logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

12 फरवरी आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान, मोदी सरकार पर अमेरिका के आगे झुकने का आरोप। रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में आज 5 फ़रवरी गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुककर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क स्वीकार कर किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जहां अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रहा है, वहीं मोदी सरकार अमेरिकी हितों के आगे आत्मसमर्पण कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 4 से 11 फरवरी तक गांव-गांव जनसभाएं आयोजित कर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और मोदी व डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही 12 फरवरी की आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन किए जाएंगे। कन्वेंशन के अंत में किसानों-मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।

3 hrs ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
3 hrs ago

12 फरवरी आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान, मोदी सरकार पर अमेरिका के आगे झुकने का आरोप। रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में आज 5 फ़रवरी गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुककर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क स्वीकार कर किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जहां अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रहा है, वहीं मोदी सरकार अमेरिकी हितों के आगे आत्मसमर्पण कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 4 से 11 फरवरी तक गांव-गांव जनसभाएं आयोजित कर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और मोदी व डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही 12 फरवरी की आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन किए जाएंगे। कन्वेंशन के अंत में किसानों-मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।

More news from Pashchim Champaran and nearby areas
  • रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में आज 5 फ़रवरी गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुककर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क स्वीकार कर किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जहां अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रहा है, वहीं मोदी सरकार अमेरिकी हितों के आगे आत्मसमर्पण कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 4 से 11 फरवरी तक गांव-गांव जनसभाएं आयोजित कर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और मोदी व डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही 12 फरवरी की आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन किए जाएंगे। कन्वेंशन के अंत में किसानों-मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।
    1
    रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में आज 5 फ़रवरी गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुककर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क स्वीकार कर किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जहां अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रहा है, वहीं मोदी सरकार अमेरिकी हितों के आगे आत्मसमर्पण कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 4 से 11 फरवरी तक गांव-गांव जनसभाएं आयोजित कर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और मोदी व डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही 12 फरवरी की आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन किए जाएंगे। कन्वेंशन के अंत में किसानों-मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    3 hrs ago
  • परीक्षा देने गए छात्र को रोड पर कितनी भीड़ का सामना करना पड़ रहा है
    1
    परीक्षा देने गए छात्र को रोड पर कितनी भीड़ का  सामना करना पड़ रहा है
    user_Jitendra kumar
    Jitendra kumar
    जोगापट्टी, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • At the NDA Parliamentary Party Meet this morning!
    1
    At the NDA Parliamentary Party Meet this morning!
    user_हर खबर पर नजर
    हर खबर पर नजर
    Reporter Tamkuhi Raj, Kushi Nagar•
    19 hrs ago
  • इ ना हम इनकरा के भगईले बानी, विडियो जारी कर प्रेमिका ने लगाई गुहार। --नौतन से घर से भाग प्रेमी जोड़ों ने की शादी।
    1
    इ ना हम इनकरा के भगईले बानी, विडियो जारी कर प्रेमिका ने लगाई गुहार।
--नौतन से घर से भाग प्रेमी जोड़ों ने की शादी।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार विधान परिषद के सदन में एमएलसी सौरभ कुमार ने पश्चिम चंपारण के किसानों से जुड़ा गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मझौलिया–लौरिया चीनी मिल द्वारा लगातार अपशिष्ट जल छोड़े जाने से आसपास के खेतों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस गंदे पानी के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण एवं भू-जल पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। गुरुवार के साम करीब 6:30 बजे एमएलसी सौरभ कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो जारी कर कहा कि किसानों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सदन में इस विषय को मजबूती से रखते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर विभागीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले की शीघ्र तकनीकी जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त नीति-निर्देश जारी किए जाएंगे।
    1
    बिहार विधान परिषद के सदन में एमएलसी सौरभ कुमार ने पश्चिम चंपारण के किसानों से जुड़ा गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मझौलिया–लौरिया चीनी मिल द्वारा लगातार अपशिष्ट जल छोड़े जाने से आसपास के खेतों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस गंदे पानी के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण एवं भू-जल पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
गुरुवार के साम करीब 6:30 बजे एमएलसी सौरभ कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो जारी कर कहा कि किसानों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सदन में इस विषय को मजबूती से रखते हुए कार्रवाई की मांग की।
