नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर मुंगावली नगर में प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे हैं। यदि रसीद नहीं दिखाई जाती या टैक्स जमा नहीं होता, तो नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटने के बाद बकायादारों को दोबारा नल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को, वसूली टीम ने नगर की अजीज कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए लगभग 25 बकायादारों के नल कनेक्शन काटे। यह वसूली कार्यवाही बुधवार को भी वार्ड में सख्ती से जारी रहेगी, जहाँ जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। इस अभियान में जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव, धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर मुंगावली नगर में प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे
हैं। यदि रसीद नहीं दिखाई जाती या टैक्स जमा नहीं होता, तो नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटने के बाद बकायादारों को दोबारा नल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
इसके साथ ही, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को, वसूली टीम ने नगर की अजीज कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए लगभग 25 बकायादारों के नल कनेक्शन काटे। यह वसूली कार्यवाही बुधवार को भी वार्ड में सख्ती
से जारी रहेगी, जहाँ जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। इस अभियान में जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव, धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बीना के अंबेडकर तिराहे पर यातायात जाम और जलजमाव की गंभीर समस्या के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति से मुक्ति दिलाने की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ ने अब मोर्चा खोल दिया है।1
- अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में नगर परिषद कार्यालय के सामने मंगलवार को पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठे पार्षदों की मुख्य मांग पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय और विकास कार्यों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद नगर परिषद ने उन्हें वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस पर प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया, जहां वार्ड क्रमांक 7 के निवासी प्रदीप जाट ने जियो टैगिंग होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस धरने की खास बात यह रही कि नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व के बावजूद भाजपा के पार्षद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा पार्षद राकेश रघुवंशी ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।2
- सिरोंज में बना जन सुनवाई हॉल अत्यंत छोटा होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जन सुनवाई के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन जगह की कमी के चलते उन्हें भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहना पड़ता है। यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बैठने के लिए एक भी कुर्सी की व्यवस्था नहीं है, और सभी मजबूरन खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, छोटी जगह होने से वहाँ उपस्थित अधिकारियों को भी अपना कार्य करने में काफी दिक्कतें आती हैं, जिससे न तो सुनवाई ठीक से हो पाती है और न ही दस्तावेजों से संबंधित काम सही ढंग से पूरा हो पाता है।1
- विदिशा जिले की लटेरी पुलिस ने एक सनसनीखेज डकैती की वारदात का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, जिसमें 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹5 लाख नगद सहित कुल अनुमानित ₹8 लाख का मशरूका बरामद किया गया है। यह सफलता 30 मई 2026 को बड़ी मदागन के आगे जंगल क्षेत्र, मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग पर हुई घटना से संबंधित है। फरियादी लक्ष्मण सिंह बंजारा निवासी नयानगर ने 31 मई 2026 को थाना लटेरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथी मेहरवान सिंह के साथ मारपीट कर ₹5 लाख नगद, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, पर्स और 25 लीटर डीजल से भरी कैन लूट ली थी। इस रिपोर्ट पर थाना लटेरी में अपराध क्रमांक 154/2026, धारा 310(2) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने "360° दृष्टि अभियान" के तहत घटनास्थल से आरोपियों के संभावित रास्तों तक के 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया और 200 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मैदानी जानकारी के समन्वय से पुलिस को अहम सुराग मिले। एसडीओपी लटेरी अमरेश बोहरे और एसडीओपी सिरोंज सोनू डाबर के नेतृत्व में लगभग 100 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम ने रायपुरा के जंगलों और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग और दबिश अभियान चलाया। इस अभियान में निरीक्षक पंकज गीते (थाना प्रभारी शमशाबाद), निरीक्षक गजेन्द्र सिंह बुन्देला (थाना प्रभारी सिरोंज), निरीक्षक संजय बेदिया (थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर), निरीक्षक सुरेश सोलंकी (थाना प्रभारी गुलाबगंज), निरीक्षक राजपाल सिंह जादौन (थाना प्रभारी सिविल लाइन विदिशा), उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. राजेश मिश्रा (चौकी प्रभारी खामखेड़ा), उनि. के.