अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया
गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
- विदिशा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान ग्राम रामपुर बंदिया निवासी किसान टीकाराम ने अपनी 750 बीघा जमीन की नपती न होने से परेशान होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वह कलेक्ट्रेट के दरवाजे से लेकर जनसुनवाई कक्ष तक ताप्ती सीसी रोड पर पिंड भरते हुए पहुंचा, जिसे देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक दिया। किसान ने विरोध किया, जिसके बाद उसकी बात नायब तहसीलदार के सामने रखी गई और फिर वह नायब तहसीलदार के साथ कलेक्टर से भी मिला। किसान टीकाराम ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दो बार आवेदन और सूचना दी थी। दोनों ही बार, सूचित किए जाने के बावजूद, उनके 'मेढिया किसान' (पड़ोसी किसान) नपती के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस लगातार हो रही परेशानी से आजिज़ आकर किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाई। टीकाराम ने मांग की है कि उसकी जमीन का सीमांकन पूरे पुलिस और राजस्व अमले के साथ किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी आग्रह किया कि जो 'मेढिया किसान' सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बलपूर्वक नपती के लिए बुलाया जाए ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।4
- नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर मुंगावली नगर में प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे हैं। यदि रसीद नहीं दिखाई जाती या टैक्स जमा नहीं होता, तो नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटने के बाद बकायादारों को दोबारा नल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को, वसूली टीम ने नगर की अजीज कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए लगभग 25 बकायादारों के नल कनेक्शन काटे। यह वसूली कार्यवाही बुधवार को भी वार्ड में सख्ती से जारी रहेगी, जहाँ जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। इस अभियान में जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव, धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- विदिशा जिले की लटेरी पुलिस ने एक सनसनीखेज डकैती की वारदात का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, जिसमें 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹5 लाख नगद सहित कुल अनुमानित ₹8 लाख का मशरूका बरामद किया गया है। यह सफलता 30 मई 2026 को बड़ी मदागन के आगे जंगल क्षेत्र, मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग पर हुई घटना से संबंधित है। फरियादी लक्ष्मण सिंह बंजारा निवासी नयानगर ने 31 मई 2026 को थाना लटेरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथी मेहरवान सिंह के साथ मारपीट कर ₹5 लाख नगद, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, पर्स और 25 लीटर डीजल से भरी कैन लूट ली थी। इस रिपोर्ट पर थाना लटेरी में अपराध क्रमांक 154/2026, धारा 310(2) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने "360° दृष्टि अभियान" के तहत घटनास्थल से आरोपियों के संभावित रास्तों तक के 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया और 200 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मैदानी जानकारी के समन्वय से पुलिस को अहम सुराग मिले। एसडीओपी लटेरी अमरेश बोहरे और एसडीओपी सिरोंज सोनू डाबर के नेतृत्व में लगभग 100 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम ने रायपुरा के जंगलों और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग और दबिश अभियान चलाया। इस अभियान में निरीक्षक पंकज गीते (थाना प्रभारी शमशाबाद), निरीक्षक गजेन्द्र सिंह बुन्देला (थाना प्रभारी सिरोंज), निरीक्षक संजय बेदिया (थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर), निरीक्षक सुरेश सोलंकी (थाना प्रभारी गुलाबगंज), निरीक्षक राजपाल सिंह जादौन (थाना प्रभारी सिविल लाइन विदिशा), उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. राजेश मिश्रा (चौकी प्रभारी खामखेड़ा), उनि. के.के. पवार (थाना प्रभारी मुगलसराय), उनि. रणवीर सिंह (थाना कोतवाली) और सूबेदार आशीष राय (यातायात प्रभारी विदिशा) सहित कई अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस व्यापक अभियान के परिणामस्वरूप पहलवान पिता पर्वत सिंह भील (18 वर्ष), बनवारी भील पिता प्रेमसिंह भील (35 वर्ष), नीलेश पिता गंगाराम भील (19 वर्ष), समंदर पिता बापूलाल भील (19 वर्ष) और हेमराज पिता विजय सिंह भील (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी रायपुरा, थाना लटेरी, जिला विदिशा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹5,00,000/- नगद, चार मोटरसाइकिल (दो लूटी गई और दो घटना में प्रयुक्त), एक जला हुआ मोबाइल फोन, एक पर्स, एक खाली डीजल कैन और एक ट्रैक्टर की नोजल (पाइप) बरामद की, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹8 लाख बताई गई है। लटेरी पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल गंभीर अपराध का खुलासा हुआ है, बल्कि संपूर्ण मशरूका बरामद कर फरियादी को भी राहत मिली है। इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में भय का वातावरण निर्मित हुआ है और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन कर पूर्व में घटित अपराधों एवं अन्य संभावित वारदातों में उनकी संलिप्तता के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है। मामले की गहन विवेचना जारी है। इस डकैती प्रकरण के खुलासे में उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. लक्ष्मण डावर (थाना प्रभारी मुरवास), उनि. प्रकाश भिलाला (थाना प्रभारी दीपनाखेड़ा), उनि. गौरव रघुवंशी (थाना प्रभारी त्योंदा / तकनीकी/सायबर सेल विदिशा), उनि. राकेश रघुवंशी (थाना प्रभारी आनंदपुर) और उनि. बीएल सिलोरिया (थाना लटेरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बीना से रिपोर्टर विजय चौहान ने बताया कि सर्वोदय चौराहे पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के जरिए 'स्वस्थ बीना' का संदेश दिया गया, जिसमें लोगों से आग्रह किया गया कि वे सड़कों पर कचरा न डालें, बल्कि कचरा गाड़ी का उपयोग करें।1
