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उज्जैन के शिप्रा संगम स्थल, खुड़ेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक रिसोर्ट में एक चौकीदार ने अपनी पत्नी का क़त्ल कर दिया है। यह घटना रिसोर्ट परिसर के भीतर हुई।
राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
उज्जैन के शिप्रा संगम स्थल, खुड़ेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक रिसोर्ट में एक चौकीदार ने अपनी पत्नी का क़त्ल कर दिया है। यह घटना रिसोर्ट परिसर के भीतर हुई।
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- इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र के कम्पेल चौकी अंतर्गत ग्राम उज्जैनी में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहाँ एक चौकीदार पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी पति राहुल बर्मन ने अपनी पत्नी सुमन पर गैस सिलेंडर से वार किया और गंभीर मारपीट की, जिससे सुमन की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के वक्त उनके दो छोटे बच्चे घर में ही मौजूद थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। यह घटना ग्राम उज्जैनी स्थित आनंदराज फार्म के पास की है, जहाँ आसिफ रंगरेज के फार्म पर राहुल बर्मन अपनी पत्नी सुमन के साथ चौकीदारी का काम करता था। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह भी बताया गया है कि विवाद का एक कारण आरोपी की साली का फोन पर बात करना था, और इसे एक घरेलू विवाद के तौर पर देखा जा रहा है। आरोपी राहुल बर्मन की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से उमरिया जिले के बीरसिंहपुर गांव का निवासी है। घटना की सूचना मिलते ही कम्पेल चौकी और खुड़ैल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी उमाकांत चौधरी और एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति राहुल बर्मन को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।1
- इंदौर के पास कंपल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुडेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक फार्म हाउस में एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति ने ही उसे बेरहमी से पीटने के बाद मौत के घाट उतार दिया।1
- #Indore: स्वच्छता में नंबर-1 शहर में गरीबों की जेब पर डाका! 🚨 वार्ड 70 (झोन 2, धार रोड) पर फुटपाथ के गरीब कपड़ा व्यापारियों से नगर निगम की 'पीली गैंग' द्वारा 50, 100 रूपये की अवैध वसूली का सनसनीखेज खुलासा! वसूली करने वाले युवक 'एवजी खान' का कैमरे पर बड़ा कबूलनामा- "मैं यह उगाही झोन 2 के CSI अक्षय सिंह गौतम के कहने पर करता हूँ और सारे पैसे उन्हीं को देता हूँ।" @ComIndore @CMMadhyaPradesh @GOMadhyaPradesh संज्ञान लें! कैमरे पर पुख्ता सबूत होने के बाद भी इन भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? क्या गरीबों को हक से रोजी-रोटी कमाने का भी अधिकार नहीं है?1
- इंदौर के अन्नपूर्णा थाने में एक युवक के खिलाफ महापौर के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता जयेश जैन द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि "हेमंत आहूजा" नामक व्यक्ति ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महापौर के संबंध में तथ्यहीन, आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट तथा कमेंट किए हैं। इन पोस्टों के माध्यम से महापौर की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को इन संबंधित पोस्टों के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद यह मामला दर्ज किया गया है और अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह ज्ञात हो कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क) नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन यह अधिकार पूर्णतः असीमित नहीं है। किसी शहर, व्यक्ति, संस्था या जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपमानजनक भाषा, झूठे आरोप, मानहानिकारक टिप्पणी या भ्रम फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करना कानून के दायरे में जांच का विषय हो सकता है। हाल के दिनों में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और व्यक्तिगत आरोपों को लेकर प्रशासन और पुलिस की सतर्कता में वृद्धि देखी गई है।1
- एक राष्ट्रीय सर्वे में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM) इंदौर ने शानदार प्रदर्शन किया है।1
