Shuru
Apke Nagar Ki App…
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अपने आवास पर अपने दोनों बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।
गजेन्द्र कुमार सिंह
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अपने आवास पर अपने दोनों बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।
More news from Varanasi and nearby areas
- वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अपने आवास पर अपने दोनों बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।1
- वाराणसी के सदर में एडीसीपी नृपेंद्र कुमार ने पौधरोपण किया है। इस दौरान उन्होंने लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।1
- वाराणसी में भगवा वस्त्र धारण कर खुद को पत्रकार बताने वाले एक शख्स द्वारा दुकान-दुकान पहुंचकर मंथली मांगने का मामला सामने आया है। यह व्यक्ति साइकिल पर सवार होकर घूमता है और दुकानदारों से ₹3000 महीना मांगता है। पैसे न देने पर वह दुकानदारों को उनके खिलाफ खबर लिखने और दुकान बंद करवा देने की धमकी देता है। इसकी अजीब कार्यप्रणाली यह है कि यह पुलिस को देखते ही नमस्कार करने लगता है, लेकिन दुकानदारों को देखते ही सीधे महीना मांगने पर अड़ जाता है। इस वसूली से परेशान होकर एक पीड़ित दुकानदार ने स्थानीय लंका पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक इस मामले का कोई हल नहीं निकाला गया है। वहीं, चर्चा यह भी है कि यह भगवाधारी शख्स दिमाग से थोड़ा स्पेशल है।4
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए एक बेहद बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रशिक्षण तो दोबारा शुरू किया गया, लेकिन अब खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये की भारी-भरकम फीस देनी होगी। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी अधिक बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार के खेल प्रोत्साहन के दावों को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है या केवल कमाई का जरिया बनाने के लिए।1
- वाराणसी के रामनगर में गंगा रेती पर पतंग उड़ाने वाले युवकों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की है। इस शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई युवकों को हिरासत में ले लिया और उनका मांझा भी जब्त कर लिया।2
- जौनपुर जिले की केराकत तहसील के चंदवक थाना क्षेत्र में पुल के पास बीती रात करीब 9 बजे हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठे दूसरे युवक का पैर बुरी तरह कुचल गया। यह दुर्घटना तब हुई जब दोनों युवक वाराणसी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी होंडा शाइन बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सूरज प्रजापति उर्फ पिंकू (पुत्र तुलसी प्रजापति) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बाइक पर पीछे बैठे सुभाष प्रजापति (पुत्र महेंद्र प्रजापति) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सूरज प्रजापति की मौत की खबर मिलते ही केराकत नगर में मातम छा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सूरज के पिता तुलसी प्रजापति को बीते महीने पैरालिसिस (लकवा) मार गया था, जिससे उनका एक हाथ और एक पैर काम नहीं करता है। सूरज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं, जिनमें से एक बहन की शादी होना अभी बाकी है। सूरज मुंबई में रहकर फोर-व्हीलर गाड़ी चलाता था और अपने बीमार पिता को दवा दिलाने के लिए ही घर आया था। अविवाहित सूरज की इस असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उसकी मां व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जो बार-बार बेहोश हो जा रही हैं।2