धैर्य और सामर्थ्य की परीक्षा लेती हैं प्राकृतिक आपदाऐं : संजीव शर्मा प्राकृतिक आपदाओं में कैसे करें तंबू निर्माण, गेजैट्स, गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार, मिली ट्रेनिंग बदायूं : नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कालेज में भारत स्काउट गाइड संस्था के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय स्पेशल इंट्रोडक्टरी कोर्स के चौथे दिन बीएड प्रशिक्षुओं ने खोज के चिन्हों की सहायता जंगलों में भ्रमण करना, प्राकृतिक आपदाओं में तंबू निर्माण, गेजैट्स बनाना, गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार आदि की ट्रेनिंग दी गई। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक ओर युद्ध जैसी परिस्थितियां मानवता को विभाजित कर रही हैं, तो दूसरी ओर भूकंप, बाढ़, सूखा और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे धैर्य और सामर्थ्य की परीक्षा ले रही हैं। युद्ध समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है। युवा शांति, संवाद और सहयोग से विश्व में प्रेम-सौहार्द और भाईचारा स्थापित करें। उन्होंने जंगलों में भ्रमण करना, तंबू निर्माण, गेट, प्राथमिक चिकित्सा, मरीज को ले जाना, स्ट्रेचर बनाना आदि की ट्रेनिंग दी गई। इससे पूर्व महाविद्यालय के डा.सत्यम मिश्रा ने स्काउट ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासित रहें, तो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। सुश्री डा.अर्चना ने कहा कि युवा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। अपनी प्रतिभाओं को निखारें। डा. सिद्धार्थ काश्यप ने कहा कि अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना ही सच्ची देशभक्ति है। जिला आयुक्त रोवर प्रो.मनवीर सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं। इस मौके पर डा. विक्रांत उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
धैर्य और सामर्थ्य की परीक्षा लेती हैं प्राकृतिक आपदाऐं : संजीव शर्मा प्राकृतिक आपदाओं में कैसे करें तंबू निर्माण, गेजैट्स, गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार, मिली ट्रेनिंग बदायूं : नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कालेज में भारत स्काउट गाइड संस्था के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय स्पेशल इंट्रोडक्टरी कोर्स के चौथे दिन बीएड प्रशिक्षुओं ने खोज के चिन्हों की सहायता जंगलों में भ्रमण करना, प्राकृतिक आपदाओं में तंबू निर्माण, गेजैट्स बनाना, गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार आदि की ट्रेनिंग दी गई। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक ओर युद्ध जैसी परिस्थितियां मानवता को विभाजित कर रही हैं, तो दूसरी ओर भूकंप, बाढ़, सूखा और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे धैर्य और सामर्थ्य की परीक्षा ले रही हैं। युद्ध समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है। युवा शांति, संवाद और सहयोग से विश्व में प्रेम-सौहार्द और भाईचारा स्थापित करें। उन्होंने जंगलों में भ्रमण करना, तंबू निर्माण, गेट, प्राथमिक चिकित्सा, मरीज को ले जाना, स्ट्रेचर बनाना आदि की ट्रेनिंग दी गई। इससे पूर्व महाविद्यालय के डा.सत्यम मिश्रा ने स्काउट ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासित रहें, तो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। सुश्री डा.अर्चना ने कहा कि युवा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। अपनी प्रतिभाओं को निखारें। डा. सिद्धार्थ काश्यप ने कहा कि अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना ही सच्ची देशभक्ति है। जिला आयुक्त रोवर प्रो.मनवीर सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं। इस मौके पर डा. विक्रांत उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
- बदायूं : नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कालेज में भारत स्काउट गाइड संस्था के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय स्पेशल इंट्रोडक्टरी कोर्स के चौथे दिन बीएड प्रशिक्षुओं ने खोज के चिन्हों की सहायता जंगलों में भ्रमण करना, प्राकृतिक आपदाओं में तंबू निर्माण, गेजैट्स बनाना, गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार आदि की ट्रेनिंग दी गई। