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स्वरूपगंज : समस्त व्यापार मंडल ने कई रंगों व डीजे की धुनों पर मनाई होली स्वरूपगंज में समस्त व्यापार मंडल की ओर से होली का पर्व बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान व्यापारियों और युवाओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी।होली उत्सव के दौरान डीजे की धुनों पर सभी ने जमकर नृत्य किया और रंगों के साथ खुशियां मनाईं। बाजार क्षेत्र में रंगों की मस्ती और उत्साह का माहौल देखने को मिला।व्यापार मंडल के सदस्यों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हुए होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी व नगरवासी मौजूद रहे।
Narendra Singh Bhati
स्वरूपगंज : समस्त व्यापार मंडल ने कई रंगों व डीजे की धुनों पर मनाई होली स्वरूपगंज में समस्त व्यापार मंडल की ओर से होली का पर्व बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान व्यापारियों और युवाओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी।होली उत्सव के दौरान डीजे की धुनों पर सभी ने जमकर नृत्य किया और रंगों के साथ खुशियां मनाईं। बाजार क्षेत्र में रंगों की मस्ती और उत्साह का माहौल देखने को मिला।व्यापार मंडल के सदस्यों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हुए होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी व नगरवासी मौजूद रहे।
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- नेहरू कॉलोनी फालना में मनाया गया फाग उत्सव सनातन महिमा मंडल नेहरू कॉलोनी फालना द्वारा आज होली के पवित्र त्यौहार पर गजानंद जी महालक्ष्मी जी मंदिर के बाहर हर्षौल्लाश के साथ फाग उत्सव मनाया गया जिसमें सबसे पहले लड्डू गोपाल कान्हा जी को फूलों और गुलाल से होली खेलाई गई जिसमें नेहरू कॉलोनी की प्रमुख सनातन महिला मंडल की महिलाएं उपस्थित थी जिसमें प्रमुख रूप से नगर पालिका अध्यक्ष ललिता शाह पार्षद नीलम सोनी, शिवानी तिवारी, शोभा तिवारी, तनीषा तिवारी, अंजना भाटी,ललिता डाबी, अंजू राठौर, मीना भाटी, मंजू उपाध्याय, कमला शर्मा, सुशीला, गायत्री, अनीता अवस्थी, मैना गौड़, गरिमा, दरिया मालवीय,संगीता अंजू कवर, मोनिका सोनी, कविता, मानसी दवे, पिंकी मालवीय, बालेश, रेखा नागर, सुमन राठौर, मणि जीजी, ओर नेहरू कॉलोनी की महिलाएं उपस्थित रही1
- बाली उपखण्ड के कोठार गांव काम्बेश्वर महादेव 36 कोम की गैर रबारी समाज की वेशभूषा मे नृत्य उपखण्ड बाली क्षेत्र कोठार गांव मे गैर नृत्य का इतिहास सालों से चलता आ रहा है कोठार गांव मै होली चौक के प्रागण मै गोल घेरे में गैर नृत्य की संरचना सालों से चली आ रही है गैर नृत्य करने वालें ‘गैरिया’ होली से प्रारम्भ होता है तथा 7दिन तक चलता है यह बाली क्षेत्र कोठार गांव प्रसिद्ध रबारी लोक नृत्य कला जो पुरुषों द्वारा सामूहिक रूप से गोल घेरा बनाकर ढोल थाली से आदि वाद्ययंत्रों के साथ हाथों में डंडा लकड़ी लेकर किया इस नृत्य को देखने लोग गांव से सैकड़ो आते है मारवाड़ के गैरिये नृत्यकार सफेद अंगरखी, धोती व सिर पर लाल पगड़ी धारण कर आते हैं लाइन से गोल घेरा लगाकर पुरुष एक साथ मिलकर वृत्ताकार रूप में नृत्य करते- इसे बोलते की मारवाड़ी गैर नृत्य की मूल रचना एक ही प्रकार है मण्डल में लगातार हाथो मे लकड़ी से ताल से ताल मिलाकर चलते है गैरिया अन्य रूप रबारी संस्कृति को प्रदर्शित करता है कोठार की प्रसिद्ध गैर नृत्य है1
- मारवाड़ योद्धा जोन की एयू बनो चैम्पियन की सभी खेल लोकेशनों पर होली का पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया। जोन खेल सुपर कोच कन्हैयालाल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि एथलेटिक्स कोच पूजा सिंह के सानिध्य में आहोर लोकेशन पर,फुटबॉल कोच उत्तम काबावत के सानिध्य में भीनमाल लोकेशन पर, फुटबॉल कोच प्रदीप कुमार के सानिध्य में सुमेरपुर लोकेशन पर,थ्रोबाल कोच कैलाशचंद्र के सानिध्य में बादनवाड़ी लोकेशन पर, एथलेटिक्स कोच झालाराम राणा के सानिध्य में सायला लोकेशन पर,एथलेटिक्स कोच पारती चौहान के सानिध्य में सिरोही लोकेशन पर व मुक्केबाजी वुशू खिलाड़ियों ने जालोर लोकेशन पर अबीर व गुलाल के साथ होली के पर्व का आनन्द लिया।मारवाड़ योद्धा जोन के सुपरकोच कन्हैयालाल मिश्रा ने फाल्गुली मस्ती व देशभक्ति से सराबोर गीत, थे खेलो लाल गुलाल,होली नित आवे व हां रे होली आई रे गीतों की खिलाड़ियों के साथ सामूहिक प्रस्तुति दी।कार्यक्रम के दौरान मुक्केबाज खिलाड़ी अनिता कुमारी, भावेश कुमार, चेतन कुमार व उत्कर्ष मिश्रा ने होली पर्व के बारे में अपने विचार प्रकट किये।होली गीतों की मिठास के बाद सभी खिलाड़ियों ने जमकर होली खेली।उसके बाद उपस्थित सभी खिलाड़ियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर होली की शुभकामनाएं दी।2
