logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक शानदार अवसर की घोषणा की गई है, जहाँ वे ब्रांड प्रमोशन के साथ-साथ पुरस्कार राशि और अन्य इनाम जीत सकते हैं। यह मौका न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल, बिरसिंहपुर द्वारा आयोजित 'प्रमोशन चैलेंज' के तहत दिया जा रहा है। स्कूल पार्वती मंदिर के पास, बिरसिंहपुर (जिला सतना) में स्थित है। इस चैलेंज में भाग लेने के लिए, सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे YouTube, Instagram, Facebook, Moj, ShareChat आदि पर स्कूल का एक प्रमोशनल वीडियो बनाना होगा। यह वीडियो 15 जुलाई तक किसी भी समय पोस्ट किया जा सकता है, और प्रतियोगिता के परिणाम 25 जुलाई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनौती में विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के रूप में नकद राशि मिलेगी, वहीं सभी प्रतिभागियों को भी इनाम से सम्मानित किया जाएगा। इच्छुक क्रिएटर्स और उनके दोस्तों को इस अवसर का लाभ उठाने और प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9109050582 पर संपर्क किया जा सकता है।

1 day ago
user_Prakash Pathak Satna
Prakash Pathak Satna
Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
1 day ago

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक शानदार अवसर की घोषणा की गई है, जहाँ वे ब्रांड प्रमोशन के साथ-साथ पुरस्कार राशि और अन्य इनाम जीत सकते हैं। यह मौका न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल, बिरसिंहपुर द्वारा आयोजित 'प्रमोशन चैलेंज' के तहत दिया जा रहा है। स्कूल पार्वती मंदिर के पास, बिरसिंहपुर (जिला सतना) में स्थित है। इस चैलेंज में भाग लेने के लिए, सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे YouTube, Instagram, Facebook, Moj, ShareChat आदि पर स्कूल का एक प्रमोशनल वीडियो बनाना होगा। यह वीडियो 15 जुलाई तक किसी भी समय पोस्ट किया जा सकता है, और प्रतियोगिता के परिणाम 25 जुलाई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनौती में विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के रूप में नकद राशि मिलेगी, वहीं सभी प्रतिभागियों को भी इनाम से सम्मानित किया जाएगा। इच्छुक क्रिएटर्स और उनके दोस्तों को इस अवसर का लाभ उठाने और प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9109050582 पर संपर्क किया जा सकता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सतना जिले में सरकारी जमीन पर एक 'बड़ा खेल' होने का आरोप सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने, जो पिछले 36 सालों से उस जमीन पर रह रही है, दावा किया है कि प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुँचाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले पर भारतीय जन मोर्चा पार्टी के पण्डित जितेंद्र राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूपी-बिहार से आए पूर्वांचल के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि न्याय की व्यवस्था करना उनकी पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी किसी के भी साथ अन्याय का घोर विरोध करती है। पार्टी ने सरकारी महकमे को भ्रष्टाचार से लिप्त बताया, जिसके कारण ऐसी व्यवस्थाएं चल रही हैं और सरकारें इस पर मौन हैं। उनका आरोप है कि जिन्हें जेल में होना चाहिए, वे भ्रष्टाचार के बल पर ठहाके लगा रहे हैं। एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए, पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि पटवारी की बात मानी जाए कि तहसीलदार बीके मिश्रा दिमागी संतुलन खो चुके थे, तो ऐसे व्यक्ति अभी भी कार्य कैसे कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्ट्रर सतना और मध्य प्रदेश सरकार में अधिकारियों से इस 'भ्रष्ट पटवारी' के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर तहसीलदार के दिमागी संतुलन बिगड़ने की बात कही थी। पार्टी ने आशंका जताई कि भ्रष्टाचार से लिप्त व्यवस्थाएं ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण देती हैं, इसलिए शायद उन पर अपराध कायम कर जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने यह प्रतिज्ञा की कि जब भी उनकी सरकार आएगी, तो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजने के लिए भी कानून पारित किया जाएगा।
    1
    सतना जिले में सरकारी जमीन पर एक 'बड़ा खेल' होने का आरोप सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने, जो पिछले 36 सालों से उस जमीन पर रह रही है, दावा किया है कि प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुँचाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले पर भारतीय जन मोर्चा पार्टी के पण्डित जितेंद्र राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूपी-बिहार से आए पूर्वांचल के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि न्याय की व्यवस्था करना उनकी पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी किसी के भी साथ अन्याय का घोर विरोध करती है।

