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कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

15 hrs ago
user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

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  • चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
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    चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड की सकरौहां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में तैयार की गई लगभग 107 आवासों की लाभार्थी सूची में कई वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और योजना की पात्रता पूरी न करने वाले लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, चारपहिया वाहन तथा अन्य पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास सर्वे के दौरान चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनकी शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव जयप्रकाश और सर्वे से जुड़े कर्मियों पर पात्र परिवारों की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन कथित अनियमितताओं के कारण वर्षों से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस स्थिति से कच्चे घर वालों की आंखों में फिर आंसू छलके हैं, झोपड़ी वालों का सपना टूट गया है और रसूखदारों की किस्मत चमक गई है।

ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में, मानिकपुर के खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताया है कि लाभार्थी सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
    user_अजय पाण्डेय पत्रकार
    अजय पाण्डेय पत्रकार
    मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
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    कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने चित्रकूट के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में 'खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम/एल नीनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण किया और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे, जिन्हें कृषकों द्वारा पुष्प भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मंत्री जी ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख और परमपूज्य परमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया, और चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को उनके प्रयासों एवं दूरदृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन-चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में वर्षा की कमी की संभावना बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में मंत्री जी ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 'खेत बचाओ' कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

मंत्री जी ने बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी से नदियों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और मानव एवं पशुधन दोनों के लिए पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार गिरावट को चिंता का विषय बताते हुए गांवों के तालाबों की सफाई, जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और किसानों से प्रत्येक बूंद पानी बचाने की अपील करते हुए कोदो, ज्वार, बाजरा, मड़ुआ एवं अन्य श्री अन्न (मिलेट्स) जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री जी ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और उसकी ओर लौटने को भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बताया।

उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा किसानों की मेहनत को देश में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का श्रेय दिया। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा डीएपी एवं यूरिया की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही निरंतर आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार न्याय पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि अरहर, धान एवं अन्य फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, तथा चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मंत्री जी ने मुख्य विकास अधिकारी को श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों को किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक करने का निर्देश देते हुए, मंत्री जी ने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री भैरव प्रसाद मिश्रा, श्री आरके सिंह पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और श्री अन्न की खेती के महत्व पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर और कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा के कोषाध्यक्ष श्री बसंत पंडित ने एल नीनो के प्रभावों और जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मानवीय योगदान और विकास के प्रभावों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी को गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले कई प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि नारायण प्रताप, सरगुनिया देवी, अमरीश तिवारी और मोहनलाल जैसे लाभार्थियों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। संतोष कुमार, अशोक कुमार और अन्य किसानों को ज्वार, सावा, रागी और कोदो के मिनी किट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) के चयनित एवं प्रतीक्षारत लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के भुइंहरी गांव में गुरुवार सुबह 8 बजे भैंस को मारने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष की महिला और किशोरी सहित चार लोग घायल हो गए। घायल कंती ने बताया कि उनकी भैंस घर के सामने बंधी हुई थी, तभी पड़ोसी सुरेश ने उसे मार दिया। कंती के बेटे बुद्धराज ने इसका विरोध किया, जिसके बाद बुद्धराज और सुरेश के बीच झगड़ा शुरू हो गया। झगड़े की आवाज सुनकर कंती बीच-बचाव करने के लिए घर से बाहर निकलीं। इसी दौरान सुरेश की तरफ से उसके परिवारिक सदस्य गुज्जी, आरती, रैमतिया और प्रेमचंद भी मौके पर पहुंच गए और कंती व उनके बेटे बुद्धराज के साथ मारपीट करने लगे। उन्हें बचाने के लिए कंती की बेटी विनिता और रजवा भी पहुंचे, तो सुरेश सहित उक्त पांचों लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिससे चारों घायल हो गए। घायलों ने मामले की तहरीर लेकर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
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    चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के भुइंहरी गांव में गुरुवार सुबह 8 बजे भैंस को मारने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष की महिला और किशोरी सहित चार लोग घायल हो गए। घायल कंती ने बताया कि उनकी भैंस घर के सामने बंधी हुई थी, तभी पड़ोसी सुरेश ने उसे मार दिया। कंती के बेटे बुद्धराज ने इसका विरोध किया, जिसके बाद बुद्धराज और सुरेश के बीच झगड़ा शुरू हो गया।

