करता नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं की गई तो जूनी मंडी का हाल भी सिवांची गेट क्षेत्र जैसा हो सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या पर कब ध्यान देता है।1
- Breaking NewsTateere Dance Vedio Internet Sensation डांस का जुनून इतना कि गिनने के बाद भी डांस का जुनून रुका नहीं1
- Post by Patel padamaram patel padamara2
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने विधानसभा में उठाया शिव कस्बे के जलभराव का मुद्दा आज राजस्थान विधानसभा के सत्र में रविन्द्र सिंह भाटी ने विशेष उल्लेख के माध्यम से शिव उपखंड मुख्यालय में वर्षों से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या को सदन के समक्ष उठाया। विधायक भाटी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 68 कस्बे के आवासीय क्षेत्रों से ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बरसाती पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है। इसके चलते पुरानी तहसील परिसर, पुराना पुलिस थाना, मुख्य बाजार और कई आवासीय मोहल्लों में महीनों तक पानी भरा रहता है। उन्होंने कहा कि इससे सड़कें, भवन और सरकारी परिसरों को नुकसान होता है तथा क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। विधायक भाटी ने सरकार से मांग की कि शिव कस्बे में आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली और नालों के निर्माण के साथ एक व्यापक कार्य योजना बनाकर उसे शीघ्र लागू किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इस दीर्घकालीन समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1