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नगर परिषद की कर प्रणाली और पार्षदों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जनता को मिल रही बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, साफ-सफाई, और गंदगी की समस्याओं पर भी केंद्रित था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना में भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे पार्षदों ने अव्यवस्थाओं का हिस्सा बताया। पार्षदों के इस धरने के बाद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने तीन दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। नगर परिषद की आर्थिक व्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर पार्षदों के इस विरोध के दौरान नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।

9 hrs ago
user_रवि मोहने पार्षद
रवि मोहने पार्षद
Youth Social Services Organisation Shadhora, Ashoknagar•
9 hrs ago

नगर परिषद की कर प्रणाली और पार्षदों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जनता को मिल रही बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, साफ-सफाई, और गंदगी की समस्याओं पर भी केंद्रित था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना में भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे पार्षदों ने अव्यवस्थाओं का हिस्सा बताया। पार्षदों के इस धरने के बाद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने तीन दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। नगर परिषद की आर्थिक व्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर पार्षदों के इस विरोध के दौरान नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।

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  • नगर परिषद की कर प्रणाली और पार्षदों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जनता को मिल रही बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, साफ-सफाई, और गंदगी की समस्याओं पर भी केंद्रित था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना में भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे पार्षदों ने अव्यवस्थाओं का हिस्सा बताया। पार्षदों के इस धरने के बाद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने तीन दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। नगर परिषद की आर्थिक व्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर पार्षदों के इस विरोध के दौरान नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।
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    नगर परिषद की कर प्रणाली और पार्षदों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जनता को मिल रही बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, साफ-सफाई, और गंदगी की समस्याओं पर भी केंद्रित था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना में भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे पार्षदों ने अव्यवस्थाओं का हिस्सा बताया।

पार्षदों के इस धरने के बाद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने तीन दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। नगर परिषद की आर्थिक व्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों पर पार्षदों के इस विरोध के दौरान नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।
    user_रवि मोहने पार्षद
    रवि मोहने पार्षद
    Youth Social Services Organisation Shadhora, Ashoknagar•
    9 hrs ago
  • अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
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    अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।

धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया है। भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसने प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल मचा दी है। इस खबर के सामने आते ही विधानसभा परिसर में मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल छा गया, जहां कई भाजपा विधायक और पदाधिकारी एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते देखे गए। सूत्रों के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कुछ तकनीकी और कानूनी बिंदुओं को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इन आपत्तियों की सुनवाई के बाद निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करने का निर्णय सुनाया। वहीं, नामांकन निरस्त होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया और पार्टी नेताओं ने तत्काल बैठकें शुरू कर कानूनी विकल्पों पर चर्चा की। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह निर्णय कायम रहता है, तो राज्यसभा चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं, जिसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायकों को लेकर रवाना हुआ एक विशेष विमान भी चर्चा का विषय बन गया, जिसने उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही भोपाल एयरपोर्ट पर वापसी लैंडिंग की। इसके बाद सभी कांग्रेस विधायक एयरपोर्ट से बाहर निकल आए। हालांकि विमान की वापसी के पीछे आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे चुनावी नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों का पालन करना होता है और यदि किसी स्तर पर त्रुटि पाई जाती है तो निर्वाचन अधिकारी को कार्रवाई का अधिकार है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कानूनी सलाह लेने और आगे की रणनीति तय करने की खबरें सामने आ रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस इस फैसले को चुनौती देने के विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर बना यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन चुका है और इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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    मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया है। भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसने प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल मचा दी है। इस खबर के सामने आते ही विधानसभा परिसर में मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल छा गया, जहां कई भाजपा विधायक और पदाधिकारी एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते देखे गए।

