मऊ में पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन: ‘कानून का जानकार बने पत्रकार, मऊ में पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन: ‘कानून का जानकार बने पत्रकार, कॉर्पोरेट की कठपुतली न बने मीडिया’ पूर्व सांसद अतुल राय व विधायक एच.एन. सिंह पटेल की मौजूदगी में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग; बलिया से दो दर्जन पत्रकार शामिल मऊ: राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के तत्वावधान में मऊ जनपद के हिंदी भवन में ‘पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन, विचार गोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय एवं सगड़ी विधायक एच.एन. सिंह पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह एवं राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष पूनम सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से आए सैकड़ों पत्रकारों का भव्य स्वागत किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल मोबाइल उठाने का नाम नहीं है, बल्कि इसके लिए कानून की गहरी समझ जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों से ‘कानून का डॉक्टर’ बनने का आह्वान किया और गोपनीय अधिनियम की धाराओं व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 व 173(3) के अध्ययन पर जोर दिया। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। विधायक एच.एन. सिंह पटेल ने मीडिया की भूमिका पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकार केवल खबर लिखने वाले नहीं, बल्कि सरकारें बदलने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को सत्ता संरक्षित नहीं होना चाहिए और अपनी कलम से देश को जगाने का कार्य करना चाहिए। नगरपालिका चेयरमैन अरशद जमाल ने कहा कि वर्तमान समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध बढ़ रहे हैं, ऐसे में पत्रकारों और वकीलों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। वहीं अन्य वक्ताओं ने मीडिया पर कॉर्पोरेट प्रभाव को लेकर चिंता जताई। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अतुल राय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया सबसे स्वतंत्र स्तंभ है और फेक न्यूज के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने पत्रकारों से कमजोर वर्ग की आवाज बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक सिंह एवं डॉ. ओ.पी. सिंह एवं डॉ सत्येन्द्र कुमार वर्मा (चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर) को सम्मानित किया गया। इस सम्मेलन में बलिया जनपद से लगभग दो दर्जन पत्रकारों ने सक्रिय भागीदारी की। मंडल अध्यक्ष हरिनारायण, जिलाध्यक्ष दुर्गा शंकर सिंह सेंगर, बिल्थरारोड अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह व सिकंदरपुर अध्यक्ष तौहीद खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। ➡️ भारत मीडिया के संपादक बने पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष, मऊ सम्मेलन में घोषणा। ➡️ राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने सौंपी जिम्मेदारी, पत्रकारों ने किया जोरदार स्वागत।
मऊ में पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन: ‘कानून का जानकार बने पत्रकार, मऊ में पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन: ‘कानून का जानकार बने पत्रकार, कॉर्पोरेट की कठपुतली न बने मीडिया’ पूर्व सांसद अतुल राय व विधायक एच.एन. सिंह पटेल की मौजूदगी में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग; बलिया से दो दर्जन पत्रकार शामिल मऊ: राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के तत्वावधान में मऊ जनपद के हिंदी भवन में ‘पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन, विचार गोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय एवं सगड़ी विधायक एच.एन. सिंह पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह एवं राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष
पूनम सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से आए सैकड़ों पत्रकारों का भव्य स्वागत किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल मोबाइल उठाने का नाम नहीं है, बल्कि इसके लिए कानून की गहरी समझ जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों से ‘कानून का डॉक्टर’ बनने का आह्वान किया और गोपनीय अधिनियम की धाराओं व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 व 173(3) के अध्ययन पर जोर दिया। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। विधायक एच.एन. सिंह पटेल ने मीडिया की भूमिका
पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकार केवल खबर लिखने वाले नहीं, बल्कि सरकारें बदलने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को सत्ता संरक्षित नहीं होना चाहिए और अपनी कलम से देश को जगाने का कार्य करना चाहिए। नगरपालिका चेयरमैन अरशद जमाल ने कहा कि वर्तमान समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध बढ़ रहे हैं, ऐसे में पत्रकारों और वकीलों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। वहीं अन्य वक्ताओं ने मीडिया पर कॉर्पोरेट प्रभाव को लेकर चिंता जताई। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अतुल राय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया सबसे स्वतंत्र स्तंभ है और फेक न्यूज के दौर में पत्रकारों
की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने पत्रकारों से कमजोर वर्ग की आवाज बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक सिंह एवं डॉ. ओ.पी. सिंह एवं डॉ सत्येन्द्र कुमार वर्मा (चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर) को सम्मानित किया गया। इस सम्मेलन में बलिया जनपद से लगभग दो दर्जन पत्रकारों ने सक्रिय भागीदारी की। मंडल अध्यक्ष हरिनारायण, जिलाध्यक्ष दुर्गा शंकर सिंह सेंगर, बिल्थरारोड अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह व सिकंदरपुर अध्यक्ष तौहीद खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। ➡️ भारत मीडिया के संपादक बने पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष, मऊ सम्मेलन में घोषणा। ➡️ राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने सौंपी जिम्मेदारी, पत्रकारों ने किया जोरदार स्वागत।
- बहराइच में 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन जाति के नाम पर बाँटने वाले लोगों ने देश की जितनी अपूर्णनीय क्षति आजादी के बाद से लगातार की है, उसका खामियाजा ये देश लगातार भुगता है.... अगर हमने जाति आधार पर न बाँट कर के इस देश को एकता के सूत्र में बाँध कर के मजबूती के साथ आज जैसे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए कार्य हो रहा है, ऐसे ही कार्य करने का प्रयास किया गया होता तो इन गरीबों के बीच में, इन वंचितों के बीच में भी वे सुविधाएँ पहुँची होतीं और इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता, बहुत पहले हो गया होता.. लेकिन जातीय चश्मे से बाँटने वाले लोगों ने कभी भी अपनी संवेदना इन गरीबों को नहीं दिखाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ1
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया । रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट की घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने अचानक हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे बस डिपो का संचालन कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बैतालपुर-देवरिया पॉलिटेक्निक मार्ग पर हुई, जहां रोडवेज बस चालक समरजीत सिंह अपनी बस लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने चालक को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने चालक को बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया। किसी तरह चालक ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मियों में रोष फैल गया। चालक के साथ हुई मारपीट को लेकर कर्मचारियों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित कर्मचारियों ने बसों का संचालन बंद कर दिया और डिपो परिसर में बसों को खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते देवरिया बस डिपो से संचालित होने वाली अधिकांश बसें खड़ी रहीं, जिससे गोरखपुर, कुशीनगर, सलेमपुर और आसपास के अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ को मजबूर होकर निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों और महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है, इसलिए समय रहते सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने घायल चालक का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे चालक और परिचालक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और रोडवेज कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।4
- देवरिया जनपद में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के समस्त थानों की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने ‘शक्ति दीदी’ अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर महिलाओं को जागरूक किया। इस अभियान के दौरान थाना बरहज की टीम ने बरहज बाजार में महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। टीम में उपनिरीक्षक अभिमीत कुमार, आरक्षी बबलू गिरी तथा महिला आरक्षी रजनी सिंह और रीना यादव शामिल रहीं। उन्होंने महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। इसी क्रम में थाना एकौना की टीम ने पचलड़ी बाजार में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह, आरक्षी विकास यादव और महिला आरक्षी ममता तिवारी ने लोगों को हेल्पलाइन सेवाओं के उपयोग के बारे में जानकारी दी। अभियान के दौरान डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, स्वास्थ्य सेवा-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी पंपलेट के माध्यम से वितरित की गई। पुलिस टीमों ने सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं को आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना3
