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वन नेशन, वन इलेक्शन रोल होना चाहिए: कुमार सौरभ, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जनसुराज जनसुराज पार्टी के आज पटना मुख्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसकी अधिसूचना भी कुछ दिनों में आने वाली है। जन सुराज कुछ ही दिनों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने वाला है। इस बीच हमारे पास कई जगहों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़े स्तर पर MLC मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई है। हम यह आरोप बिल्कुल नहीं लगा रहे हैं कि गड़बड़ी की गई है, लेकिन इसकी जांच करने की जिम्मेदारी बिहार के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की है। भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत एक व्यक्ति एक ही बार वोट दे सकता है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि चाहे पंचायत का चुनाव हो, नगर परिषद का चुनाव हो, नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हर एक के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जाती है। यह मांग उठनी चाहिए कि जैसे एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार है, ठीक उसी तरह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की बात होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है कि पंचायत चुनाव के लिए अलग मतदाता सूची बनती है? जब नगर परिषद या नगर निगम का चुनाव होता है, तो उसके लिए अलग सूची बनाई जाती है। ठीक इसी तरह विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए भी अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। चारों चुनावों के इलेक्शन रोल में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र का पहला आधार है। अगर आप मतदाता सूची में ही गड़बड़ी रखेंगे, तो कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पूरी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठता है।

1 hr ago
user_Newslahar
Newslahar
Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
1 hr ago

वन नेशन, वन इलेक्शन रोल होना चाहिए: कुमार सौरभ, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जनसुराज जनसुराज पार्टी के आज पटना मुख्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसकी अधिसूचना भी कुछ दिनों में आने वाली है। जन सुराज कुछ ही दिनों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने वाला है। इस बीच हमारे पास कई जगहों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़े स्तर पर MLC मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई है। हम यह आरोप बिल्कुल नहीं लगा रहे हैं कि गड़बड़ी की गई है, लेकिन इसकी जांच करने की जिम्मेदारी बिहार के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की है। भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत एक व्यक्ति एक ही बार वोट दे सकता है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि चाहे पंचायत का चुनाव हो, नगर परिषद का चुनाव हो, नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हर एक के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जाती है। यह मांग उठनी चाहिए कि जैसे एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार है, ठीक उसी तरह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की बात होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है कि पंचायत चुनाव के लिए अलग मतदाता सूची बनती है? जब नगर परिषद या नगर निगम का चुनाव होता है, तो उसके लिए अलग सूची बनाई जाती है। ठीक इसी तरह विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए भी अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। चारों चुनावों के इलेक्शन रोल में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र का पहला आधार है। अगर आप मतदाता सूची में ही गड़बड़ी रखेंगे, तो कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पूरी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठता है।

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  • वन नेशन, वन इलेक्शन रोल होना चाहिए: कुमार सौरभ, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जनसुराज जनसुराज पार्टी के आज पटना मुख्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसकी अधिसूचना भी कुछ दिनों में आने वाली है। जन सुराज कुछ ही दिनों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने वाला है। इस बीच हमारे पास कई जगहों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़े स्तर पर MLC मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई है। हम यह आरोप बिल्कुल नहीं लगा रहे हैं कि गड़बड़ी की गई है, लेकिन इसकी जांच करने की जिम्मेदारी बिहार के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की है। भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत एक व्यक्ति एक ही बार वोट दे सकता है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि चाहे पंचायत का चुनाव हो, नगर परिषद का चुनाव हो, नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हर एक के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जाती है। यह मांग उठनी चाहिए कि जैसे एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार है, ठीक उसी तरह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की बात होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है कि पंचायत चुनाव के लिए अलग मतदाता सूची बनती है? जब नगर परिषद या नगर निगम का चुनाव होता है, तो उसके लिए अलग सूची बनाई जाती है। ठीक इसी तरह विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए भी अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। चारों चुनावों के इलेक्शन रोल में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र का पहला आधार है। अगर आप मतदाता सूची में ही गड़बड़ी रखेंगे, तो कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पूरी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठता है।