सूत्रों के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कुछ तकनीकी और कानूनी बिंदुओं को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इन आपत्तियों की सुनवाई के बाद निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करने का निर्णय सुनाया। वहीं, नामांकन निरस्त होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया और पार्टी नेताओं ने तत्काल बैठकें शुरू कर कानूनी विकल्पों पर चर्चा की। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह निर्णय कायम रहता है, तो राज्यसभा चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं, जिसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायकों को लेकर रवाना हुआ एक विशेष विमान भी चर्चा का विषय बन गया, जिसने उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही भोपाल एयरपोर्ट पर वापसी लैंडिंग की। इसके बाद सभी कांग्रेस विधायक एयरपोर्ट से बाहर निकल आए। हालांकि विमान की वापसी के पीछे आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे चुनावी नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों का पालन करना होता है और यदि किसी स्तर पर त्रुटि पाई जाती है तो निर्वाचन अधिकारी को कार्रवाई का अधिकार है।

वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कानूनी सलाह लेने और आगे की रणनीति तय करने की खबरें सामने आ रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस इस फैसले को चुनौती देने के विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर बना यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन चुका है और इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • जनसुनवाई के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ आवेदक विश्वास और भरोसे के साथ घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। बढ़ती हुई भीड़ स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि लोग धीरे-धीरे इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक हो रहे हैं। हर मंगलवार को जनसुनवाई में सैकड़ों आवेदन पहुँच रहे हैं।
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    जनसुनवाई के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ आवेदक विश्वास और भरोसे के साथ घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। बढ़ती हुई भीड़ स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि लोग धीरे-धीरे इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक हो रहे हैं। हर मंगलवार को जनसुनवाई में सैकड़ों आवेदन पहुँच रहे हैं।
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    Customer Service Representative गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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    राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
    user_सत्यम न्यूज़ लाइव
    सत्यम न्यूज़ लाइव
    राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सिरोंज में बना जन सुनवाई हॉल अत्यंत छोटा होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन सुनवाई के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते उन्हें भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहना पड़ता है। यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बैठने के लिए एक भी कुर्सी की व्यवस्था नहीं है, और सभी मजबूरन खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, छोटी जगह होने से वहाँ उपस्थित अधिकारियों को भी अपना कार्य करने में काफी दिक्कतें आती हैं, जिससे न तो सुनवाई ठीक से हो पाती है और न ही दस्तावेजों से संबंधित काम सही ढंग से पूरा हो पाता है।
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    सिरोंज में बना जन सुनवाई हॉल अत्यंत छोटा होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन सुनवाई के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते उन्हें भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहना पड़ता है।

यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बैठने के लिए एक भी कुर्सी की व्यवस्था नहीं है, और सभी मजबूरन खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, छोटी जगह होने से वहाँ उपस्थित अधिकारियों को भी अपना कार्य करने में काफी दिक्कतें आती हैं, जिससे न तो सुनवाई ठीक से हो पाती है और न ही दस्तावेजों से संबंधित काम सही ढंग से पूरा हो पाता है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गुना पुलिस लाइन स्थित एक सरकारी आवास में महिला आरक्षक का शव फंदे पर लटका मिलने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान अशोकनगर जिले की निवासी महिला आरक्षक निशा शर्मा के रूप में हुई है, जो छुट्टी लेकर अपने घर गई हुई थीं और सोमवार शाम को ही अपने सरकारी क्वार्टर पर लौटी थीं। मंगलवार सुबह जब उनकी काम वाली महिला क्वार्टर पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई घंटों तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां महिला आरक्षक का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला, जिससे सभी हैरान रह गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है।
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    गुना पुलिस लाइन स्थित एक सरकारी आवास में महिला आरक्षक का शव फंदे पर लटका मिलने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान अशोकनगर जिले की निवासी महिला आरक्षक निशा शर्मा के रूप में हुई है, जो छुट्टी लेकर अपने घर गई हुई थीं और सोमवार शाम को ही अपने सरकारी क्वार्टर पर लौटी थीं।

मंगलवार सुबह जब उनकी काम वाली महिला क्वार्टर पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई घंटों तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां महिला आरक्षक का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला, जिससे सभी हैरान रह गए।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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