- 📰 हर छोटी-बड़ी खबर, जनसमस्याओं और क्षेत्रीय मुद्दों की जानकारी के लिए संपर्क करें। भारत नेशन के पत्रकार शक्ति श्रीवास्तव निष्पक्ष और तेज खबरों के साथ हमेशा आपके साथ हैं। 📢 समाचार कवरेज और विज्ञापन के लिए संपर्क करें। 📞 मोबाइल: 9598300754 #भारतनेशन #पत्रकारिता #ताज़ाखबर #न्यूजअपडेट #मीडिया #शक्ति_श्रीवास्तव1
- ईरान जंग पर पीएम मोदी का बयान: “असर लंबा रह सकता है, हमें एकजुट रहना होगा” पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पहली बार स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में शुरू हुई जंग का प्रभाव लंबे समय तक दुनिया पर पड़ सकता है, इसलिए भारत को हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। मोदी ने कहा कि भारत ने कोरोना जैसी वैश्विक आपदा भी एकजुट होकर झेली है, और अब भी देश उसी संयम और धैर्य से आगे बढ़ेगा। पीएम ने आश्वस्त किया कि तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने कदम बढ़ाते हुए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित लौटाए जा चुके हैं, जिनमें ईरान से आए 1,000 नागरिक भी शामिल हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स हैं। मोदी ने युद्ध पर भारत का रुख भी साफ किया— तनाव कम होना चाहिए समाधान सिर्फ बातचीत से संभव है नागरिकों व पावर प्लांट पर हमले अस्वीकार्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य को रोकना दुनिया के हित में नहीं संदेश साफ है—कठिन दौर है, लेकिन भारत तैयार है और एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत।1
- मऊ । घोसी कोतवाली क्षेत्र के कटिहारी बुजुर्ग निवासी एक युवक ने घोसी कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुये बताया कि गत 28 फरवरी को मेरे यहाँ तिलक का कार्यक्रम था जिसमें मेरी बहन जोकि नैनीताल रहती है।अपने 5 वर्षीय पुत्र के साथ तिलक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए दो तीन दिन पूर्व ही आई थी। तिलक के एक दिन पूर्व 27 फरवरी को मेरा भांजा सुबह से ही गायब था काफी खोज बिन की गई लेकिन कोई पता नही चला। अचानक 27 फरवरी की सुबह लगभग 11 बजे घर के सामने पोखरा में एक शव मिला जब शव की छानबीन की गई तो वो शव मेरे भांजे का था।इसकी सूचना मेरे द्वारा अपने बहन के घर वालो को दी।तो घर वालो द्वारा शव का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया जिसमें डॉक्टरों ने परीक्षण के मृतक के शरीर के कई अंगों को चोट लगने व अप्राकृतिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या का आशंका जताई गई। जिस पर घोसी कोतवाली पुलिस ने मृतक के मामा की तहरीर पर गाँव के ही सुनील शाही, अंजली शाही पत्नी सुशील शाही, हिमांशु शाही, एवं टेंट में काम करने वाले कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- सीतापुर सऊदी अरब से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा रवि गोपाल का शव लखनऊ एयरपोर्ट से एंबुलेंस से सीतापुर लाया जा रहा रवि गोपाल का शव सीतापुर के रवि गोपाल सऊदी अरब में करते थे काम ईरान इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में 18 मार्च को मिसाइल हमले से रवि गोपाल की हो गई थी मौत लखनऊ एयरपोर्ट पर मौजूद रहे पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी3
- देवरिया में पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपने मानदेय में वृद्धि और सेवा के नियमितीकरण की प्रमुख मांग उठाई है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹26910 प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सेवाओं को नियमित करने और संविदा व्यवस्था को समाप्त करने की भी मांग की है। पंचायत सहायकों ने यह भी कहा कि उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), स्वास्थ्य बीमा, चिकित्सा सुविधा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने की मांग की है। इसके अलावा, रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन करते हैं, इसके बावजूद उन्हें उचित पारिश्रमिक और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इससे उनके भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। पंचायत सहायकों ने सरकार से उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें और उनका जीवन स्तर सुधर सके।2