दौसा जिले के महवा स्थित हड़िया गांव में तलाई मंदिर के बोरवेल से कीमती केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटना 5 तारीख की रात को हुई, जब चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मंदिर के सार्वजनिक पानी की व्यवस्था से जुड़े बोरवेल से केबल काट ली और उसे चुरा ले गए। इस वारदात को केवल एक केबल की चोरी नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पूरे गांव की व्यवस्था और आस्था के लिए एक सीधी चुनौती बताया गया है। ग्रामीणों ने इस घटना की तुलना पहले हुई आईटी केंद्र की बड़ी टंकी पर हुई वारदात से करते हुए चिंता जताई कि चोर अब मंदिर जैसी पवित्र जगहों और सार्वजनिक पानी की व्यवस्था को भी नहीं बख्श रहे हैं। राजवीर ब्लॉक्स ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तक पूरा गांव एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक ये चोर लोगों के हक़ और संपत्ति पर इसी तरह डाका डालते रहेंगे। उन्होंने सभी ग्रामीणों से 'अब जागने का समय आ गया है!' का आह्वान करते हुए एकजुट होकर इस समस्या का सामना करने की अपील की है।
दौसा जिले के महवा स्थित हड़िया गांव में तलाई मंदिर के बोरवेल से कीमती केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटना 5 तारीख की रात को हुई, जब चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मंदिर के सार्वजनिक पानी की व्यवस्था से जुड़े बोरवेल से केबल काट ली और उसे चुरा ले गए। इस वारदात को केवल एक केबल की चोरी नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पूरे गांव की व्यवस्था और आस्था के लिए एक सीधी चुनौती बताया गया है। ग्रामीणों ने इस घटना की तुलना पहले हुई आईटी केंद्र की बड़ी टंकी पर हुई वारदात से करते हुए चिंता जताई कि चोर अब मंदिर जैसी पवित्र जगहों और सार्वजनिक पानी की व्यवस्था को भी नहीं बख्श रहे हैं। राजवीर ब्लॉक्स ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तक पूरा गांव एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक ये चोर लोगों के हक़ और संपत्ति पर इसी तरह डाका डालते रहेंगे। उन्होंने सभी ग्रामीणों से 'अब जागने का समय आ गया है!' का आह्वान करते हुए एकजुट होकर इस समस्या का सामना करने की अपील की है।
- दौसा जिले के महवा स्थित हड़िया गांव में तलाई मंदिर के बोरवेल से कीमती केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटना 5 तारीख की रात को हुई, जब चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मंदिर के सार्वजनिक पानी की व्यवस्था से जुड़े बोरवेल से केबल काट ली और उसे चुरा ले गए। इस वारदात को केवल एक केबल की चोरी नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पूरे गांव की व्यवस्था और आस्था के लिए एक सीधी चुनौती बताया गया है। ग्रामीणों ने इस घटना की तुलना पहले हुई आईटी केंद्र की बड़ी टंकी पर हुई वारदात से करते हुए चिंता जताई कि चोर अब मंदिर जैसी पवित्र जगहों और सार्वजनिक पानी की व्यवस्था को भी नहीं बख्श रहे हैं। राजवीर ब्लॉक्स ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जब तक पूरा गांव एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक ये चोर लोगों के हक़ और संपत्ति पर इसी तरह डाका डालते रहेंगे। उन्होंने सभी ग्रामीणों से 'अब जागने का समय आ गया है!' का आह्वान करते हुए एकजुट होकर इस समस्या का सामना करने की अपील की है।1
- करौली में पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने हिंडौन-करौली सड़क मार्ग पर कटकड़ मोड़ और टोडूपुरा मोड़ पर सोमवार शाम से ही जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान मांग कर रहे हैं कि कमांड क्षेत्र में समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। धरनास्थल पर राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और सपोटरा विधायक हंसराज मीणा पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा किसानों से वार्ता का दौर लगातार जारी है। समाचार लिखे जाने तक आंदोलन और जाम की स्थिति बनी हुई थी।1
- राजस्थान के करौली जिले की हिंडौन सिटी में पांचना बांध से सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान हिंडौन-करौली सड़क मार्ग पर टोडूपुरा-कटकड मोड़ पर सोमवार शाम से ही जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे किसानों ने स्पष्ट किया है कि सरकार को कमांड एरिया की नहरों में समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि उनकी फसलें खराब न हों। किसानों के प्रदर्शन के बीच, राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना और सपोटरा विधायक हंसराज मीना मौके पर पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने किसानों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को मामले के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। फिलहाल, टोडूपुरा-कटकड मोड़ पर लगा जाम अभी तक नहीं खुल पाया है और पुलिस तथा प्रशासन का किसानों के साथ बातचीत का दौर अभी भी जारी है।1
- माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अप्रैल माह में "Transformative Tuesdays" - Legal Literacy & Sensitization Programme" अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत, राजगढ़ मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विद्यालयों में "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम, साइबर सुरक्षा और नालसा/रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। तालुुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने यह जानकारी दी। इसी क्रम में, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार राजगढ़ स्थित राव एजुकेशन एकेडमी कोठी नारायणपुर, टैगोर पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोठी नारायणपुर राजगढ़, तथा रैणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी व राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय माचाड़ी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा और पैरा लीगल वोलेन्टियर श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी व शिवकान्त शर्मा उपस्थित रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं को "बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोको: बचपन व भविष्य सुरक्षित करे" थीम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो-बोनो पैनल अधिवक्ता श्री रमेश चंद शर्मा ने बताया कि बाल विवाह एक अभिशाप है जिससे समाज का विकास रुकता है, और उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की। साथ ही, बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताया गया; जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी, चाहे वह होटलों या दुकानों पर हो, करवाना गैरकानूनी है और ऐसा करवाने पर होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य संबंधित व्यक्तियों को विधिक रूप से दंडित किया जाता है। बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया, जिसमें साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया गया। यह भी सूचित किया गया कि साइबर सिक्योरिटी को लेकर विद्यालयों में "कोर्ट वाली दीदी" नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं। यदि छात्र डर या झिझक के कारण अपनी परेशानी या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट को सीधे नहीं बता पाते हैं, तो वे उसे लिखकर या स्क्रीनशॉट डालकर इस बॉक्स में डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।4
- मंगलवार शाम हिंडौन सिटी में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ली। काली घटाएं छाने के बाद करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान शहरवासियों को बड़ी राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण सड़कों पर पानी बहता दिखाई दिया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। खासकर, लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। किसानों ने बताया कि यह समय पर हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होगी। मौसम में आई ठंडक ने शहर का वातावरण खुशनुमा बना दिया, जिसके चलते लोगों ने शाम का खूब आनंद लिया।1
- बयाना क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद, यहाँ का प्रसिद्ध इमलिया कुंड झरना एक बार फिर पूरे वेग से बहने लगा है। इस झरने के फिर से शुरू होने के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं।1
- हिण्डोन में तेज़ हवा और आंधी चलने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- अलवर जिले के राजगढ़ स्थित विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। ताल्लुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि लक्ष्मी बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, अपूर्वा पब्लिक विद्यालय, बाल भारती उच्च माध्यमिक विद्यालय (टहला रोड), और सरस्वती बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में इन शिविरों का आयोजन हुआ। यह आयोजन माननीय अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. श्री लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री दिलीप कुमार मीणा (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 01 राजगढ़), श्रीमती प्रशंसा अग्रवाल (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 02 राजगढ़), श्री आदित्य वशिष्ठ (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़) और श्रीमती यशस्वी शर्मा (अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़) ने छात्रों को जागरूक किया। इन शिविरों का मुख्य विषय था, "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाइल नहीं: अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें"। उपस्थित छात्र-छात्राओं को बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, चरस, गांजा, कूकीन व अन्य प्रकार के नशे से बचने की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही इन नशों से होने वाली बीमारियों और आज के युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और बाल विवाह निषेध अधिनियम सहित अन्य कानूनी जानकारियाँ दी गईं। बाल श्रम को एक कानूनी अपराध बताते हुए, यह समझाया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी करवाना, चाहे वह होटलों, दुकानों या अन्य कार्यों पर हो, कानूनन दण्डनीय है और इसमें होटलों के मालिक, माता-पिता व अन्य को विधिक रूप से दण्डित किया जा सकता है। साइबर सुरक्षा के तहत, साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के प्रति भी बच्चों को जागरूक किया गया। विद्यालय में "कोर्ट वाली दीदी" के नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गए हैं, जहाँ छात्र डर या झिझक के कारण न बता पाने वाली अपनी समस्याओं या संदिग्ध मैसेज के स्क्रीनशॉट लिखकर डाल सकते हैं, जिस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तुरंत जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।4