पार्टी ने सरकारी महकमे को भ्रष्टाचार से लिप्त बताया, जिसके कारण ऐसी व्यवस्थाएं चल रही हैं और सरकारें इस पर मौन हैं। उनका आरोप है कि जिन्हें जेल में होना चाहिए, वे भ्रष्टाचार के बल पर ठहाके लगा रहे हैं। एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए, पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि पटवारी की बात मानी जाए कि तहसीलदार बीके मिश्रा दिमागी संतुलन खो चुके थे, तो ऐसे व्यक्ति अभी भी कार्य कैसे कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्ट्रर सतना और मध्य प्रदेश सरकार में अधिकारियों से इस 'भ्रष्ट पटवारी' के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर तहसीलदार के दिमागी संतुलन बिगड़ने की बात कही थी। पार्टी ने आशंका जताई कि भ्रष्टाचार से लिप्त व्यवस्थाएं ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण देती हैं, इसलिए शायद उन पर अपराध कायम कर जेल नहीं भेजा जाएगा।

हालांकि, भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने यह प्रतिज्ञा की कि जब भी उनकी सरकार आएगी, तो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजने के लिए भी कानून पारित किया जाएगा।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 min ago
  • सतना जिले में अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप पाण्डेय के पक्ष में माहौल लगातार मजबूत हो रहा है। बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर उनके समर्थन में एक बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाया, जिसके तहत वे सिविल लाइन न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ताओं के चैंबरों (कार्यालयों) में पहुंचे। इस अभियान के दौरान, युवा अधिवक्ताओं ने अपने साथी अधिवक्ताओं से मुलाकात कर प्रदीप पाण्डेय के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने अधिवक्ता संघ में परिवर्तन और एक बेहतर नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। समर्थकों का स्पष्ट मत है कि अधिवक्ता संघ को एक मजबूत, सक्रिय और सभी अधिवक्ताओं के हितों के लिए कार्य करने वाले नेतृत्व की दरकार है, और इसी उद्देश्य से युवा अधिवक्ता एकजुट होकर प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इस चुनावी अभियान में समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला, और कई स्थानों पर प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में जोरदार नारे भी लगाए गए। चुनावी गहमागहमी के बीच, यह जनसंपर्क अभियान चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। इसे अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रदीप पाण्डेय के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनके समर्थन में बढ़ता कारवां लगातार जारी है।
    3
    सतना जिले में अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप पाण्डेय के पक्ष में माहौल लगातार मजबूत हो रहा है। बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर उनके समर्थन में एक बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाया, जिसके तहत वे सिविल लाइन न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ताओं के चैंबरों (कार्यालयों) में पहुंचे।

इस अभियान के दौरान, युवा अधिवक्ताओं ने अपने साथी अधिवक्ताओं से मुलाकात कर प्रदीप पाण्डेय के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने अधिवक्ता संघ में परिवर्तन और एक बेहतर नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। समर्थकों का स्पष्ट मत है कि अधिवक्ता संघ को एक मजबूत, सक्रिय और सभी अधिवक्ताओं के हितों के लिए कार्य करने वाले नेतृत्व की दरकार है, और इसी उद्देश्य से युवा अधिवक्ता एकजुट होकर प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इस चुनावी अभियान में समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला, और कई स्थानों पर प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में जोरदार नारे भी लगाए गए।

