रीवा जिले में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जहाँ मनगवां तहसील के सिरसा क्षेत्र में पदस्थ पटवारी वीरेंद्र तिवारी का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पटवारी वीरेंद्र तिवारी एक महिला से नकदी लेते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में महिला पटवारी से यह कहती सुनाई दे रही है कि उसने कर्ज लेकर पैसों का इंतजाम किया है, और उसका काम हर हाल में किया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि यह राशि नामांतरण के कार्य को पूरा करने के एवज में ली गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है, और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रीवा जिले में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जहाँ मनगवां तहसील के सिरसा क्षेत्र में पदस्थ पटवारी वीरेंद्र तिवारी का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पटवारी वीरेंद्र तिवारी एक महिला से नकदी लेते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में महिला पटवारी से यह कहती सुनाई दे रही है कि उसने कर्ज लेकर पैसों का इंतजाम किया है, और उसका काम हर हाल में किया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि यह राशि नामांतरण के कार्य को पूरा करने के एवज में ली गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है, और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- रीवा जिले में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जहाँ मनगवां तहसील के सिरसा क्षेत्र में पदस्थ पटवारी वीरेंद्र तिवारी का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पटवारी वीरेंद्र तिवारी एक महिला से नकदी लेते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में महिला पटवारी से यह कहती सुनाई दे रही है कि उसने कर्ज लेकर पैसों का इंतजाम किया है, और उसका काम हर हाल में किया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि यह राशि नामांतरण के कार्य को पूरा करने के एवज में ली गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है, और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सतना के बिरसिंहपुर में स्थित न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की तलाश कर रहे अभिभावकों के लिए एक समाधान प्रस्तुत करता है। हाल ही में एक वीडियो के माध्यम से विद्यालय का पूरा परिसर दौरा कराया गया है, जिसमें इसकी आधुनिक सुविधाओं और शैक्षिक वातावरण को उजागर किया गया है। इस दौरे में विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार, आधुनिक एवं आकर्षक कक्षाएँ, सुव्यवस्थित कार्यालय, स्मार्ट लर्निंग एन्वॉयरनमेंट, कंप्यूटर एवं एक्टिविटी एरिया, और स्वच्छ व सुरक्षित वॉशरूम जैसी सुविधाएँ शामिल थीं। इसके साथ ही, खेल और अन्य सुविधाएँ भी विद्यालय परिसर में उपलब्ध हैं। न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल LKG से लेकर 8वीं कक्षा तक के बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है। विद्यालय का घोषित उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक बेहतर इंसान और उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना है, जिसे उनके आदर्श वाक्य "आज की बेहतर शिक्षा, कल का उज्ज्वल भविष्य" में दर्शाया गया है। अधिक जानकारी एवं प्रवेश संबंधी पूछताछ के लिए अभिभावक 9109050582 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- रीवा के वार्ड 16, आजाद नगर में पिछले छह वर्षों से सीवर नाली का बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है, जो किसी भी कार्य के योग्य नहीं है। यहाँ की जनता को मजबूरन यही गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अधिकारियों द्वारा आज तक इसका निराकरण नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले पर न तो महापौर और न ही नगर आयुक्त महोदय कोई संज्ञान ले रहे हैं। यह उपमुख्यमंत्री जी का विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद, उन पर भी जनता की इस परेशानी से कोई सरोकार न रखने का आरोप लगाया गया है।4
- सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित वार्ड क्रमांक 13 के बरसाती नाला रामघाट की वर्तमान स्थिति नगर परिषद पर गंभीर सवाल उठाती है। यहाँ नगर परिषद ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत नदी-नालों की साफ-सफाई का कोई भी काम नहीं किया है। इस स्थिति को देखते हुए, 'जल गंगा संवर्धन अभियान' मात्र कोरी हवावाजी बनकर रह गया है। नगर परिषद रामपुर बघेलान द्वारा की गई यह अनदेखी इस महत्वपूर्ण अभियान को सीधे तौर पर ठेंगा दिखाती प्रतीत होती है, विशेषकर वार्ड क्रमांक 13 के रामघाट में साफ-सफाई के मामले में।1
- मैहर में स्थित 'मौत का कुआं' नामक स्थान का रहस्य और गहरा गया है। वैज्ञानिकों द्वारा इसके संबंध में किए गए कुछ दावों के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं एक प्रयोग किया, जिसमें उन्होंने एक बकरी को कुएं में उतारकर इन दावों की सत्यता को परखा।1
- मध्य प्रदेश के सतना-रीवा बाईपास पर स्थित एक फ्लाईओवर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ कंक्रीट से सरिए (रॉड) बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दिया है, जो परियोजना की घटिया गुणवत्ता को उजागर कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर के कई हिस्सों से बाहर निकली ये रॉड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई हैं, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इन निवासियों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने और फ्लाईओवर की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की पुरज़ोर मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो यह फ्लाईओवर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक न तो संबंधित विभाग और न ही निर्माण एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।2
- प्रभु जगन्नाथ स्वामी जी के मंदिर के बाहर रात्रि के समय का एक मनमोहक दृश्य सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा-सीधी मार्ग के चौड़ीकरण परियोजना में भू-अर्जन और मुआवजे की विसंगतियों को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो रहा है। इसी क्रम में, रीवा जिले की गुढ़ तहसील के ग्राम महसांव, रीठी, खाम्हा, खड्डा और उमरी के बड़ी संख्या में प्रभावित भू-स्वामी व किसान आज प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के निवास पर पहुंचे। किसानों ने नेशनल हाईवे 39 के लिए अधिग्रहित की गई अपनी जमीनों के मुआवजे में नियमों के अनुरूप मूल्यांकन न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने डिप्टी सीएम को अवगत कराया कि इसी रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित रीवा जिले की हुजूर तहसील के लोही गांव में भू-अर्जन का मुआवजा नियमों के तहत पूरी तरह से सही और संतोषजनक ढंग से बनाया गया है। इसके विपरीत, गुढ़ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में अधिग्रहित जमीनों का मुआवजा सही तरीके से नहीं आंका गया है, जिससे मूल्यांकन में हुई इस बड़ी लापरवाही और विसंगति के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर पूर्व में जिला कलेक्टर, स्थानीय विधायक और क्षेत्र के सांसद से भी मुलाकात कर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। न्याय की उम्मीद में, किसानों ने डिप्टी सीएम से गुढ़ तहसील के गांवों में भी लोही गांव की तर्ज पर ही नियमों के अनुरूप मुआवजा राशि तय करने की मांग की। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1