चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता
पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों
को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल
किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
- हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।1
- सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में युवा समाजसेवियों ने क्रांतिकारी स्व. भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर युवा समाजसेवियों ने 'अमर रहे' के नारे लगाते हुए उन्हें याद किया।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार पाण्डेय का जनसंपर्क अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। उन्हें "बार के स्वाभिमान का प्रहरी" बताया जा रहा है। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से लगातार मुलाकात कर वे अपनी प्राथमिकताएं साझा कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं से व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल है। प्रदीप कुमार पाण्डेय ने इस बात पर जोर दिया है कि अधिवक्ता संघ केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान, अधिकारों और एकजुटता का एक मजबूत मंच है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है, तो वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को हल करने, न्यायालय परिसर में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने और संघ की गरिमा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से काम करेंगे। जनसंपर्क के दौरान अनेक अधिवक्ताओं ने उनके अनुभव, व्यवहार और संगठनात्मक क्षमताओं की सराहना करते हुए उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। चुनावी माहौल में प्रदीप कुमार पाण्डेय का अभियान लगातार प्रभावी दिख रहा है, और उनके समर्थक भी बड़े पैमाने पर संपर्क अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।2
- रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत, रामबाग को बरगड़ (उत्तर प्रदेश) से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत ओवरलोड वाहनों के कारण बेहद खराब हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संविदाकार ने इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे यह मात्र 'औपचारिकता' बनकर रह गई और अब इसकी 'धज्जियां उड़ गई' हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि सड़क मार्ग की हालत इतनी दयनीय होने के बावजूद प्रशासन की नज़र इस समस्या पर नहीं पड़ रही है।1
- सतना जिले में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय के लिए समस्त सम्मानित अधिवक्ता साथियों से समर्थन और आशीर्वाद की विनम्र अपील की गई है। एन डी न्यूज़ चैनल सतना द्वारा प्रसारित इस अपील में श्री पाण्डेय को विजयी बनाने के लिए मतदान के दिन अपना बहुमूल्य मत प्रयोग करने का आग्रह किया गया है। अपीलकर्ताओं ने बताया है कि श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय सदैव अधिवक्ताओं के हितों, उनके सम्मान और संगठन की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि श्री पाण्डेय के नेतृत्व में जिला अधिवक्ता संघ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और सभी अधिवक्ताओं के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अपील में कहा गया है कि अधिवक्ताओं का एक-एक मत उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम होगा। यह सादर अपील जिला अधिवक्ता संघ, सतना के समस्त समर्थक अधिवक्ताओं द्वारा की गई है।4
- सतना में सीएमएचओ और वहाँ पदस्थ एक बाबू की भूमिका सवालों के घेरे में है, सूत्रों के अनुसार बाबू सभी अस्पतालों से मैनेजमेंट का काम करता है। इसी बीच, पन्ना नाका स्थित पूजा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही, अवैध वसूली, निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने और विरोध करने पर धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में मरीज के भर्ती होने के दौरान, अस्पताल प्रबंधन ने उपचार के नाम पर पहले ही लगभग 1.40 लाख रुपये जमा करवा लिए थे। इसके बावजूद मरीज को उचित इलाज नहीं मिला और दवाइयों के लिए भी निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि वसूली गई। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इन मुद्दों पर सवाल उठाए, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मरीज को अस्पताल से बाहर निकालने की धमकी दी गई। इस मामले में अस्पताल संचालक विपिन सिंह बघेल और चिकित्सक डॉ. मनोज द्विवेदी पर विशेष रूप से गंभीर आरोप लगे हैं। फिलहाल, लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना निजी अस्पतालों में मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर अगर शिकायतें सही पाई जाती हैं।1
- भरत तिवारी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की प्रबल मांग उठाई जा रही है, जिसमें हर वकील सक्रिय रूप से अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है। जनता से भी इस अभियान में शामिल होने, अपनी सोशल मीडिया आईडी पर पोस्ट साझा करने और टिप्पणियों के माध्यम से समर्थन व्यक्त करने की अपील की गई है।1
- सतना में हुई हल्की बारिश ने जिला न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। न्यायालय के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक पानी भर जाने के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोगों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई। इस गंभीर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय स्वयं पानी के बीच पैदल चलते हुए न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्होंने इस अव्यवस्था को 'न्याय के मंदिर' के लिए चिंता का विषय बताते हुए संबंधित विभाग से स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। इन समस्याओं के बीच, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है। उन्होंने यह वचन दिया कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद किसी भी अधिवक्ता को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, और वे अपने इस वचन का पूरी तरह पालन करेंगे।4