विदिशा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान ग्राम रामपुर बंदिया निवासी किसान टीकाराम ने अपनी 750 बीघा जमीन की नपती न होने से परेशान होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वह कलेक्ट्रेट के दरवाजे से लेकर जनसुनवाई कक्ष तक ताप्ती सीसी रोड पर पिंड भरते हुए पहुंचा, जिसे देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक दिया। किसान ने विरोध किया, जिसके बाद उसकी बात नायब तहसीलदार के सामने रखी गई और फिर वह नायब तहसीलदार के साथ कलेक्टर से भी मिला। किसान टीकाराम ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दो बार आवेदन और सूचना दी थी। दोनों ही बार, सूचित किए जाने के बावजूद, उनके 'मेढिया किसान' (पड़ोसी किसान) नपती के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस लगातार हो रही परेशानी से आजिज़ आकर किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाई। टीकाराम ने मांग की है कि उसकी जमीन का सीमांकन पूरे पुलिस और राजस्व अमले के साथ किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी आग्रह किया कि जो 'मेढिया किसान' सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बलपूर्वक नपती के लिए बुलाया जाए ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।
विदिशा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान ग्राम रामपुर बंदिया निवासी किसान टीकाराम ने अपनी 750 बीघा जमीन की नपती न होने से परेशान होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वह कलेक्ट्रेट के दरवाजे से लेकर जनसुनवाई कक्ष तक ताप्ती सीसी रोड पर पिंड भरते हुए पहुंचा, जिसे
देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक दिया। किसान ने विरोध किया, जिसके बाद उसकी बात नायब तहसीलदार के सामने रखी गई और फिर वह नायब तहसीलदार के साथ कलेक्टर से भी मिला। किसान टीकाराम ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दो
बार आवेदन और सूचना दी थी। दोनों ही बार, सूचित किए जाने के बावजूद, उनके 'मेढिया किसान' (पड़ोसी किसान) नपती के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस लगातार हो रही परेशानी से आजिज़ आकर किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाई। टीकाराम ने मांग
की है कि उसकी जमीन का सीमांकन पूरे पुलिस और राजस्व अमले के साथ किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी आग्रह किया कि जो 'मेढिया किसान' सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बलपूर्वक नपती के लिए बुलाया जाए ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।
- सिरोंज में बना जन सुनवाई हॉल अत्यंत छोटा होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन सुनवाई के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते उन्हें भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहना पड़ता है। यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बैठने के लिए एक भी कुर्सी की व्यवस्था नहीं है, और सभी मजबूरन खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, छोटी जगह होने से वहाँ उपस्थित अधिकारियों को भी अपना कार्य करने में काफी दिक्कतें आती हैं, जिससे न तो सुनवाई ठीक से हो पाती है और न ही दस्तावेजों से संबंधित काम सही ढंग से पूरा हो पाता है।1
- विदिशा जिले की लटेरी पुलिस ने एक सनसनीखेज डकैती की वारदात का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, जिसमें 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹5 लाख नगद सहित कुल अनुमानित ₹8 लाख का मशरूका बरामद किया गया है। यह सफलता 30 मई 2026 को बड़ी मदागन के आगे जंगल क्षेत्र, मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग पर हुई घटना से संबंधित है। फरियादी लक्ष्मण सिंह बंजारा निवासी नयानगर ने 31 मई 2026 को थाना लटेरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथी मेहरवान सिंह के साथ मारपीट कर ₹5 लाख नगद, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, पर्स और 25 लीटर डीजल से भरी कैन लूट ली थी। इस रिपोर्ट पर थाना लटेरी में अपराध क्रमांक 154/2026, धारा 310(2) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने "360° दृष्टि अभियान" के तहत घटनास्थल से आरोपियों के संभावित रास्तों तक के 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया और 200 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मैदानी जानकारी के समन्वय से पुलिस को अहम सुराग मिले। एसडीओपी लटेरी अमरेश बोहरे और एसडीओपी सिरोंज सोनू डाबर के नेतृत्व में लगभग 100 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम ने रायपुरा के जंगलों और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग और दबिश अभियान चलाया। इस अभियान में निरीक्षक पंकज गीते (थाना प्रभारी शमशाबाद), निरीक्षक गजेन्द्र सिंह बुन्देला (थाना प्रभारी सिरोंज), निरीक्षक संजय बेदिया (थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर), निरीक्षक सुरेश सोलंकी (थाना प्रभारी गुलाबगंज), निरीक्षक राजपाल सिंह जादौन (थाना प्रभारी सिविल लाइन विदिशा), उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. राजेश मिश्रा (चौकी प्रभारी खामखेड़ा), उनि. के.