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सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में युवा समाजसेवियों ने क्रांतिकारी स्व. भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर युवा समाजसेवियों ने 'अमर रहे' के नारे लगाते हुए उन्हें याद किया।

6 hrs ago
user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में युवा समाजसेवियों ने क्रांतिकारी स्व. भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर युवा समाजसेवियों ने 'अमर रहे' के नारे लगाते हुए उन्हें याद किया।

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  • हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।
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    हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।
    user_Bhupendra Singh
    Bhupendra Singh
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में युवा समाजसेवियों ने क्रांतिकारी स्व. भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर युवा समाजसेवियों ने 'अमर रहे' के नारे लगाते हुए उन्हें याद किया।
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    सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में युवा समाजसेवियों ने क्रांतिकारी स्व. भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर युवा समाजसेवियों ने 'अमर रहे' के नारे लगाते हुए उन्हें याद किया।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत, रामबाग को बरगड़ (उत्तर प्रदेश) से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत ओवरलोड वाहनों के कारण बेहद खराब हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संविदाकार ने इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे यह मात्र 'औपचारिकता' बनकर रह गई और अब इसकी 'धज्जियां उड़ गई' हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि सड़क मार्ग की हालत इतनी दयनीय होने के बावजूद प्रशासन की नज़र इस समस्या पर नहीं पड़ रही है।
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    रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत, रामबाग को बरगड़ (उत्तर प्रदेश) से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत ओवरलोड वाहनों के कारण बेहद खराब हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संविदाकार ने इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे यह मात्र 'औपचारिकता' बनकर रह गई और अब इसकी 'धज्जियां उड़ गई' हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि सड़क मार्ग की हालत इतनी दयनीय होने के बावजूद प्रशासन की नज़र इस समस्या पर नहीं पड़ रही है।
    user_Shikhar singh
    Shikhar singh
    Local News Reporter जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    41 min ago
  • सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित बीदा ग्राम पंचायत में गल्ला चोरी का मामला गरमा गया है, जहाँ ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर ठोस कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय ग्रामीण संत कुमार त्रिपाठी जी के अनुसार, बीदा पंचायत से अब तक 100 बोरी से भी अधिक गल्ला चोरी हो चुका है, लेकिन आज तक इस वारदात का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह दो महीने के भीतर दूसरी बार हुई चोरी है, जिसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। ग्राम पंचायत बीदा में पहले भी कई बार ऐसी चोरियाँ हुई हैं, और हर बार शिकायत दर्ज होने के बाद भी न तो आरोपी पकड़े गए हैं और न ही चोरी का माल बरामद हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन/राशन दुकान से लगातार सरकारी गल्ले की चोरी हो रही है, जिससे गरीबों का हक मारा जा रहा है। उनकी शिकायतों के बावजूद, न तो क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है, न सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और न ही जांच में कोई प्रगति हुई है। संत कुमार त्रिपाठी जी ने इसे "सीधे गरीब जनता के हक पर डाका" बताते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं, पूछ रहे हैं कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने सतना के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस चोरी का खुलासा नहीं हुआ, तो वे जनपद पंचायत और कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर होंगे।
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    सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित बीदा ग्राम पंचायत में गल्ला चोरी का मामला गरमा गया है, जहाँ ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर ठोस कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय ग्रामीण संत कुमार त्रिपाठी जी के अनुसार, बीदा पंचायत से अब तक 100 बोरी से भी अधिक गल्ला चोरी हो चुका है, लेकिन आज तक इस वारदात का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह दो महीने के भीतर दूसरी बार हुई चोरी है, जिसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।

ग्राम पंचायत बीदा में पहले भी कई बार ऐसी चोरियाँ हुई हैं, और हर बार शिकायत दर्ज होने के बाद भी न तो आरोपी पकड़े गए हैं और न ही चोरी का माल बरामद हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन/राशन दुकान से लगातार सरकारी गल्ले की चोरी हो रही है, जिससे गरीबों का हक मारा जा रहा है। उनकी शिकायतों के बावजूद, न तो क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है, न सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और न ही जांच में कोई प्रगति हुई है। संत कुमार त्रिपाठी जी ने इसे "सीधे गरीब जनता के हक पर डाका" बताते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं, पूछ रहे हैं कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने सतना के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस चोरी का खुलासा नहीं हुआ, तो वे जनपद पंचायत और कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर होंगे।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में कॉमेडी "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट की है। उनकी इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे *SATNA MP Police* में पदस्थ हैं और उनके *75.7K फॉलोअर्स* हैं, जिसमें उनकी एक रील पर *9.7 लाख व्यूज* भी दिख रहे हैं। पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमारा ग्रुप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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    सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में कॉमेडी "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट की है। उनकी इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे *SATNA MP Police* में पदस्थ हैं और उनके *75.7K फॉलोअर्स* हैं, जिसमें उनकी एक रील पर *9.7 लाख व्यूज* भी दिख रहे हैं।

पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमारा ग्रुप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारतीय थलसेना को अपने 31वें प्रमुख के रूप में जनरल धीरज सेठ मिल गए हैं, जिन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस खास मौके पर जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ को सैल्यूट मारकर उनके पैर छुए। उनके छोटे भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी समारोह में उपस्थित थे और उन्होंने अपने बड़े भाई तथा नए सेना प्रमुख को सलाम कर सम्मान व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि उनके पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ, एक सम्मानित सेना दिग्गज होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
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    भारतीय थलसेना को अपने 31वें प्रमुख के रूप में जनरल धीरज सेठ मिल गए हैं, जिन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इस खास मौके पर जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ को सैल्यूट मारकर उनके पैर छुए। उनके छोटे भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी समारोह में उपस्थित थे और उन्होंने अपने बड़े भाई तथा नए सेना प्रमुख को सलाम कर सम्मान व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि उनके पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ, एक सम्मानित सेना दिग्गज होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है। इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है। जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी। यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
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    रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है।

इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है।

जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी।

यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter सिरमौर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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