चुनावी गहमागहमी के बीच, यह जनसंपर्क अभियान चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। इसे अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रदीप पाण्डेय के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनके समर्थन में बढ़ता कारवां लगातार जारी है।
    user_Ravendra Uramaliya Media satna
    Ravendra Uramaliya Media satna
    Local News Reporter रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • चित्रकूट में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार बरौधा ने एक ओवरलोड ट्रक को पकड़ा था और उसे थाना माझगवां ले जाने का निर्देश दिया था। सुरक्षा कारणों से ट्रक में दो चौकीदारों को भी बैठाया गया था। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने वाहन को उत्तर प्रदेश क्षेत्र में स्थित गौतम पेट्रोल पंप पर खड़ा कर दिया और मौके से फरार हो गया। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रक को आगे ले जाने में खासी परेशानी हुई। आरोप है कि इस दौरान गौतम पेट्रोल पंप के संचालक ने अपने कर्मचारियों के मोबाइल फोन से नायब तहसीलदार से बात की और कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा कि "मेरे पेट्रोल पंप से गाड़ी नहीं हटनी चाहिए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा। यह उत्तर प्रदेश है।" स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि ऐसी प्रशासनिक कार्रवाई के समय ओवरलोड वाहन अक्सर इसी पेट्रोल पंप पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे कार्रवाई में बाधा उत्पन्न होती है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से अवैध बालू परिवहन को संरक्षण मिलने की आशंका है।
    1
    चित्रकूट में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार बरौधा ने एक ओवरलोड ट्रक को पकड़ा था और उसे थाना माझगवां ले जाने का निर्देश दिया था। सुरक्षा कारणों से ट्रक में दो चौकीदारों को भी बैठाया गया था।

बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने वाहन को उत्तर प्रदेश क्षेत्र में स्थित गौतम पेट्रोल पंप पर खड़ा कर दिया और मौके से फरार हो गया। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रक को आगे ले जाने में खासी परेशानी हुई। आरोप है कि इस दौरान गौतम पेट्रोल पंप के संचालक ने अपने कर्मचारियों के मोबाइल फोन से नायब तहसीलदार से बात की और कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा कि "मेरे पेट्रोल पंप से गाड़ी नहीं हटनी चाहिए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा। यह उत्तर प्रदेश है।"

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि ऐसी प्रशासनिक कार्रवाई के समय ओवरलोड वाहन अक्सर इसी पेट्रोल पंप पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे कार्रवाई में बाधा उत्पन्न होती है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से अवैध बालू परिवहन को संरक्षण मिलने की आशंका है।
    user_Chitrakootnewslive
    Chitrakootnewslive
    News Anchor मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में एक सीसी सड़क के निर्माण में ऐसा चौंकाने वाला नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान हैं। यहां लगभग 100 मीटर लंबी यह सड़क, जिसकी लागत करीब 2.92 लाख रुपये बताई गई है, सड़क के बीच में खड़े उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे को हटाए बिना ही बना दी गई है। खंभे को हटाने की जहमत न उठाते हुए, उसे सड़क के चारों ओर घेरकर मानो एक "स्मारक" का दर्जा दे दिया गया है। यह खंभा अब सड़क का स्थायी हिस्सा बन चुका है, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना एक "इंजीनियरिंग अजूबे" का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से सटी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस मामले में जब जिम्मेदार उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था; उन्होंने साफ कहा कि "मैं तो जाकर देखा ही नहीं"। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सड़क निर्माण में खंभा हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय इस खामी को किसी ने क्यों नहीं देखा। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी धन का उपयोग इसी तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा। कुछ लोग व्यंग्यात्मक रूप से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में कहीं इस खंभे को "विकास स्तंभ" घोषित कर पर्यटन स्थल न बना दिया जाए, क्योंकि फिलहाल यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच करें और संभावित दुर्घटना को दावत देने वाली इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। मौजूदा स्थिति में, यह निर्माण कार्य सड़क कम और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।
    1
    मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में एक सीसी सड़क के निर्माण में ऐसा चौंकाने वाला नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान हैं। यहां लगभग 100 मीटर लंबी यह सड़क, जिसकी लागत करीब 2.92 लाख रुपये बताई गई है, सड़क के बीच में खड़े उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे को हटाए बिना ही बना दी गई है। खंभे को हटाने की जहमत न उठाते हुए, उसे सड़क के चारों ओर घेरकर मानो एक "स्मारक" का दर्जा दे दिया गया है।

यह खंभा अब सड़क का स्थायी हिस्सा बन चुका है, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना एक "इंजीनियरिंग अजूबे" का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से सटी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस मामले में जब जिम्मेदार उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था; उन्होंने साफ कहा कि "मैं तो जाकर देखा ही नहीं"।

ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सड़क निर्माण में खंभा हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय इस खामी को किसी ने क्यों नहीं देखा। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी धन का उपयोग इसी तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा। कुछ लोग व्यंग्यात्मक रूप से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में कहीं इस खंभे को "विकास स्तंभ" घोषित कर पर्यटन स्थल न बना दिया जाए, क्योंकि फिलहाल यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच करें और संभावित दुर्घटना को दावत देने वाली इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। मौजूदा स्थिति में, यह निर्माण कार्य सड़क कम और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में मेरठ में सब इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठाया गया है कि जब कानून के रखवाले ही न्याय का सौदा करने लगें, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?
    1
    भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में मेरठ में सब इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी।