के. पवार (थाना प्रभारी मुगलसराय), उनि. रणवीर सिंह (थाना कोतवाली) और सूबेदार आशीष राय (यातायात प्रभारी विदिशा) सहित कई अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस व्यापक अभियान के परिणामस्वरूप पहलवान पिता पर्वत सिंह भील (18 वर्ष), बनवारी भील पिता प्रेमसिंह भील (35 वर्ष), नीलेश पिता गंगाराम भील (19 वर्ष), समंदर पिता बापूलाल भील (19 वर्ष) और हेमराज पिता विजय सिंह भील (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी रायपुरा, थाना लटेरी, जिला विदिशा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹5,00,000/- नगद, चार मोटरसाइकिल (दो लूटी गई और दो घटना में प्रयुक्त), एक जला हुआ मोबाइल फोन, एक पर्स, एक खाली डीजल कैन और एक ट्रैक्टर की नोजल (पाइप) बरामद की, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹8 लाख बताई गई है। लटेरी पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल गंभीर अपराध का खुलासा हुआ है, बल्कि संपूर्ण मशरूका बरामद कर फरियादी को भी राहत मिली है। इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में भय का वातावरण निर्मित हुआ है और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन कर पूर्व में घटित अपराधों एवं अन्य संभावित वारदातों में उनकी संलिप्तता के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है। मामले की गहन विवेचना जारी है। इस डकैती प्रकरण के खुलासे में उनि. अनुज प्रताप सिंह (थाना प्रभारी लटेरी), उनि. लक्ष्मण डावर (थाना प्रभारी मुरवास), उनि. प्रकाश भिलाला (थाना प्रभारी दीपनाखेड़ा), उनि. गौरव रघुवंशी (थाना प्रभारी त्योंदा / तकनीकी/सायबर सेल विदिशा), उनि. राकेश रघुवंशी (थाना प्रभारी आनंदपुर) और उनि. बीएल सिलोरिया (थाना लटेरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- मध्य प्रदेश में कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में हुए इस घटनाक्रम को लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है।1
- बिजली वितरण केंद्र दिगौड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मऊ बुजुर्ग में लगभग पाँच दिन पहले तेज हवा चलने के कारण 11 केवी लाइन का एक बिजली का खंभा टूट गया था। इस घटना के बाद से ही खंभे से जुड़े बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे इलाके में खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचना दी थी और शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, शिकायत के पाँच दिन बीत जाने के बाद भी बिजली कर्मचारियों द्वारा मौके पर कोई सुधार कार्य नहीं किया गया है। ग्रामवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि लटकते इन बिजली के तारों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।1
- विदिशा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान ग्राम रामपुर बंदिया निवासी किसान टीकाराम ने अपनी 750 बीघा जमीन की नपती न होने से परेशान होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वह कलेक्ट्रेट के दरवाजे से लेकर जनसुनवाई कक्ष तक ताप्ती सीसी रोड पर पिंड भरते हुए पहुंचा, जिसे देखकर पुलिस कर्मियों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक दिया। किसान ने विरोध किया, जिसके बाद उसकी बात नायब तहसीलदार के सामने रखी गई और फिर वह नायब तहसीलदार के साथ कलेक्टर से भी मिला। किसान टीकाराम ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दो बार आवेदन और सूचना दी थी। दोनों ही बार, सूचित किए जाने के बावजूद, उनके 'मेढिया किसान' (पड़ोसी किसान) नपती के लिए नहीं पहुंचे, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस लगातार हो रही परेशानी से आजिज़ आकर किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाई। टीकाराम ने मांग की है कि उसकी जमीन का सीमांकन पूरे पुलिस और राजस्व अमले के साथ किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी आग्रह किया कि जो 'मेढिया किसान' सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बलपूर्वक नपती के लिए बुलाया जाए ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।4
- टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के अंतर्गत रामगढ़ में एक अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है।1
- लटेरी पुलिस ने विदिशा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे गंभीर अपराधों के विरुद्ध अभियान के तहत ₹5 लाख की डकैती के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से ₹5 लाख नगद सहित कुल लगभग ₹8 लाख मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चार मोटरसाइकिलें और अन्य सामान शामिल है। यह घटना 30 मई 2026 को बड़ी मदागन के आगे जंगल क्षेत्र में मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग पर हुई थी। फरियादी लक्ष्मण सिंह बंजारा और उनके साथी मेहरवान सिंह के साथ मारपीट कर अज्ञात बदमाशों ने ₹5 लाख नगद, दो मोटरसाइकिलें, मोबाइल फोन, पर्स और डीजल कैन लूट लिए थे। इस संबंध में थाना लटेरी में अपराध क्रमांक 154/2026 धारा 310(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस के "360° दृष्टि अभियान" के तहत, घटनास्थल और संभावित रास्तों पर लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही, 200 से अधिक लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई, जिससे तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। एसडीओपी लटेरी श्री अमरेश बोहरे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के नेतृत्व में लगभग 100 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने रायपुरा के जंगलों और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रायपुरा निवासी पहलवान भील (18 वर्ष), बनवारी भील (35 वर्ष), नीलेश भील (19 वर्ष), समंदर भील (19 वर्ष) और हेमराज भील (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस द्वारा बरामद किए गए मशरूका में ₹5,00,000 नगद राशि, 04 मोटरसाइकिलें (जिनमें 02 लूटी गई थीं और 02 घटना में इस्तेमाल की गई थीं), 01 जला हुआ मोबाइल फोन, 01 पर्स, 01 खाली डीजल कैन और ट्रैक्टर की नोजल (पाइप) शामिल हैं। बरामद किए गए इस पूरे सामान की अनुमानित कीमत ₹8 लाख बताई गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ अन्य संभावित वारदातों में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। मामले के अन्य पहलुओं पर भी गहन विवेचना जारी है। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी लटेरी उनि. अनुज प्रताप सिंह सहित विभिन्न थानों के अधिकारियों, तकनीकी एवं साइबर सेल, एसडीओपी कार्यालय और पुलिस बल के कई अधिकारियों व कर्मचारियों ने सराहनीय योगदान दिया है, जिसकी पुलिस अधीक्षक ने प्रशंसा की है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के बीच भय का माहौल बना है और आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।2