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    वन नेशन, वन इलेक्शन रोल होना चाहिए: कुमार सौरभ, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जनसुराज
जनसुराज पार्टी के आज पटना मुख्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसकी अधिसूचना भी कुछ दिनों में आने वाली है। जन सुराज कुछ ही दिनों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने वाला है। इस बीच हमारे पास कई जगहों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़े स्तर पर MLC मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई है। हम यह आरोप बिल्कुल नहीं लगा रहे हैं कि गड़बड़ी की गई है, लेकिन इसकी जांच करने की जिम्मेदारी बिहार के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की है। 
भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत एक व्यक्ति एक ही बार वोट दे सकता है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि चाहे पंचायत का चुनाव हो, नगर परिषद का चुनाव हो, नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हर एक के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जाती है। यह मांग उठनी चाहिए कि जैसे एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार है, ठीक उसी तरह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की बात होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है कि पंचायत चुनाव के लिए अलग मतदाता सूची बनती है? जब नगर परिषद या नगर निगम का चुनाव होता है, तो उसके लिए अलग सूची बनाई जाती है। ठीक इसी तरह विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए भी अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। चारों चुनावों के इलेक्शन रोल में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र का पहला आधार है। अगर आप मतदाता सूची में ही गड़बड़ी रखेंगे, तो कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पूरी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठता है।
    user_Newslahar
    Newslahar
    Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
    1 hr ago
  • बिक्रम विधानसभा के विधायक सिद्धार्थ सौरव ने नौबतपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित कई गांवों का किया बाटा तहत सामग्री नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट बिक्रम विधानसभा सी भाजपा विधायक सह विधानसभा निवेदन समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ सौरव ने बिक्रम विधानसभा के नौबतपुर प्रखंड के बाद प्रभावित लगभग एक दर्जन गांवों का दौरा किया और लोगो के बिच राहत सामग्री का वितरण किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 500 एकड़ में लगी धान कि फसल डूब गए। जिससे इनलोगों के सामने भुखमरी कि समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते है जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वही इस मौके पर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष शंकर शर्मा,उपाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा पूर्व मुखिया धर्मदेव सिंह समेत सभी संबंधितविभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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    बिक्रम विधानसभा के विधायक सिद्धार्थ सौरव ने नौबतपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित कई गांवों का किया बाटा तहत सामग्री 
नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट 
बिक्रम विधानसभा सी भाजपा विधायक सह विधानसभा निवेदन समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ सौरव ने बिक्रम विधानसभा के नौबतपुर प्रखंड 
के बाद प्रभावित लगभग एक दर्जन गांवों का दौरा किया और लोगो के बिच राहत सामग्री का वितरण किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 500 एकड़ में लगी धान कि फसल डूब गए। जिससे इनलोगों के सामने भुखमरी कि समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते है जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वही इस मौके पर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष शंकर शर्मा,उपाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा पूर्व मुखिया धर्मदेव सिंह समेत सभी संबंधितविभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
    user_अवनीश कुमार
    अवनीश कुमार
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
  • हाजीपुर राहत शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ से प्रभावी लोगो के साथ खाना खाया
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    हाजीपुर राहत शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट  चौधरी ने बाढ़ से प्रभावी  लोगो के साथ खाना खाया
    user_NEW NEWS BHARAT 365
    NEW NEWS BHARAT 365
    फुलवारी, पटना, बिहार•
    9 hrs ago
  • फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने को लेकर अंचल कार्यालय में हंगामा। स्टोरी:- पटना में बाढ़ से प्रभावित लोगों ने अंचलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव, जमकर किया हंगामा ! ★ फतुहा को बाढ़ प्रभावित घोषित करने और मुवावजे की मांग की ! एंकर:- पटना में गंगा और पुनपुन नदी समेत कई सहायक नदियां उफान पर है जिसके कारण पटना के फतुहा इलाका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है। वही बाढ़ से ग्रसित लोगो को राहत सामग्री नही मिलने से उनका गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगो ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा करने लगे। जहाँ लोगो का कहना था कि फतुहा इलका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है उसके बावजूद भी लोगो को राहत सामग्री और मवेशियों को चारा प्रशासन द्वारा उपलब्ध नही कराया जा रहा है। वही आक्रोशित लोगों ने फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के साथ साथ मुवावजे की मांग की है। बाइट:- शैलेंद्र यादव, स्थानीय
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    फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने को लेकर अंचल कार्यालय में हंगामा।
स्टोरी:- पटना में बाढ़ से प्रभावित लोगों ने अंचलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव, जमकर किया हंगामा ! 
