सतना में हुई हल्की बारिश ने जिला न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। न्यायालय के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक पानी भर जाने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई। इस गंभीर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय स्वयं पानी के बीच पैदल चलते हुए न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्होंने इस अव्यवस्था को 'न्याय के मंदिर' के लिए चिंता का विषय बताते हुए संबंधित विभाग से स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। इन समस्याओं के बीच, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है। उन्होंने यह वचन दिया कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद किसी भी अधिवक्ता को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, और वे अपने इस वचन का पूरी तरह पालन करेंगे।
सतना में हुई हल्की बारिश ने जिला न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। न्यायालय के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक पानी भर जाने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए
घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई। इस गंभीर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय स्वयं पानी के बीच पैदल चलते हुए न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्होंने इस अव्यवस्था को 'न्याय के मंदिर' के लिए चिंता का विषय बताते हुए संबंधित
विभाग से स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से इस समस्या का शीघ्र
समाधान करने की मांग की है। इन समस्याओं के बीच, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है। उन्होंने यह वचन दिया कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद किसी भी अधिवक्ता को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, और वे अपने इस वचन का पूरी तरह पालन करेंगे।
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी के विष्णु सोनी ने पहली बरसात में ही महापौर के घर में पानी घुस जाने पर शहर के विकास और 'स्मार्ट सिटी' के दावों पर करारा तंज कसा है। सोनी के अनुसार, अगर महापौर के निवास में ही पानी भर जाता है, तो इससे बेहतर विकास और क्या हो सकता है। उन्होंने पूरे शहर की जनता से अपील की है कि जब भी भाजपा या कांग्रेस के जनप्रतिनिधि उनसे मिलें, तो उनसे उनके द्वारा किए गए 'विकास' के बारे में पूछें जो पूरे शहर में दिखाई दे रहा है। सोनी ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि और उनकी कार्यशैली धन्य है।1
- सतना/मैहर में वन विभाग द्वारा बिरसा मुंडा जी की स्थापित मूर्ति को बिना किसी पूर्व सूचना या जानकारी दिए उठा लिया गया, जिससे ग्रामीण भड़क उठे। इस कार्रवाई से नाराज होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सीधे डीएफओ कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएफओ से मूर्ति वापस करने की मांग की। वे इस बात पर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि वन कर्मियों द्वारा उठाई गई यह मूर्ति उन्हें वापस की जाए।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार पाण्डेय का जनसंपर्क अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। उन्हें "बार के स्वाभिमान का प्रहरी" बताया जा रहा है। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से लगातार मुलाकात कर वे अपनी प्राथमिकताएं साझा कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं से व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल है। प्रदीप कुमार पाण्डेय ने इस बात पर जोर दिया है कि अधिवक्ता संघ केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान, अधिकारों और एकजुटता का एक मजबूत मंच है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है, तो वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को हल करने, न्यायालय परिसर में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने और संघ की गरिमा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से काम करेंगे। जनसंपर्क के दौरान अनेक अधिवक्ताओं ने उनके अनुभव, व्यवहार और संगठनात्मक क्षमताओं की सराहना करते हुए उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। चुनावी माहौल में प्रदीप कुमार पाण्डेय का अभियान लगातार प्रभावी दिख रहा है, और उनके समर्थक भी बड़े पैमाने पर संपर्क अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।2
- चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के भुइंहरी गांव में गुरुवार सुबह 8 बजे भैंस को मारने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष की महिला और किशोरी सहित चार लोग घायल हो गए। घायल कंती ने बताया कि उनकी भैंस घर के सामने बंधी हुई थी, तभी पड़ोसी सुरेश ने उसे मार दिया। कंती के बेटे बुद्धराज ने इसका विरोध किया, जिसके बाद बुद्धराज और सुरेश के बीच झगड़ा शुरू हो गया। झगड़े की आवाज सुनकर कंती बीच-बचाव करने के लिए घर से बाहर निकलीं। इसी दौरान सुरेश की तरफ से उसके परिवारिक सदस्य गुज्जी, आरती, रैमतिया और प्रेमचंद भी मौके पर पहुंच गए और कंती व उनके बेटे बुद्धराज के साथ मारपीट करने लगे। उन्हें बचाने के लिए कंती की बेटी विनिता और रजवा भी पहुंचे, तो सुरेश सहित उक्त पांचों लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिससे चारों घायल हो गए। घायलों ने मामले की तहरीर लेकर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 1692 यूनिट रक्त का दान किया गया है।1
- सतना जिले में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय के लिए समस्त सम्मानित अधिवक्ता साथियों से समर्थन और आशीर्वाद की विनम्र अपील की गई है। एन डी न्यूज़ चैनल सतना द्वारा प्रसारित इस अपील में श्री पाण्डेय को विजयी बनाने के लिए मतदान के दिन अपना बहुमूल्य मत प्रयोग करने का आग्रह किया गया है। अपीलकर्ताओं ने बताया है कि श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय सदैव अधिवक्ताओं के हितों, उनके सम्मान और संगठन की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि श्री पाण्डेय के नेतृत्व में जिला अधिवक्ता संघ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और सभी अधिवक्ताओं के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अपील में कहा गया है कि अधिवक्ताओं का एक-एक मत उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम होगा। यह सादर अपील जिला अधिवक्ता संघ, सतना के समस्त समर्थक अधिवक्ताओं द्वारा की गई है।4
- सतना में हुई हल्की बारिश ने जिला न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। न्यायालय के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक पानी भर जाने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई। इस गंभीर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय स्वयं पानी के बीच पैदल चलते हुए न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्होंने इस अव्यवस्था को 'न्याय के मंदिर' के लिए चिंता का विषय बताते हुए संबंधित विभाग से स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। इन समस्याओं के बीच, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है। उन्होंने यह वचन दिया कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद किसी भी अधिवक्ता को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, और वे अपने इस वचन का पूरी तरह पालन करेंगे।4