माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अप्रैल माह में "Transformative Tuesdays" - Legal Literacy & Sensitization Programme" अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत, राजगढ़ मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विद्यालयों में "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम, साइबर सुरक्षा और नालसा/रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। तालुुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने यह जानकारी दी। इसी क्रम में, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार राजगढ़ स्थित राव एजुकेशन एकेडमी कोठी नारायणपुर, टैगोर पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोठी नारायणपुर राजगढ़, तथा रैणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी व राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा और पैरा लीगल वोलेन्टियर श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी व शिवकान्त शर्मा उपस्थित रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं को "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा ने बताया कि बाल विवाह एक अभिशाप है जिससे समाज का विकास रुकता है, और उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की। साथ ही, बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताया गया; जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी, चाहे वह होटलों या दुकानों पर हो, करवाना गैरकानूनी है और ऐसा करवाने पर होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य संबंधित व्यक्तियों को विधिक रूप से दंडित किया जाता है। बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया, जिसमें साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया गया। यह भी सूचित किया गया कि साइबर सिक्योरिटी को लेकर विद्यालयों में "कोर्ट वाली दीदी" नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं। यदि छात्र डर या झिझक के कारण अपनी परेशानी या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट को सीधे नहीं बता पाते हैं, तो वे उसे लिखकर या स्क्रीनशॉट डालकर इस बॉक्स में डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अप्रैल माह में "Transformative Tuesdays" - Legal Literacy & Sensitization Programme" अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत, राजगढ़ मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विद्यालयों में "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम, साइबर सुरक्षा और नालसा/रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। तालुुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने यह जानकारी दी। इसी क्रम में, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री
लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार राजगढ़ स्थित राव एजुकेशन एकेडमी कोठी नारायणपुर, टैगोर पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोठी नारायणपुर राजगढ़, तथा रैणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी व राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा और पैरा लीगल वोलेन्टियर श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी व शिवकान्त शर्मा उपस्थित रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं को "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद
शर्मा ने बताया कि बाल विवाह एक अभिशाप है जिससे समाज का विकास रुकता है, और उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की। साथ ही, बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताया गया; जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी, चाहे वह होटलों या दुकानों पर हो, करवाना गैरकानूनी है और ऐसा करवाने पर होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य संबंधित व्यक्तियों को विधिक रूप से दंडित किया जाता है। बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया
गया, जिसमें साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया गया। यह भी सूचित किया गया कि साइबर सिक्योरिटी को लेकर विद्यालयों में "कोर्ट वाली दीदी" नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं। यदि छात्र डर या झिझक के कारण अपनी परेशानी या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट को सीधे नहीं बता पाते हैं, तो वे उसे लिखकर या स्क्रीनशॉट डालकर इस बॉक्स में डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
- माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अप्रैल माह में "Transformative Tuesdays" - Legal Literacy & Sensitization Programme" अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत, राजगढ़ मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विद्यालयों में "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम, साइबर सुरक्षा और नालसा/रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। तालुुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने यह जानकारी दी। इसी क्रम में, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार राजगढ़ स्थित राव एजुकेशन एकेडमी कोठी नारायणपुर, टैगोर पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोठी नारायणपुर राजगढ़, तथा रैणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी व राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा और पैरा लीगल वोलेन्टियर श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी व शिवकान्त शर्मा उपस्थित रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं को "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा ने बताया कि बाल विवाह एक अभिशाप है जिससे समाज का विकास रुकता है, और उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की। साथ ही, बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताया गया; जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी, चाहे वह होटलों या दुकानों पर हो, करवाना गैरकानूनी है और ऐसा करवाने पर होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य संबंधित व्यक्तियों को विधिक रूप से दंडित किया जाता है। बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया, जिसमें साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया गया। यह भी सूचित किया गया कि साइबर सिक्योरिटी को लेकर विद्यालयों में "कोर्ट वाली दीदी" नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं। यदि छात्र डर या झिझक के कारण अपनी परेशानी या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट को सीधे नहीं बता पाते हैं, तो वे उसे लिखकर या स्क्रीनशॉट डालकर इस बॉक्स में डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।4