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक ओर युद्ध जैसी परिस्थितियां मानवता को विभाजित कर रही हैं, तो दूसरी ओर भूकंप, बाढ़, सूखा और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे धैर्य और सामर्थ्य की परीक्षा ले रही हैं। युद्ध समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है। युवा शांति, संवाद और सहयोग से विश्व में प्रेम-सौहार्द और भाईचारा स्थापित करें। उन्होंने जंगलों में भ्रमण करना, तंबू निर्माण, गेट, प्राथमिक चिकित्सा, मरीज को ले जाना, स्ट्रेचर बनाना आदि की ट्रेनिंग दी गई। इससे पूर्व महाविद्यालय के डा.सत्यम मिश्रा ने स्काउट ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासित रहें, तो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। सुश्री डा.अर्चना ने कहा कि युवा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। अपनी प्रतिभाओं को निखारें। डा. सिद्धार्थ काश्यप ने कहा कि अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना ही सच्ची देशभक्ति है। जिला आयुक्त रोवर प्रो.मनवीर सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं। इस मौके पर डा. विक्रांत उपाध्याय आदि मौजूद रहे।1
- यूपी | संभल में इंस्टाग्राम रीलपुत्री महक–परी की पड़ोसियों से भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों में खूब लाठी–डंडे चले, पत्थर फेंके गए।1
- बलबा ड्रिल दंगा नियंत्रण अभ्यास जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाये रखने एवं आपात परिस्थितियों को नियंत्रण करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में दंगा नियंत्रण/बलवा ड्रिल का अभ्यास कराया गया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा पुलिस लाइन ग्राउण्ड मे कानून और शांति व्यवस्था के दृष्टिगत आपात परिस्थितियों बलवाइयों, अराजक तत्वों और गड़बड़ी फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के लिए बदायूँ पुलिस द्वारा दंगा नियंत्रण ड्रिल कर शस्त्रों-उपकरणों की क्रियाशीलता को चेक किया गया तथा आकस्मिक परिस्थिति में सुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था व समाज में सुरक्षित/भयमुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से पुलिसअधिकारियों व पुलिसकर्मियों से बल्वा ड्रिल का पूर्वाभ्यास कराया गया।* > रिजर्व पुलिस लाइन के परेड ग्राउण्ड में दंगारोधी उपकरणों के साथ मॉक बल्वा ड्रिल/दंगारोधी ड्रिल का आयोजन किया गया। जनपद के समस्त पुलिस अधि0/कर्म0गण द्वारा विधि विरूद्ध भीड़ को तितर-बितर करने/शांति व्यवस्था बनाने आदि क्रियाकलापों के सम्बन्ध में बल्वा ड्रिल का अभ्यास किया गया तथा अधिकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों को दंगाइयों/बलवाइयों को खदेड़ने, घायलों को अस्पताल ले जानें तथा बलवाइयों की गिरफ्तारी करने आदि का अभ्यास किया गया ➡️वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बदायूँ सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले के आला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बलवा ड्रिल के अभ्यास के तहत बदायूँ पुलिस और दंगाइयों के बीच पुलिस लाइन में हुई जोरदार भिड़ंत। ➡️इस दौरान बदायूँ पुलिस ने ही दंगाइयों व पुलिस का रोल अदा किया। ➡️महोदय द्वारा सर्वप्रथम बलवा या दंगा होने की स्थिति में भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए, कैसे प्रदर्शनकारियों के पत्थरों से खुद का बचाव करते हुए उन्हें खदेड़ा जाए, प्रदर्शनकारियों को पुलिस की चेतावनी से लेकर आंसू गैस के गोले दागने, हैंड ग्रेनेड, रबर बुलेट का प्रयोग करने, वाटर कैनन से भीड़ को तितर बितर करने के संबंध में विस्तार से ब्रीफ किया। ➡️ तत्पश्चात बलवा मॉक ड्रिल रिहर्सल परेड में पुलिस जवानों व अधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाई गई। जिसमें अभिसूचना इकाई, सिविल पुलिस, घुड़सवार पुलिस, अग्नि शमन पुलिस, लाठी पार्टी, फायरिंग पार्टी, अश्रु पार्टी, रिजर्व पार्टी को अपना-अपना कार्य तय कर दिशा निर्देश दिए गए । ➡️ इसके उपरांत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से पुलिस अधिकारियों ने बात की। उन्हें लाउडस्पीकर के माध्यम से समझाने की कोशिश की गई । किंतु लोगों की भीड़ उग्र हो गई एवं पुलिस पर पथराव करने लगे। यह देख पुलिस ने उन्हें लाउडस्पीकर के माध्यम से तितर बितर होने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। दंगाइयों पर हल्का बल प्रयोग किया।दंगाइयों द्वारा पुलिस पर पत्थर फेंकने के बाद पुलिसकर्मियों ने अपना बचाव करते हुए अश्रु गैस के गोले दागे । हैंड ग्रेनेड का प्रयोग किया और भीड़ को तीतर भीतर किया । बलवा मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में सहायक होते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा बलवा ड्रिल टीम में शामिल समस्त पुलिस कर्मियों के उच्चकोटि का प्रदर्शन करने पर सराहना करते हुए भूरी-भूरी प्रशंसा की गयी । बलवा ड्रिल के दौरान क्षेत्राधिकारीगण नगर श्री रजनीश उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी उझानी/कार्यालय श्री सुनील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी दातागंज श्री राहुल पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी सहसवान श्री अशोक कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बिल्सी श्री के0के0 तिवारी, क्षेत्राधिकारी बिसौली श्री संजीव कुमार, प्रतिसाऱ निरीक्षक श्री इन्द्रजीत सिंह व समस्त थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी व अन्य पुलिस अधीकारी व कर्मचारीगण तथा रिक्रूट आरक्षी मौजूद रहे3