★ फतुहा को बाढ़ प्रभावित घोषित करने और मुवावजे की मांग की ! 
एंकर:- पटना में गंगा और पुनपुन नदी समेत कई सहायक नदियां उफान पर है जिसके कारण पटना के फतुहा इलाका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है। वही बाढ़ से ग्रसित लोगो को राहत सामग्री नही मिलने से उनका गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगो ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा करने लगे। जहाँ लोगो का कहना था कि फतुहा इलका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है उसके बावजूद भी लोगो को राहत सामग्री और मवेशियों को चारा प्रशासन द्वारा उपलब्ध नही कराया जा रहा है। वही आक्रोशित लोगों ने फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के साथ साथ मुवावजे की मांग की है। 
बाइट:- शैलेंद्र यादव, स्थानीय
    user_रजनीश कुमार
    रजनीश कुमार
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    23 hrs ago
  • पुनपुन नदी
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    पुनपुन नदी
    user_Rahul Kumar Raj News
    Rahul Kumar Raj News
    Naubatpur, Patna•
    8 hrs ago
  • 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 10 बीघे से अधिक धान की फसल डूबी, किसानों की बढ़ी चिंता0-40 सेंटीमीटर और बढ़ा जलस्तर तो अप लाइन भी हो सकती है बंद; कई मेमू ट्रेनें रद्द, कई एक्सप्रेस ट्रेनों के बदले मार्ग पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी ने करीब 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार उफनती नदी का पानी पुनपुन बाजार, थाना परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं, 10 बीघे से अधिक में लगी धान की फसल पानी में डूब जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से खेतों में मेहनत कर तैयार की गई फसल के डूबने से उन्हें भारी नुकसान की आशंका है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पुनपुन के प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला मार्ग को दोनों ओर से पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रशासन के निर्देश के बाद इस रास्ते से आम लोगों और ग्रामीणों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी, डाउन लाइन बंद पुनपुन घाट स्थित रेल पुल संख्या-21 पर भी बाढ़ का पानी डाउन लाइन के ट्रैक से होते हुए पुल के गार्डर तक पहुंच गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए PPN-PRBZ सेक्शन की डाउन लाइन को 4 सितंबर की रात 8:10 बजे से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। पुनपुन स्टेशन प्रबंधक संजय गोयल के अनुसार, ट्रैक पर पानी पहुंचने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसके बाद कुछ ट्रेनों को पुनपुन घाट से परसा बाजार के बीच अप लाइन से चलाया गया। इनमें 22350 वंदे भारत एक्सप्रेस, 12346 जनशताब्दी एक्सप्रेस और 63258 डाउन पैसेंजर समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे के अनुसार नदी के जलस्तर में 30 से 40 सेंटीमीटर की और वृद्धि होने पर सुरक्षा के मद्देनजर अप लाइन को भी बंद करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में पटना-गया रेलखंड पर रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। 1976 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा नदी का पानी बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर 53.28 मीटर दर्ज किया गया है। उनके अनुसार यह 1976 के बाद नदी में दर्ज किया गया सबसे ऊंचा जलस्तर है। नदी में लगातार उफान से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है और प्रभावित क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खेतों में घुसा पानी, किसानों की बढ़ी परेशानी नदी का पानी आसपास के खेतों में फैलने से धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। स्थानीय किसानों के अनुसार 10 बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूब चुकी है। लगातार पानी बढ़ने से खेतों में खड़ी फसल के पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। सात सितंबर को कई मेमू ट्रेनें रद्द पुनपुन रेल पुल पर बढ़ते पानी और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए छह सितंबर को गया-पटना रेलखंड पर कई मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें 63242 गया-पटना, 63244 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63247 पटना-गया, 63248 गया-पटना, 63250 गया-पटना, 63251 पटना-गया, 63253, 63256 गया-पटना