- बहुजन समाज पार्टी ने बीना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामसागर, निवारी, जगन, पथरिया और खिमलासा में अपने 'गांव चलो अभियान एवं भाईचारा बनाए अभियान' के तहत व्यापक जनसंपर्क और बैठकों का आयोजन किया। बसपा विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार के नेतृत्व में हुए इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और समाज में आपसी भाईचारा स्थापित करना था। इन बैठकों में मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने, दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने, तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। पार्टी ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत विषयों पर भी बात की और लोगों से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को आपसी समझौते व राजीनामे से सुलझाने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद बुद्ध वंदना, पंचशील पाठ एवं गुरु रविदास अरदास की गई। इस दौरान उपस्थित सैकड़ों महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं भी व्यक्त की गईं। कार्यक्रम में मंगल सिंह ठाकुर (बमोरी), मोहन अहिरवार, जोध, तुलसीराम अहिरवार, सोमत लाल अहिरवार, बिहारी लाल अहिरवार, कमल अहिरवार, बारेलाल अहिरवार, प्रताप अहिरवार, ज्ञान सिंह अहिरवार, बसंत कुमार, बट्टू लाल, पप्पू अहिरवार, गुल सागर, संतोष अहिरवार, जाहर सिंह, जयराम, रामचरण, रूपलाल अहिरवार, रतनलाल अहिरवार, रामेश्वर प्रसाद (सेमरा), शैलेंद्र, सुरेंद्र कुमार, दयाराम अहिरवार, प्राण सिंह अहिरवार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अंत में, सेक्टर प्रभारी रामेश्वर प्रसाद अहिरवार (ग्राम सेमरा) ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक सुधार और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।1
- बीना की छोटी बजरिया स्थित शिव मंदिर परिसर में सोमवार को निषादवंशी माझी समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक एवं जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मछुआ कल्याण विभाग एवं समाज के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों माझी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य माझी समाज को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित करना है।1
- उत्तर प्रदेश से एक अत्यंत मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अयोध्या के मया बाजार क्षेत्र की निवासी गीता देवी की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनका सात वर्षीय बेटा अर्पित लगभग 24 घंटे तक अपनी मां के शव के पास बैठा रहा। इस मासूम बच्चे को अपनी मां के निधन का कोई आभास नहीं था। गीता देवी के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, और इस कठिन घड़ी में कई रिश्तेदारों ने भी उनसे दूरी बना ली। परिवार को सहारा देने या अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के लिए कोई भी आगे नहीं आया, जिससे स्थिति और भी हृदयविदारक हो गई। जब इस दुखद घटना की सूचना स्थानीय हिंदू संगठनों को मिली, तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पहले भूखे-प्यासे अर्पित को संभाला, उसे भोजन कराया और फिर उसकी मां का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है, जहां संकट के समय न प्रशासन समय पर पहुंचा और न ही सामाजिक तंत्र सक्रिय दिखाई दिया। आखिरकार समाज के कुछ जागरूक लोगों ने आगे बढ़कर इंसानियत का फर्ज निभाया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर सरकारी सहायता और सामाजिक सुरक्षा तंत्र कितनी प्रभावी भूमिका निभा पाते हैं। मासूम अर्पित की मां को खोने के दर्द और अकेलेपन की यह तस्वीर लोगों को लंबे समय तक झकझोरती रहेगी।1
- विदिशा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे इन कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया, जिसमें उन्होंने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकी विभिन्न मांगों, विशेष रूप से नियमितीकरण की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। इसी के चलते उन्होंने भगवान हनुमान की शरण में जाकर सुंदरकांड का आयोजन किया, ताकि सरकार उनकी आवाज सुने और मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले। जिले के करीब 550 कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं, जिसे एक प्रदेशव्यापी आंदोलन बताया जा रहा है। इस हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जिला अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के नेतृत्व में अपनी मांगों पर ठोस निर्णय न होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।4
- बीना में खिमलासा रोड पर निर्माणाधीन अंडरब्रिज और ओवरब्रिज के काम में हो रही अत्यधिक धीमी गति को लेकर अधिवक्ता संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आम नागरिकों और अधिवक्ताओं को हो रही परेशानी के चलते, संघ के पदाधिकारियों ने एसडीएम बीना को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अधिवक्ता संघ ने बताया है कि अंबेडकर तिराहा से लेकर निर्माणाधीन ओवरब्रिज क्षेत्र तक का निर्माण कार्य बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है, जिससे दैनिक आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके कारण न्यायालय, तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुँचने वाले अधिवक्ताओं और आम जनता को हर दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने निर्माण कार्य में तेजी लाने, वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाने तथा आगामी वर्षा ऋतु से पहले जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य की इस लंबी धीमी गति के कारण लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। संघ ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं लाई गई, तो अधिवक्ता संघ उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।1