- माहेश्वरी कॉलोनी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया होली पर्व, महेश गार्डन में रंगारंग आयोजन भीनमाल (विक्रम राठी) शहर की माहेश्वरी कॉलोनी में रंगों का पावन पर्व होली धूमधाम एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त में विधि-विधानपूर्वक होलिका दहन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सुख-समृद्धि की कामना की। होलिका दहन के पश्चात समाज के प्रमुखजनों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। अगले दिन रंगोत्सव के अवसर पर समाज के अग्रणी सदस्य घर-घर जाकर कलर की होली खेलते नजर आए। होली का मुख्य आयोजन महेश गार्डन में सम्पन्न हुआ, जहां समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से रंग-गुलाल खेलकर पर्व की खुशियां साझा कीं। बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे वातावरण में उमंग छा गई। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष महादेव राठी, सचिव भगवानदास राठी, पूर्व अध्यक्ष सवाईलाल मुहंता, महेश चांडक, ओमप्रकाश गिगल, आनंद भूतड़ा, ओमप्रकाश शारदा, कैलाश शारदा, अशोक चांडक, कमलेश राठी, किशोर कुमार, सुरेश चांडक, चेतन कुमार, अरुण कुमार एवं मनीष राठी सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित यह होली महोत्सव सामाजिक एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता नजर4
- 🌈🩸 होली के पावन अवसर पर मानवता की मिसाल 🩸🌈 होली जैसे उल्लास और रंगों के पर्व पर, जब लोग उत्सव में मग्न थे, उस समय मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए नरेंद्र सिंह राठौड़ जी ने इमरजेंसी में अपना 130वां रक्तदान कर एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वंदे भारत फाउंडेशन के तत्वाधान में किया गया यह रक्तदान न केवल एक जीवनरक्षक कदम है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि सच्ची होली वही है, जो किसी के जीवन में आशा और खुशियों के रंग भर दे। 👏 ऐसे रक्तवीर को हृदय से साधुवाद एवं अभिनंदन।1
- होली गेर भादरड़ा समस्त ग्राम वासी2
- जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में होली का पर्व पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। होली के मौके पर आदिवासी समाज द्वारा बजाया जाने वाला पारंपरिक ‘गैर का ढोल’पूरे क्षेत्र में गूंज उठा। ढोल की थाप पर युवक गोल घेरा बनाकर पारंपरिक गैर नृत्य करते नजर आए। आदिवासी अंचल में होली के अवसर पर ढोल बजाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। विशेषकर गरासिया समाज में यह उत्सव सामूहिक रूप से मनाया जाता है, जहां युवा और बुजुर्ग एक साथ ढोल की थाप पर नृत्य कर खुशियां मनाते हैं। यह परंपरा सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक मानी जाती है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिरोही जिला कांग्रेस अध्यक्ष, लीलाराम गरासिया आदिवासी युवकों के साथ ढोल बजाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके साथ कई आदिवासी युवक भी मौजूद हैं और सभी पारंपरिक अंदाज में नृत्य करते हुए ढोल बजा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का इस तरह पारंपरिक आयोजनों में शामिल होना सामाजिक सौहार्द और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। होली के इस अवसर पर आदिवासी अंचल में उत्साह का माहौल बना हुआ है और ढोल की गूंज से पूरा वातावरण रंगमय हो उठा है।1
- होली पर्व को लेकर महिला गैर नृत्य कार्यक्रम हुआ भव्य आयोजित इस दौरान रंगारंग क्षत्रिया लेकर गैर नृत्य करती महिलाएं1
- भीनमाल में तीन दिवसीय होली महोत्सव धूमधाम से सम्पन्न, घोटा गैर में उमड़ा जनसैलाब भीनमाल (विक्रम राठी) शहर में रंगों के पावन पर्व होली को लेकर इस वर्ष तीन दिवसीय होली महोत्सव हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था। प्रशासन की सतर्कता और जनसहयोग से सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से सम्पन्न हुए। पहले दिन शहर की विभिन्न कॉलोनियों एवं प्रमुख स्थानों पर सायंकाल होलिका दहन का आयोजन किया गया। विधि-विधान के साथ होलिका पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। महिलाओं एवं बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। दूसरे दिन भीनमाल की पहचान बन चुकी पारंपरिक भव्य घोटा गैर का आयोजन किया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं की टोलियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गैर निकाली। हजारों की संख्या में जनसमूह इस ऐतिहासिक परंपरा का साक्षी बना। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। तीसरे दिन धुलेटी पर पूरे शहर में रंगों की धूम देखने को मिली। सुबह से ही युवा, बच्चे और बुजुर्ग रंग-गुलाल के साथ सड़कों पर नजर आए। शहर के प्रमुख चौराहों एवं मोहल्लों में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाइयां दीं। तीनों दिनों तक चले इस होली महोत्सव ने भीनमाल में सामाजिक एकता, भाईचारे और उत्साह का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। शांतिपूर्ण एवं भव्य आयोजन के लिए प्रशासन एवं नागरिकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।4