इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जहाँ एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ₹40,000 का फर्जी लोन स्वीकृत कराकर राशि हड़प ली गई। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित महिला को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया और उसका सिबिल स्कोर भी खराब हो गया, जबकि उसे इस लोन की कोई जानकारी नहीं थी। इस मामले में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड से जुड़े राहुल पोरवाल और दीपक यादव को पकड़ा गया है, तथा एक महिला सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं। दरअसल, जूनी इंदौर निवासी अमरीन अपने पति के साथ सिलाई मशीन फाइनेंस कराने एक शोरूम पहुंची थीं, जहाँ ऑनलाइन लोन प्रक्रिया के दौरान उनका आवेदन अस्वीकृत हो गया। जांच करने पर अमरीन को पता चला कि वर्ष 2023 में ही उनके नाम पर पहले से ही ₹40,000 का लोन चल रहा है, जिसकी किस्तें जमा न होने के कारण उन्हें डिफॉल्टर करार दिया गया है। पीड़िता ने जब संबंधित फाइनेंस कंपनी से जानकारी प्राप्त की तो सामने आया कि लोन आवेदन में उनके ओरिजिनल दस्तावेज तो लगे थे, लेकिन फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला का था। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव राहुल कुमार पोरवाल ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता के दस्तावेज प्राप्त किए थे। इसके बाद राहुल ने जानबूझकर पीड़िता के दस्तावेजों के साथ सह-आरोपी महिला अमरीन खान की फोटो और बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी, जिसके बाद ₹40,000 का लोन स्वीकृत हुआ और पूरी राशि अमरीन खान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बयान दिया है।
इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जहाँ एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ₹40,000 का फर्जी लोन स्वीकृत कराकर राशि हड़प ली गई। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित महिला को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया और उसका सिबिल स्कोर भी खराब हो गया, जबकि उसे इस लोन की कोई जानकारी नहीं थी। इस मामले में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड से जुड़े राहुल पोरवाल और दीपक यादव को पकड़ा गया है, तथा एक महिला सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं। दरअसल, जूनी इंदौर निवासी अमरीन अपने पति के साथ सिलाई मशीन फाइनेंस कराने एक शोरूम पहुंची थीं, जहाँ ऑनलाइन लोन प्रक्रिया के दौरान उनका आवेदन अस्वीकृत हो गया। जांच करने पर अमरीन को पता चला कि वर्ष 2023 में ही उनके नाम पर पहले से ही ₹40,000 का लोन चल रहा है, जिसकी किस्तें जमा न होने के कारण उन्हें डिफॉल्टर करार दिया गया है। पीड़िता ने जब संबंधित फाइनेंस कंपनी से जानकारी प्राप्त की तो सामने आया कि लोन आवेदन में उनके ओरिजिनल दस्तावेज तो लगे थे, लेकिन फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला का था। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव राहुल कुमार पोरवाल ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता के दस्तावेज प्राप्त किए थे। इसके बाद राहुल ने जानबूझकर पीड़िता के दस्तावेजों के साथ सह-आरोपी महिला अमरीन खान की फोटो और बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी, जिसके बाद ₹40,000 का लोन स्वीकृत हुआ और पूरी राशि अमरीन खान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बयान दिया है।
- इंदौर के पास कंपल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुडेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक फार्म हाउस में एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति ने ही उसे बेरहमी से पीटने के बाद मौत के घाट उतार दिया।1
- उज्जैन के शिप्रा संगम स्थल, खुड़ेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक रिसोर्ट में एक चौकीदार ने अपनी पत्नी का क़त्ल कर दिया है। यह घटना रिसोर्ट परिसर के भीतर हुई।1
- इंदौर में 9 जून से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय महत्व के ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। इसी क्रम में, मध्यप्रदेश शासन के कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत वरवड़े ने गुरुवार को इंदौर पहुँचकर आयोजन से संबंधित विभिन्न स्थलों का गहन निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, श्री वरवड़े ने अतिथियों के स्वागत, आवास, परिवहन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर एमडी मंडी श्री कुमार पुरुषोत्तम, एमडी पर्यटन श्री दिलीप यादव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री अर्थ जैन, कृषि विभाग के उप सचिव श्री रोहित सिसोनिया, संयुक्त संचालक कृषि श्री आलोक मीणा, उप संचालक कृषि श्री सी.एल. केवड़ा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री वरवड़े ने विशेष रूप से होटल शेरेटन, मैरियट होटल और ग्रामीण हाट बाजार जैसे प्रमुख स्थलों का भी दौरा कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, और अधिकारियों से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए बेहतर सुविधाओं हेतु सभी तैयारियाँ समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने को कहा। यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि ब्रिक्स सम्मेलन इंदौर को वैश्विक मंच पर अपनी कृषि, नवाचार और विकास उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिससे कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभवों का सार्थक आदान-प्रदान भी संभव होगा।1
