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संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 1692 यूनिट रक्त का दान किया गया है।
BHARAT PUBLIC NEWS
संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 1692 यूनिट रक्त का दान किया गया है।
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- सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार पाण्डेय का जनसंपर्क अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। उन्हें "बार के स्वाभिमान का प्रहरी" बताया जा रहा है। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से लगातार मुलाकात कर वे अपनी प्राथमिकताएं साझा कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं से व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल है। प्रदीप कुमार पाण्डेय ने इस बात पर जोर दिया है कि अधिवक्ता संघ केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान, अधिकारों और एकजुटता का एक मजबूत मंच है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है, तो वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को हल करने, न्यायालय परिसर में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने और संघ की गरिमा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से काम करेंगे। जनसंपर्क के दौरान अनेक अधिवक्ताओं ने उनके अनुभव, व्यवहार और संगठनात्मक क्षमताओं की सराहना करते हुए उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। चुनावी माहौल में प्रदीप कुमार पाण्डेय का अभियान लगातार प्रभावी दिख रहा है, और उनके समर्थक भी बड़े पैमाने पर संपर्क अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।2
- चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।4
- कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।1
- Post by Yogendra Yadav1
- बबेरू में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बांदा-चित्रकूट की सांसद कृष्णा देवी ने एक क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन भी किया।1
- सतना में सीएमएचओ और वहाँ पदस्थ एक बाबू की भूमिका सवालों के घेरे में है, सूत्रों के अनुसार बाबू सभी अस्पतालों से मैनेजमेंट का काम करता है। इसी बीच, पन्ना नाका स्थित पूजा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही, अवैध वसूली, निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने और विरोध करने पर धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में मरीज के भर्ती होने के दौरान, अस्पताल प्रबंधन ने उपचार के नाम पर पहले ही लगभग 1.40 लाख रुपये जमा करवा लिए थे। इसके बावजूद मरीज को उचित इलाज नहीं मिला और दवाइयों के लिए भी निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि वसूली गई। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इन मुद्दों पर सवाल उठाए, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मरीज को अस्पताल से बाहर निकालने की धमकी दी गई। इस मामले में अस्पताल संचालक विपिन सिंह बघेल और चिकित्सक डॉ. मनोज द्विवेदी पर विशेष रूप से गंभीर आरोप लगे हैं। फिलहाल, लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना निजी अस्पतालों में मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर अगर शिकायतें सही पाई जाती हैं।1
- Post by Yogendra Yadav1
- राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के अवसर पर प्रयागराज-कौशांबी स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल और नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ और जूनियर चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण तथा रोगी सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. राजीव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार, मधुर वाणी, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। डॉ. सोनिया सिंह ने भी कहा कि मरीजों को सिर्फ दवाइयों की ही नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी आवश्यकता होती है। समारोह के दौरान, बेस्ट आईसीयू डॉक्टर, बेस्ट डेडिकेटेड डॉक्टर, बेस्ट इमरजेंसी डॉक्टर, बेस्ट इमर्जिंग डॉक्टर, बेस्ट फीमेल डॉक्टर और बेस्ट ओपीडी डॉक्टर सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों को दोहराया। वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. उमेश सिंह, डॉ. निकेश मिश्रा, डॉ. मोहम्मद तारिक, डॉ. पुष्कर केसरवानी, डॉ. शेफाली, डॉ. काव्या, डॉ. अमृता, डॉ. आकाश शाह, डॉ. आशीष राय, डॉ. जयकरण यादव, डॉ. सुषमा शुक्ला, डॉ. वंदिता ठाकुर, डॉ. त्रिलोकी चौबे, डॉ. अशरफ और डॉ. मसरूर ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने डॉक्टर बनने के संघर्षपूर्ण सफर, चिकित्सा सेवा के अनुभवों को साझा किया और मरीजों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जूनियर डॉक्टरों को हमेशा सीखते रहने, विनम्र बने रहने तथा पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में उन्हें न केवल कार्य करने का अवसर मिलता है, बल्कि वरिष्ठ चिकित्सकों से निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सीखने का मौका भी मिलता है। उन्होंने अस्पताल की सकारात्मक कार्य संस्कृति, टीम भावना और सहयोगात्मक वातावरण की सराहना की। नारायण स्वरूप अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव सिंह और प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 220 बेड वाले मल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी नारायण स्वरूप हॉस्पिटल की सबसे बड़ी शक्ति उसकी समर्पित टीम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल केवल डॉक्टरों से नहीं चलता, बल्कि गार्ड, रिसेप्शनिस्ट, वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर, तकनीशियन, डायग्नोस्टिक टीम, कंसल्टेंट्स, सफाई कर्मचारी तथा प्रत्येक सहयोगी के संयुक्त प्रयासों से ही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ संभव हो पाती हैं। डॉ. राजीव सिंह ने यह भी कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल आता है, तो वह केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी डरा और चिंतित होता है। ऐसे समय में अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का मधुर व्यवहार, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने ज्ञान के साथ विनम्रता, सेवा के साथ संवेदनशीलता और कार्य के साथ मधुर व्यवहार को एक श्रेष्ठ चिकित्सक की पहचान बताया। डॉ. सोनिया सिंह ने दोहराया कि मरीज को दवाइयों के साथ-साथ विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी जरूरत होती है, और समर्पण व टीमवर्क से कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान समस्त नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद केक कटिंग समारोह हुआ, जिसमें सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मानित चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र एवं अवार्ड प्रदान किए गए और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। अस्पताल में इलाज करवा रहे कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके समर्पण, सेवा भावना और सफल उपचार के लिए आभार व्यक्त किया। मरीजों ने कहा कि चिकित्सकों की निष्ठा, आत्मीय व्यवहार और निरंतर प्रयासों ने उन्हें नया जीवन और नई आशा प्रदान की है। कार्यक्रम का समापन सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा रोगी सेवा, मानवीय मूल्यों, उत्कृष्ट चिकित्सा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।1
- सतना के टाउन हॉल चौपाटी क्षेत्र में आए दिन हो रही मारपीट की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सूत्रों के अनुसार, सनी मंदिर के पास स्थित मुरादाबादी चिकन शॉप पर अवैध गतिविधियों के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। आरोप है कि दुकान संचालक द्वारा परिसर में अवैध रूप से शराब परोसी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब पीकर कुछ लोग आने-जाने वाले परिवारों से बदतमीजी करते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम द्वारा बनाई गई अस्थाई चौपाटी में भी कुछ दुकानदारों पर नियमों के खिलाफ मांसाहारी दुकानें चलाने और वहीं बैठकर शराब पिलाने के आरोप हैं। फास्ट फूड दुकानदारों ने कई बार इन अनियमितताओं पर आपत्ति जताई है, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि हाल ही में युवाओं के साथ हुई मारपीट की घटना में दुकान संचालक जुबैर खान, सुमन कोरी और दीपक का नाम सामने आया है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने कोलगवां थाने में पदस्थ एक सिपाही शहनाज खान का नाम भी इस मामले में घसीटा है।1