के. पवार (थाना प्रभारी मुगलसराय), उनि. रणवीर सिंह (थाना कोतवाली) और सूबेदार आशीष राय (यातायात प्रभारी विदिशा) सहित कई अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस व्यापक अभियान के परिणामस्वरूप पहलवान पिता पर्वत सिंह भील (18 वर्ष), बनवारी भील पिता प्रेमसिंह भील (35 वर्ष), नीलेश पिता गंगाराम भील (19 वर्ष), समंदर पिता बापूलाल भील (19 वर्ष) और हेमराज पिता विजय सिंह भील (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी रायपुरा, थाना लटेरी, जिला विदिशा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹5,00,000/- नगद, चार मोटरसाइकिल (दो लूटी गई और दो घटना में प्रयुक्त), एक जला हुआ मोबाइल फोन, एक पर्स, एक खाली डीजल कैन और एक ट्रैक्टर की नोजल (पाइप) बरामद की, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹8 लाख बताई गई है। लटेरी पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल गंभीर अपराध का खुलासा हुआ है, बल्कि संपूर्ण मशरूका बरामद कर फरियादी को भी राहत मिली है। इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में भय का वातावरण निर्मित हुआ है और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन कर पूर्व में घटित अपराधों एवं अन्य संभावित वारदातों में उनकी संलिप्तता के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है। मामले की गहन विवेचना जारी है। इस डकैती प्रकरण के खुलासे में उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. लक्ष्मण डावर (थाना प्रभारी मुरवास), उनि. प्रकाश भिलाला (थाना प्रभारी दीपनाखेड़ा), उनि. गौरव रघुवंशी (थाना प्रभारी त्योंदा / तकनीकी/सायबर सेल विदिशा), उनि. राकेश रघुवंशी (थाना प्रभारी आनंदपुर) और उनि. बीएल सिलोरिया (थाना लटेरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- भोपाल देहात के नजीराबाद क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या और चांदी के कड़े लूटने के आरोप में जसमन गुर्जर को पुलिस ने घटना के महज़ 14 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी त्वरित कार्रवाई करते हुए की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लालच में आकर बुजुर्ग महिला की हत्या की और उनके पैरों में पहने चांदी के कड़े लूटने के लिए कुल्हाड़ी से उनके दोनों पैर काट दिए। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और अपराध की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- नगर परिषद की कर प्रणाली और पार्षदों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जनता को मिल रही बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, साफ-सफाई, और गंदगी की समस्याओं पर भी केंद्रित था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना में भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे पार्षदों ने अव्यवस्थाओं का हिस्सा बताया। पार्षदों के इस धरने के बाद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने तीन दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। नगर परिषद की आर्थिक व्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर पार्षदों के इस विरोध के दौरान नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।1
- बीना से रिपोर्टर विजय चौहान ने बताया कि सर्वोदय चौराहे पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के जरिए 'स्वस्थ बीना' का संदेश दिया गया, जिसमें लोगों से आग्रह किया गया कि वे सड़कों पर कचरा न डालें, बल्कि कचरा गाड़ी का उपयोग करें।1
- बहुजन समाज पार्टी ने बीना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामसागर, निवारी, जगन, पथरिया और खिमलासा में अपने 'गांव चलो अभियान एवं भाईचारा बनाए अभियान' के तहत व्यापक जनसंपर्क और बैठकों का आयोजन किया। बसपा विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार के नेतृत्व में हुए इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और समाज में आपसी भाईचारा स्थापित करना था। इन बैठकों में मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने, दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने, तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। पार्टी ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत विषयों पर भी बात की और लोगों से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को आपसी समझौते व राजीनामे से सुलझाने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद बुद्ध वंदना, पंचशील पाठ एवं गुरु रविदास अरदास की गई। इस दौरान उपस्थित सैकड़ों महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं भी व्यक्त की गईं। कार्यक्रम में मंगल सिंह ठाकुर (बमोरी), मोहन अहिरवार, जोध, तुलसीराम अहिरवार, सोमत लाल अहिरवार, बिहारी लाल अहिरवार, कमल अहिरवार, बारेलाल अहिरवार, प्रताप अहिरवार, ज्ञान सिंह अहिरवार, बसंत कुमार, बट्टू लाल, पप्पू अहिरवार, गुल सागर, संतोष अहिरवार, जाहर सिंह, जयराम, रामचरण, रूपलाल अहिरवार, रतनलाल अहिरवार, रामेश्वर प्रसाद (सेमरा), शैलेंद्र, सुरेंद्र कुमार, दयाराम अहिरवार, प्राण सिंह अहिरवार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अंत में, सेक्टर प्रभारी रामेश्वर प्रसाद अहिरवार (ग्राम सेमरा) ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक सुधार और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।1
- अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।2
- विदिशा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान ग्राम रामपुर बंदिया निवासी किसान टीकाराम ने अपनी 750 बीघा जमीन की नपती न होने से परेशान होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वह कलेक्ट्रेट के दरवाजे से लेकर जनसुनवाई कक्ष तक ताप्ती सीसी रोड पर पिंड भरते हुए पहुंचा, जिसे देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक दिया। किसान ने विरोध किया, जिसके बाद उसकी बात नायब तहसीलदार के सामने रखी गई और फिर वह नायब तहसीलदार के साथ कलेक्टर से भी मिला। किसान टीकाराम ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दो बार आवेदन और सूचना दी थी। दोनों ही बार, सूचित किए जाने के बावजूद, उनके 'मेढिया किसान' (पड़ोसी किसान) नपती के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस लगातार हो रही परेशानी से आजिज़ आकर किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाई। टीकाराम ने मांग की है कि उसकी जमीन का सीमांकन पूरे पुलिस और राजस्व अमले के साथ किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी आग्रह किया कि जो 'मेढिया किसान' सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बलपूर्वक नपती के लिए बुलाया जाए ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।4