- इंदौर में एक पीड़ित मां ने पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई न किए जाने पर अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो वह मुख्यमंत्री आवास (CM हाउस) जाएंगी। मां का आरोप है कि इंदौर शहर में न तो महिलाएं सुरक्षित हैं और न ही बच्चे। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने इस मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को भी अब तक खंगाला नहीं है।1
- इंदौर के ऐतिहासिक वक्फ कर्बला मैदान से एक अहम खबर सामने आई है, जहाँ हाल ही में इंतजामिया कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के नव नियुक्त पदाधिकारियों ने कर्बला पहुँचकर चादर पेश की और मुहर्रम की तैयारियों का विधिवत आगाज किया। नई कमेटी में हामिद नियारगर को अध्यक्ष, मुश्ताक बाबा वारसी को उपाध्यक्ष, इरशाद इस्सू पठान को सचिव, जावेद शेख को कोषाध्यक्ष और रज़ा कादरी को सह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भोपाल से स्वीकृति मिलने के बाद नवगठित कमेटी के सभी पदाधिकारी कर्बला मैदान पहुँचे, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से चादर पेश कर दुआ की। इस मौके पर सभी नए पदाधिकारियों का साफा बाँधकर इस्तकबाल भी किया गया। इस्तकबाल कार्यक्रम के बाद सभी पदाधिकारी और समाज के लोग एक साथ बैठकर लंगर में शामिल हुए। इस दौरान आगामी मुहर्रम को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और कर्बला मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मुहर्रम मेले की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने का संकल्प लिया गया। कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता आने वाले मुहर्रम में देशभर से आने वाले जायरीनों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना रहेगी। इसके लिए सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने की विशेष तैयारी की जाएगी। इस कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड के जिला अध्यक्ष रेहान शेख, हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी जुनेद सहित साजिद रॉयल, अशफाक हुसैन गोलू, रिजवान पटेल, महफूज पठान, इसरार ठेकेदार, मुनव्वर अली शाह, मुबारिक अंसारी, नौशाद पाटिल और बड़ी संख्या में समाजसेवी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कर्बला मैदान इंतजामिया कमेटी के गठन के साथ ही अब मुहर्रम की तैयारियों ने गति पकड़ ली है।1
- इंदौर में नगर निगम की 'पीली गैंग' द्वारा फुटपाथ के गरीब कपड़ा व्यापारियों से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह अवैध वसूली शहर के वार्ड नंबर सत्तर, झोन क्रमांक दो, धार रोड पर चल रही है, जिसमें आरोप है कि यह सब वार्ड सत्तर, झोन दो के सीएसआई अक्षय सिंह गौतम के इशारे पर हो रहा है। 'चेहकती कलम न्यूज़' के एक स्टिंग ऑपरेशन में इस काले कारनामे का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सीधे तौर पर नगर निगम के एक अधिकारी की इस अवैध वसूली में संलिप्तता को उजागर कर दिया है।1
- इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जहाँ एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ₹40,000 का फर्जी लोन स्वीकृत कराकर राशि हड़प ली गई। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित महिला को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया और उसका सिबिल स्कोर भी खराब हो गया, जबकि उसे इस लोन की कोई जानकारी नहीं थी। इस मामले में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड से जुड़े राहुल पोरवाल और दीपक यादव को पकड़ा गया है, तथा एक महिला सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं। दरअसल, जूनी इंदौर निवासी अमरीन अपने पति के साथ सिलाई मशीन फाइनेंस कराने एक शोरूम पहुंची थीं, जहाँ ऑनलाइन लोन प्रक्रिया के दौरान उनका आवेदन अस्वीकृत हो गया। जांच करने पर अमरीन को पता चला कि वर्ष 2023 में ही उनके नाम पर पहले से ही ₹40,000 का लोन चल रहा है, जिसकी किस्तें जमा न होने के कारण उन्हें डिफॉल्टर करार दिया गया है। पीड़िता ने जब संबंधित फाइनेंस कंपनी से जानकारी प्राप्त की तो सामने आया कि लोन आवेदन में उनके ओरिजिनल दस्तावेज तो लगे थे, लेकिन फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला का था। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव राहुल कुमार पोरवाल ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता के दस्तावेज प्राप्त किए थे। इसके बाद राहुल ने जानबूझकर पीड़िता के दस्तावेजों के साथ सह-आरोपी महिला अमरीन खान की फोटो और बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी, जिसके बाद ₹40,000 का लोन स्वीकृत हुआ और पूरी राशि अमरीन खान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बयान दिया है।1
- इंदौर के महापौर माननीय श्री पुष्पमित्र भार्गव द्वारा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री जीतू पटवारी जी के सवालों का जवाब इंडिया न्यूज़ 7 के माध्यम से दिया गया।1
- आज इंदौर शहर में अल सुबह से ही गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह से ही तेज हवाएँ चलने लगी थीं, जिसके बाद बिजली की चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। शहर के खातिवाला टैंक क्षेत्र में भी बारिश हुई।1