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आज 26 मई 2026 को सुपौल के जिलाधिकारी श्री सावन कुमार, भा०प्र०से०, ने सुपौल प्रखंड की ग्राम पंचायत-रामदत्तपट्टी में मनरेगा योजना के तहत पूर्व के वर्षों में कराए गए विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, पीसीसी सड़क, ईंट सोलिंग, मिट्टी युक्त सड़क और टीला निर्माण जैसे कार्यों की जाँच की गई। जाँच में कुछ योजनाओं का कार्य सही पाया गया, जबकि कुछ अन्य योजनाओं में त्रुटियां पाई गईं। निरीक्षण के समय मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन लगभग दो वर्ष पहले किया गया था।
SUBESH RAJ (journalism)
आज 26 मई 2026 को सुपौल के जिलाधिकारी श्री सावन कुमार, भा०प्र०से०, ने सुपौल प्रखंड की ग्राम पंचायत-रामदत्तपट्टी में मनरेगा योजना के तहत पूर्व के वर्षों में कराए गए विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, पीसीसी सड़क, ईंट सोलिंग, मिट्टी युक्त सड़क और टीला निर्माण जैसे कार्यों की जाँच की गई। जाँच में कुछ योजनाओं का कार्य सही पाया गया, जबकि कुछ अन्य योजनाओं में त्रुटियां पाई गईं। निरीक्षण के समय मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन लगभग दो वर्ष पहले किया गया था।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना परिसर में एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक युवती ने कथित तौर पर शौचालय के भीतर खुद को आग लगाकर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से झुलसी युवती को प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। यह मामला पहले से दर्ज एक दुष्कर्म प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसका मुख्य आरोपी पहले ही जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार, युवती ने सोमवार सुबह अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर यह कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस उसे सुरक्षा के मद्देनजर अपने साथ थाने ले आई थी। थाने पहुँचने के बाद युवती ने महिला पुलिसकर्मी के साथ शौचालय जाने की बात कही। कुछ देर बाद उसकी चीखें सुनाई दीं, और जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुँचे तो युवती आग की लपटों में घिरी हुई थी। पुलिस ने तुरंत आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुँचाया। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि यदि युवती मानसिक तनाव में थी और उसके शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ होने की आशंका थी, तो थाने में पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम क्यों नहीं किए गए? साथ ही, ऐसी स्थिति बनने तक प्रशासनिक सतर्कता में कहाँ कमी रही? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। इस घटना ने थाना परिसर के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल और संवेदनशील मामलों के प्रबंधन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। मधेपुरा के एएसपी प्रवेन्द्र भारती ने भी इस मामले पर बाइट दी है।2
- बिरौल में एक महिला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पिछले आठ सालों से लगातार दौड़ रही है। वह इस योजना का लाभ लेने के लिए लगातार प्रयासरत है।1
- सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के वार्ड नंबर 10, 11 और 12 में पिछले 6 दिनों से एक बिजली पोल गिर जाने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। भीषण गर्मी के इस दौर में आम जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग तथा दैनिक जीवन के अन्य आवश्यक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली उपभोक्ता लगातार विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से समस्या समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अब तक जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों में विभागीय लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय प्रत्याशी हर कार्य को समय पर पूरा करने का वादा करते हैं, लेकिन अब लोग मूलभूत सुविधा बिजली के लिए 6 दिनों से परेशान हैं। जनता की मांग है कि शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल की जाए और गिर चुके पोल को बदला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- सहरसा जिले की रघुनाथपुर पंचायत के अंतर्गत आने वाले महुआ चकला (मंगला बाजार) गांव की स्थिति बेहद खराब है। गांव के निवासी इस गंभीर समस्या को लेकर चिंतित हैं और आरोप लगा रहे हैं कि उनके गांव के मुखिया इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गांव की बदहाली को सुधारा जा सके।1
- बिहार के सुपौल जिले के सिमराही बाजार का रहने वाला नौशाद नामक युवक इस समय जॉर्डन की एक जेल में बंद है। उसके बूढ़े माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे विदेश कमाने भेजा था, लेकिन अब नौशाद का पूरा परिवार गहरे दर्द में जीवन व्यतीत कर रहा है। नौशाद तीन छोटे-छोटे बच्चों का पिता है। नौशाद को वापस लाने के लिए उसके माता-पिता और पत्नी दर-दर भटक रहे हैं। परिवार ने अब भारत सरकार और अम्मान में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Amman) से मार्मिक गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित घर वापस लाया जाए।1
- पूरी मकई की फसल पानी में डूब गई है। इसके साथ ही, यह पोस्ट अपने दर्शकों से लाइक, सब्सक्राइब और फॉलो करने का भी आग्रह करती है।1
- आज दिनांक 26.05.2026 को सुपौल के समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला ईद-उल-जोहा (बकरीद) 2026 के अवसर पर जिला शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी, सुपौल, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, ने की, जिसमें ईद-उल-जोहा (बकरीद) 2026 को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के संबंध में आवश्यक विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि इस वर्ष ईद-उल-जोहा (बकरीद) दिनांक 28.05.2026 को मनाया जाएगा। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुपौल, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, सभी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत वीसी के माध्यम से जुड़े हुए थे। साथ ही, जिला शांति समिति के सम्मानित सदस्यगण, पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्त्ता, सुपौल, अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल, पुलिस उपाधीक्षक, सुपौल, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सुपौल सहित अन्य पदाधिकारी और वरीय पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे। शांति समिति के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से चौकस रहने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी, सुपौल एवं पुलिस अधीक्षक, सुपौल द्वारा पुलिस प्रशासन और प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों को चौकसी बरतने तथा बकरीद पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने का निर्देश दिया गया, ताकि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी यह पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।3
- मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग के भीतर आरोपों और विवादों का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है। IMA के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें संगठन ने आरोप लगाया है कि सिविल सर्जन कार्यालय में कामकाज की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और विभिन्न विभागीय कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। IMA का दावा है कि बिना पैसे के फाइलों का निपटारा नहीं किया जा रहा और डॉक्टरों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। विशेषकर, डॉक्टरों के लाइसेंस, नर्सिंग होम के संचालन, अल्ट्रासाउंड केंद्रों, पैथोलॉजी लैब और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित फाइलों को जानबूझकर रोका जा रहा है और दबाव बनाकर पैसे की मांग की जा रही है। संगठन ने इसे चिकित्सकों के उत्पीड़न और व्यवस्था में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताया है। IMA के सचिव अमित आनंद ने अपनी बाइट में कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रही है, और ऐसे में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने से इसका सीधा असर आम लोगों तक पहुंचने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। IMA ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन अपने आंदोलन को और तेज कर सकता है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल यह मामला केवल आरोपों और शिकायतों के स्तर पर है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी है कि इन आरोपों की जांच किस तरह से की जाती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।3
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह गाय से जुड़े मुद्दों को खत्म नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे हिंदू-मुस्लिम और गाय से संबंधित उसका राजनीतिक मुद्दा ही समाप्त हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जाता। यह माँग की जा रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गोकशी की समस्या ही पूरी तरह खत्म हो जाएगी।1