इस पर विभागीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले की शीघ्र तकनीकी जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त नीति-निर्देश जारी किए जाएंगे।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    1 hr ago
  • 600 Sal mugalon ne 200 Sal angrejon Ne 65 Sal Congress Ne Raj Kiya tab Hindu Khatre Mein Nahin tha aur 11 sal ke BJP Sarkar Mein Hindu Khatre Mein a gaya ya FIR pura Bharat Desh Khatre Mein a Gaya kya sochte hain aap ?.....
    1
    600 Sal mugalon ne 200 Sal angrejon Ne 65 Sal Congress Ne Raj Kiya tab Hindu Khatre Mein Nahin tha aur 11 sal ke BJP Sarkar Mein Hindu Khatre Mein a gaya ya FIR pura Bharat Desh Khatre Mein a Gaya kya sochte hain aap ?.....
    user_Shashi kushwaha
    Shashi kushwaha
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • +2 बिपिन उच्च माध्यमिक विद्यालय में इंटरमीडिएट का परीक्षा चल रहा है। परिक्षार्थियों से हुई परीक्षा पर चर्चा। 05.02.2026.
    1
    +2 बिपिन उच्च माध्यमिक विद्यालय में इंटरमीडिएट का परीक्षा चल रहा है।  परिक्षार्थियों से हुई परीक्षा पर चर्चा। 05.02.2026.
    user_Vivek Shrivastava.
    Vivek Shrivastava.
    पत्रकार बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • बिहार विधानसभा के सदन में आज पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया की बदहाल और चिंताजनक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज जिले और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों के लिए सबसे बड़ा और प्रमुख इलाज केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद यहां इलाज के नाम पर अव्यवस्था, असुरक्षा और अमानवीय व्यवहार का माहौल बना हुआ है। सदन में यह तथ्य सामने रखा गया कि जीएमसीएच बेतिया में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटनाएं अब अपवाद नहीं, बल्कि लगातार होने वाली घटनाएं बन चुकी हैं। बीते मात्र तीन महीनों के भीतर ऐसी पांच गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से हाल की दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर अस्पताल की कार्यशैली और प्रशासनिक नियंत्रण की पोल खोल चुके हैं। इसके बावजूद एक मामले में नगर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता और संरक्षण की ओर इशारा करता है। विधानसभा में यह भी जोर देकर कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्थाओं, विवादों और गंभीर आरोपों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इलाज की बदहाली, मरीजों से दुर्व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव अब जीएमसीएच की पहचान बनता जा रहा है, जो एक मेडिकल कॉलेज और रेफरल अस्पताल के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई गई कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री स्वयं पश्चिम चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद जीएमसीएच बेतिया की स्थिति में आज तक कोई ठोस, स्थायी और प्रभावी सुधार देखने को नहीं मिला है। विधानसभा में सवाल उठाया गया कि जब प्रभारी मंत्री के जिले के सबसे बड़े अस्पताल का यह हाल है, तो राज्य के अन्य अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सदन के माध्यम से सरकार से स्पष्ट, सख्त और बिना किसी लाग-लपेट के मांग की गई कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने वाले दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध अविलंब कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए, दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जीएमसीएच अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर त्वरित और प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। ताकि इलाज के लिए अस्पताल आने वाला आम नागरिक भय नहीं, बल्कि भरोसा महसूस कर सके और उसे सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मानवीय उपचार मिल सके।
    1
    बिहार विधानसभा के सदन में आज पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया की बदहाल और चिंताजनक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज जिले और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों के लिए सबसे बड़ा और प्रमुख इलाज केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद यहां इलाज के नाम पर अव्यवस्था, असुरक्षा और अमानवीय व्यवहार का माहौल बना हुआ है।
सदन में यह तथ्य सामने रखा गया कि जीएमसीएच बेतिया में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटनाएं अब अपवाद नहीं, बल्कि लगातार होने वाली घटनाएं बन चुकी हैं। बीते मात्र तीन महीनों के भीतर ऐसी पांच गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से हाल की दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर अस्पताल की कार्यशैली और प्रशासनिक नियंत्रण की पोल खोल चुके हैं। इसके बावजूद एक मामले में नगर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता और संरक्षण की ओर इशारा करता है।
विधानसभा में यह भी जोर देकर कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्थाओं, विवादों और गंभीर आरोपों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इलाज की बदहाली, मरीजों से दुर्व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव अब जीएमसीएच की पहचान बनता जा रहा है, जो एक मेडिकल कॉलेज और रेफरल अस्पताल के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई गई कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री स्वयं पश्चिम चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद जीएमसीएच बेतिया की स्थिति में आज तक कोई ठोस, स्थायी और प्रभावी सुधार देखने को नहीं मिला है। विधानसभा में सवाल उठाया गया कि जब प्रभारी मंत्री के जिले के सबसे बड़े अस्पताल का यह हाल है, तो राज्य के अन्य अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
सदन के माध्यम से सरकार से स्पष्ट, सख्त और बिना किसी लाग-लपेट के मांग की गई कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने वाले दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध अविलंब कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए, दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जीएमसीएच अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर त्वरित और प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। ताकि इलाज के लिए अस्पताल आने वाला आम नागरिक भय नहीं, बल्कि भरोसा महसूस कर सके और उसे सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मानवीय उपचार मिल सके।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.