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हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।

1 hr ago
user_Bhupendra Singh
Bhupendra Singh
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही से एक 17 वर्षीय किशोरी निधि साकेत के लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, रामपुर बाघेलान के थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चतुर्वेदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संज्ञान लिया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर क्रमांक 0474/2026 दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की तत्परता के साथ, रामपुर बाघेलान पुलिस अब लापता किशोरी निधि साकेत की तलाश में जुट गई है।
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    रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही से एक 17 वर्षीय किशोरी निधि साकेत के लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, रामपुर बाघेलान के थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चतुर्वेदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संज्ञान लिया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर क्रमांक 0474/2026 दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की तत्परता के साथ, रामपुर बाघेलान पुलिस अब लापता किशोरी निधि साकेत की तलाश में जुट गई है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
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    चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है।

ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
    user_अजय पाण्डेय पत्रकार
    अजय पाण्डेय पत्रकार
    मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
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    कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया।

उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा किए गए खर्चों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिससे समिति की मनमानी पर प्रश्नचिह्न लगा है। लगातार दस्तावेज़ सामने आ रहे हैं, जिसमें हनुमत इंटरप्राइजेज का लगभग ₹30,000 का सीसीटीवी कैमरा से संबंधित बिल (क्रमांक 85) प्रमुख है। इस बिल के साथ-साथ कार्यादेश, क्रेडिट मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेज़ भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह मुख्य प्रश्न उठाया गया है कि यदि लगभग ₹30,000 के अलग-अलग कार्यादेश बार-बार जारी किए जा रहे थे, तो क्या इन कार्यों को नियमानुसार एक समेकित प्रक्रिया के माध्यम से कराकर रोगी कल्याण समिति के धन की बचत नहीं की जा सकती थी? यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसके पीछे के कारणों की गहन जांच की मांग की गई है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण जांच का विषय है। दस्तावेज़ों के आधार पर तथ्यों को लगातार सार्वजनिक करने का उद्देश्य सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल नियमों के अनुसार और जनहित में ही होना चाहिए। इस मुद्दे पर तथ्यों को सामने लाने के लिए लोगों से पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने और अपनी राय कमेंट में लिखने का आग्रह किया गया है।
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    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा किए गए खर्चों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिससे समिति की मनमानी पर प्रश्नचिह्न लगा है। लगातार दस्तावेज़ सामने आ रहे हैं, जिसमें हनुमत इंटरप्राइजेज का लगभग ₹30,000 का सीसीटीवी कैमरा से संबंधित बिल (क्रमांक 85) प्रमुख है। इस बिल के साथ-साथ कार्यादेश, क्रेडिट मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेज़ भी उपलब्ध कराए गए हैं।

यह मुख्य प्रश्न उठाया गया है कि यदि लगभग ₹30,000 के अलग-अलग कार्यादेश बार-बार जारी किए जा रहे थे, तो क्या इन कार्यों को नियमानुसार एक समेकित प्रक्रिया के माध्यम से कराकर रोगी कल्याण समिति के धन की बचत नहीं की जा सकती थी? यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसके पीछे के कारणों की गहन जांच की मांग की गई है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण जांच का विषय है।

दस्तावेज़ों के आधार पर तथ्यों को लगातार सार्वजनिक करने का उद्देश्य सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल नियमों के अनुसार और जनहित में ही होना चाहिए। इस मुद्दे पर तथ्यों को सामने लाने के लिए लोगों से पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने और अपनी राय कमेंट में लिखने का आग्रह किया गया है।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में कॉमेडी "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट की है। उनकी इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे *SATNA MP Police* में पदस्थ हैं और उनके *75.7K फॉलोअर्स* हैं, जिसमें उनकी एक रील पर *9.7 लाख व्यूज* भी दिख रहे हैं। पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमारा ग्रुप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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    सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में कॉमेडी "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट की है। उनकी इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे *SATNA MP Police* में पदस्थ हैं और उनके *75.7K फॉलोअर्स* हैं, जिसमें उनकी एक रील पर *9.7 लाख व्यूज* भी दिख रहे हैं।

पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमारा ग्रुप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद भी उनके बेटे का इलाज नहीं किया। अब अस्पताल प्रबंधन कथित तौर पर दवाइयां वापस मांग रहा है, और सवाल पूछने पर मरीज को रेफर कर दिया गया। पीड़ित पिता ने कैमरे पर बताया कि भर्ती के समय आईसीयू का खर्च प्रतिदिन 12-13 हजार रुपये बताया गया था, जबकि उसका वास्तविक शुल्क 3500 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "डेढ़ लाख पचास हजार घाटे में" देने के बावजूद बेटे का इलाज नहीं हुआ; बेटा अस्पताल में चलकर आया था, लेकिन आईसीयू में रखे जाने के बाद उसे पीलिया हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। जब पीड़ित ने अस्पताल से सवाल किए, तो बेटे को "सीरियस है" कहकर रेफर कर दिया गया। एक नए वीडियो में सामने आई बातचीत में अस्पताल द्वारा दी गई दवाइयां वापस मांगे जाने का आरोप है, जिसके जवाब में पीड़ित ने सभी दवाइयों के पूरे बिल होने की बात कही। लाल गमछा पहने और हल्के नीले कुर्ते में पीड़ित पिता ने अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए दर्द बयां किया कि "अच्छा, तो गरीबों के साथ अत्याचार नहीं होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास दवा और जांच के सभी बिल मौजूद हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है, सवाल करते हुए कि एक गरीब व्यक्ति इतना पैसा कहां से लाए और अब अपने बेटे को लेकर कहां जाए। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी पीड़ित द्वारा कैमरे पर दिए गए बयानों पर आधारित है, और सतना के संबंधित निजी अस्पताल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
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    मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद भी उनके बेटे का इलाज नहीं किया। अब अस्पताल प्रबंधन कथित तौर पर दवाइयां वापस मांग रहा है, और सवाल पूछने पर मरीज को रेफर कर दिया गया।

पीड़ित पिता ने कैमरे पर बताया कि भर्ती के समय आईसीयू का खर्च प्रतिदिन 12-13 हजार रुपये बताया गया था, जबकि उसका वास्तविक शुल्क 3500 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "डेढ़ लाख पचास हजार घाटे में" देने के बावजूद बेटे का इलाज नहीं हुआ; बेटा अस्पताल में चलकर आया था, लेकिन आईसीयू में रखे जाने के बाद उसे पीलिया हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। जब पीड़ित ने अस्पताल से सवाल किए, तो बेटे को "सीरियस है" कहकर रेफर कर दिया गया। एक नए वीडियो में सामने आई बातचीत में अस्पताल द्वारा दी गई दवाइयां वापस मांगे जाने का आरोप है, जिसके जवाब में पीड़ित ने सभी दवाइयों के पूरे बिल होने की बात कही।

लाल गमछा पहने और हल्के नीले कुर्ते में पीड़ित पिता ने अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए दर्द बयां किया कि "अच्छा, तो गरीबों के साथ अत्याचार नहीं होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास दवा और जांच के सभी बिल मौजूद हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है, सवाल करते हुए कि एक गरीब व्यक्ति इतना पैसा कहां से लाए और अब अपने बेटे को लेकर कहां जाए। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी पीड़ित द्वारा कैमरे पर दिए गए बयानों पर आधारित है, और सतना के संबंधित निजी अस्पताल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • रीवा जिले की रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग 200 ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता गाँव की मुख्य पहुंच मार्ग है, जिसका उपयोग लगभग 200 लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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    रीवा जिले की रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग 200 ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता गाँव की मुख्य पहुंच मार्ग है, जिसका उपयोग लगभग 200 लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
    user_Ram Singh
    Ram Singh
    रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सतना के लक्ष्मीबाई स्कूल की बाउंड्री पर एक पेड़ गिरने से दो छात्राएं उसके मलबे में दब गईं। इस घटना के बाद, आसपास के दुकानदारों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छात्राओं को मलबे से बाहर निकाला। दोनों घायल छात्राओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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    सतना के लक्ष्मीबाई स्कूल की बाउंड्री पर एक पेड़ गिरने से दो छात्राएं उसके मलबे में दब गईं। इस घटना के बाद, आसपास के दुकानदारों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छात्राओं को मलबे से बाहर निकाला। दोनों घायल छात्राओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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