और 63274 मेमू शामिल हैं। ट्रेनों के रद्द होने से गया, पुनपुन और पटना के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग बदले पुनपुन रेल पुल पर पानी बढ़ने के कारण पांच सितंबर को चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया। रेलवे के अनुसार 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस और 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। वहीं, 15138 बनारस-राजगीर एक्सप्रेस को DDU-गया के बजाय DDU-बक्सर-आरा-पटना होकर चलाया गया। इसी तरह 15137 राजगीर-बनारस एक्सप्रेस को पटना-आरा-बक्सर-DDU मार्ग से चलाया गया। पटना-हटिया एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। नदी और रेल पुल पर प्रशासन की पैनी नजर रेल प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें पुनपुन नदी के जलस्तर तथा रेल पुल की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनों के परिचालन को लेकर अतिरिक्त निर्णय लिया जाएगा। पुनपुन नदी के इस उफान ने जनजीवन, आवागमन और खेती—तीनों को प्रभावित कर दिया है। एक ओर बाजार और रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचने से लोग चिंतित हैं, तो दूसरी ओर खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका है। अब लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी है कि पानी घटता है या बाढ़ की स्थिति और विकराल होती है।
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    50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत  में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 
50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत  में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 10 बीघे से अधिक धान की फसल डूबी, किसानों की बढ़ी चिंता0-40 सेंटीमीटर और बढ़ा जलस्तर तो अप लाइन भी हो सकती है बंद; कई मेमू ट्रेनें रद्द, कई एक्सप्रेस ट्रेनों के बदले मार्ग
पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी ने करीब 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार उफनती नदी का पानी पुनपुन बाजार, थाना परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं, 10 बीघे से अधिक में लगी धान की फसल पानी में डूब जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से खेतों में मेहनत कर तैयार की गई फसल के डूबने से उन्हें भारी नुकसान की आशंका है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पुनपुन के प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला मार्ग को दोनों ओर से पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रशासन के निर्देश के बाद इस रास्ते से आम लोगों और ग्रामीणों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी, डाउन लाइन बंद पुनपुन घाट स्थित रेल पुल संख्या-21 पर भी बाढ़ का पानी डाउन लाइन के ट्रैक से होते हुए पुल के गार्डर तक पहुंच गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए PPN-PRBZ सेक्शन की डाउन लाइन को 4 सितंबर की रात 8:10 बजे से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
पुनपुन स्टेशन प्रबंधक संजय गोयल के अनुसार, ट्रैक पर पानी पहुंचने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसके बाद कुछ ट्रेनों को पुनपुन घाट से परसा बाजार के बीच अप लाइन से चलाया गया। इनमें 22350 वंदे भारत एक्सप्रेस, 12346 जनशताब्दी एक्सप्रेस और 63258 डाउन पैसेंजर समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
रेलवे के अनुसार नदी के जलस्तर में 30 से 40 सेंटीमीटर की और वृद्धि होने पर सुरक्षा के मद्देनजर अप लाइन को भी बंद करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में पटना-गया रेलखंड पर रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
1976 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा नदी का पानी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर 53.28 मीटर दर्ज किया गया है। उनके अनुसार यह 1976 के बाद नदी में दर्ज किया गया सबसे ऊंचा जलस्तर है। नदी में लगातार उफान से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है और प्रभावित क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
खेतों में घुसा पानी, किसानों की बढ़ी परेशानी
नदी का पानी आसपास के खेतों में फैलने से धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। स्थानीय किसानों के अनुसार 10 बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूब चुकी है। लगातार पानी बढ़ने से खेतों में खड़ी फसल के पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सात सितंबर को कई मेमू ट्रेनें रद्द
