रंका रक्तवीर समूह के सदस्य राहुल कुमार ने तीसरी बार रक्तदान कर बचाई जरूरतमंद की जान इस संबंध में आज शनिवार सुबह सात बजे मोहित चौधरी ने बताया की रंका के चौधरी मोहल्ला निवासी प्रेम चौधरी के पुत्र राकेश चौधरी रक्त की कमी से जूझ रहे थे। इस कठिन परिस्थिति में उन्होंने मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही मोहित चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए रंका रक्तवीर समूह के सक्रिय सदस्य राहुल कुमार से संपर्क किया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहुल कुमार बिना किसी संकोच के गढ़वा सदर ब्लड बैंक पहुंचे और अपना तीसरी बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद की सहायता की। इस मानवीय कार्य में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मिलन प्रमुख सोनू मधेसिया एवं युवा समाजसेवी अनिल कुमार मधेसिया का भी सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी ने कहा, "रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। समय पर किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को
रंका रक्तवीर समूह के सदस्य राहुल कुमार ने तीसरी बार रक्तदान कर बचाई जरूरतमंद की जान इस संबंध में आज शनिवार सुबह सात बजे मोहित चौधरी ने बताया की रंका के चौधरी मोहल्ला निवासी प्रेम चौधरी के पुत्र राकेश चौधरी रक्त की कमी से जूझ रहे थे। इस कठिन परिस्थिति में उन्होंने मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही मोहित चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए रंका रक्तवीर समूह के सक्रिय सदस्य राहुल कुमार से संपर्क किया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहुल कुमार बिना किसी संकोच के गढ़वा सदर ब्लड बैंक पहुंचे और अपना तीसरी बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद की सहायता की। इस मानवीय कार्य में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मिलन प्रमुख सोनू मधेसिया एवं युवा समाजसेवी अनिल कुमार मधेसिया का भी सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी ने कहा, "रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। समय पर किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को
- रंका रक्तवीर समूह के सदस्य राहुल कुमार ने तीसरी बार रक्तदान कर बचाई जरूरतमंद की जान इस संबंध में आज शनिवार सुबह सात बजे मोहित चौधरी ने बताया की रंका के चौधरी मोहल्ला निवासी प्रेम चौधरी के पुत्र राकेश चौधरी रक्त की कमी से जूझ रहे थे। इस कठिन परिस्थिति में उन्होंने मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही मोहित चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए रंका रक्तवीर समूह के सक्रिय सदस्य राहुल कुमार से संपर्क किया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहुल कुमार बिना किसी संकोच के गढ़वा सदर ब्लड बैंक पहुंचे और अपना तीसरी बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद की सहायता की। इस मानवीय कार्य में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मिलन प्रमुख सोनू मधेसिया एवं युवा समाजसेवी अनिल कुमार मधेसिया का भी सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर मेरा युवा भारत (माय भारत) गढ़वा के युवा स्वयंसेवक मोहित चौधरी ने कहा, "रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। समय पर किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को1
- गढ़वा शहर में सुबह शाम मच्छरों का प्रकोप नगर परिषद गहरी नींद में डेंगू मलेरिया के लिये रहिये तैयार बारिश में बढ़ा मच्छरों का वार सुबह उठते ही मच्छरों के दर्शन बिना मच्छरदानी नींद असंभव1
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- *समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफल आयोजन* इस संबंध में आज शुक्रवार सुबह आठ बजे बुनियादी संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने बतलाए की प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविर के दौरान कुल 32 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता एवं दिव्यांगता के प्रकार के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अपने दैनिक जीवन, शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर एवं सक्षम बन सकें। इस अवसर पर एलिम्को (ALIMCO), रांची की विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपकरणों के सही उपयोग, रख-रखाव तथा उनके अधिकतम लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। टीम द्वारा उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, ताकि बच्चे एवं उनके अभिभावक उनका सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। शिविर के दौरान बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, कैलीपर्स, सीपी चेयर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता विकसित करना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका ने कहा कि "प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार है। दिव्यांगता किसी भी बच्चे की प्रतिभा और क्षमता में बाधा नहीं बन सकती।" उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, उपलब्ध कराए गए सहायक उपकरणों का सही एवं निरंतर उपयोग सुनिश्चित करें तथा बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। शिविर में एलिम्को, रांची की ओर से डॉ. रोहित त्रिवेदी, डॉ. परमानंद, राकेश एवं अभय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका की ओर से रवि कुमार सिंह (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक), कमल सिंह कुशवाहा (प्रखंड रिसोर्स टीचर), देवेंद्र नाथ उपाध्याय संकुल साधन सेवी महबूब अंसारी (प्रखंड साधन सेवी), अनुज कुमार (प्रखंड एमआईएस), शशिकांत ठाकुर तथा बी आर सी के बड़ा बाबू रामबदन राम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह शिविर समावेशी शिक्षा की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। ऐसे आयोजन न केवल दिव्यांग बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, स्वावलंबन एवं शिक्षा के प्रति उत्साह का संचार करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
- जुलाई 2026 के मध्य (विशेषकर 19-21 जुलाई 2026 के दौरान भारी बारिश से स्थिति बिगड़ी)। bharat News bulletin प्रभावित क्षेत्र: शिवसागर, जोरहाट, और चराइदेव जैसे ऊपरी असम के जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए, जो पिछले 60 वर्षों में सबसे खराब स्थिति का सामना कर रहे हैं। जनहानि और प्रभाव: इस आपदा में अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है और 3 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि ब्रह्मपुत्र नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। असम में बाढ़ और बचाव कार्यों की स्थिति को विस्तार से देखने के लिए आप Aaj Tak की इस ग्राउंड रिपोर्ट को देख सकते हैं:1