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठाया गया है कि जब कानून के रखवाले ही न्याय का सौदा करने लगें, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?
    user_अजय पाण्डेय पत्रकार
    अजय पाण्डेय पत्रकार
    मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी आर्मी चीफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी विदाई के अवसर पर साउथ ब्लॉक लॉन में उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया। इससे पहले, जनरल द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपना पदभार सौंपा और सेवा से रिटायर हो गए। अपनी सेवानिवृत्ति पर जनरल द्विवेदी ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल से शुरू हुआ उनका चार दशकों से अधिक का सफर यादगार रहा। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा देने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सेना की असली ताकत किसी एक व्यक्ति में नहीं, बल्कि सैनिकों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और देश के नागरिकों के अटूट भरोसे में निहित है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
    1
    भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी आर्मी चीफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी विदाई के अवसर पर साउथ ब्लॉक लॉन में उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया। इससे पहले, जनरल द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपना पदभार सौंपा और सेवा से रिटायर हो गए।

अपनी सेवानिवृत्ति पर जनरल द्विवेदी ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल से शुरू हुआ उनका चार दशकों से अधिक का सफर यादगार रहा। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा देने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सेना की असली ताकत किसी एक व्यक्ति में नहीं, बल्कि सैनिकों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और देश के नागरिकों के अटूट भरोसे में निहित है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • रीवा जिले के गुढ़ बस स्टैंड से रागनियां और नेशनल हाईवे 39 को जोड़ने वाला गुढ़ रागनियां मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हाल ही में इस सड़क के गड्ढों को कंक्रीट भरकर भरा गया था, लेकिन बरसात की कुछ ही बूंदों ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी, जिससे पूरी सड़क तालाब का रूप ले चुकी है। इस मार्ग पर स्कूली बच्चों से लेकर आम आदमी तक को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। यह मार्ग रागनियां गांव की जनता के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के लिए भी रोजाना आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहाँ दिन भर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। अब कीचड़ और पानी से भरी इस सड़क से निकलना उनकी मजबूरी बन गई है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिनिधि इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिसके कारण उन्हें इस मार्ग की खस्ताहाली का अंदाजा नहीं है। इसी अनदेखी के चलते सड़क तालाब में बदल गई है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद इसके सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया जा रहा है। सड़क की इस दयनीय स्थिति के कारण आम लोगों का निकलना दूभर हो गया है। विशेष रूप से छोटे स्कूली बच्चों के घुटनों तक गहरे गड्ढों में कभी भी गिरने और किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय जनता इस परेशानी से जूझ रही है, जबकि अधिकारी इस पूरे मामले पर मूकदर्शक बने हुए हैं।
    1
    रीवा जिले के गुढ़ बस स्टैंड से रागनियां और नेशनल हाईवे 39 को जोड़ने वाला गुढ़ रागनियां मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हाल ही में इस सड़क के गड्ढों को कंक्रीट भरकर भरा गया था, लेकिन बरसात की कुछ ही बूंदों ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी, जिससे पूरी सड़क तालाब का रूप ले चुकी है। इस मार्ग पर स्कूली बच्चों से लेकर आम आदमी तक को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।

यह मार्ग रागनियां गांव की जनता के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के लिए भी रोजाना आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहाँ दिन भर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। अब कीचड़ और पानी से भरी इस सड़क से निकलना उनकी मजबूरी बन गई है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिनिधि इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिसके कारण उन्हें इस मार्ग की खस्ताहाली का अंदाजा नहीं है। इसी अनदेखी के चलते सड़क तालाब में बदल गई है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद इसके सड़क का मरम्मतीकरण नहीं कराया जा रहा है।

सड़क की इस दयनीय स्थिति के कारण आम लोगों का निकलना दूभर हो गया है। विशेष रूप से छोटे स्कूली बच्चों के घुटनों तक गहरे गड्ढों में कभी भी गिरने और किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय जनता इस परेशानी से जूझ रही है, जबकि अधिकारी इस पूरे मामले पर मूकदर्शक बने हुए हैं।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.