पुनपुन रेल पुल पर बढ़ते पानी और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए छह सितंबर को गया-पटना रेलखंड पर कई मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें 63242 गया-पटना, 63244 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63247 पटना-गया, 63248 गया-पटना, 63250 गया-पटना, 63251 पटना-गया, 63253, 63256 गया-पटना और 63274 मेमू शामिल हैं।
ट्रेनों के रद्द होने से गया, पुनपुन और पटना के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग बदले
पुनपुन रेल पुल पर पानी बढ़ने के कारण पांच सितंबर को चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया। रेलवे के अनुसार 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस और 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया।
वहीं, 15138 बनारस-राजगीर एक्सप्रेस को DDU-गया के बजाय DDU-बक्सर-आरा-पटना होकर चलाया गया। इसी तरह 15137 राजगीर-बनारस एक्सप्रेस को पटना-आरा-बक्सर-DDU मार्ग से चलाया गया। पटना-हटिया एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।
नदी और रेल पुल पर प्रशासन की पैनी नजर
रेल प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें पुनपुन नदी के जलस्तर तथा रेल पुल की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनों के परिचालन को लेकर अतिरिक्त निर्णय लिया जाएगा।
पुनपुन नदी के इस उफान ने जनजीवन, आवागमन और खेती—तीनों को प्रभावित कर दिया है। एक ओर बाजार और रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचने से लोग चिंतित हैं, तो दूसरी ओर खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका है। अब लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी है कि पानी घटता है या बाढ़ की स्थिति और विकराल होती है।
    user_Niraj kumar
    Niraj kumar
    पत्रकार मसहौढ़ी, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
  • 🚨 बड़हरा प्रखंड कार्यालय में हंगामा! मुखिया और अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक, परिसर में मची अफरा-तफरी बड़हरा। बाढ़ राहत और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़हरा प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को अचानक माहौल गरमा गया। किसी मुद्दे को लेकर एक मुखिया और प्रखंड अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस तेज हो गई, जिससे कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही। घटना के बाद प्रखंड कार्यालय में मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और सभी की नजरें विवाद की ओर टिक गईं। हालांकि, विवाद की सटीक वजह क्या थी और दोनों पक्षों की ओर से क्या कहा गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले को लेकर संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 📹 घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
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    🚨 बड़हरा प्रखंड कार्यालय में हंगामा!

मुखिया और अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक, परिसर में मची अफरा-तफरी

बड़हरा। बाढ़ राहत और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़हरा प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को अचानक माहौल गरमा गया। किसी मुद्दे को लेकर एक मुखिया और प्रखंड अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस तेज हो गई, जिससे कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही। घटना के बाद प्रखंड कार्यालय में मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और सभी की नजरें विवाद की ओर टिक गईं।

हालांकि, विवाद की सटीक वजह क्या थी और दोनों पक्षों की ओर से क्या कहा गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले को लेकर संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

📹 घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
    user_अजय कुमार
    अजय कुमार
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    19 min ago
  • आरा बाढ़ में पूर्णिया संसद पप्पू यादव का गारी पानी में फंसा
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    आरा बाढ़ में पूर्णिया संसद पप्पू यादव का गारी पानी में  फंसा
    user_NEW NEWS BHARAT 365
    NEW NEWS BHARAT 365
    फुलवारी, पटना, बिहार•
    9 hrs ago
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