Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। वीडियो में अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, "पीछे हटे तो नौकरी करने के लायक नहीं छोड़ऊंगा।" इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है और घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, घटना को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
Vijay rathi
उत्तर प्रदेश में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। वीडियो में अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, "पीछे हटे तो नौकरी करने के लायक नहीं छोड़ऊंगा।" इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है और घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, घटना को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अन्तर्राष्ट्रीय पत्रकार महा संगठन के जिला अध्यक्ष मो. याकूब अंसारी के हवाले से नीट और पेपर लीक विरोध प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी का मामला उठाया गया है। कवरेज के दौरान पत्रकार दुर्व्यवहार का शिकार क्यों बने, इसे लेकर सवाल खड़े किए गए हैं और इसी के साथ जेन-Z के लिए एक खास संदेश भी जारी किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे का मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में आयोजित एक कार्यक्रम में फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर-1 और भाजपा नेता सचिन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोग मौजूद रहे। इस दौरान एनडीए गठबंधन को मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर जनपद की सभी छह सीटों पर जीत हासिल करने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम के आयोजक सचिन शर्मा ने बताया कि कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी इस समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन मंगलवार को कैबिनेट बैठक के कारण वे निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, बैठक के बाद वे दिल्ली फ्लाइट से पहुंचे और फिर सड़क मार्ग द्वारा मुजफ्फरनगर आए। लगभग चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। ग्रामीण परंपरा के अनुसार इस आयोजन में भजन और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी लोगों ने सहभागिता की। समारोह के दौरान सचिन शर्मा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए के पक्ष में पूरी ताकत से काम किया जाएगा। उन्होंने संकल्प जताते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एनडीए गठबंधन को मजबूत किया जाएगा और सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत दिलाने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क साधा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में मिले सहयोग के लिए सभी साथियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।4
- नई दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ हुई कथित घटना को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर सांसद इकरा हसन का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में भारत माता भक्त संगठन के कार्यकर्ताओं ने "जय जवान, जय किसान" के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया तथा वहां मौजूद छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर छात्रों से माफी मांगने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वर्तमान में जिला मुख्यालय पर चल रहा आंदोलन जनपद के सभी ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा संगठन ने देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों से तिरंगे के नीचे एकजुट होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।1
- NEET की शिक्षा प्रणाली को मुद्दा बनाकर छात्र-छात्राओं के जरिए राजनीतिक आंदोलन कराए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई को सुनने, देखने और समझने का आह्वान किया गया है। इसी को लेकर एक सनातनी हिंदू ने सोनम वांगचुक के लिए एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए सोनम वांगचुक से पूछा गया है कि क्या यही उनकी प्रणाली थी।1
- मुजफ्फरनगर के महावीर चौक पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक नशे में धुत व्यक्ति द्वारा प्रदर्शनकारियों के सामने कुछ आपत्तिजनक शब्द कहे जाने पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदर्शनकारियों ने उक्त व्यक्ति को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग कर मामले को शांत कराया। पुलिस के अनुसार इस दौरान किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। वीडियो में अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, "पीछे हटे तो नौकरी करने के लायक नहीं छोड़ऊंगा।" इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है और घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, घटना को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।1