झगड़े की आवाज सुनकर कंती बीच-बचाव करने के लिए घर से बाहर निकलीं। इसी दौरान सुरेश की तरफ से उसके परिवारिक सदस्य गुज्जी, आरती, रैमतिया और प्रेमचंद भी मौके पर पहुंच गए और कंती व उनके बेटे बुद्धराज के साथ मारपीट करने लगे। उन्हें बचाने के लिए कंती की बेटी विनिता और रजवा भी पहुंचे, तो सुरेश सहित उक्त पांचों लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिससे चारों घायल हो गए। घायलों ने मामले की तहरीर लेकर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
    user_दिनेश सिंह कुशवाहा
    दिनेश सिंह कुशवाहा
    Classified ads newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 1692 यूनिट रक्त का दान किया गया है।
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    संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 1692 यूनिट रक्त का दान किया गया है।
    user_BHARAT PUBLIC NEWS
    BHARAT PUBLIC NEWS
    Local News Reporter करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चित्रकूट जिले के पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत चौरा गांव में बिजली की गंभीर समस्या के कारण धान की बेढ सूख रही है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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    चित्रकूट जिले के पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत चौरा गांव में बिजली की गंभीर समस्या के कारण धान की बेढ सूख रही है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
    user_सरस्वती सिंह कुशवाहा
    सरस्वती सिंह कुशवाहा
    करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अंधविश्वास के कारण एक 16 साल की मासूम की जान चली गई है। सांप के काटने के बाद, परिजनों ने बच्ची को अस्पताल ले जाने की बजाय एक ओझा-बैद्य के पास ले जाना उचित समझा। इसी अंधविश्वास और लापरवाही का नतीजा यह रहा कि 16 साल की निराशा की जान चली गई।
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    अंधविश्वास के कारण एक 16 साल की मासूम की जान चली गई है। सांप के काटने के बाद, परिजनों ने बच्ची को अस्पताल ले जाने की बजाय एक ओझा-बैद्य के पास ले जाना उचित समझा। इसी अंधविश्वास और लापरवाही का नतीजा यह रहा कि 16 साल की निराशा की जान चली गई।
    user_Abhay TV News
    Abhay TV News
    Reporter Karwi, Chitrakoot•
    21 hrs ago
  • भारतीय जन मोर्चा पार्टी के विष्णु सोनी ने पहली बरसात में ही महापौर के घर में पानी घुस जाने पर शहर के विकास और 'स्मार्ट सिटी' के दावों पर करारा तंज कसा है। सोनी के अनुसार, अगर महापौर के निवास में ही पानी भर जाता है, तो इससे बेहतर विकास और क्या हो सकता है। उन्होंने पूरे शहर की जनता से अपील की है कि जब भी भाजपा या कांग्रेस के जनप्रतिनिधि उनसे मिलें, तो उनसे उनके द्वारा किए गए 'विकास' के बारे में पूछें जो पूरे शहर में दिखाई दे रहा है। सोनी ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि और उनकी कार्यशैली धन्य है।
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    भारतीय जन मोर्चा पार्टी के विष्णु सोनी ने पहली बरसात में ही महापौर के घर में पानी घुस जाने पर शहर के विकास और 'स्मार्ट सिटी' के दावों पर करारा तंज कसा है। सोनी के अनुसार, अगर महापौर के निवास में ही पानी भर जाता है, तो इससे बेहतर विकास और क्या हो सकता है।

उन्होंने पूरे शहर की जनता से अपील की है कि जब भी भाजपा या कांग्रेस के जनप्रतिनिधि उनसे मिलें, तो उनसे उनके द्वारा किए गए 'विकास' के बारे में पूछें जो पूरे शहर में दिखाई दे रहा है। सोनी ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि और उनकी कार्यशैली धन्य है।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सतना/मैहर में वन विभाग द्वारा बिरसा मुंडा जी की स्थापित मूर्ति को बिना किसी पूर्व सूचना या जानकारी दिए उठा लिया गया, जिससे ग्रामीण भड़क उठे। इस कार्रवाई से नाराज होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सीधे डीएफओ कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएफओ से मूर्ति वापस करने की मांग की। वे इस बात पर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि वन कर्मियों द्वारा उठाई गई यह मूर्ति उन्हें वापस की जाए।
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    सतना/मैहर में वन विभाग द्वारा बिरसा मुंडा जी की स्थापित मूर्ति को बिना किसी पूर्व सूचना या जानकारी दिए उठा लिया गया, जिससे ग्रामीण भड़क उठे। इस कार्रवाई से नाराज होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सीधे डीएफओ कार्यालय पहुंच गए।

कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएफओ से मूर्ति वापस करने की मांग की। वे इस बात पर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि वन कर्मियों द्वारा उठाई गई यह मूर्ति उन्हें वापस की जाए।
    user_Jitendra pratap Singh
    Jitendra pratap Singh
    Court reporter रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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