- इंदौर के एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आचार्य ब्रह्मचारी प्रशांत के निर्देशन में एक विशेष सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान को भारतीय गौरवशाली सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर बताते हुए, जगदगुरु शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ ने समाज की संगठन शक्ति, परम्पराओं और पौराणिक वैभव को सनातन समाज के आधार स्तंभ बताया। शंकराचार्य जी ने जोर दिया कि वर्तमान में पनप रही अनेक विसंगतियों और विकृतियों के बीच, नई पीढ़ी को संभालने के लिए उन्हें धर्म, संस्कृति और परम्पराओं का ज्ञान देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की वकालत की ताकि नई और पुरानी पीढ़ी के बीच समन्वय और संतुलन बना रहे। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी जयगिरि महाराज ने भी इस महोत्सव में सानिध्य प्रदान किया और साधकों को भाग्यशाली बताया, जिन्होंने सनातन धर्म के पोषण और स्वयं के कल्याण के लिए यह दिव्य अनुष्ठान किया। सांसद शंकर लालवानी सहित कई राजनेता भी इस आयोजन के साक्षी बने। अनुष्ठान का शुभारंभ गोमुख से लाए गए पवित्र गंगा जल और पंचगव्य से शुद्धिकरण के साथ हुआ, जिसमें शंकराचार्य जी और अन्य संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। ब्रह्मचारी प्रशांत और उनके सहयोगी विद्वानों ने विद्याधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ द्वारा बताई गई श्रीविद्या पद्धति से सिद्ध श्रीचक्र की विधिपूर्वक स्थापना कराई। इसके बाद गुरु पूजा, गणपति पूजा और कलश स्थापना के पश्चात श्रीसूक्त, देवीसूक्त और ललिता सहस्त्रनाम मंत्रों से सामूहिक जाप शुरू हुआ। इस दौरान माँ जगदम्बा का विशेष अर्चन भी किया गया, जिसमें अश्वगंधा, ब्राह्मी, हल्दी, कुमकुम, चन्दन, तुलसी, कमलगट्टा, शतावरी, इत्र, केसर और ब्रह्मकमल जैसी पवित्र सामग्री का प्रयोग किया गया। पुरुष साधक श्वेत परिधान में और महिला साधक पीतांबर एवं लाल वस्त्रों में उपस्थित थे, जिनके सामूहिक मंत्रोच्चार से नरसिंह वाटिका और आसपास का क्षेत्र मंगल ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी भगवती का भव्य दरबार और स्वामी गिरिजानंद सरस्वती भगवन का आदमकद चित्र भी आकर्षण का केंद्र रहे। अनुष्ठान में भाग लेने वाले सभी साधकों को पूजन सामग्री उनके स्थान पर पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। आचार्य प्रशांत के साथ 11 विद्वान ब्राह्मणों और 11 वेदपाठी बटुकों ने साधकों का मार्गदर्शन किया। मंच पर शंकराचार्य जी और पंचायती अखाडा श्री निरंजनी हरिद्वार के महामंडलेश्वर सहित शहर के अनेक संत विद्वान उपस्थित थे, जिन्होंने सम्पूर्ण साधना के दौरान साधकों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। पूजन-अर्चन के बाद हुई महाआरती में एक हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। साधकों को गंगा के उद्गम स्थल गोमुख से अभिमंत्रित और बद्रीनाथ धाम से सिद्ध किए गए गोमती चक्र, केदारनाथ के चरणों से स्पर्श कराए गए पवित्र रुद्राक्ष के साथ अभिमंत्रित श्रीयंत्र भी घर ले जाकर स्थापित करने के लिए भेंट किए गए। दूर-दूर से आए साधकों ने उत्साहपूर्वक इसमें भागीदारी की, और कई साधक सीधे नरसिंह वाटिका पहुँचे जिन्हें उदारतापूर्वक इस अनुष्ठान में शामिल किया गया ताकि पुरुषोत्तम मास में कोई भी श्रद्धालु वंचित न रह पाए। अतिथि संतों ने शहर में लंबे अरसे बाद हुए इस अनुष्ठान को पुरुषोत्तम मास का सबसे महत्वपूर्ण और शास्त्रोक्त आयोजन बताया। इस महोत्सव का उद्देश्य श्री यानी सम्पन्नता और समृद्धि की प्राप्ति के साथ-साथ विश्व शांति एवं जनकल्याण सुनिश्चित करना था।1
- उज्जैन के शिप्रा संगम स्थल, खुड़ेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक रिसोर्ट में एक चौकीदार ने अपनी पत्नी का क़त्ल कर दिया है। यह घटना रिसोर्ट परिसर के भीतर हुई।1
- इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जहाँ एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ₹40,000 का फर्जी लोन स्वीकृत कराकर राशि हड़प ली गई। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित महिला को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया और उसका सिबिल स्कोर भी खराब हो गया, जबकि उसे इस लोन की कोई जानकारी नहीं थी। इस मामले में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड से जुड़े राहुल पोरवाल और दीपक यादव को पकड़ा गया है, तथा एक महिला सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं। दरअसल, जूनी इंदौर निवासी अमरीन अपने पति के साथ सिलाई मशीन फाइनेंस कराने एक शोरूम पहुंची थीं, जहाँ ऑनलाइन लोन प्रक्रिया के दौरान उनका आवेदन अस्वीकृत हो गया। जांच करने पर अमरीन को पता चला कि वर्ष 2023 में ही उनके नाम पर पहले से ही ₹40,000 का लोन चल रहा है, जिसकी किस्तें जमा न होने के कारण उन्हें डिफॉल्टर करार दिया गया है। पीड़िता ने जब संबंधित फाइनेंस कंपनी से जानकारी प्राप्त की तो सामने आया कि लोन आवेदन में उनके ओरिजिनल दस्तावेज तो लगे थे, लेकिन फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला का था। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव राहुल कुमार पोरवाल ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता के दस्तावेज प्राप्त किए थे। इसके बाद राहुल ने जानबूझकर पीड़िता के दस्तावेजों के साथ सह-आरोपी महिला अमरीन खान की फोटो और बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी, जिसके बाद ₹40,000 का लोन स्वीकृत हुआ और पूरी राशि अमरीन खान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बयान दिया है।1