- आज का राशिफल संकेत देता है—धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले ही सफलता की कुंजी बनेंगे, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है। 🔥 भाग्य साथ देगा, लेकिन मेहनत और सही निर्णय ही आज आपको आगे बढ़ाएंगे—सावधानी ही सबसे बड़ी ताकत है।2
- Post by पत्रकार संजीव कुमार राणा1
- बदायूँ ब्रैकिंग.... जनपद बदायूं में यूरिया की कालाबाजारी चालू किसानों को नहीं मिल पा रहा यूरिया किसान यूनियन की टीम ने थाना प्रभारी को तहरीर देकर की उचित कार्यवाही की मांग! किसान यूनियन के लोगों ने अन्य समिति के गांव में जाते हुए ई रिक्शा को यूरिया खाद के साथ पड़ा 112 पर शिकायत की मदद से कराया थाने में बंद पूरा मामला थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव नगला वारे का बताया जा रहा है4
- शामली के सरकारी जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए गयी प्रसूता को सूत्रों की माने तो "सर्जरी केस" बताकर पैसे मांगे गये और भर्ती नही किया गया. परिवार वापस लौटने लगा तो प्रसूता को लेबर पेन बढ़ गये. अस्पताल के गेट पर ही खुले आसमान के नीचे प्रसूता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. चारों तरफ खुशियां छा गयी.1
- जनपद संभल के थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव भगवाननगर उर्फ मनीहर नगला से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। गांव के लोगों का कहना है कि यह जमीन बच्चों के खेलने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन कब्जे की वजह से बच्चों को खेलने के लिए कोई मैदान नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और DM से अपील की है कि जल्द से जल्द इस अवैध कब्जे को हटाकर बच्चों के लिए खेल का मैदान तैयार कराया जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और गांव के बच्चों को उनका हक कब तक मिलता है।1
- उसने फारबिसगंज ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस खौफनाक मंजर की कड़ियां कुछ इस तरह हैं: 🩸 कत्ल का खौफनाक सिलसिला चश्मदीदों और मिल रही जानकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित दरिंदगी जैसा प्रतीत हुआ: वार पर वार: आरोपी ने सबसे पहले ड्राइवर पर चाकू से तीन-चार घातक प्रहार किए। इन वारों ने ड्राइवर को लहूलुहान कर दिया और वह असहाय होकर जमीन पर गिर पड़ा। अमानवीय क्रूरता: जब ड्राइवर अपनी जान की भीख मांग रहा होगा या अधमरा पड़ा था, तब आरोपी ने दया दिखाने के बजाय सबसे वीभत्स कदम उठाया। उसने बीच सड़क, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गर्दन को धड़ से अलग कर दिया। शून्य संवेदना: गले को काटकर अलग करने के बाद भी उस व्यक्ति के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह हाथ में खून से सना हथियार लेकर वहीं खड़ा रहा, जो उसकी मानसिक विक्षिप्तता या चरम नफरत को दर्शाता है। 🏛️ कानून के सामने खड़ा सवाल ऐसी घटनाओं ने समाज में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। यह वारदात कुछ गंभीर सवाल छोड़ गई है: भीड़ की खामोशी: क्या हमारी संवेदनाएं इतनी मर चुकी हैं कि एक इंसान का गला सरेआम काटा जाता रहा और लोग तमाशा देखते रहे या वीडियो बनाते रहे? कानून का खौफ: क्या अपराधियों के मन से पुलिस और सजा का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? न्याय की पुकार: इस मामले में अब केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है; जनता स्पीडी ट्रायल और ऐतिहासिक सजा की मांग कर रही है ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की सोच भी न सके। निष्कर्ष: यह घटना इंसानियत के माथे पर एक बदनुमा दाग है। एक छोटे से विवाद का अंत इस कदर गर्दन काटने जैसे वीभत्स कृत्य में होना यह बताता है कि समाज में असहिष्णुता और पागलपन किस हद तक बढ़ चुका है। पुलिस अब साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है ताकि इस 'जल्लाद' को उसके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके ।2