*समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफल आयोजन* इस संबंध में आज शुक्रवार सुबह आठ बजे बुनियादी संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने बतलाए की प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविर के दौरान कुल 32 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता एवं दिव्यांगता के प्रकार के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अपने दैनिक जीवन, शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर एवं सक्षम बन सकें। इस अवसर पर एलिम्को (ALIMCO), रांची की विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपकरणों के सही उपयोग, रख-रखाव तथा उनके अधिकतम लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। टीम द्वारा उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, ताकि बच्चे एवं उनके अभिभावक उनका सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। शिविर के दौरान बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, कैलीपर्स, सीपी चेयर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता विकसित करना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका ने कहा कि "प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार है। दिव्यांगता किसी भी बच्चे की प्रतिभा और क्षमता में बाधा नहीं बन सकती।" उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, उपलब्ध कराए गए सहायक उपकरणों का सही एवं निरंतर उपयोग सुनिश्चित करें तथा बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। शिविर में एलिम्को, रांची की ओर से डॉ. रोहित त्रिवेदी, डॉ. परमानंद, राकेश एवं अभय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका की ओर से रवि कुमार सिंह (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक), कमल सिंह कुशवाहा (प्रखंड रिसोर्स टीचर), देवेंद्र नाथ उपाध्याय संकुल साधन सेवी महबूब अंसारी (प्रखंड साधन सेवी), अनुज कुमार (प्रखंड एमआईएस), शशिकांत ठाकुर तथा बी आर सी के बड़ा बाबू रामबदन राम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह शिविर समावेशी शिक्षा की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। ऐसे आयोजन न केवल दिव्यांग बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, स्वावलंबन एवं शिक्षा के प्रति उत्साह का संचार करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
*समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफल आयोजन* इस संबंध में आज शुक्रवार सुबह आठ बजे बुनियादी संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने बतलाए की प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविर के दौरान कुल 32 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता एवं दिव्यांगता के प्रकार के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अपने दैनिक जीवन, शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर एवं सक्षम बन सकें। इस अवसर पर एलिम्को (ALIMCO), रांची की विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपकरणों के सही उपयोग, रख-रखाव तथा उनके अधिकतम लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। टीम द्वारा उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, ताकि बच्चे एवं उनके अभिभावक उनका सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। शिविर के दौरान बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, कैलीपर्स, सीपी चेयर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता विकसित करना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका ने कहा कि "प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार है। दिव्यांगता किसी भी बच्चे की प्रतिभा और क्षमता में बाधा नहीं बन सकती।" उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, उपलब्ध कराए गए सहायक उपकरणों का सही एवं निरंतर उपयोग सुनिश्चित करें तथा बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। शिविर में एलिम्को, रांची की ओर से डॉ. रोहित त्रिवेदी, डॉ. परमानंद, राकेश एवं अभय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका की ओर से रवि कुमार सिंह (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक), कमल सिंह कुशवाहा (प्रखंड रिसोर्स टीचर), देवेंद्र नाथ उपाध्याय संकुल साधन सेवी महबूब अंसारी (प्रखंड साधन सेवी), अनुज कुमार (प्रखंड एमआईएस), शशिकांत ठाकुर तथा बी आर सी के बड़ा बाबू रामबदन राम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह शिविर समावेशी शिक्षा की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। ऐसे आयोजन न केवल दिव्यांग बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, स्वावलंबन एवं शिक्षा के प्रति उत्साह का संचार करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- *समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफल आयोजन* इस संबंध में आज शुक्रवार सुबह आठ बजे बुनियादी संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने बतलाए की प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविर के दौरान कुल 32 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता एवं दिव्यांगता के प्रकार के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अपने दैनिक जीवन, शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर एवं सक्षम बन सकें। इस अवसर पर एलिम्को (ALIMCO), रांची की विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपकरणों के सही उपयोग, रख-रखाव तथा उनके अधिकतम लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। टीम द्वारा उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, ताकि बच्चे एवं उनके अभिभावक उनका सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। शिविर के दौरान बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, कैलीपर्स, सीपी चेयर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता विकसित करना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका ने कहा कि "प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार है। दिव्यांगता किसी भी बच्चे की प्रतिभा और क्षमता में बाधा नहीं बन सकती।" उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, उपलब्ध कराए गए सहायक उपकरणों का सही एवं निरंतर उपयोग सुनिश्चित करें तथा बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। शिविर में एलिम्को, रांची की ओर से डॉ. रोहित त्रिवेदी, डॉ. परमानंद, राकेश एवं अभय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका की ओर से रवि कुमार सिंह (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक), कमल सिंह कुशवाहा (प्रखंड रिसोर्स टीचर), देवेंद्र नाथ उपाध्याय संकुल साधन सेवी महबूब अंसारी (प्रखंड साधन सेवी), अनुज कुमार (प्रखंड एमआईएस), शशिकांत ठाकुर तथा बी आर सी के बड़ा बाबू रामबदन राम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह शिविर समावेशी शिक्षा की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। ऐसे आयोजन न केवल दिव्यांग बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, स्वावलंबन एवं शिक्षा के प्रति उत्साह का संचार करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
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- चिनिया में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, दो युवक गंभीर घायल, एक रांची रेफर हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया थाना मुख्यालय स्थित न्यू बस स्टैंड निवासी अर्जुन प्रसाद के घर के पास बुधवार की रात करीब 9:30 बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनिया पहुंचाया गया। घायलों की पहचान थाना क्षेत्र के रानीचेरी गांव निवासी सीताराम कोरवा के पुत्र संतोष कोरवा तथा चिनिया मुख्यालय निवासी रमेश प्रसाद के पुत्र विनय कुमार के रूप में हुई है। अस्पताल में एएनएम बबीता कुमारी और सुशीला टोप्पो ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। संतोष कोरवा की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि विनय कुमार को भी बेहतर इलाज के लिए गढ़वा जाने की सलाह दी गई। गुरुवार सुबह परिजनों ने बताया कि गढ़वा सदर अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने संतोष कोरवा को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। परिजन उसे गुरुवार सुबह रांची ले जाने की तैयारी में जुटे थे। बताया गया कि हादसे में संतोष के एक पैर के घुटने की हड्डी टूट गई है। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1