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कानपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन दोनों युवकों के साथ फोटो और वीडियो बनवाने लगी। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बा पकड़ने से इनकार करते हुए कहा, "जब मैंने चोरी ही नहीं की, तो डिब्बा कैसे पकड़ लें?" हालांकि, एसीएन भारत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
Ashish shukla
कानपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन दोनों युवकों के साथ फोटो और वीडियो बनवाने लगी। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बा पकड़ने से इनकार करते हुए कहा, "जब मैंने चोरी ही नहीं की, तो डिब्बा कैसे पकड़ लें?" हालांकि, एसीएन भारत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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- ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।1
- पंडोखर थाना अंतर्गत भिण्ड-भांडेर रोड पर रामनेर गाँव के पास सोमवार को एक तेज रफ्तार कार सड़क पर अचानक आए एक बछड़े से टकरा गई। इस हादसे में कार में सवार गुजरात निवासी तीन महिला श्रद्धालु वर्षा पटेल, विद्या पटेल और अलका पटेल गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये महिलाएं कार से पंडोखर धाम के दर्शन के लिए आ रही थीं, तभी रामनेर गाँव के पास यह जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सोमवार दोपहर करीब 03:30 बजे भांडेर अस्पताल पहुँचाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने इस मामले की जानकारी लेकर दुर्घटना की जाँच शुरू कर दी है।1
- दतिया में विशाल कुशवाहा हत्याकांड के मामले में मृतक विशाल पर ही एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर परिजनों ने गंभीर आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर ASP नेता केशव यादव के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए।1
- दतिया में विशाल कुशवाहा हत्याकांड के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को कुशवाहा समाज और आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों अमित तिवारी और बंटी तिवारी की तत्काल गिरफ्तारी और क्रॉस केस की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला को सौंप दी है। वहीं, हत्याकांड में नामजद आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा कलेक्टर को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम चकरायपुर में खेत में क्रिकेट खेल रहे कुछ बच्चों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद, पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय का रुख किया है।1
- विदिशा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ री-नीट परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएँ बायोमेट्रिक दिक्कतों और अपने एडमिट कार्ड में हुई गलतियों के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इस घटना ने कई लोगों को भावुक कर दिया, क्योंकि इन छात्राओं की बरसों की उम्मीदें, त्याग और सपने उनके माता-पिता के साथ खड़े थे, और परीक्षा से वंचित होने का यह पल देखकर हर कोई द्रवित हो गया। यह पूरी घटना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस 'सिस्टम' को जनता के लिए कब अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि ऐसी परिस्थितियों में किसी की भी उम्मीदें यूँ न टूटें।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में 19 जून को एक दुल्हन अपनी विदाई से ठीक पहले लाल जोड़े में हाथों पर मेहंदी लगाए सिटी थाने पहुँच गई। दुल्हन ने शिकायत की थी कि एक सर्वजातीय विवाह सम्मेलन करवाने वाली संस्था के अध्यक्ष गजेंद्र (गोलू) नरवरिया ने उसे मोटरसाइकिल सहित अन्य गृहस्थी का सामान देने का वादा किया था, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुँचे और न ही वादा किया गया सामान दिया। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने पर खबरें प्रकाशित की गईं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने भी इसे संज्ञान में लिया। इसी कड़ी में आज पुलिस ने संस्था के अध्यक्ष को थाने बुलाया और उनके द्वारा वादा किए गए सामान को मंगवाया। सिटी पुलिस ने इसके बाद वह सारा सामान दुल्हन के माता-पिता को सौंप दिया। सामान देखकर दुल्हन के परिजनों के चेहरों पर मुस्कान आ गई और उन्होंने इस पूरे मामले में मदद करने के लिए पुलिस और मीडिया कर्मियों का धन्यवाद किया।4
- ग्वालियर जिले के भितरवार में एक विधायक के गनर पर ग्रामीणों से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने अपने सुरक्षा गार्ड की बदतमीजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह मामला एक वायरल वीडियो और गनर विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।1
- भाण्डेर तहसील में राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से 22 जून से 30 जुलाई 2026 तक प्रत्येक पटवारी हल्के में विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य मौके पर ही जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। आयोजित होने वाले इन शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, रास्ता विवाद, अभिलेख शुद्धिकरण, किसान पंजीयन और राजस्व अभिलेखों के अद्यतन सहित अन्य सभी राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। प्रत्येक शिविर में संबंधित पटवारी, राजस्व निरीक्षक, रीडर, ऑपरेटर और कोटवार की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहेगी। शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का पंजीकरण कर, यथासंभव उनका निराकरण मौके पर ही किया जाएगा। प्रशासन ने सभी पटवारी हल्कों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविर आयोजित करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से ग्रामीणों को इन शिविरों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक ग्रामीण इस सुविधा का लाभ उठा सकें।1