- दौसा जिले के महवा स्थित हड़िया गांव में तलाई मंदिर के बोरवेल से कीमती केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटना 5 तारीख की रात को हुई, जब चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मंदिर के सार्वजनिक पानी की व्यवस्था से जुड़े बोरवेल से केबल काट ली और उसे चुरा ले गए। इस वारदात को केवल एक केबल की चोरी नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पूरे गांव की व्यवस्था और आस्था के लिए एक सीधी चुनौती बताया गया है। ग्रामीणों ने इस घटना की तुलना पहले हुई आईटी केंद्र की बड़ी टंकी पर हुई वारदात से करते हुए चिंता जताई कि चोर अब मंदिर जैसी पवित्र जगहों और सार्वजनिक पानी की व्यवस्था को भी नहीं बख्श रहे हैं। राजवीर ब्लॉक्स ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तक पूरा गांव एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक ये चोर लोगों के हक़ और संपत्ति पर इसी तरह डाका डालते रहेंगे। उन्होंने सभी ग्रामीणों से 'अब जागने का समय आ गया है!' का आह्वान करते हुए एकजुट होकर इस समस्या का सामना करने की अपील की है।1
- अलवर मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में आने वाली नई भर्तियों से संबंधित जानकारी अब सबसे पहले प्राप्त की जा सकती है। वेल्डर, हेल्पर, ऑपरेटर और अन्य विभिन्न पदों के लिए रोजगार अपडेट्स पाने हेतु 'Voice of Labour' को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके माध्यम से रोजगार की सही जानकारी सबसे पहले उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।1
- राजस्थान कांग्रेस के अनुसूचित जाति वर्ग प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ममता भूपेश से दलितों से जुड़े अहम मुद्दों पर एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किया गया। उनसे तीखे सवाल पूछे गए कि दलितों पर लगातार हो रहे अत्याचारों के बावजूद, कांग्रेस उनके साथ खड़ी क्यों नहीं दिखती, जबकि वह स्वयं दलित प्रकोष्ठ की अध्यक्ष हैं। इंटरव्यू में यह भी पूछा गया कि क्या कांग्रेस को केवल दलितों के वोट चाहिए या दलित उनके लिए 'आसान वोट' हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले नेताओं पर जातिवादी मानसिकता से ग्रसित लोगों द्वारा किए जा रहे हमलों का कांग्रेस के नेता खुलकर विरोध क्यों नहीं करते। यह इंटरव्यू इन्हीं तमाम सवालों पर आधारित है, जिसका मकसद इन गंभीर आरोपों पर ममता भूपेश से जवाब जानना है।1
- सैंथल उपखंड क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली, जिसके बाद भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। इस तेज़ बारिश से उमस और बढ़ते तापमान से परेशान लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। सैंथल कस्बे और उसके आसपास के गाँवों में दोपहर बाद से ही बारिश जारी है। आसमान में काले-पीले बादल छाए हुए हैं और लगातार मेघ गर्जना के साथ रिमझिम बारिश का सिलसिला चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 9 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है, साथ ही रात में भी बारिश होने की उम्मीद है।1
- दौसा जिले के कोलवा पुलिस ने भांवता गांव में हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे आगामी 10 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब आरोपी से इस मामले में गहन पूछताछ करेगी।1
- दौसा जिले के भांवता गांव में पति-पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोलवा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी जीतू मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल वर्मा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी का करीब 2 किलोमीटर तक अपनी गाड़ी से पीछा किया और तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया। पुलिस की इस तेज़ और साहसिक कार्रवाई की क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- अलवर जिले के राजगढ़ स्थित विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। ताल्लुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि लक्ष्मी बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, अपूर्वा पब्लिक विद्यालय, बाल भारती उच्च माध्यमिक विद्यालय (टहला रोड), और सरस्वती बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में इन शिविरों का आयोजन हुआ। यह आयोजन माननीय अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री दिलीप कुमार मीणा (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 01 राजगढ़), श्रीमती प्रशंसा अग्रवाल (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 02 राजगढ़), श्री आदित्य वशिष्ठ (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़) और श्रीमती यशस्वी शर्मा (अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़) ने छात्रों को जागरूक किया। इन शिविरों का मुख्य विषय था, "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाइल नहीं: अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें"। उपस्थित छात्र-छात्राओं को बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, चरस, गांजा, कूकीन व अन्य प्रकार के नशे से बचने की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही इन नशों से होने वाली बीमारियों और आज के युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और बाल विवाह निषेध अधिनियम सहित अन्य कानूनी जानकारियाँ दी गईं। बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताते हुए, यह समझाया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी करवाना, चाहे वह होटलों, दुकानों या अन्य कार्यों पर हो, कानूनन दण्डनीय है और इसमें होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य को विधिक रूप से दण्डित किया जा सकता है। साइबर सुरक्षा के तहत, साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के प्रति भी बच्चों को जागरूक किया गया। विद्यालय में "कोर्ट वाली दीदी" के नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं, जहाँ छात्र डर या झिझक के कारण न बता पाने वाली अपनी समस्याओं या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट लिखकर डाल सकते हैं, जिस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तुरंत जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।4